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क्या आप जानते हैं सेक्स का सही समय?

क्या आप जानते हैं सेक्स का सही समय?

सेक्स का सही समय क्या है? यह विवाद बड़े समय से चला आ रहा है कि मॉर्निंग सेक्स बेहतर है या ईवनिंग सेक्स? एक तरफ पुरुष हैं,जो सुबह के समय ज्यादा उत्तेजित महसूस करते हैं और उनके लिए सुबह का समय प्राइम टाइम है। वहीं दूसरी तरफ महिलाए हैं जो काम के बाद, बच्चों को सुलाकर, थोड़ा रिलैक्स महसूस करने के बाद ईवनिंग सेक्स को बेहतर मानती है। ऐसे में एक स्वस्थ सेक्स का सही समय क्या है, ये आज भी एक सवाल ही है। आज हम सेक्स के बेहतर अनुभव के लिए बता रहें हैं आपको वो खास समय जब आप सेक्स का सबसे ज्यादा सुख उठा सकते हैं।

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कैसे पहचाने सेक्स का सही समय क्या है?

सेक्स एक बेहद ही भावनात्मक क्रिया है। हमेशा सेक्स का आनंद तब बढ़ जाता है जब आप अपने साथी के साथ इमोशनली जुड़ते हैं। कुछ ऐसे समय और इवेंट्स होते हैं जिसके बाद अगर आप अपने साथी के साथ संबंध स्थापित करते हैं तो उससे आपके रिश्तों में और भी मजबूती और प्यार बढ़ेगा। ऐसे ही कुछ पल आज हम आपसे साझा कर करे हैं।

भोर के समय:

वैज्ञानिक तौर पर देखें तो हमारा शरीर मॉर्निंग सेक्स के लिए ही बना है। भोर के समय में न केवल हमारे शरीर में टेस्टोस्टेरोन बल्कि ऊर्जा का स्तर भी ज्यादा होता है, इस समय आपके शरीर में ऑक्सीटोसिन का स्तर ज्यादा होता है जो, आपको अपने साथी के साथ बांध के रखता है और एंडोर्फिन आपके मूड को बढ़ाता है।

किसी भी बढ़े काम से पहले:

विभिन्न शोध से यह पता चला है कि सेक्स करने से नर्वस सिस्टम शांत होता हैं, ब्लड प्रेशर कम होता है और तनाव घटता है। एक अध्ययन में यह भी पाया गया कि किसी सार्वजनिक सभा में बोलने से पहले जिन लोगों ने अपने साथियों के साथ यौन संबंध स्थापित किये वो औरों की तुलना में कम तनाव में थे।

मौसम के अनुसार:

सेक्स एक मूड ड्रिवेन क्रिया है। अच्छा मौसम हमेशा आपके मूड को बेहतर करता है। ऐसे में उस मौसम का आनंद तब और बढ़ जाता है जब आप अपने साथी के साथ अंतरंग होते हैं। यह एक बिलकुल सही समय है अपने साथी के करीब आने का और उनपर प्यार न्योछावर करने का।

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मासिक साइकिल के चौदहवें दिन पर:

एक अध्ययन में पाया गया है कि किसी भी महिला के मासिक चक्र के लगभग चौदहवें दिन पर, उनका क्लिटोरिस 20% बड़ा हो जाता है और सेक्स को आसान बनाता है। आसान भाषा में ये कि आपका संभोग इस विशेष दिन पर दर्द रहित और आसान हो सकता है। यह उस समय के आसपास भी है जब ओव्यूलेशन (ovulation) होता है, इसलिए यह समय बिलकुल सही है।

वर्कआउट के बाद:

वर्काआउट के बाद हमारे शरीर में यौन क्रियाओं की इच्छा बढ़ जाती है। कुछ नियमित वर्कआउट करने वाली महिलाओं पर विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि कसरत के बाद उनके जेनिटल्स में रक्त का प्रवाह 169% अधिक था। वर्काआउट के बाद आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन पंप होता है जो, एक महत्वपूर्ण सेक्स हार्मोन है, इसलिए आपकी प्राकृतिक रूप से भी इच्छा बढ़ती है।

तनाव पूर्ण दिन के बाद:

ऑफिस में किसी एक बुरे दिन के तनाव को दूर करने के लिए सेक्स एक स्वस्थ विकल्प हो सकता है। यौन संबंध और शारीरिक स्नेह तनाव के स्तर में काफी सुधार करते है। इसके अलावा, बिस्तर पर तनाव और हताशा को कम करना वास्तव में आपको अधिक इमोशनल और उत्साही बना सकता है।

जब आपने कुछ रोमांचक किया हो:

आप जब भी कुछ रोमांचक करते हैं जैसे किसी ट्रेक पर जाना, राफ्टिंग, बंजी जम्पिंग तब आपके शरीर में एड्रीनैलिन पंप होता है। ऐसी स्थिति में आपका शरीर पहले से ही उत्तेजना की स्थिति में होता है और आपकी यौन ऐक्टिविटी अक्सर बढ़ जाती है। कई सेक्सोलोजिस्ट मानते हैं कि एड्रेनालाईन-बूस्टिंग के बाद आकर्षण और यौन संबंध स्थापित करने की इच्छा में वृद्धि होती है।

यदि आपके पास अभी भी कोई प्रश्न हैं, तो बेहतर समाधान के लिए कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श ले सकते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई मेडिकल जानकारी नहीं दे रहा है।

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लेखक की तस्वीर
Dr. Hemakshi J के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Pawan Upadhyaya द्वारा लिखित
अपडेटेड 08/07/2019
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