home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

न्यू मॉम के लिए समीरा रेड्डी पेरेंटिंग टिप्स, जरूर पढ़ें

न्यू मॉम के लिए समीरा रेड्डी पेरेंटिंग टिप्स, जरूर पढ़ें

मां बनना सुंदर एहसास होता है ऐसा हम सब ने सुना है। आप एक मां से इस बारे में पूछेंगे तो शायद आपको जवाब कुछ और मिले। मां बनना तो सुंदर एहसास है, लेकिन पोस्ट प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में बदलाव एक मां को कुछ हद तक परेशानी में डाल देते हैं। अगर आप के साथ भी ऐसा ही हुआ है तो परेशान न हो, एक्ट्रेस समीरा रेड्डी पेरेंटिंग टिप्स आप भी पढ़ सकते हैं।

और पढ़ें : बच्चे को कैसे और कब करें दूध से सॉलिड फूड पर शिफ्ट

न्यू मॉम के लिए समीरा रेड्डी पेरेंटिंग टिप्स

समीरा रेड्डी पेरेंटिंग टिप्स – वास्तविकता बनाएं रखें

जब समीरा रेड्डी ने अपने प्रेग्नेंट होने की बात सोशल मीडिया में शेयर की लोगों ने उन्हें बधाई दी। बाद में बेबी बंप के साथ जब उन्होंने फोटो डाला तो उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई। समीरा रेड्डी के शरीर में आए बदलाव लोगों को पसंद नहीं आ रहे थे। फिर समीरा रेड्डी ने बहुत कोशिश करके अपनी बॉडी को फिट बनाया। समीरा रेड्डी ने सच्चाई को गले लगाया और सोशल मीडिया में अवेयरनेस के लिए स्टोरी भी लिखी। आज वो दूसरी मांओं की सहायता भी कर रही हैं।

और पढ़ें : 5 जेनिटल समस्याएं जो छोटे बच्चों में होती हैं

नींद जब अधूरी रह जाए तो क्या करें?

समीरा रेड्डी पेरेंटिंग टिप्स देते हुए कहती हैं कि, न्यू मॉम के लिए पूरी नींद लेना एक बड़ा चैलेंज होता है। बेबी को फीड कराने के लिए हर दो घंटे के बाद उठना पड़ता है। समीरा रेड्डी ने बताया कि सभी मॉम को इस बात के लिए प्रिपेयर रहना चाहिए। कुछ महीनोें तक यहीं प्रोसेस चलता है। जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाता है तो देर तक सोता है।

बच्चों के पेट में दर्द

समीरा रेड्डी पेरेंटिंग टिप्स के दौरान बच्चों की नींद पर भी ध्यान दिया है। उन्होंने बताया कि बच्चों के पेट में दर्द की समस्या आम होती है। जब बच्चा शाम के समय ज्यादा रोएं या फिर पेट भरा होने पर भी रोएं तो हो सकता है कि उसे पेट में दर्द हो रहा हो। ऐसे में आप परेशान न हो। अगर पहले से ये बात आपको पता होगी तो आपके लिए आसान होगा। हो सके तो बिना देर किए अपने डॉक्टर से कॉन्टेक्ट करें।

हार्मोनल चेंज से न घबराएं

समीरा रेड्डी ने बताया कि प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के समय हार्मोनल चेंज होना आम बात होती है। कई बार ऐसा हुआ है कि मैं बच्चें को फीड कराते समय रोने लगी हूं। ये सब नॉर्मल बात है। आप इन बातों को गहराई से न सोचें। न्यू मॉम को इन सब चीजों के लिए तैयार रहना चाहिए।

और पढ़ें : डिलिवरी के बाद मोटापे को लेकर डर कितना जायज है?

समीरा रेड्डी पेरेंटिंग टिप्स – हसबैंड के साथ बनाएं गुड बॉन्डिंग

समीरा रेड्डी ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान आपका मूड स्विंग हो सकता है या फिर हो सकता है कि आपको कुछ भी अच्छा न लगें। इस स्थिति से बाहर निकलने का एक तरीका है कि आप अपने बड़ों और पति के साथ अच्छी बॉन्डिंग बनाएं रखें। ये आपके मूड को ठीक करने का सबसे सही तरीका है।

बॉडी चेंज

समीरा रेड्डी ने कहा कि आपने प्रेग्नेंसी ग्लो के बारें में सुना होगा? हां ये बात सही है कि आप कुछ समय के लिए ये महसूस कर सकती हैं। लेकिन ऐसा भी समय आता है जब आपको त्वचा बेजान लगती है,हेयर फॉल शुरू हो जाता है। वजन आचानक से बढ़ जाता है। ये सब हार्मोनल चेंजेस की वजह से होता है। घबराएं नहीं बल्कि आपको इस वक्त न्यूट्रिशन की जरूरत है। आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

खुद को समय जरूर दें

समीरा रेड्डी ने बताया कि आप न्यू मॉम हैं और आपका सारा समय बच्चें की देखभाल में जाता है। ऐसे में खुद के लिए समय निकालना थोड़ा मुश्किल होता है। न्यू मॉम खुद को खोया हुआ सा महसूस करती है। ऐसे समय में आपको अपने लिए थोड़ा सा समय निकालना होगा। ये बहुत जरूरी है। इससे आप स्वार्थी तो बिल्कुल नहीं कहलाएंगी।

और पढ़ें : मिट्टी या नाखून खाता है आपका लाडला, कहीं यह पाइका डिसऑर्डर (Pica Disorder) तो नहीं

अपनी प्राथमिकता को समझें

समीरा रेड्डी कहती हैं कि आपके जीवन का प्राथमिकता क्या है ? बच्चे की अच्छी देखभाल, फैमिली के लिए हेल्दी फूड और पति के साथ क्वालिटी टाइम, बेहतरीन करियर। न्यू मॉम के लिए टाइम मैनेजमेंट के तहत इन्हीं बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। फेसबुक में आने वाले नोटिफिकेशन, बिना जान पहचान के लोगों की शादी का न्यौता स्वीकार करना, सोशल मीडिया में फालतू का समय बिताना आदि न्यू मॉम की प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए।

और पढ़ें : गर्भावस्था में शतावरी के सेवन से कम हो सकती है मिसकैरिज की संभावना!

न्यू मॉम के लिए धैर्य है जरूरी

समीरा रेड्डी ने बताया कि न्यू मॉम के लिए टाइम मैनेजमेंट के दौरान एक और समस्या आती है, जो कि टाइट शेड्यूल की वजह से होती है। दिन में हर घंटे में कोई न कोई काम करना जरूरी होता है। ऐसे में मां बहुत ज्यादा थक जाती है। हो सकता है कि परेशान भी हो जाए। ऐसे समय में 10 मिनट का रिलैक्स लेकर लंबी सांस खींचे और फिर बाहर की ओर सांस छोड़े। आपको बहुत आराम मिलेगा और आसपास से नकारात्मक ऊर्जा भी चली जाएगी। काम के दौरान धैर्य बनाए रखना बहुत जरूरी है। न्यू मॉम के लिए टाइम मैनेजमेंट के साथ ही खुद को इमोशनल तौर पर संभालना भी जरूरी होता है।

ये टिप्स तो समीरा रेड्डी ने बताए थे अब हम आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में जानकारी देंगे जिन्हें भी नई मां को ध्यान रखना चाहिए।

सही उपचार की जानकारी रखें

अगर आप एक न्यू मॉम हैं, तो इन सब बातों के अलावा आपको मेडिकली भी खुद को तैयार करना चाहिए। क्योंकि छोटे बच्चों को अक्सर कई तरह छोटी-मोटी समस्याएं होती रहती हैं। जैसे पेट में गैस, दर्द आदि जिसके लिए हर बार डॉक्टर पर जाने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन अगर गलत तरीके से बच्चे को कोई उपचार दिया जाए तो यह जोखिम भरा भी हो सकता है। इसलिए, आपको अपने डॉक्टर या एक्सपर्ट से इस बारे में ट्रेनिंग लेनी चाहिए।

दवा देने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें

अगर आप अपने बच्चे को किसी तरह की समस्या होने पर कोई दवा दे रही हैं, तो बेहतर होगा कि अपने डॉक्टर की सलाह पहले लें। कुछ दवाएं आपके बच्चे के लिए उपयुक्त नहीं भी हो सकती हैं। अपने बच्चे को दवा की उतनी ही खुराक दें जितनी मात्रा में डॉक्टर ने आपको निर्देश दिया हो। साथ ही, अगर आपको बच्चे की सेहत में सुधार दिखाई दे, तो अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उसे दवा की खुराक देना बंद करें।

दवाओं को सुरक्षित रूप से स्टोर करना सीखें

चाहे वो आपकी दवा हो या आपके बच्चे के लिए ही कोई दवा हो, उसे हमेशा अपने बच्चों की पहुंच से दूर रखें। आमतौर पर हर तरह की दवाओं को स्टोर करने के लिए दिशानिर्देश भी अलग-अलग हो सकते हैं। आपको कौन सी दवाएं किस तरह से और कहां पर स्टोर करना चाहिए इसके बारे में भी अपने डॉक्टर की उचित सलाह लें। उदाहरण के लिए, कुछ एंटीबायोटिक दवाओं को रेफ्रिजरेटर में रखने की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, अन्य दवाओं को कमरे के तापमान पर स्टोर करना उचित हो सकता है। इसलिए इस बारे में अपने डॉक्टर से चर्चा जरूर करें।

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान दवा इस्तेमाल करने से पहले बरते सावधानी

अगर आप खुद किसी तरह की दवा का सेवन करती हैं और बच्चे को स्तनपान कराती हैं, तो आपको काफी सावधानी बरतनी पड़ सकती हैं। कुछ दवाएं मां के दूध के जरिए बच्चे पर प्रतिकूल प्रभाव कर सकती हैं। बाल रोग और प्रसूति स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अगर कोई नई मां दवाएं ले रही है, तो अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या वो दवा के सेवन के बाद अपने बच्चे को स्तनपान करना सकती हैं या नहीं। अगर किसी भी तरह की दवा, जिसमें डॉक्टर की पर्ची या ओवर द काउंटर की दवाएं शामिल हो या कोई विटामिन्स का सेवन करती हैं, तो भी उसकी जानकारी अपने डॉक्टर को दें। ताकि, ब्रेस्टफीडिंग आपके बच्चे के लिए पूरी तरह से सुरक्षित रहे।

अगर इससे जुड़ा आपको कोई सवला है, तो बेहतर समाधान के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

अपने पीरियड सायकल को ट्रैक करना, अपने सबसे फर्टाइल डे के बारे में पता लगाना और कंसीव करने के चांस को बढ़ाना या बर्थ कंट्रोल के लिए अप्लाय करना।

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

अपने पीरियड सायकल को ट्रैक करना, अपने सबसे फर्टाइल डे के बारे में पता लगाना और कंसीव करने के चांस को बढ़ाना या बर्थ कंट्रोल के लिए अप्लाय करना।

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

सायकल की लेंथ

(दिन)

28

ऑब्जेक्टिव्स

(दिन)

7

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Medication Safety: Advice for New Parents. https://www.fda.gov/consumers/consumer-updates/medication-safety-advice-new-parents. Accessed on 17 August, 2020.

Tips for parents: babies. https://www1.health.gov.au/internet/main/publishing.nsf/Content/mental-pubs-t-tipsbab. Accessed on 17 August, 2020.

Newborn care and safety. https://www.womenshealth.gov/pregnancy/childbirth-and-beyond/newborn-care-and-safety. Accessed on 17 August, 2020.

11POSTNATAL CARE OF THE MOTHER AND NEWBORN. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK304191/. Accessed on 17 August, 2020.

Give Your Baby a Healthy Start: Tips for Pregnant Women and New Mothers. https://wicworks.fns.usda.gov/resources/give-your-baby-healthy-start-tips-pregnant-women-and-new-mothers. Accessed on 17 August, 2020.

लेखक की तस्वीर
19/09/2019 पर Bhawana Awasthi के द्वारा लिखा
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
x