होली में भांग पीने वाले क्या जानते हैं इसका असर? जानें कैसे शरीर पर होता है इसका प्रभाव

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट मार्च 4, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

Thandai and Bhaang in Holi 2020: होली के त्योहार की मस्ती और मजा किसी और त्योहार में नहीं है। इस दिन रिश्तों में कितनी भी कड़वाहट हो, सब खत्म हो जाती है। इसलिए यह गाना भी बना है कि, ‘होली के दिन दिल खिल जाते हैं, दुश्मन भी गले मिल जाते हैं।‘ होली का त्योहार होता ही ऐसा है कि, लोग बदलते मौसम को वेलकम करने के लिए काफी उत्साहित रहते हैं। लेकिन, इस मौज-मस्ती के बीच कुछ लोग भांग और ठंडाई का नशा करते हैं, जिसके स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभाव के बारे में वो नहीं जानते। इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं होली में पी जाने वाले भांग और ठंडाई से जुड़ी कुछ अहम जानकारी

यह भी पढ़ें- Sweet Almond: मीठा बादाम क्या है?

होली में भांग और ठंडाईः एक ही चीज नहीं है भांग और ठंडाई

बदलते समय और जानकारी का अभाव होने की वजह से लोगों में मान्यता है कि, होली में भांग और ठंडाई एक ही चीज है। लेकिन, यह मान्यता बिल्कुल गलत है। क्योंकि, भांग एक प्रकार का नशा करने की चीज हो सकती है, लेकिन ठंडाई सिर्फ एक ड्रिंक है जो कि आपके शरीर को ठंडा व शांत करने में मदद करती है। इन दोनों ही ड्रिंक्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली चीजों में भी जरा-सा अंतर है। जहां, ठंडाई में दूध, काली मिर्च, मुनक्का, इलायची, सौंफ, मगज (खरबूजे के बीज) और बादाम मिलाकर पेय पदार्थ मिलाया जाता है, वहीं भांग की ड्रिंक में इन चीजों के साथ भांग की पत्तियां भी शामिल करनी होती है।

यह भी पढ़ें- Cashew : काजू क्या है? जानिए इसके फायदे और साइड इफेक्ट्स

 होली में भांग पीने वाले पहले जान लें, भांग आखिर क्या है?

भांग को भारत में एक औषधि या हर्ब की तरह माना जाता है। यह मैरिजुआना पौधे या फीमेल कैनबिस के फूल, पत्ते और बड का मिक्सचर होता है। इसका आयुर्वेद में महत्वपूर्ण स्थान है। भांग को भारत में इस्तेमाल किया जाता है। जो कि आपके दिमाग और नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है। भांग में दो तरह के कैनबिनोइड्स होते हैं, पहला टेट्राहाइड्रोकैनबिनोल (THC) होता है, जो आपको नशा करने का कार्य करता है।

क्या भांग के कुछ स्वास्थ्य लाभ हैं?

  1. कुछ लोग होली में भांग सिर्फ नशे के लिए इस्तेमाल करते हैं पर कई शोध में सामने आया है कि, भांग का इस्तेमाल चिकित्सा में भी किया जाता है। इसमें मौजूद टीएचसी जी मिचलाने और उल्टी दूर करने में मददगार होता है।
  2. पुराने दौर में इसे शारीरिक दर्द कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था क्योंकि, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं।
  3. भांग के बीज में ओमेगा-3 की मात्रा होती है। इसके अलावा, इसमें जीएलए भी होता है, जो कि पोलीसैचुरेटेड फैटी एसिड होता है और उसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शारीरिक सूजन को कम करने में मदद करता है।
  4. भांग के पत्तों को लगाने से गठिया से आई सूजन और दर्द को कम करने में फायदा मिलता है। इसके लिए भी इस पौधे में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जिम्मेदार होते हैं।

यह भी पढ़ें- दांतों की बीमारियों का कारण कहीं सॉफ्ट ड्रिंक्स तो नहीं?

भांग के सेवन से जुड़ी सावधानियां और नुकसान

  • भांग के सेवन से आपको अत्यधिक नशा हो सकता है, जो कि आपके दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, इसके ज्यादा सेवन से बचना चाहिए या फिर इसके सेवन से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी होता है।
  • भांग को गांजे के रूप में भी लिया जाता है। गांजे का धुंआ आपको सांस की समस्या या सांस फूलने की समस्या पैदा कर सकता है। क्योंकि, इसके धुएं से भी तंबाकू के धुंए जैसे नुकसान प्राप्त हो सकते हैं। इसके साथ-साथ आपको कफ व बलगम या फेफड़ों की अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
  • भांग का सेवन करने से आपकी हार्ट रेट बढ़ जाती है और यह बढ़ोतरी तीन घंटे तक चल सकती है। इस वजह से टेंशन, चिंता या हार्ट अटैक की समस्या का भी खतरा हो सकता है। जिन लोगों को दिल से संबंधित बीमारियां होती हैं, उन्हें भूलकर भी भांग का सेवन नहीं करना चाहिए। बेहतर होगा कि आप बिना भांग की ठंडाई का सेवन करें।

बिना भांग की ठंडाई के फायदे

ठंडाई के फायदे उसमें मौजूद सामग्रियों से प्राप्त होते हैं। इसलिए, आइए जानते हैं कि ठंडाई के सेवन से आपको क्या-क्या फायदे प्राप्त होते हैं।

  1. ठंडाई का सेवन करने से आपके शरीर को शीतलता प्राप्त हो सकती है। जिस वजह से मौसम या अन्य कारणों की वजह से शरीर में होने वाली गर्मी को खत्म किया जा सकता है। इसमें मौजूद सभी सामग्रियों की तासीर ठंडी होती है, जो आपको फायदा पहुंचाती है।
  2. ठंडाई में मौजूद खसखस गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इर्रिटेशन को कम करने और कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है। खसखस में काफी मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, हेल्दी फैट और मिनरल्स की मात्रा भी होती है।
  3. होली में भांग के अलावा ठंडाई से भी प्राप्त हो सकते हैं, जैसे ठंडाई में मौजूद सौंफ से पेट फूलने की समस्या कम की जा सकती है। क्योंकि सौंफ में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पाचन क्रिया को भी सही करने में मदद करते हैं।
  4. ठंडाई में मिलाई जाने वाली काली मिर्च और लौंग गर्मी में आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है। जिस वजह से आपको कई संक्रमण से दूर रहने में मदद मिलती है।
  5. होली में भांग की तरह ही ठंडाई के सेवन से इस तरह के फायदे प्राप्त होते हैं। ठंडाई में बादाम एक महत्वपूर्ण सामग्री है, जिससे आपको मैग्नीशियम, विटामिन बी17, प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट प्राप्त होता है। जो कि आपके बालों, त्वचा आदि को पोषण देने का काम करते हैं और उन्हें स्वस्थ बनाते हैं।

यह भी पढ़ें- लो कैलोरी एल्कोहॉलिक ड्रिंक्स के साथ सेलिब्रेट करें यह दीपावली

ठंडाई से जुड़ी सावधानियां व नुकसान

वैसे तो ठंडाई सीधे तौर पर कोई परेशानी या नुकसान नहीं दिलाते हैं, लेकिन इसमें मौजूद किसी सामग्री से किसी-किसी को नकारात्मक प्रभाव प्राप्त हो सकते हैं। इसके अलावा, इसे ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर आपको जी मिचलाने या उल्टी शिकायत हो सकती है। इसलिए, इसमें मौजूद सामग्रियों से जुड़ी एलर्जी के बारे में अपने डॉक्टर से भी बातचीत कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप भांग या ठंडाई का सेवन करने की सलाह नहीं देता है। इसके अलावा ग्रुप किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार मुहैया नहीं कराता।

और पढ़ें:-

बच्चों का पढ़ाई में मन न लगना और उनकी मेंटल हेल्थ में है कनेक्शन

बच्चों की गट हेल्थ के लिए आजमाएं ये सुपर फूड्स

डायटिंग की जरूरत नहीं, इन टिप्स से आसानी से घटाएं बढ़ता वजन

ऑटोइम्यून प्रोटोकॉल डायट क्या है?

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy
सूत्र

संबंधित लेख:

    शायद आपको यह भी अच्छा लगे

    Saturday Night Palsy : सैटरडे नाइट पाल्सी क्या है?

    जानिए सैटरडे नाइट पाल्सी क्या है in hindi, सैटरडे नाइट पाल्सी के कारण, जोखिम और उपचार क्या है, Saturday Night Palsy को ठीक करने के लिए आप इस तरह के घरेलू उपाय अपना सकते हैं।

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Anoop Singh
    हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z मार्च 18, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

    प्रेग्नेंसी में वैरीकोज वेन्स की समस्या कर सकती हैं काफी परेशान, जानें इससे बचाव के तरीके

    प्रेग्नेंसी में वैरीकोज वेन्स क्या है, Varicose Veins in pregnancy in hindi, प्रेग्नेंसी में वैरीकोज वेन्स क्यों होती है, का इलाज कैसे करें।

    के द्वारा लिखा गया Surender Aggarwal
    त्वचा की बीमारियां, हेल्थ सेंटर्स मार्च 11, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

    चेहरे और बालों से होली का रंग हटाने के आसान टिप्स

    होली का रंग कैसे हटाएं, holi colour in hindi, बालों से होली का रंग कैसे हटाएं, face aur hair se holi ka rang kaise hataein, हर्बल रंग कैसे बनाएं।

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Surender Aggarwal
    लोकल खबरें, स्वास्थ्य बुलेटिन मार्च 4, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

    आयुर्वेदिक तरीके से ऐसे मनाएं होली, त्वचा और स्वास्थ्य को बचाएं खतरनाक केमिकल वाले रंगों से

    आयुर्वेदिक तरीके से होली क्या होती है, ayurvedic holi 2020 in hindi, आयुर्वेदिक तरीके से होली कैसे खेलें, ayurvedic tarike se holi kaise khelein, holi ke liye herbal rang ke fayde, हर्बल रंग से होली खेलने के फायदे क्या हैं।

    के द्वारा लिखा गया Surender Aggarwal
    स्वास्थ्य बुलेटिन, लोकल खबरें मार्च 4, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

    Recommended for you

    विटिलिगो के घरेलू उपाय

    क्या सफेद दाग का इलाज संभव है, जानें विटिलिगो के घरेलू उपाय

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Satish singh
    प्रकाशित हुआ अगस्त 12, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
    Immunity Boosting Drinks- इम्यूनिटी बूस्टिंग ड्रिंक्स

    इम्यूनिटी बूस्टिंग ड्रिंक्स, जो फ्लू के साथ-साथ गर्मी से भी रखेंगी दूर

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Surender Aggarwal
    प्रकाशित हुआ मई 14, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
    अपनाएं लॉकडाउन में वजन नियंत्रण

    लॉकडाउन में वजन नियंत्रण करने के लिए अपनाएं ये टिप्स 

    के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
    प्रकाशित हुआ मई 2, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
    परफ्यूम के नुकसान

    क्या परफ्यूम आपकी सेहत के लिए हानिकारक है?

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Satish singh
    प्रकाशित हुआ अप्रैल 24, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें