जानिए हृदय रोग से जुड़े 7 रोचक तथ्य

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Update Date जुलाई 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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हृदय रोग जिसे अंग्रेजी में Cardiovascular Disease भी कहा जाता है। हर साल हृदय रोग (Heart Disease) से दुनियाभर में लाखों लोग अपनी जान गंवाते हैं। एक वैज्ञानिक शोधानुसार शहरों में हृदय रोग से होने वाली मृत्यु दर गांवों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा है। दिन-ब-दिन यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 26 सालों में हार्ट अटैक से होने वाली मृत्यु का दर 34% बढ़ा है। इसका मुख्य कारण कहीं न कहीं आधुनिक जीवनशैली, और व्यस्त दिनचर्या है। हार्ट अटैक का मुख्य कारण है, ऑक्सिजन युक्त रक्त का हृदय तक ना पहुंच पाना है। हृदय रोग से जुड़े ऐसे ही कुछ रोचक तथा महत्त्वपूर्ण तथ्यों का हमने यहां उल्लेख किया है।

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हृदय रोग के कारण मृत्यु दर के आंकड़े

  • 1880 से 2016 के बीच जहां अमेरिका में हृदय रोग से होने वाली मृत्यु दर में 41% की कमी आई है, वहीं भारत मैं यह दर 34% से बढ़ा है।
  • 2016 में जर्नल ऑफ़ अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक लेख में यह दर्शाया गया था, कि भारत में हर 1 लाख लोगों में से 210 लोगों की मृत्यु हार्ट अटैक से होती है।
  • एक सर्वेक्षण के मुताबिक सिर्फ 2015 में ही भारत में हार्ट अटैक जैसे हृदय रोग से लगभग 21 लाख लोगों की मृत्यु हुई थी।
  • यह अनुमान लगाया जाता है कि 2030 तक, वैश्विक स्तर पर लगभग 23.6 मिलियन लोगों की मृत्यु दिल की बीमारी से होगी।
  • अमेरिका में हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ता है, और हर मिनट 1 से ज्यादा व्यक्ति की मृत्यु होती है।
  • अमेरिका में हर साल 200 बिलियन डॉलर सिर्फ हृदय रोग के इलाज पर खर्च किए जाते हैं।
  • अगर किसी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ने वाला हो, उसके कुछ लक्षण पहले से ही दिखाई देने लगते हैं।

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हृदय रोग के मुख्य लक्षण

  • दर्द (छाती, हाथ, कंधे, कोहनी, जबड़े या पीठ में)
  • सांस लेने में तकलीफ
  • मतली या उल्टी आदि

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हृदय रोग से बचने के लिए क्या-क्या करना चाहिए?

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हृदय रोग उन लोगों में होने की ज्यादा संभावना होती है, जिनकी जीवनशैली बिगड़ी होती है। ऐसे में ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। दिल से जुड़ी कोई भी समस्या होने पर हार्ट एक्सपर्ट से मिलना और सलाह लेना बेहतर होगा। अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखने के लिए उचित आहार, व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाएं।

हृदय रोग में अव्वल है हार्ट अटैक

शरीर के सभी भाग की तरह हमारा हृदय भी मांसपेशियों से बना हुआ महत्त्वपूर्ण अंग है, जिसे काम करने के लिए ऑक्सीजन युक्त खून के प्रवाह की आवश्यकता होती है। हमारे शरीर में कोरोनरी आर्टरी (धमनी) हृदय तक खून पहुंचाने का काम करती है और जब वहां तक खून पहुंचना बंद हो जाता है, तो हृदय के भीतर की कुछ पेशियां काम करना बंद कर देती हैं। खून पहुंचाने वाली धमनियों में जमे वसा या खून के थक्को के कारण ब्लॉकेज होती है, जिसे हम हार्ट ब्लॉकेज भी कहते हैं। इन आर्टरीज में अवरोध आने की स्थिति में ही हार्ट अटैक आता है। हार्ट अटैक सबसे सामान्य हृदय रोग है।

और पढ़ें : एक ड्रिंक बचाएगी आपको हार्ट अटैक के खतरे से

हार्ट अटैक के लक्षण

  • सीने या हाथ में दबाव, खिंचाव, दर्द या ऐसा दर्द  और सनसनाहट जो आपके सीने और हाथ से होते हुए आपकी गर्दन और पीठ तक पहुंच जाए।
  • अचानक चक्कर आना, अपच, सीने में जलन या पेट के निचले हिस्से में दर्द होना।
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • पसीना आना
  • थकावट और अचानक घबराहट होना 

