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डायबिटीज में सत्तू के शरबत के फायदे, शायद नहीं जानते होंगे आप

डायबिटीज में सत्तू के शरबत के फायदे, शायद नहीं जानते होंगे आप

सत्तू बिहार की फेमस डिश है। यह खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है साथ ही ये कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकता है। डायबिटीज में सत्तू के शरबत के फायदे (Benefits of sattu Sharbat in diabetes) के साथ ही यह ओबेसिटी, एनीमिया, ब्लड प्रेशर आदि में भी राहत पहुंचाता है। यह एनर्जी देने वाला शरबत माना जाता है। साथ ही पेट को भी ठंडा करता है। बिहार के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी लोग सत्तू के शरबत को एंजॉय करते हैं। इसको तैयार करना भी बेहद आसान है। इस आर्टिकल में डायबिटीज में सत्तू के शरबत के फायदे के साथ ही अन्य फायदों की जानकारी दी जा रही है। सबसे पहले जान लेते हैं कि सत्तू को तैयार कैसे किया जाता है?

कैसे तैयार किया जाता है सत्तू और सत्तू का शरबत (How to prepare sattu sharbat)

सत्तू एक प्रकार का आटा होता है जिसे घर पर भी तैयार किया जा सकता है। इसे चने से तैयार किया जाता है। जिसके लिए चने को भूनकर पीस लिया जाता है। कई बार इसमें दूसरे अनाजों को भी मिलाकर भूनकर पीस लिया जाता है। जिसमें जौ, मक्का, अरहर आदि शामिल हैं। आटा तैयार होने पर लोग इसे अलग-अलग तरीके से खाते हैं। सत्तू के सेवन का एक स्टेंडर्ड पेटर्न इसमें पानी और शक्कर मिलाकर घोल या शरबत की तरह खाना है। डायबिटीज के मरीज शक्कर की जगह स्टीविया या शुगर फ्री का यूज कर सकते है। इसके अलावा इसे लिट्टी, सत्तू के पराठे, पूड़ी आदि में भी उपयोग किया जाता है।

सत्तू के शरबत में मौजूद पोषक तत्व (Nutrition value of sattu sharbat)

इसे सुपरफूड (Superfood) माना जाता है। क्योंकि इसमें फायबर (Fiber), कार्बोहायड्रेट (Carbohydrate), प्रोटीन (Protein), कैल्शियम (Calcium), मैग्नीशियम (Magnesium) आयरन, फैट और कैलोरी पाई जाती है। अब आप सोच रहे होंगे कि डायबिटीज में सत्तू के शरबत के फायदे (Benefits of sattu Sharbat in diabetes) कैसे मिलते हैं तो चलिए उसके बारे में भी जान लेते हैं।

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डायबिटीज में सत्तू के शरबत के फायदे (Benefits of Sattu sharbat in diabetes)

डायबिटीज में सत्तू शरबत के फायदे sattu Sharbat

आज के समय में अधिक लोग डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं। जिसका कारण गतिहीन जीवनशैली (Sedentary lifestyle), फिजिकल एक्टिविटीज की कमी, अनहेल्दी डायट और दूसरे फैक्टर्स माने जाते हैं। डायबिटीज एक ऐसी कंडिशन है जिसमें बॉडी का ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल लेवल से हाय हो जाता है। अच्छी बात ये है कि कुछ फूड्स उपलब्ध है जो इस कंडिशन को मैनेज करने में मदद करते हैं। जिनके बारे में लोगों को जानकारी कम होती है, लेकिन वे असरकारक होते हैं। सत्तू का शरबत भी उनमें से एक है। डायबिटीज में सत्तू के शरबत के फायदे क्या हैं जान लीजिए।

  • डायबिटीज में सत्तू के शरबत के फायदे (Benefits of sattu Sharbat in diabetes) इसलिए बताए गए हैं क्योंकि यह एक लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड (Low glycemic index food) है। यह इंडेक्स से यह पता चलता है कि किसी फूड को खाने के बाद कितना ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है।
  • इसके अलावा सत्तू में प्रोटीन के साथ ही सोडियम और कार्बोहायड्रेट कम मात्रा में पाया जाता है जो कि डायबिटीज डायट के लिए परफेक्ट है।
  • सत्तू में मौजूद बीटा ग्लूकेन (Beta-glucan) बॉडी में ग्लूकोज के एब्जॉर्प्शन को कम करके बॉडी में शुगर लेवल को रेगुलेट्स लगता है। डायबिटिक पेशेंट सत्तू का सेवन करके बीमारी को मैनेज कर सकते हैं।

डायबिटीज में सत्तू के शरबत के फायदे तो आप समझ ही गए आप जान लीजिए इसके दूसरे फायदों के बारे में जो निम्न प्रकार हैं।

1.बॉडी को एनर्जी देता है सत्तू का शरबत (Sattu is good for energy)

गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडा बनाए रखने के लिए आप सत्तू का शरबत पी सकते हैं। सत्तू का शरबत न सिर्फ शरीर को ठंडा बनाए रखता है, बल्कि शरीर को कार्य करने की ऊर्जा भी प्रदान करता है। साथ ही, गर्मियों के मौसम में शरीर से अत्यधिक पसीना बहता है ऐसे में डीहायड्रेशन की समस्या हो सकती है ऐसे में सत्तू का शरबत शरीर हो ठंडा और हायड्रेट करने में आपकी भरपूर मदद करेगा।

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2.पेट के लिए बेहद फायदेमंद है सत्तू (Sattu for digestion)

अगर आपको पेट खराब रहने की समस्या रहती है, तो सत्तू का शरबत फायदेमंद हो सकता है। खाली पेट सत्तू का सेवन करने से यह पेट को ठंडक प्रदान करने के साथ ही पाचन क्रिया में सुधार करता है। इसमें सॉल्ट, आयरन और फायबर पाए जाते हैं, जो पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं और स्टूल पास करने की प्रॉसेस को बेहतर बनाते हैं। एनीमिया के मरीजों के लिए भी सत्तू को सेवन फायदेमंद बताया गया है।

3.वजन घटाने में मददगार (Helps in weight loss)

शरीर में जमा एक्ट्रा फैट को सत्तू घटाने में मदद करता है। यह मेटाब्लॉजिम को बूस्ट करता है और शरीर को उचित तरीके से कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। इसके साथ ही इसको खाने से पेट भरे होने का एहसास होता है जिससे व्यक्ति कम मात्रा में भोजन करता है और वजन कंट्रोल होता है।

4. बॉडी से टॉक्सिन्स को निकालें (Eliminate toxins from the body)

डायबिटीज में सत्तू के शरबत के फायदे तो हैं ही साथ ही सत्तू एक डिटॉक्सीफाइंग एजेंट के तौर पर भी कार्य करता है। यह शरीर के विषाक्त पदार्थों को नष्ट करने में मददगार होता है। यह शरीर को स्वस्थ बनाए रखने और शरीर को बीमारियों से लड़ने में भी मदद करता है।

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5.त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद है सत्तू (Sattu benefits for Skin and Hair)

बढ़ती उम्र के लक्षणों को सत्तू की मदद से कम किया जा सकता है। उम्र बढ़ने के साथ ही त्वचा की चमक कम होने लगती है और बाल झड़ने की समस्या भी आम भी हो जाती है। ऐसे में सत्तू का सेवन करना लाभकारी हो सकता है। यह त्वचा में चमक लाता है और बालों का झड़ना कम करके उन्हें लंबा बनाने में भी मदद करता है। सत्तू का शर्बत त्वचा को चमकदार और हायड्रेट रखता है। सत्तू का उपयोग पारंपरिक रूप से बालों की समस्याओं के इलाज के लिए पैक के रूप में भी किया जाता है क्योंकि यह बालों के रोम को भरपूर पोषक तत्व प्रदान करता है। सत्तू में मौजूद आयरन एनर्जी मिलती है और ये आपके चेहरे को ग्लो देता है।

डायबिटीज में सत्तू के शरबत के फायदे (Benefits of sattu Sharbat in diabetes) के साथ ही दूसरे भी कई फायदे आपने जान लिए, लेकिन ध्यान रहे कि कुछ बीमारियों से पीड़ित लोगों को चीनी के साथ का सत्तू का सेवन नहीं करना चाहिए।

सत्तू के सेवन से होने वाले नुकसान (Disadvantages of consuming Sattu)

  • चने के सत्तू के अधिक सेवन से पेट में गैस बनने लगती है। इस बात का ध्यान रखें कि आप इसका ज्यादा सेवन न करें।
  • डायबिटीज के मरीजों के लिए जहां सत्तू वरदान है वहीं पथरी के मरीजों को इसका सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
  • चना कुष्ठ रोग को बढ़ाता है इसलिए कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति को चने का सत्तू नहीं खाना चाहिए।
  • बरसात के मौसम में चने के सत्तू का सेवन करने से बचें।
  • इसके अलावा सत्तू का सेवन दिन में एक या दो बार से ज्यादा नहीं करना चाहिए।

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उम्मीद करते हैं कि आपको डायबिटीज में सत्तू के शरबत के फायदे (Benefits of sattu Sharbat in diabetes) से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 16/12/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड