home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

आपके दिल की समस्या कहीं बन जाए कार्डिएक टैम्पोनेड, इन लक्षणों की तरफ ध्यान दें....

आपके दिल की समस्या कहीं बन जाए कार्डिएक टैम्पोनेड, इन लक्षणों की तरफ ध्यान दें....

क्या आपको कार्डिएक टैम्पोनेड (Cardiac Tamponade ) के बारे में पता है, शायद नहीं, क्योंकि अधिकतर लोगों को इसके बारे में पता नहीं होता है, लेकिन हम सभी के लिए इसके बारे में जानन जरूरी है। अब आप सोच रहे होंंगे कि ऐसा क्यों? कार्डिएक टैम्पोनेड एक प्रकार का क्लिनिक एंट्रो सिंड्रोम है जिसका हृदय और उसके हेमोडायनामिक्स के साथ एक प्रत्यक्ष संबंध होता है। पेरीकार्डियम में मौजूद तरल पदार्थ के तेजी से जमा होने और पेरिकार्डियम के अंदर दबाव बढ़ जाता है। इसलिए इसके जाेिखम से बचने के लिए इसके बारे में आपको पता होना चाहिए। कार्डिएक टैम्पोनेड (Cardiac Tamponade) की समस्या में कई तरह कि दिक्कत हो सकती हैं, जैसे सांस लेने में दिक्कत, साइनस टचीकार्डिया, विरोधाभासी नाड़ी, धमनी को कम कर रही है दबाव, गले नसों की सूजन, बेहोशी या सदमेकार्डियक टैंपोनेड का निदान शारीरिक परीक्षा, ईसीजी, एकोकार्डियोग्राफी, रेडियोग्राफी (Radiography), और सही दिल कैथीटेराइजेशन के आंकड़ों पर आधारित है। कार्डियाक टैंपोनेड के साथ, पेरिकार्डियम का एक आपातकालीन पेंच संकेत दिया जा सकता है।

और पढ़ें: हार्ट डिजीज ही नहीं बल्कि उससे जुड़ी गंभीर समस्याओं के बारे में भी आपको होनी चाहिए जानकारी!

हार्ट टैम्पोनेड के कारण (Causes of Cardiac Tamponade)

कार्डिएक टैम्पोनेड,यह एक इमरजेंसी मेडिकल कंडिशन है। इसमें रक्त या तरल पदार्थ हृदय और हृदय की मांसपेशियों को घेरने वाली थैली के बीच की जगह को भर देते हैं। जिस कारण, आपके दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। यह दबाव हृदय के निलय को पूरी तरह से फैलने से रोकता है और आपके हृदय को ठीक से काम करने में दिक्कत आती है। ऐसा होने पर आपका दिल आपके शरीर के बाकी हिस्सों में पर्याप्त रक्त पंप नहीं कर पाता है। इससे अंग की विफलता, आघात और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है। हेमोडैनेमिक्स की गड़बड़ी इसकी प्रविष्टि की दर और पेरिकार्डियल क्षमता की मात्रा पर ज्यादा निर्भर नहीं करती है। सामान्य स्थिति में, पेरिकार्डियल गुहा में 30-40 मिलीलीटर द्रव होता है, और इसके अंदर का दबाव 0 मिमी एचजी है। अनुकूली क्षमता के कारण, धीमी गति से सेवन करने और पेरिकार्डियम के परिणामों में 2 लीटर तक बढ़ने के परिणामस्वरूप इसकी गुहा में दबाव में कम स्पष्ट वृद्धि होती है। परिणामस्वरूप आपके शरीर के बाकी हिस्सों में कम ऑक्सिजन युक्त रक्त पंप हार्ट फंक्शन को डैमेज करने का काम करता है।

और पढ़ें: Arteriosclerosis: बचना है हार्ट की इस बीमारी से, तो आज से अपनाएं हेल्दी लाइफस्टाइल!

पेरिकार्डियल या द्रव संचय के कारणों में शामिल हो सकते हैं:

  • दुर्घटना के दौरान छाती पर कोई चोट (Injury to the chest)
  • किसी प्रकार का ट्रॉमा (Trauma)
  • कार्डिएक कैथीटेराइजेशन, एंजियोग्राफी (Angiography) या पेसमेकर (Pacemaker) करवाने के बाद किसी प्रकार की गंभीर स्थिति होने पर
  • श्वसन या हृदय की सर्जरी (Heart Surgery)
  • कैंसर, जो पेरिकार्डियल थैली में फैल गया है, जैसे स्तन या फेफड़ों का कैंसर
  • पेरीकार्डिटिस (Pericarditis), पेरीकार्डियम की सूजन
  • हायपोथायरायडिज्म, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है
  • दिल का दौरा (Heart Attack)
  • किडनी खराब (Kidney Damage)
  • दिल को प्रभावित करने वाले संक्रमण
  • मायोकार्डियल बायोप्सी (Myocardial biopsy)

और पढ़ें: डायबिटीज और हार्ट डिजीज रिस्क को कम करने के लिए फॉलों करे ये टिप्स

कार्डिएक टैम्पोनेड के लक्षण (Symptoms)

