
शरीर के किसी हिस्से का जरुरत से ज्यादा विकास होने पर हर्निया की बीमारी होती है। ऐसा शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। हालांकि हर्निया सबसे ज्यादा शरीर के अन्य हिस्सों के मुकाबले पेट पर होता है। जब पेट की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं हर्निया की बीमारी धीरे-धीरे शुरू हो जाती है। यह महिला और पुरुषों दोनों में होने वाली समस्या है। हर्निया से बचाव संभव है लेकिन, जीवनशैली में कुछ बदलावों से आप इससे बचाव कर सकते हैं। यदि आपका हर्निया कॉनजेनाइटल है तो भी इसे नियंत्रित करने के लिए आप इन तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हर्निया ऐसी समस्या है जो किसी को भी हो सकती है इसका सटीक कारण बता पाना जरा मुश्किल है। चोट लगने या फिर सर्जरी के बाद घाव के न भर पाने की स्थिति में मांसपेशियों में से कुछ टिशू अपनी जगह से बाहर आ जाते हैं। ये टिशू उभार के रूप में एब्डोमेन में दिखाई देते हैं और इस स्थिति को ही हर्निया कहते हैं।
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हर्निया से बचाव के पहले यह कितने तरह का होता है ये जानते हैं।
इंग्वाइनल हर्निया ज्यादातर थाई (जांघ) पर होता है। इंग्वाइनल हर्निया कारण अंडकोष में बदलाव होता है। हाइड्रोसिल की समस्या का कारण यही है।
अम्बिलाइकल हर्निया ज्यादातर कमजोर मासपेशियां और अत्यधिक वजन वाले व्यक्तियों को होता है।
फीमोरल हर्निया की समस्या महिलाओं में ज्यादा होती है। फीमोरल हर्निया की स्थिति में पैरों में खून की कमी हो जाती है।
एपीगैस्ट्रिक हर्निया सर्जरी वाले हिस्सों पर ज्यादा होता है। सर्जरी वाली स्किन ठीक होने के बाद भी हर्निया की समस्या हो सकती है।
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अगर आपके पेट में दर्द है या फिर शरीर के किसी अंग में ( मूल रूप से शरीर के निचले भाग में ) असमान सूजन महसूस कर रहें है तो ये हर्निया हो सकता है। हर्निया से बचाव या इसे नियंत्रित करने के लिए हर्निया इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

हर्निया को नियंत्रित रखने के बहुत से तरीके हो सकते हैं जिनमें से कुछ तरीके नीचे दिए गए हैं।
हर्निया से बचाव के लिए निम्नलिखित खाद्य पदार्थों से दूरी बनाये रखें। जैसे-
इन ऊपर बताये गये टिप्स को फॉलो कर हर्निया से बचाव किया जा सकता है।
हर्निया से बचाव के लिए निम्नलिखित बातें ध्यान रखें। जैसे –
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार जब तक हर्निया आपके रोजमर्रा के कामों में बाधा नहीं डाल रहा है तब तक सर्जरी नहीं करवाएं। आप योग या फिर दवाओं की मदद से इस पर नियंत्रण पा सकते हैं या फिर हर्निया बेल्ट का भी उपयोग कर सकते हैं। यदि स्थिति बहुत अधिक गंभीर है तो डॉक्टर से मिलें और सर्जरी करवाएं। अगर आपकी सर्जरी हो चुकी हैं, तो ऐसी स्थिति में अपना विशेष ध्यान रखें।
सर्जरी के बाद कब डॉक्टर से जल्दी मिलना चाहिए?
ऊपर बताई गई परिस्थति में जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
इसके अलावा इन बातों का भी खास ख्याल रखें। जैसे-
अगर आप हर्निया के बचाव से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
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Current Version
18/09/2020
Suniti Tripathy द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Ankita mishra
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar