डिजायनर सब्यसाची थे सुसाइड टेंडेंसी के शिकार, दीपिका-अनुष्का के वेडिंग लहंगों के हैं डिजायनर

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 15, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

डिजायनर सब्यसाची मुखर्जी (Sabyasachi Mukherjee) का नाम आते ही दिमाग में आते हैं सेलिब्रिटीज और सेलिब्रिटी वेडिंग में डिजायनर लहंगें। दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) से लेकर अनुष्का  शर्मा (Anushka Sharma) ने अपनी शादी में सब्यसाची को ही अपने लहंगें डिजायन करने की जिम्मेदारी दी थी और यह लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती। लेकिन इस बार सब्यसाची का नाम डिजायनर लहंगों के लिए नहीं बल्कि उनके द्वारा किए एक खुलासे को लेकर सुर्खियों में हैं।

एक मीडिया ऑर्गेनाइजेशन को दिए बयान में सब्यसाची ने अपनी जिंदगी को लेकर कई खुलासे किए हैं। उन्होंने माना कि वह जीवन में एक समय वे डिप्रेशन से गुजर रहे थे और साथ ही वे सुसाइड टेंडेंसी से भी जूझ रहे थे और उन्होंने सुसाइड (Sabyasachi Mukherjee suicide attempt) करने की भी कोशिश की थी। उन्होंने आगे कहा कि आज की इस तेज लाइफस्टाइल में मेंटल हेल्थ एक बड़ी समस्या बन गई है। साथ ही लोगों को इसको लेकर शर्मिंदा होने की भी कोई जरूरत नहीं है। साथ ही हमें जरूरत है कि इसे भी अन्य बीमारियों की तरह एक आम समस्या की तरह लेने की जरूरत है।

डिजायनर ने बताया कि उनके डिप्रेशन ने उन्हें क्लीएरिटी दी और कहा कि अगर मैं डिप्रेशन में नहीं गया होता, तो सैन फ्रांसिस्को में ‘गूगल’ नाम की किसी कंपनी में काम कर रहा होता।

और पढ़ेंः सुशांत सिंह राजपूत ने की खुदकुशी, पुलिस ने डिप्रेशन को बताई सुसाइड की वजह

सब्यसाची को मडोना से मिली इंस्पिरेशन

सब्यसांची ने बताया कि क्रिएटिव लोग अक्सर खुद को एक्सप्रेस नहीं कर पाते। इसके अलावा मैं एक क्रिएटिव माइंड के साथ गलत स्ट्रीम में था। मैंने मेडिसिन की पढ़ाई की फिर इकोनॉमिक्स पढ़ी, मुझे पता ही नहीं था कि मुझे लाइफ में क्या करना है। इस सब से निकलने के लिए वह कहते हैं कि उन्होंने कपड़ों और अपने लुक का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि किस तरह खुद को एक्सप्रेस करने के लिए अपनी क्रिएटिविटी का सहारा लेने लगा। मैं खुद को एक्सप्रेस करने के लिए अपने बालों को ऑरेंज कलर करता था। रिप्पड जींस को सेफ्टी पिन का इस्तेमाल करके पहनता था, जो कि मडोना से इंस्पायर्ड होती थीं।

और पढ़ेंः ब्रेस्ट कैंसर से ग्रस्त लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है ये खोज

क्यों बने सब्यसाची के सुसाइड करने के हालात

सब्यसाची मुखर्जी मानते हैं कि सही सपोर्ट सिस्टम न मिलने के कारण उनके लिए सुसाइड के हालात बने। उनका मानता है कि लोगों का अकेलापन और यह सोचना कि वह अकेले हैं उन्हें इस स्टेज पर पहुंचाता है और वे सुसाइड करने का सोचने लगते हैं। लेकिन जब वे लोगों से बात करते हैं, तो उन्हें समझ आता है कि वे अकेले नहीं हैं। आज के दौर में बहुत से लोग इससे जूझ रहे हैं, तो ऐसे में कई कम्यूनिटीज और हेल्प ग्रुप्स हैं, जो आपकी मदद कर सकते हैं।

और पढ़ेंः Bday Spl: लीसा रे कैंसर को मात देने के लिए करा चुकी हैं स्टेम सेल ट्रांसप्लांट, जानें इसकी प्रक्रिया

सुसाइड टेंडेंसी (Suicidal Tendency) क्या है?

आत्महत्या या सुसाइड टेंडेंसी (Suicidal Tendency) इंसान अपने निजी कारणों के कारण करता है। लेकिन कई बार लोग जो सोचने लगते हैं कि वे किसी समस्या से उभर नहीं पाते और अपनी जान देने का कदम उठाते हैं। सुसाइड का सबसे बड़ा तनाव या डिप्रेशन को माना जाता है। साथ ही कई बार सुसाइड टेंडेंसी से जूझ रहे लोग आपको एक दम सामान्य लग सकते हैं। बावजूद इसके सुसाइड टेंडेंसी के लक्षणों को पहचान कर आप किसी की इस तरह की परिस्थिति में मदद कर सकते हैं। जब लोगों को लगता है कि उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है तो वे सुसाइड का फैसला कर सकते हैं। लेकिन ऐसी स्थितियों से निकलकर लोग खुद को सुरक्षित रख सकते हैं और दोबारा जीवन का आनंद ले सकते हैं।

कितना सामान्य है सुसाइड टेंडेंसी?

हर साल दुनिया भर में कई लाख लोग सुसाइड कर लेते हैं। दुनिया भर में सुसाइड के आंकड़ों की बात की जाए, तो प्रति एक लाख में से 16 लोग हर साल सुसाइड करते हैं। या इसे ऐसे समझें कि हर 40 में एक व्यक्ति जिंदगी से हार मानकर आत्महत्या कर लेता है। विश्व भर में होने वाली लगभग 1.8 फीसदी मौतों की वजह आत्महत्या हैं। इसके अलावा एक चौकाने वाला तथ्य यह भी है कि 45 सालों में दुनिया भर में आत्महत्या का मामले 60 फीसदी बढ़े हैं।

और पढ़ेंः पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की कल रात बिगड़ी तबीयत, एम्स में भर्ती

सुसाइड टेंडेंसी के लक्षण

सुसाइड टेंडेंसी के सामान्य लक्षणों में शामिल हैः

  • बातों-बातों में आत्महत्या के बारे में बात करना – उदाहरण के लिए – ‘काश मैं पैदा ही नहीं हुआ होता’ या ‘मैं अपनी जिंदगी से खुश नहीं हूं, इससे तो बेहतर मर जाना ही था।’ सुसाइचड टेंडेंसी से ग्रसित लोग इस तरह की बातें बोलते हैं।
  • बंदूक किसी और हथियार या फिर इसी तरह की जान लेने वाली चीजों में रुचि दिखाना
  • अकेले रहना शुरू कर देना, सामाजिक जीवन से पूरी तरह से कट जाना या कटने की कोशिश करना
  • सुसाइड टेंडेंसी से गुजर रहे लोगों में बहुत जल्दी मूड स्विंग होते हैं
  • बिना किसी कारण के निराशा के कारण ढ़ूढ़ लेना
  • शराब या अन्य किसी तरह के नशे में पड़ जाना
  • खाने या सोने के पैटर्न के साथ-साथ लाइफस्टाइल में बदलाव दिखना
  • खुद की परवाह न करना या जोखिमभरे कदम उठाना, जैसे – तेज गाड़ी चलाना
  • बिना किसी कारण के गंभीर बने रहना या छोटी-छोटी बातों पर चिंता करना

साथ ही यह भी याद रखें कि लोगों में सुसाइड टेंडेंसी के अलग-अलग लक्षण भी दिख सकते हैं। कुछ लोगों में इन्हें पहचानना काफी आसान होता है, तो कुछ लोग पूरी तरह से अपनी परिस्थिति को छुपा कर रखते हैं। सुसाइड टेंडेंसी के सारे लक्षण ऊपर नहीं बताए गए हैं। अगर आपको अपने आस-पास किसी में किसी भी तरह से इसके लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत उनसे बात करें और जरूरी हो, तो मेडिकल हेल्प दिलाने की कोशिश करें।

हैलो स्वास्थ्य का न्यूजलेटर प्राप्त करें

मधुमेह, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कैंसर और भी बहुत कुछ...
सब्सक्राइब' पर क्लिक करके मैं सभी नियमों व शर्तों तथा गोपनीयता नीति को स्वीकार करता/करती हूं। मैं हैलो स्वास्थ्य से भविष्य में मिलने वाले ईमेल को भी स्वीकार करता/करती हूं और जानता/जानती हूं कि मैं हैलो स्वास्थ्य के सब्सक्रिप्शन को किसी भी समय बंद कर सकता/सकती हूं।