कार्डिएक टैम्पोनेड में हार्ट पंम्पिंग फंक्शन में रूकावट, उसके निष्कासन के तेज प्रतिबंध के कारण होता है। इसमें ज्यादातर रोगी में छाती में दर्द और भारीपन, दिल में दबाव महसूस करना, घबराहट महसूस, डिस्पेनिया, कमजोरी और रक्तचात में उतार-चढ़ाव आदि।

और पढ़ें: स्ट्रेस इंड्यूस्ड गैस्ट्राइटिस: तनाव के कारण होने वाले गैस्ट्राइटिस के लक्षणों और उपचार के बारे में जानें

कार्डिएक टैम्पोनैड के निम्नलिखित लक्षण हैं:

  • चिंता और बेचैनी (Stress)
  • लो ब्लड प्रेशर (Low blood pressure)
  • कमजोरी (Weakness)
  • सीने में दर्द, जो आपके गर्दन, कंधों या पीठ तक फैलता है (Chest Pain)
  • सांस लेने में परेशानी या गहरी सांस लेना (Breathing Problem)
  • बेचैनी (बैठने या आगे झुकने से राहत मिलना)
  • बेहोशी (Fainting)
  • चक्कर आना (Dizziness)

और पढ़ें: Quiz: ट्राॅमा या आघात के बारे में कितना जानते हैं आप?

कार्डिएक टैम्पोनेड का निदान कैसे किया जाता है?

कार्डिएक टैम्पोनेड में अक्सर तीन लक्षण होते हैं, जिन्हें आपका डॉक्टर पहचान सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • निम्न रक्तचाप और वीक प्लस के कारण हार्ट पम्प धीमा हो जाना
  • मरीज का सांस लेने में तकलीफ (Breathing Problem) महसूस करना
  • आपके पेरीकार्डियम के अंदर तरल पदार्थ भर जाने के कारण दबी हुई दिल की आवाज के साथ तेज धड़कन का होना

कार्डिएक टैम्पोनेड निदान की पुष्टि करने के लिए आपका डॉक्टर आगे के परीक्षण करेगा। इसके लिए डॉक्टर इकोकार्डियोग्राम परीक्षण की सलाह देते हैं, जो हार्ट का अल्ट्रासाउंड करने का काम करता है। यह पता लगा सकते हैं कि क्या पेरिकार्डियम फैला हुआ है और क्या रक्त की मात्रा कम होने के कारण निलय ढह गए हैं। यदि आप कार्डिएक टैम्पोनेड की जकड़ में हैं, तो आपे चेस्ट एक्सरे की रिपोर्ट ग्लोब के आकार में दिख सकती है। अन्य नैदानिक ​​परीक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • आपकी छाती में द्रव संचय या आपके हृदय में परिवर्तन देखने के लिए एक थोरैसिक सीटी स्कैन (CT Scan)
  • मैग्नेटिक रेसोसेंस एंजियोग्राम, यह देखने के लिए किया जाता है कि आपके हृदय से रक्त का बहाव कैसा है
  • आपके दिल की धड़कन का आकलन करने के लिए एक इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम

कार्डिएक टैम्पोनेड उपचार (Treatment)

कार्डिएक टैम्पोनैड एक चिकित्सा आपात स्थिति है, इसलिए इसमें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है। कार्डिएक टैम्पोनैड के उपचार के दो उद्देश्य हैं। यह आपके दिल पर पड़ रहे दबाव को दूर करता है और स्थिति का अत्धिक गंभीर होने से पहले इलाज बहुत जरूरी है। प्रारंभिक उपचार में आपके डॉक्टर कुछ बातों को सुनशिचित करेंगे कि डॉक्टर आपके पेरिकार्डियल थैली से तरल पदार्थ निकाल दें। इस प्रक्रिया को पेरीकार्डियोसेंटेसिस कहा जाता है। यदि आपका घाव ताजा है, तो रक्त निकालने या रक्त के थक्कों को हटाने के लिए आपका डॉक्टर एक अधिक आक्रामक प्रक्रिया कर सकते हैं, जिसे थोरैकोटॉमी कहा जाता है। वे आपके दिल पर दबाव को दूर करने में मदद करने के लिए आपके पेरीकार्डियम का हिस्सा निकाल सकते हैं।

और पढ़ें: इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिकल टेस्टिंग : यह टेस्ट कैसे काम आता है दिल से जुड़ी समस्याओं के निदान में!

यदि आप समय में कार्डियक टैम्पोनेड का निदान नहीं करते हैं, तो लगभग सभी मामलों में रोगी की मौत हो जाती है। ऊपर भी हमनें यह बात की, कि यह इंमरजेंसी हेल्थ कंडिशन है और इसमें ततकाल रोगी का इलाज जरूरी है। स्थिति जानलेवा न हो जाए, इससे पहले हार्ट से संबंधित परेशान या दिए गए लक्षणों के महसूस होने पर किसी भी प्रकार की देरी से बचें। ऐसी स्थिति में अपने मन से कोई दवा भी न खाएं। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 27/07/2021 को
और Hello Swasthya Medical Panel द्वारा फैक्ट चेक्ड