बुढ़ापे में गिरना और चोट लगना, इस रिस्क को कैसे करें कम?

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr. Pooja Bhardwaj


Priyanka Srivastava द्वारा लिखित · अपडेटेड 04/05/2021

    बुढ़ापे में गिरना और चोट लगना, इस रिस्क को कैसे करें कम?

    सीनियर फॉल यानी कि बुजुर्गों का गिरना और उन्हें इससे चोट लग जाना सबसे बड़ी समस्या है। ऐसा अक्सर कमजोरी या संतुलन बिगड़ने के कारण होता है। हर दिन न जाने कितने बुजुर्ग इसी तरह से चोटिल हो जाते हैं। कभी -कभी चोट काफी गंभीर होती है। इस उम्र में हड्डियां कमजोर हो जाती हैं इसीलिए गिरने से फ्रेक्चर के चांसेज भी ज्यादा रहते हैं। यह एक चिंताजनक मुद्दा है। आइए जानें कैसे बुजुर्गों के लिए इस रिस्क को कम कर सकते हैं।

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    बुढ़ापे में गिरना, ऐसे करें इस रिस्क को कम

    बुढ़ापे में गिरना

    हालांकि बुढ़ापे में गिरना (Fall into old age) जैसी समस्या गंभीर समस्या है पर फिर भी ऐसा नहीं है कि इसे कंट्रोल नहीं किया जा सकता। सीनियर फॉल को रोका जा सकता है। बस उसके लिए लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानें वे क्या हैं?

    बुढ़ापे में गिरना है (Fall into old age) खतरनाक, कराएं ओवरऑल हेल्थ चेकअप

    अगर आपके घर में कोई बुजुर्ग हैं और उन्हें भी बुढ़ापे में गिरना जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है (बार-बार गिरने से चोट लग जाती है) तो सबसे पहले उन्हें डॉक्टर के पास ले जाएं। हो सकता है कि उन्हें कोई शारीरिक परेशानी जैसे कि बीमारी हो जिसके कारण ऐसा हो रहा है। ऐसा ज्यादातर डायबि​टीज, कमजोरी या हड्डियों से जुड़ी समस्या होने पर हो सकता है। इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करने में बिलकुल देर न करें।

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    सीनियर फॉल से बचने के लिए फिजिकल एक्टिवटी और डेली हैबिट

    बुढ़ापे में गिरना (Fall into old age) जैसी समस्या को कम करने के लिए फिजिकल एक्टिविटी आपको फिट रखने के लिए बहुत जरूरी है। भले ही आप ओल्ड ऐज के चलते ज्यादा काम न कर पाएं लेकिन, फिर भी योगा या हल्की- फुल्की एक्सरसाइज जरूर करें। जो कि आपको फिट रखने के लिए बहुत जरूरी है। इससे शरीर पर आपका संतुलन बना रहता है। साथ ही इससे लड़खड़ा कर गिरने की संभावना भी बहुत कम हो जाती है। कुछ डेली हैबिट्स भी हैं जिन पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है। जो इस प्रकार हैं –

    • कभी भी बहुत स्लिपरी चप्पल न पहनें। इससे फिसल कर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। चप्पल ऐसी लें जिससे फिसलने का खतरा न हो। अगर लगे कि चप्पल आपकी खराब होने लगी है और इससे बुढ़ापे में गिरना जैसे खतरे बढ़ सकते हैं, तो चप्पल को तुरंत बदल दें।
    • बहुत सारा सामान उठाकर चलने की कोशिश न करें। ऐसा करने से हो सकता है कि बुजुर्ग भार न उठा पाएं और वो गिर जाएं। इसलिए उन्हें ज्यादा सामान लेकर चलना नहीं चाहिए।
    • बुढ़ापे में गिरना जैसी समस्या से बचना है तो धीरे -धीरे चलें। खासकर बारिश के मौसम में इस बात का खास ख्याल रखें। इसके अलावा जहां पर पानी गिरा हुआ हो, उस जगह पर जाने से बचें। ऐसा न करने से आपका वहां पैर फिसल सकता है और आपको चोट लग सकती है।
    • कहीं भी जाएं अगर ऊपर चढ़ना हो तो सीढ़ियों की जगह पर स्लोप का इस्तेमाल करें। सीढ़ियों का इस्तेमाल करने से हो सकता है कि आपका संतुलन बिगड़ जाए, या सीढ़ियां चढ़ने से आपको थकान हो जाए और आपका सांस फूलने लगे। ऐसा होने पर आप गिर भी सकते हैं।
    • कभी भी जल्दबाजी में न उठें। ऐसे में अक्सर बैलेंस बिगड़ जाता है और आप आगे की ओर गिर सकते हैं। इसलिए अगर आप लेटे हैं या बैठे हैं और आपको उठना है, तो धीरे-धीरे अपना बैलेंस बनाते हुए उठें। ऐसा करने से आपका बैलेंस बिगड़ने का खतरा कम हो जाता है और इसी के साथ ही गिरने का खतरा भी कम हो जाता है।
    • शराब का सेवन न करें, लेकिन अगर आप फिट हैं और ड्रिंक के शौकीन हैं तो लिमिटेड ही पिएं। ज्यादा शराब का सेवन भी आपके गिरने के खतरे को बढ़ा सकता है।

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    बुढ़ापे में गिरना: ऐसे बचें इस समस्या से

    बुढ़ापे में गिरना (Fall into old age) जैसी समस्या को कम करने के लिए बहुत जरूरी है बुजुर्गों के आस-पास के माहौल को ऐसा बनाया जाए जो कि उनकी सुविधा के मुताबिक हो। जैसे कि –

    • घर के फर्नीचर का भी ध्यान रखें कि उसे ऐसे न रखा गया हो जिससे टकराने की सम्भावना हो। आप इस तरीके का फर्नीचर रखें और ऐसी जगह पर रखें जहां उन्हें चोट लगने का डर न हो। ऐसा करने से भी आप बुजुर्गों को गिरने की समस्या से बचा सकते हैं।
    • बुढ़ापे में गिरना (Fall into old age) जैसी समस्या से बचना है तो बुजुर्गों की जरूरत का सामान उनसे बहुत दूरी पर न रखें। कोशिश करें कि जरूरत की चीजें उन्हें आस- पास ही मिल जाएं।
    • बेड के पास ही कमरे की लाइट का स्विच रखें। ऐसा करने से जब भी उन्हें लाइट जलाने की या बंद करने की जरूरत होगी, तो उन्हें उठकर स्विच के पास नहीं जाना पड़ेगा। वो बेड पर रहते हुए ही लाइट बंद कर सकते हैं और बेड पर रहते हुए ही लाइट जला भी सकते हैं। इससे उन्हें उठने की जरूरत नहीं पड़ेगी और बुढ़ापे में गिरना जैसा डर भी कम हो जाएगा।
    • घर में स्लिप प्रूफ मैट का इस्तेमाल करें ताकि फिसलने का चांस कम रहे।
    • सोने के लिए बैड बहुत ऊंचा न रखें। कभी-कभी नींद में उठते वक्त गिरने का खतरा रहता है जिससे कि उन्हें काफी चोट लग सकती है।

    बुढ़ापे में गिरना (Fall into old age) और चोट लगना बहुत ही दर्दनाक होता है। कभी-कभी चोट गंभीर होती है। इस ऐज में रिकवर होने में भी बहुत टाइम लगता है। इसलिए बताई गई बातों को ध्यान में रखकर आप अपने घर के बुजुर्गों का बेहतर तरीके से ध्यान रख सकते हैं ताकि बुढ़ापे में गिरना जैसी समस्या और चोट लगने का खतरा कम हो सके।

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    बुढ़ापे में चलने के लिए आप चाहें तो लाठी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको बाजार में काफी अच्छी और सुविधाजनक लाठियां मिल जाएंगी, जो आपके चलने में मदद कर सकती हैं। इसके अलावा, खाने पीने का खास ख्याल रखना भी बेहद जरूरी है। आप नियमित रूप से अपना रेगुलर चेकअप डॉक्टर से कराते रहें और अगर डॉक्टर आपको कोई ताकत की दवा दे तो नियम के नुसार उसे लेते रहें। ऐसा करने से आपके शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते रहेंगे और शरीर में न्यूट्रिशन की कमी नहीं होगी। शरीर में न्यूट्रिशन की कमी होने से बुढ़ापे में कमजोरी आ सकती है, जिससे कभी चक्कर आ सकते हैं। चक्कर आने पर भी बहुत से बुजुर्ग चलते चलते गिर जाते हैं।

    डिस्क्लेमर

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