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डायबिटिक घाव की देखभाल करने से पहले पढ़ें ये खबर! मिलेगी मदद

डायबिटिक घाव की देखभाल करने से पहले पढ़ें ये खबर! मिलेगी मदद

लोगों को जीवन में कई बार छोटी-मोटी चोट या घावों को झेलना पड़ता है, यह बहुत बड़ी चिंता का विषय नहीं है। लेकिन जब आप डायबिटीज से ग्रसित होते हैं, तो ये छोटी चोट आपके लिए बड़ी परेशानियां खड़ी कर सकती हैं। डायबिटीज (Diabetes) में एक सामान्य सी खरोंच भी आपको लंबे समय तक परेशान कर सकती है, जिसे नजरअंदाज करना आपके लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। यदि आप डायबिटिक हैं, तो एक छोटी सी चोट भी आपके शरीर में इंफेक्शन पैदा कर सकती है, इसलिए व्यक्ति को डायबिटिक घाव की देखभाल (Diabetic wound care) करने की जरूरत पड़ती है। डायबिटिक घाव की देखभाल किस तरह की जा सकती है, आइए जानते हैं। लेकिन इससे पहले जान लेते हैं कि डायबिटीज की समस्या आखिर आपको क्यों होती है।

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डायबिटीज की समस्या ऐसे करती है घर!

डायबिटीज (Diabetes) की दिक्कत तब होती है, जब आपके शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। जब भी आप भोजन करते हैं, तो शरीर उसे शुगर में तोड़ देता है और शरीर की कोशिकाएं ऊर्जा के लिए इसका उपयोग करती हैं। इस उपयोग के लिए पैंक्रियाज को इंसुलिन का उत्पादन करने की जरूरत पड़ती है। जब आप मधुमेह के शिकार होते हैं, तो पैंक्रियाज (Pancreas) या तो बेहद कम मात्रा में इंसुलिन पैदा करती है, या इंसुलिन पैदा करना बंद कर देती है। क्योंकि शरीर इसका प्रभावी ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पाता, इसलिए व्यक्ति डायबिटीज का शिकार हो जाता है। लेकिन डायबटीज की आहट उसके लक्षणों से पहचानी जा सकती है। इसका इसके लिए आपको कुछ लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत पड़ती है।

क्या हैं डायबिटीज के लक्षण? (Symptoms of Diabetes)

डायबिटीज की समस्या में शरीर आपको कुछ सिम्टम्स देता है। यह सिम्टम्स यानी कि लक्षण आप को समझने होते हैं। डायबिटीज (Diabetes) के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं –

  • बार-बार यूरिनेशन होना
  • बार-बार प्यास लगना
  • बहुत भूख लगना
  • अत्यधिक थकान
  • धुंधला दिखना
  • किसी चोट को ठीक होने में ज्यादा समय लगना
  • लगातार घटता वजन (टाइप1)
  • हाथ / पैर में झुनझुनी या दर्द (टाइप 2)

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यदि आप इन लक्षणों को महसूस करते हैं, तो आपको जल्द से जल्द अपना ब्लड शुगर लेवल मापने की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा कुछ ऐसे लक्षण भी हैं, जो जिसके चलते आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इन लक्षणों में हैं –

  • बहुत ज्यादा उल्टी, मतली, चक्कर या कमजोरी महसूस होना
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना या बार-बार पेट दर्द के साथ पेशाब होना
  • सांस तेज होना या सांस फूलना

ऐसे लक्षण दिखाई देने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर जरूरी टेस्ट करने के बाद आपको डायबिटीज के लिए आवश्यक मेडिसिन प्रिसक्राइब कर सकते हैं। इन दवाइयों की मदद से आप जल्द से जल्द डायबिटीज (Diabetes) को कंट्रोल में ला सकते हैं। जैसा कि आपने जाना डायबिटीज की समस्या में आपको कई परेशानियों से जूझना पड़ता है। इन्हीं परेशानियों में से एक है डायबिटीज में चोट या खरोंच लगना। इसलिए डायबिटिक घाव की देखभाल (Diabetic wound care) करनी बेहद जरूरी मानी जाती हैं। आइए जानते हैं डायबिटिक घाव की देखभाल कैसे की जा सकती है।

डायबिटिक घाव की देखभाल : ध्यान रखें ये बातें (Diabetic wound care)

डायबिटिक घाव की देखभाल (Diabetic wound care)

जब बात आती है डायबिटिक घाव की देखभाल (Diabetic wound) की, तो इसकी शुरुआत होती है रोजाना अपने शरीर की जांच करके। आपको रोजाना अपने पैरों और हाथों की सावधानीपूर्वक जांच करनी होती है। जिससे आपको पता चले कि आपको कहीं कोई कट, छाले या फफोले तो नहीं हो रहे। साथ ही पैरों में किसी तरह की सेंसेशन तो नहीं है। इस सतर्कता के साथ आपको डायबिटीज (Diabetes) में अपने शरीर का ध्यान रखना पड़ता है। यदि आपको किसी तरह का घाव या खरोंच दिखाई देती है, तो उसके लिए आपको तुरंत फ़र्स्ट एड का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर घाव फर्स्ट एड (First aid) से ठीक ना हो, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मदद लेनी चाहिए। खास तौर पर डायबिटीज व्यक्ति पैरों की चोट से परेशान हो सकते हैं, इसलिए डायबिटीज में पैरों का खासतौर पर ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है। यदि आपको चोट लग गई है, तो आप इन तरीकों से डायबिटिक घाव की देखभाल (Diabetic wound care) कर सकते हैं।

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डायबिटिक घाव की देखभाल : रोजाना करें ड्रेसिंग (Diabetic wound)

किसी घाव को ठीक करने के लिए उसे रोजाना ड्रेसिंग (Dressing) की जरूरत पड़ती है। इसलिए डायबिटिक घाव की देखभाल (Diabetic wound care) के लिए ड्रेसिंग महत्वपूर्ण मानी जाती है। साथ ही इसे रोजाना बदलने की भी जरूरत पड़ती है, जिससे घाव तेजी से भरता है। साफ और सही तरीके से की गई ड्रेसिंग घाव में नमी नहीं जमने देती और इस में इंफेक्शन का खतरा नहीं होता। ऐसे में यह जल्दी ठीक होता है और आपको परेशानी नहीं उठानी पड़ती। यदि आप खुद ड्रेसिंग नहीं कर सकते, तो आपको नियमित तौर पर डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।

डायबिटिक घाव की देखभाल : ब्लड शुगर का रखें ध्यान (Diabetic wound care)

डायबिटिक घाव की देखभाल (Diabetic wound) में आपको घाव की देखभाल करने के अलावा अपने ब्लड शुगर लेवल का भी ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है। यदि आपका ब्लड शुगर लेवल चोट के दौरान ज्यादा है, तो घाव को ठीक होने में समय लगता है। इसलिए यदि आपको चोट या खरोंच आई है, तो इन दिनों अपने ब्लड शुगर लेवल पर ज्यादा ध्यान रखें। इसके अलावा हेल्दी डायट लें, जिसमें मिनरल्स, विटामिन, प्रोटीन, जिंक (Minerals, Vitamins, Proteins, Zinc) इत्यादि की मात्रा भरपूर हो। इससे घाव ठीक होने में मदद मिलती है और इम्यूनिटी बेहतर होती है। साथ ही साथ डायबिटिक घाव की देखभाल के दौरान विटामिन सी से भरपूर आहार लें, जिससे घाव जल्दी ठीक होगा। डायबिटिक घाव की देखभाल (Diabetic wound care) के दौरान रोजाना अपना ब्लड शुगर लेवल चेक करें, जिससे आप उसे आसानी से सामान्य बनाए रख सकें।

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डायबिटिक घाव की देखभाल : नियमित रूप से एक्सरसाइज करें

जब आप रोजाना एक्सरसाइज करते हैं, तो आपके शरीर में ब्लड सरक्यूलेशन बेहतर होता है। साथ ही साथ पैरों में रक्त प्रवाह बढ़ता है और डायबीटिक न्यूरोपैथी की समस्या में आराम मिलता है। डायबिटीज न्यूरोपैथी (Diabetic neuropathy) में शरीर में हो रहे दर्द या सेंसेशन कम महसूस होते हैं, इसलिए आसानी से हाथों और पैरों में लगी चोट का पता नहीं चलता और धीरे-धीरे इस चोट में संक्रमण फैल सकता है। इसलिए रोजाना व्यायाम करें, जिससे डायबिटिक न्यूरोपैथी में आपको आराम मिले और आप हेल्दी रह सकें। रोजाना एक्सरसाइज करने से आपका शरीर लंबे समय तक फिट रहेगा आप बेहतर महसूस करेंगे।

इन सभी बातों का ध्यान रखकर आप डायबिटिक घाव की देखभाल (Diabetic wound care) कर सकते हैं। लेकिन इसके अलावा आपको कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है, आइए जानते हैं उन बातों के बारे में।

डायबिटिक घाव की देखभाल : करें ये काम

डायबिटीज न्यूरोपैथी (Diabetic neuropathy) की वजह से आप शरीर में हो रहे दर्द को महसूस नहीं कर पाते, इसलिए आपको पैरों का खास ख्याल रखने की जरूरत पड़ती है। यदि आपके पैरों में किसी प्रकार की सूजन या चोट लगी है, तो इस चीज पर खास ध्यान देने की जरूरत पड़ती है। इस तरह के घाव जल्दी इंफेक्शन पैदा करते हैं और यदि इन पर ध्यान ना दिया जाए, तो ये समय के साथ जटिलताओं में बदल जाते हैं। इसलिए आपको डायबिटिक घाव की देखभाल (Diabetic wound care) में हाथों और पैरों का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है।

इसके लिए आपको फ्लेक्सिबल और कंफर्टेबल जूते पहनने चाहिए और रोजाना गर्म पानी से अपने पैरों को धोना चाहिए। डायबिटिक घाव की देखभाल (Diabetic wound) के दौरान हमेशा जूते और मोटे मोजे पहनकर रहने से आप अपने पैरों को जख्मों से बचा सकते हैं।

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डायबिटिक घाव की देखभाल (Diabetic wound care) के लिए आपको सतर्कता रखनी जरूरी है, इसलिए अपने हाथ और पैरों की जांच करते रहें और साथ ही साथ समय समय पर अपना ब्लड शुगर लेवल जागते रहें, जिससे शरीर पर लगी चोट आपके लिए परेशानी का सबब न बन जाए। यदि चोट को ठीक होने में समय लग रहा है, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें और जरूरी दवाएं लेने में ना हिचकिचाएं।

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Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 19/09/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड