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दिल की बीमारी पर ब्रेक लगा सकता है सरसों का तेल

दिल की बीमारी पर ब्रेक लगा सकता है सरसों का तेल

‘सरसों दी साग और मक्के दी रोटी’ तो जग जाहिर है लेकिन, क्या आपने कभी सरसों के तेल की खासियत जानी है ? सरसों के कई फायदे हैं। एक तो आप इससे सब्जियों का जायका बढ़ा सकते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ शरीर की मालिश कर दर्द को ठीक भी कर सकते हैं। सरसों के तेल को आयुर्वेद में औषधियों की श्रेणी में रखा जात है। इस तेल का इस्तेमाल करने का तरीका जानने से पहले ये जानना जरूरी है कि आखिर सरसों के तेल में ऐसे कौन-कौन से तत्व हैं, जिससे ये सेहत के लिए लाभदायक होता है।

दरअसल, सरसों के तेल में विटामिन, मिनरल, कैल्शियम और आयरन जैसे तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो इसकी गुणवत्ता को बढ़ाने के साथ ही आपको सेहतमंद रखने में मदद करते हैं।

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सरसों के तेल के फायदे

खुलकर लगेगी भूख

अगर भूख नहीं लगती है, तो मस्टर्ड ऑयल आपकी इस परेशानी को धीरे-धीरे ठीक करने में मदद कर सकता है। सरसों के तेल में बनी सब्जी खाने की आदत डालें। ये आपके खाने को जल्दी डायजेस्ट कर और फिर से खाने की इच्छा को बढ़ाएगा।

वजन कम करना होगा आसान

सरसों के तेल में मौजूद नियासिन, थियामाइन और फोलेट बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है जो वजन कम करने में सहायक होता है।

इम्युनिटी होती है स्ट्रॉन्ग

इसमें मौजूद विटामिन और खनिज तत्व शरीर को मजबूत बनाते हैं। जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके लिए आपको सरसों का तेल को खाने में नियमित रूप से इस्तेमाल करना होगा।

दिल से जुड़ी बीमारी पर लगेगा ब्रेक

सरसों तेल को खाने में नियमित और सही मात्रा में इस्तेमाल करने से कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा कम हो जाता है।

मांसपेशियां होती है मजबूत

सरसों तेल के नियमित मालिश से हड्डी और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। बच्चे के जन्म के बाद और सरसों तेल में हींग और कच्चा लहसुन पका कर मालिश करने से शरीर मजबूत होता है। अगर सर्दी- खांसी की समस्या ज्यादा होती है तो रात को सोने से पहले सिर्फ सीने (छाती) पर भी इस तेल की मालिश करने से फायदा होता है।

दांत होंगे मजबूत

सरसों तेल में नमक मिलकर दांत और मसूड़ों पर मसाज करने से दांत मजबूत होते हैं ।कम से कम सप्ताह में ऐसा 2 बार करना फायदेमंद रहेगा।

ठण्ड के मौसम में जरूर इस्तेमाल करें

ठण्ड के मौसम में बॉडी पर सरसों के तेल से मसाज जरूर करना चाहिए। इससे शरीर में गर्माहट बनी रहती है और सर्दी खांसी की समस्या भी नहीं होती है। सर्दियों में अक्सर बॉडी ड्राई हो जाती है इस समस्या को भी सरसों के तेल की मालिश दूर कर देती है।

त्वचा होती है चमकदार

सरसों तेल और नारियल तेल को बराबर मात्रा में एक साथ मिलाकर चेहरे पर मसाज करने से त्वचा में निखार आता है।

बालों को मिलेगी नई जिंदगी

सरसों तेल का बालों में नियमित इस्तेमाल से बाल काले, घने, लम्बे होते हैं। बालों से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए सरसों तेल का इस्तेमाल सबसे ज्यादा लाभकारी होता है। कुछ लोगों का तो ये भी मानना है कि सरसों तेल के इस्तेमाल करने से बाल काले होते हैं और जल्दी सफेद भी नहीं होते हैं।

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कैंसर में फायदेमंद हैं सरसों का तेल

सरसों के तेल के फायदों की बात हो, तो यह भी जान लें कि जोड़ों के दर्द से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में सरसों के तेल के फायदे देखे जाते हैं। कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि सरसों के तेल में कैंसर में भी मदद मिलती है। साउथ डकोटा यूनिवर्सिटी में किए गए एक अध्ययन में कैंसर से जूझ रहे चूहों पर इसका प्रयोग किया गया। इस अध्ययन के दौरान कोलन कैंसर से प्रभावित चूहों सरसों के तेल के इस्तेमाल का प्रभाव देखा गया। इस अध्ययन में निष्कर्ष सामने आया कि चूहों पर सरसों के तेल का प्रभाव अन्य किसी भी तेल से कहीं ज्यादा है। इस अध्ययन में चूहों पर सरसों के तेल के अलावा मकई और मछली के तेल का भी परीक्षण किया गया था। ऐसे में सामने आया कि इस तरह मस्टर्ड ऑयल सबसे अधिक प्रभावी था।

सर्दी-खांसी में फायदेमंद है सरसों का तेल

हमारे देश में लंबे समय से लोग सर्दी-खांसी में सरसों के तेल का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि सरसों के तेल की तासीर गर्म होती है और यह लोगों की नाक बंद होने की समस्या में मदद कर सकता है। सर्दी खांसी की समस्या के लिए आप कुछ चम्मच सरसों के तेल में लहसुन की कलियों को डाल कर गर्म कर लें। इसके बाद इसे कुछ ठंडा होने के बाद छाती पर मालिश करें। साथ ही सर्दी खांसी की समस्या में सोने से पहले इसे थोड़ा गुनगुना करके इसे नाक में भी डाला जा सकता है। इससे भी आराम मिलता है।

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सरसों के तेल को माना जाता है नैचुरल सनस्क्रीम

तेज धूप के संपर्क में आने से आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचता है। सूरज की तेज किरणें स्किन की बाहरी सतह को नुकसान पहुंचाती हैं। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि लोग धूप में बाहर निकलते समय स्किन के लिए काफी चिंतित रहते हैं। ऐसे में सरसों का तेल आपकी मदद कर सकता है। हमारे देश में सालों से सरसों के तेल को एक मॉइस्चराइजर की तरह इस्तेमाल किया जाता है और लोग इसे अपने शरीर के अंगों पर लगाते हैं। वहीं इसका उपयोग भारत में लंबे समय से सूरज की किरणों से भी बचने के लिए करते हैं। सरसों के तेल में विटामिन ई काफी मात्रा में पाया जाता है। इसे स्किन पर लगाने से यह सूरज की अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से लोगों का बचाव कर सकता है। साथ ही विटामिन ई स्किन को हाइड्रेट बनाए रखने में भी मदद करता है।

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एंटी-एजिंग के गुणों से भरपूर है सरसों का तेल

सरसों का तेल स्किन के लिए एंटी एजिंग का भी काम कर सकता है। सरसों के तेल में पाया जाने वाला विटामिन ई झुर्रियों से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है और साथ ही आपको इनसे दूर रखने में भी सहायक है। अगर स्थिति गंभीर हो तो दवा प्रिस्क्राइब की जा सकती है।

वैसे सरसों तेल की गंध थोड़ी कड़वी होती है। इसलिए इसे कई जगह कड़वा तेल भी कहा जाता है। सरसों का तेल शरीर को सॉफ्ट और रोगों से दूर रखने में कारगर है। अगर इसके इस्तेमाल से आपको कोई भी समस्या होती है तो इसका प्रयोग रोक दें और अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।

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सूत्र

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Allyl Isothiocyanate Ameliorates Angiogenesis and Inflammation in Dextran Sulfate Sodium-Induced Acute Colitis: https://journals.plos.org/plosone/article?id=10.1371/journal.pone.0102975 Accessed July 16, 2020

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लेखक की तस्वीर
09/07/2019 पर Nidhi Sinha के द्वारा लिखा
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा मेडिकल समीक्षा
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