एनल फिस्टिंग क्या है? इस तरह आप भी कर सकते हैं इसको एंजॉय

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट सितम्बर 15, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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एनल फिस्टिंग या गुदा फिस्टिंग शायद इसके बारे में आपने सुना ना हो, लेकिन यह बेहद पॉपुलर सेक्शुअल एक्टिविटी है। दरअसल फिस्टिंग में फिंगर्स या पूरे हाथ को मुंह, वजायना या एनस के अंदर डालकर प्लेजर फील किया जाता है। इसी तरह एनल फिस्टिंग या गुदा फिस्टिंग में फिंगर्स और हाथ को एनल कैनाल के अंदर डालकर पार्टनर को प्लेजर का एहसास कराया जाता है। कई कपल्स इस सेक्शुअल एक्टिविटी को एंजॉय करते हैं। सेक्स एजुकेटर्स के अनुसार एनस में प्लेजर की उतनी ही संभावना होती है जितनी वजायना या पेनिस में। किसी भी जेंडर के लोग एनल फिस्टिंग को ट्राई और एंजॉय कर सकते हैं।

सेक्शुअल फैंटसी और एनल फिस्टिंग

कुछ सेक्स एजुकेटर्स का कहना है कि फिस्टिंग को लोग काफी पसंद करते हैं, अगर इसे सही ढंग से किया जाए। कई लोगों को इससे फुलनेस और ऑर्गेज्म का अहसास भी होता है, लेकिन कुछ के लिए फिस्टिंग बुरा अनुभव भी साबित हो सकता है क्योंकि इससे उनके इंटरनल पार्ट्स हर्ट हो सकते हैं। एनल फिस्टिंग कई लोगों की फैंटसी को पूरा करने का भी काम करती है।

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कम्युनिकेशन है बेहद जरूरी

एनल फिस्टिंग के लिए पार्टनर्स के बीच बेहतर कम्युनिकेशन होना बेहद जरूरी है। इस एक्ट की शुरुआत करने से पहले ही उन्हें अपनी लिमिट्स तय करनी चाहिए। साथ ही एक्टिविटी के दौरान भी दोनों को कम्युनिकेट करते रहना चाहिए ताकि फिस्टर को पता चल सके कि वह फिस्टी को हर्ट तो नहीं कर रहा या फिस्टी अब दूसरी फिंगर के लिए रेडी है या नहीं। कई कपल्स का दावा है कि फिस्टिंग के बाद उनके बीच इंटेमेसी बढ़ी है और उन्हें इसे बेहतरीन अनुभव बताया है।

ऑर्गेज्म और एनल फिस्टिंग

महिलाओं जब एनल फिस्टिंग में शामिल होती हैं तो वे ऑर्गेज्म प्राप्त कर सकती हैं क्योंकि फिस्ट से वजायनल वॉल से होते हुए जी स्पॉट पर प्रेशर आता है जो ऑर्गेज्म की तरफ लेकर जाता है। वही पुरुषों के लिए यह कई बार ऑर्गेज्म का कारण बन सकता है और कई बार नहीं भी। फिस्टिंग प्रोस्टेट को स्टिम्युलेट करती है।

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फिस्टिंग की शुरूआत कैसे करें?

एनल फिस्टिंग की शुरुआत करने से पहले फोरप्ले को समय दें ताकि दोनों उत्तेजित हो जाएं। वहीं कुछ लोग रिलैक्स होने पर फिस्टिंग को आसान मानते हैं। कुछ लोग फिस्टिंग की शुरुआत पार्टनर को एनल या जेनिटल मसाज देकर करते हैं। जब दोनों तैयार हो तो एक फिंगर को वजायना या एनस में इंसर्ट करें। इसके बाद धीरे-धीरे बाकी फिंगर्स को इंसर्ट करना चाहिए। लूब्रिकेंट का उपयोग मदद कर सकता है। जब पार्टनर अपने साथी के एनस या वजायना तक पहुंच जाता है तो वह अपने हाथ या उंगलियों को घुमा सकता है जिससे फिस्टी को अधिक उत्तेजना या फुलनेस का एहसास होता है। कुछ लोग इसके साथ ही ओरल सेक्स या हैंड जॉब से जेनिटल स्टिम्युलेशन दे सकते हैं। जिससे उन्हें ऑर्गेज्म का अहसास हो सकता है।

कभी-कभी फिस्टिंग करने वाले व्यक्ति को ऐसा महसूस हो सकता है कि हाथ कहीं अटक रहा है या फंस रहा है। यदि ऐसा होता है, तो उनके लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे धीरे-धीरे अपना हाथ हटा दें। बहुत तेजी से अपने हाथ हटाने से पार्टनर को चोट लग सकती है।

फिस्टिंग हर किसी के लिए नहीं हो सकती है, और यदि आप इसे नहीं करना चाहते हैं, या यदि आप इसे आजमाते हैं और इसका आनंद नहीं लेते हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। किसी भी अन्य प्रकार के सेक्स की तरह, यह भी व्यक्तिगत पसंद का मामला है। यदि आप और आपका साथी इसका आनंद लेते हैं, तो यह आपकी सेक्शुअल लाइफ के लिए एक बेहतर एक्सपीरियंस हो सकता है। बस एक बात याद रखें। अपने साथी की जरूरतों और इच्छाओं के प्रति सावधान रहें और उनका सम्मान करें।

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क्या एनल फिस्टिंग सेफ है?

फिस्टिंग लो रिस्क सेक्शुअल एक्टिविटी है। जिसमें सेक्शुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्शन होने का खतरा नहीं रहता, लेकिन फिर भी इस बारे में पहले अपने पार्टनर से बात कर लें क्योंकि अगर आप इसे सावधानीपूर्वक नहीं करते हो तो इसमें इंजरी का रिस्क हो सकता है। अगर आप पार्टनर के साथ एनल फिस्टिंग को ट्राई करना चाहते हैं अच्छा होगा कि इसके लिए थोड़ी तैयारी कर लें। अगर आप जल्दबाजी करते हैं तो यह दर्द और टिशू डैमेज का कारण बन सकता है। नीचे कुछ टिप्स दिए गए हैं जो फिस्टिंग को सेफ बना सकते हैं।

  • अपने नाखून साफ करें और बढ़े हुए नाखूनों को काट लें क्योंकि इससे ऑर्गन हर्ट हो सकते हैं।
  • हाथ में पहनी हुई किसी भी प्रकार की एसेसरीज को निकाल दें क्योंकि ये स्किन को डैमेज कर सकती है।
  • लैटेक्स गलव्स पहनें। ये सेक्शुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्शन के रिस्क को कम कर सकते हैं। साथ ही ये वजायना या एनस में प्रवेश को स्मूद बना सकता है।
  • ध्यान रखें कि आपने हाथ में काफी सारा लूब्रिकेंट लगाया हुआ हो। अगर आप लैटेक्स गलब्स का उपयोग कर रहे हैं तो वॉटर बेस्ड या सिलिकॉन लूब्रिकेंट का यूज करना बेहतर होगा।
  • अगर फिस्टिंग के बाद आपके पार्टनर या आपको ब्लीडिंग होती है तो तुरंत डॉक्टर की मदद लें। यह इंजरी या वजायना और एनस में टियर के कारण हो सकता है।

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एनल फिस्टिंग हो या एनल सेक्स आपको इस दौरान कुछ सावधानियां जरूर रखनी चाहिए। साथ ही इसकी शुरुआत करने के पहले इन बातों को जान लेना चाहिए।

  • एनस में खुद का लूब्रिकेंट नहीं होता। इसलिए एनल सेक्स या एनल फिस्टिंग के वक्त लूब्रिकेंट का उपयोज जरूर करें।
  • अगर आपको एनल फिस्टिंग के दौरान दर्द का अहसास होता है तो रुक जाए और थोड़ी देर बाद ट्राई करें।
  • लूब्रिकेशन की कमी और पतले टिशू के चलते एनस और रैक्टम में फ्रिक्शन रिलेटेड टियर का कारण हो सकता है।
  • क्योंकि स्टूल में नैचुरली बैक्टीरिया होते हैं जो कि बॉडी से निकलते वक्त रेक्टम और एनस से होकर गुजरते हैं। ये बैक्टीरिया इन टियर पर हमला कर इंफेक्टेड कर सकते हैं। जिससे एनल एब्सेस (फोड़ा) और स्किन इंफेक्शन का रिस्क बढ़ सकता है। जिसके उपचार के लिए ट्रीटमेंट और एंटीबायोटिक की जरूरत होती है।
  • सेंटर और डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन सीडीसी के अनुसार, एनल सेक्स और फिस्टिंग से एचआईवी ट्रांसमिशन का रिस्क दूसरे किसी सेक्स फॉर्म की तुलना में अधिक होता है।
  • गुदा फिस्टिंग मौजूदा बवासीर को इरीटेट कर सकती है, लेकिन इसके कारण पाइल्स नहीं होता है।
  • एनल फिस्टिंग से फिस्टुला हो सकता है।
  • इसलिए किसी भी प्रकार का कंफ्यूजन का परेशानी होने पर डॉक्टर या एक्सपर्ट से संपर्क करें।

उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल उपयोगी लगा होगा और एनल फिस्टिंग से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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