सुसाइड टेंडेंसी के कारण

इंसान में सुसाइड टेंडेंसी के कई कारण हो सकते हैं। लोगों में सुसाइड टेंडेंसी के विचार अक्सर निराशा के कारण आते हैं। यह किसी काम में सफलता न मिलने, किसी निकटतम को खोने या उम्मीदें टूटने के कारण भी हो सकता है। कुछ लोगों के पास भविष्य के लिए कोई आशा या उम्मीद नहीं रहती है, जिसकी वजह से भी वह सुसाइड टेंडेंसी का शिकार हो जाते हैं।आत्महत्या के आनुवंशिक कारण भी हो सकते हैं। जिन लोगों के घर में कोई सुसाइड कर चुका हो या जिनके आस-पास लोगों के आत्मघाती विचार या व्यवहार होते हैं, उनके परिवार में आत्महत्या के अन्य मामले भी सामने आ सकते हैं।

कब पड़ती है डॉक्टर को दिखाने की कोशिश

अगर आपको या आपके आस-पास आप किसी में आत्महत्या के ख्याल को महसूस करते हैं, तो:

  • फैमिली या दोस्तों से बात करें
  • योग या आध्यात्म का सहारा ले सकते हैं
  • सुसाइड टेंडेंसी में हेल्पलाइन नंबर भी कई बार काम आते हैं
  • मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल से ले सकते हैं मदद
  • यह भी याद रखें कि सुसाइड टेंडेंसी से इंसान अकेले नहीं निपट सकता, इसलिए सही समय पर उचित मदद लें।

सुसाइड टेंडेंसी से निपटने के लिए इंसान को किसा जरूरत होती है। ऐसे में आप खुद इसके लक्षण पहचान कर खुद की या किसी ओर की मदद कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

टीनएजर्स में आत्महत्या के विचार को कैसे रोका जा सकता है?

टीनएजर्स में आत्महत्या के विचार और सुसाइड टेंडेंसी बढ़ती जा रही है। अमेरिका में डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन सेंटर के अनुसार 10 से 24 वर्ष के आयु के लोगों में तीसरा सबसे बड़ा कारण आत्महत्या है। suicide tendency in teenagers in hindi

के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
हेल्थ टिप्स, स्वस्थ जीवन जुलाई 9, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

सुशांत सिंह राजपूत ने की खुदकुशी, पुलिस ने डिप्रेशन को बताई सुसाइड की वजह

सुशांत सिंह राजपूत ने की आत्महत्या, सुशांत सिंह राजपूत डिप्रेशन के थे शिकार, सुशांत ने आत्महत्या क्यों की, सुशांत सिंह की मौत का कारण, Sushant singh rajput suicide.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
स्वास्थ्य बुलेटिन, लोकल खबरें जून 14, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

युवाओं में आत्महत्या के बढ़ते स्तर का कारण क्या है?

15 से 29 साल के युवाओं में आत्महत्या के कारण मौत को गले लगा लेते हैं। युवाओं में सुसाइड के कारण और निदान क्या है? खुदकुशी से निपटने के टिप्स के लिए पढें।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Hemakshi J
के द्वारा लिखा गया Smrit Singh
मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन मई 13, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

अगर किसी के मन में आए आत्महत्या के विचार, तो उसकी ऐसे करें मदद

आत्महत्या के विचार से कैसे बचें? सुसाइड टेंडेंसी के लक्षण क्या हैं? आत्महत्या के विचार को रोकने के लिए दूसरों की मदद कैसे करें? उनको ध्यान से सुनें, समझें, ड्रग्स और शराब...

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Hemakshi J
के द्वारा लिखा गया Smrit Singh
मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन मई 5, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

सुसाइड प्रीवेंशन क्विज - suicide prevention quiz

सुइसाइड प्रिवेंशन डे: ये क्विज बताएगी, क्या आप किसी को आत्महत्या करने से रोक सकते हैं?

के द्वारा लिखा गया Surender aggarwal
प्रकाशित हुआ सितम्बर 7, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें
टीनएजर्स में खुदकुशी के विचार

‘नथिंग मैटर्स, आई वॉन्ट टू डाय’ जैसे स्टेटमेंट्स टीनएजर्स में खुदकुशी की ओर करते हैं इशारा, हो जाए अलर्ट

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ सितम्बर 2, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
दीपिका पादुकोण डायट

कैसे अलग है दीपिका पादुकोण की डायट और वर्कआउट, जानिए उनकी फिटनेस का रहस्य

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Anu sharma
प्रकाशित हुआ अगस्त 19, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें
समीर शर्मा

एक्टर समीर शर्मा ने किया सुसाइड, ‘क्योंकि सास भी कभी बहु थी’ सीरियल में कर चुके हैं रोल प्ले

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ अगस्त 6, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें