Beetroot: चुकंदर क्या है?

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Update Date मई 26, 2020
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परिचय

चुकंदर (Beetroot) क्या है?

चुकंदर का सेवन करने से शरीर में हीमोग्लोबीन की मात्रा बढ़ती है। यह दिल, त्वचा आदि के लिए काफी लाभदायक है। इसमें काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। इसका बोटेनिकल नाम बीटा वल्गरिस (Beta vulgaris) है, जो कि अमेरेंथेसी (Amaranthaceae) फैमिली से आता है। यह एक मूसला जड़ वाला वनस्पति है। इसकी जड़ हल्की-मीठी होती है। इसके कई अलग-अलग रंग होते हैं, जिनमें लाल, गुलाबी, जामुनी, सफेद और पीला रंग शामिल है।

कई स्थानों में लोग चुंकदर के जड़ को कच्चा या उबाल कर या भून कर भी खाते हैं। चुकंदर का इस्तेमाल सलाद या जूस के तौर पर किया जाता है। साथ ही, अन्य सब्जियों के साथ चुकंदर को पका कर या कच्चा भी खाया जा सकता है। इसकी जड़ के साथ-साथ इसके पत्ते खाने के भी स्वास्थ्य लाभ होते हैं। इसमें आयरन, विटामिन्स और मिनरल्स का अच्छा स्त्रोत पाया जाता है जिसकी वजह से चुकंदर का इस्तेमाल करना कई स्वास्थ्य स्थितियों में लाभकारी और उपचारी होता है।

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उपयोग

चुकंदर का उपयोग किस लिए किया जाता है?

चुकंदर (Beetroot) एक पौधा है, जिसकी जड़ (root) नेचुरल दवाओं के रूप में इस्तेमाल की जाती है। इसके सेवन के कई स्वास्थ फायदे हैं।

दवाओं के साथ चुकंदर का इस्तेमाल लीवर से जुड़ी बीमारियों और लीवर के फैट को ​कम करने में भी सहायक है। इसके अलावा,यह खून में ट्राईग्लेसिराइड के लेवल को कम करने के साथ ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करता है। इसी के साथ-साथ इसका एथलीट परफॉरमेंस को बढ़ाने में भी इस्तेमाल होता है।

डायबिटीज की रोकथाम में मददगार

डायबिटीज की समस्या शरीर में इंसुलिन की कमी के कारण होती है। अगर सही समय पर इसका सही उपचार न किया जाए, तो इसकी समस्या बेहद गंभीर बन जाती है जिसके परिणाम जीवन के लिए जोखिम भरे हो सकते हैं। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के मुताबिक साल 2012 तक दुनिया भर में डायबिटीज के मरीजों की संख्या 382 लाख थी जो साल 2035 तक बढ़कर 592 लाख तक पहुंच सकता है। वहीं, बीटरूट के नियमित और उचित मात्रा के सेवन से डायबिटीज पर नियंत्रण किया जा सकता है। यह डायबिटीज के लिए एक प्राकृतिक उपाच के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके नियमति सेवन से खून में शुगर की मात्रा को नियंत्रित किया जा सकता है। यह फाइटोकेमिकल्स और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले बायोएक्टिव यौगिक जैसे पॉलीफेनोल्स, फ्लेवोनोइड्स और एंथोकायनिन का एक उच्च स्रोत होता है।

चुकंदर कैसे काम करता है?

शरीर में चुकंदर कैसे काम करता है, इसको लेकर अभी ज्यादा शोध मौजूद नहीं है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सम्पर्क करें। हालांकि कुछ शोध यह बताते हैं कि इसमें मौजूद केमिकल लिवर में जमा होने वाले फैट को कम करता है।

इसके अलावा, चुकंदर में एक और भी केमिकल होता है, जिसकी वजह से इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। आपको बता दें कि यह शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड को बढ़ाने का काम करता है। इसमें पाया जाने वाला केमिकल रक्त वाहिका (blood vessels) को भी प्रभावित करता है।

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सावधानियां और चेतावनी

चुकंदर के सेवन से पहले मुझे इसके बारे में क्या-क्या जानकारी होनी चाहिए?

इसका इस्तेमाल करने से पहले आपको डॉक्टर, फार्मसिस्ट या फिर हर्बलिस्ट से सलाह लेनी चाहिए, यदि

  • आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि जब आप बच्चे को फीडिंग कराती हैं, तो अपने डॉक्टर के मुताबिक ही आपको दवाओं का सेवन करना चाहिए।
  • आप कोई दूसरी दवा लेते हैं जो कि बिना डॉक्टर की पर्ची के आसानी से मिल जाते हैं।
  • अगर आपको इससे या किसी दूसरे हर्ब्स से एलर्जी हो।
  • आप पहले से किसी तरह की बीमारी से ग्रसित हैं।
  • आपको पहले से ही किसी तरह एलर्जी हो, जैसे खाने पीने वाली चीजों से, डाई से या किसी जानवर आदि से।

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम अंग्रेजी दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना जरूरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बलिस्ट या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

कितना सुरक्षित है चुकंदर का सेवन?

आमतौर पर खाद्य पदार्थों के रूप में इसका सेवन करना ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित  है। दवा के रूप में भी इसका इस्तेमाल करना सुरक्षित होता है।

चुकंदर से जुड़ी विशेष सावधानियां और चेतावनी:

प्रेग्नेंसी और स्तनपान के दौरान: प्रेग्नेंसी और स्तनपान के समय इसका दवा की तरह इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित है,  अभी इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। इसलिए खाद्य पदार्थों के रूप में ही इसका सेवन करें।

किडनी से जुड़ी बीमारी में:  अगर आप किडनी से जुड़ी बीमारी से ग्रसित हैं तो ज्यादा चुकंदर का इस्तेमाल उसे और अधिक खराब कर सकता है।

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चुकंदर के साइड इफेक्ट

चुकंदर के सेवन से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

इसके सेवन से शरीर में कैल्शियम का लेवल कम हो सकता है और साथ ही किडनी भी खराब हो सकती है।हालांकि हर किसी को ये साइड इफेक्ट हो, ऐसा जरुरी नहीं है।

कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं, जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

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चुकंदर के प्रभाव

चुकंदर के सेवन से अन्य किन-किन चीजों पर प्रभाव पड़ सकता है?

इसके सेवन से आपकी बीमारी या आप जो वतर्मान में दवाइयां खा रहे हैं, उनके असर पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए इसके  सेवन से पहले डॉक्टर से इस विषय पर बात करें।

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चुकंदर की खुराक

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प ना मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

आमतौर पर कितनी मात्रा में चुकंदर खाना चाहिए?

इस हर्बल सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

चुकंदर किन रूपों में उपलब्ध है?

यह निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध हैः

  • कच्चा चुकंदर (Raw beet)
  • पाउडर
  • एक्सट्रेक्ट कैप्सूल
हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।
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सूत्र

Beet https://www.webmd.com/vitamins-supplements/ingredientmono-306-BEET.aspx?activeIngredientId=306&activeIngredientName=BEET&source=0. Accessed on 9 January, 2020.

Beet https://www.organicfacts.net/health-benefits/vegetable/beets.html. Accessed on 9 January, 2020.

What are the benefits of beetroot?. https://www.medicalnewstoday.com/articles/277432.php. Accessed on 9 January, 2020.

Beetroot 101: Nutrition Facts and Health Benefits. https://www.healthline.com/nutrition/foods/beetroot. Accessed on 9 January, 2020.

6 Amazing Benefits Of Beetroot: In the Pink of Health. https://food.ndtv.com/food-drinks/benefits-of-beetroot-in-the-pink-of-health-1237538. Accessed on 9 January, 2020.

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