ऐसा देखा गया है कि हर व्यक्ति में हार्ट अटैक के दौरान अलग-अलग लक्षण दिखाई देते हैं। किसी व्यक्ति को अत्यधिक दर्द का अहसास होता है, तो किसी को कम दर्द का अनुभव होता है। कई लोगों में कोई भी लक्षण नजर नहीं आते और उन्हें सीधे हार्ट अटैक भी आ जाता है। हालांकि, व्यक्ति में जितने ज्यादा ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं उतना ज्यादा उसे हार्ट अटैक आने की संभावना होती है।

और पढ़ें : हाई ब्लड प्रेशर से क्यों होता है हार्ट अटैक?

कार्डिएक अरेस्ट है एक खतरनाक हृदय रोग

हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक हृदय रोग है कार्डिएक अरेस्ट। कार्डिएक अरेस्ट ज्यादा घातक इसलिए है क्योंकि इसमें हमारा दिल अचानक से शरीर के विभिन्न हिस्सों में खून पहुंचाना बंद कर देता है और हदय का धड़कना बंद हो जाता है। इससे व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है, जब हदय के अंदर वेंट्रीकुलर फाइब्रिलेशन पैदा होता है। हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच सबसे बड़ा अंतर यह है कि हार्ट अटैक में भले ही हृदय की धमनियों में खून का प्रवाह नहीं हो, पर हृदय की धड़कन चलती रहती है। जबकि कार्डियक अरेस्‍ट में दिल की धड़कन बंद हो जाती है।

और पढ़ें : ट्रायग्लिसराइड की बीमारी से क्यों बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा?

कार्डिएक अरेस्ट के लक्षण क्या है?

  • हृदय की गति का रुक जाना
  • अचानक से बेहोश हो होना।
  • सांस लेने में दिक्क्त महसूस होना और धीरे—धीरे सांस की गति धीमी होते जाना।
  • घबराहट और बेचैनी महसूस होना।

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कार्डिएक अरेस्ट के क्या कारण हो सकते हैं ?

गंभीर हृदय रोग कार्डिएक अरेस्ट नीचे दिए हुए कारणों की वजह से हो सकता है, जैसे कि,

  • वेंट्रिकुलर फाइब्रिलेशन( Ventricular Fibrillation )
  • वेंट्रीकुलर टैकीकार्डिया( Ventricular Tachycardia )
  • कोरोनरी हार्ट डिजीज ( Coronary Heart Disease )
  • हार्ट के साइज या आकार में बदलाव आना।
  • पेसमेकर ( Pacemaker ) का खराब होना।
  • रेस्पिरेटरी अरेस्ट ( Respiratory Arrest )
  • घुटन या जकड़न का होना
  • हार्ट अटैक का होना
  • एलेक्ट्रोक्युशन ( Electrocution )
  • हाइपोथर्मिया ( Hypothermia )
  • बहुत ज्यादा शराब या नशे का सेवन करना।
  • ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन की रिपोर्ट में पाया गया है कि यूनाइटेड किंगडम में ज्यादातर कार्डिएक अरेस्ट, हार्ट अटैक की वजह से ही होते हैं।

हार्ट अटैक की स्थिति में हार्ट की मांसपेशियों तक खून पहुंचना रुक जाता है। अगर हार्ट की सभी मांसपेशियों तक खून पहुंचना बंद हो जाता है, तब कार्डिएक अरेस्ट का होना निश्चित है।  ये बात तो हो गई कार्डिएक अरेस्ट के बारे में लेकिन, हार्ट अटैक के होने का मूल कारण है कोरोनरी हार्ट डिजीज (Coronary Heart Disease )। आइए जानते हैं इसके बारे में और कैसे ये हार्ट अटैक को बढ़ावा देती हैं। अपने लाइफस्टाइल में बदलाव कर के हृदय रोग से दूरी बना सकते हैं। इसलिए आप एक हेल्दी लाइफ स्टाइल को फॉलो करें। 

नए संशोधन की डॉ. शरयु माकणीकर द्वारा समीक्षा

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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