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क्या डायबिटीज में ग्रीन-टी का इस्तेमाल करता है समस्याओं को कम?

क्या डायबिटीज में ग्रीन-टी का इस्तेमाल करता है समस्याओं को कम?

आजकल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में मधुमेह एक तेजी से बढ़ रही बीमारी है। इस समस्या से हमारे रक्त में ग्लूकोज और ब्लड शुगर का स्तर बहुत ही बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में पैंक्रीयाज इंसुलिन का उत्पादन बंद कर देती हैं, जिसकी वजह से हमारे खून में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य नहीं रह पाता है। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ कुछ खाद्य पदार्थ और पेय सुझाते हैं जो शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं। उनमें से एक है ग्रीन-टी। डायबिटीज में ग्रीन टी (Green Tea in Diabetes) के फायदे काफी हैं।

ग्रीन-टी कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है और कहा जाता है कि इससे मधुमेह और उससे जुड़ी जटिलताओं को कम किया जा सकता है। इसके अलावा, इससे ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करना भी आसान हो सकता है। हालांकि, शोध अभी भी प्रारंभिक चरणों में हैं, लेकिन फिर भी ग्रीन टी को संभावित ब्लड शुगर कम करने वाले प्रभावों के लिए जाना जाता है। आइए जानते हैं डायबिटीज में ग्रीन टी (Green Tea in Diabetes) के फायदे क्या हैं।

और पढ़ें : Type 2 Diabetes: टाइप 2 डायबिटीज क्या है?

डायबिटीज में ग्रीन टी के फायदों पर क्या कहते हैं अध्ययन? (Green Tea in Diabetes)

एनालिसिस ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, कैफीन युक्त ग्रीन-टी पीने से आपको टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावना कम हो सकती है। शोध में ये बात सामने आई कि प्रतिदिन कम से कम छह कप ग्रीन टी का सेवन करने वाले प्रतिभागियों को टाइप -2 डायबिटीज होने का खतरा दिन में एक कप ग्रीन-टी पीने वालों से 33% कम था।

डायबिटीज में ग्रीन टी किस तरह फायदा करती है? (Effects of green tea in diabetes)

  • ग्रीन-टी टाइप -2 मधुमेह वाले लोगों को अपने ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखने में मदद करती है। यह एक जीरो कैलोरी ड्रिंक है जिसे पीने के बारे में विचार कर सकते हैं।
  • ग्रीन-टी में मौजूद कैटेचिन (एंटीऑक्सिडेंट) शरीर में इंसुलिन ना बनने की वजह से होने वाली परेशानियों के प्रभावों को कम करने में मदद करते हैं।
  • ग्रीन-टी में पॉलीफेनोल नामक एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट भी होता है जिसमें एंटी इंफ्लेमेट्री होते हैं। पॉलीफेनोल पौधों से आते हैं और हमारे टिश्यूज़ को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।
  • मधुमेह रोगियों को चिंता और तनाव की समस्या अक्सर ही रहती है। पर ग्रीन-टी के सेवन से शरीर पर एक हद तक शांति का प्रभाव देखा जा सकता है क्योंकि इसमें एमिनो-एसिड और एल-थीनिन होता है, जो चिंता और तनाव को कम करने में मदद करता है।

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डायबिटीज में ग्रीन टी कितनी बार लेनी चाहिए? (How much green tea is okay in diabetes)

किसी भी चीज की अधिकता खराब है इस वजह से ग्रीन-टी का सेवन उचित मात्रा में करना ही सभी के लिए लाभकारी है। ग्रीन टी में मौजूद कैफीन आपके ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। ऐसी स्थिति में हमेशा एक डॉक्टर से परामर्श करना सबसे बेहतर होता है और उनके द्वारा बताई गई ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए। ऐसा करना आपके शरीर और बेहतर तरीके से मदद कर सकता है।

ये तो थे डायबिटीज में ग्रीन टी (Green Tea in Diabetes) के फायदे। लेकिन डायबिटीज में ग्रीन टी (Green Tea in Diabetes) के फायदे ही नहीं सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रह जाते। इसके और भी कई फायदे हैं, जिनके बारे में हम नीचे बताने जा रहे हैं :

तनाव (Stress) कम करती है ग्रीन टी : बालों के झड़ने का प्रमुख कारण तनाव भी है और ग्रीन-टी तनाव (stress) को कम करने में सहायक भी है। जोकि कई बार आपको डिप्रेशन से लड़ने में भी मदद भी करती है। तनाव जब भी महसूस हो तो उसे कम करने के लिए आप ग्रीन-टी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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त्वचा (Skin) के लिए फायदेमंद है ग्रीन टी : डायबिटीज में ग्रीन टी (Green Tea in Diabetes) के इस्तेमाल के अलावा आप हेल्दी स्किन के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकता है। बदलते मौसम में ड्राई स्किन की समस्या होने लगती है। बार-बार मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल चेहरे पर करना पड़ता है, फिर भी ड्राइनेस से छुटकारा नहीं मिलता है। ऐसे में ग्रीन-टी का इस्तेमाल त्वचा के रूखेपन को दूर कर सकता है। ग्रीन-टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट रूखी और बेजान त्वचा के लिए लाभदायक होते हैं। इसके लिए ग्रीन-टी को फेस पैक का इस्तेमाल करें। स्किन पर लगाने के लिए आप पहले ग्रीन टी का पाउडर लें और उसमें थोड़ा शहद मिला कर चेहरे पर लगाएं। सूखने पर धो लें।

डार्क सर्कल (Dark Circle) करे दूर : डायबिटीज में ग्रीन टी (Green Tea in Diabetes) के इस्तेमाल के अलावा आप टेंशन को दूर करने के लिए भी इसे पी सकते हैं। तनाव या रात को देर से सोना या अनिद्रा की वजह से डार्क सर्कल की परेशानी होने लगती है। ग्रीन-टी में टैनिन होते हैं, जो एस्ट्रिंजेंट (टिश्यू में कसाव लाने वाला गुण) के गुण होते हैं। इससे फैले हुए रक्त वाहिकाओं और कोशिकाओं में कसाव लाता है, जिससे डार्क सर्कल्स कम होते हैं। इसके प्रयोग से पफी आईज की परेशानी भी कम होती है। आपको बता दें कि ग्रीन-टी में उपस्थित कैफीन और टैनिन डार्क सर्कल्स को ठीक करने के लिए बहुत ही लाभकारी है। कैफीन और टैनिन आंखों के चारों ओर ब्लड वेसल्स को सिकोड़ने में मदद करते हैं, जिससे डार्क सर्कल्स में कमी आती है।

मुंहासों (Pimples and Acne) के लिए ग्रीन टी फायदे : एक्ने की समस्या को दूर करने के लिए आप ग्रीन-टी का इस्तेमाल कर सकती है। इसमें कैटेकिन होता है, जिसमें एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं और मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करते हैं। ग्रीन-टी में मौजूद एंटी-इन्फ्लमेटरी गुण मुंहासों की जलन को कम करता है। साथ ही ग्रीन-टी पीने से पिंपल्स का कारण बनने वाले असंतुलित हार्मोन में भी सुधार होता है।

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कैंसर (Cancer) से बचाए ग्रीन टी : डायबिटीज में ग्रीन टी (Green Tea in Diabetes) के इस्तेमाल के अलावा आप कैंसर के खतरे को कम करने के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि ग्रीन टी में कैंसर से बचाव करने के भी गुण होते हैं। इसमें ई.जी.सी.जी नामक एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट होता है जो स्किन कैंसर को रोकने के लिए यूवी किरणों से डी.एन.ए की क्षति को रोकता है। इसका मतलब है कि यह एक शक्तिशाली एंटी-एजिंग औषधि है, जो हमारी त्वचा को ज्यादा से ज्यादा जवान बनाए रखने में मददगार साबित हो सकती है।

तो अब आपको समझ आ गया होगा कि छोटी सी दिखने वाली ग्रीन टी डायबिटीज के साथ-साथ अन्य कितनी सारी शारीरिक समस्याओं में फायदेमंद हो सकती है। तो अगर आपको या आपके परिचय में से किसी को भी डायबिटीज की समस्या है, तो उन्हें ग्रीन टी लेने की सलाह दी जा सकती है। चूंकि सभी का शरीर और शारीरिक क्षमता अलग होती है, इसके लिए आपको कितनी मात्रा में ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए, इसके बारे में डॉक्टर की सलाह जरूर लें। डॉक्टर आपकी शारीरिक स्थिति देखते हुए आपको इसे लेने की उचित मात्रा बताएंगे।

हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको डायबिटीज में ग्रीन टी (Green Tea in Diabetes) के संबंध में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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सूत्र

Dairy and diabetes – https://www.diabetes.org.uk/guide-to-diabetes/enjoy-food/eating-with-diabetes/food-groups/dairy-and-diabetes Accessed 04 Feb, 2020

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Metabolic Effects of Alcohol in the Form of Wine in Persons with Type 2 Diabetes Mellitus – https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2238804/ Accessed 04 Feb, 2020

The Effects of Green Tea on Obesity and Type 2 Diabetes – https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3689013/ Accessed 04 Feb, 2020

Tea and Diabetes – https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6922504/ Accessed 04 Feb, 2020

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Pawan Upadhyaya द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 25/08/2021 को
और Hello Swasthya Medical Panel द्वारा फैक्ट चेक्ड