home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

हार्ट से जुड़ी बीमारियों में राहत दिला सकते हैं ये 5 एक्यूप्रेशर पॉइंट्स, इस जगह होते हैं स्थित

हार्ट से जुड़ी बीमारियों में राहत दिला सकते हैं ये 5 एक्यूप्रेशर पॉइंट्स, इस जगह होते हैं स्थित

कोरोनरी हार्ट डिजीज (Coronary Heart Disease) महिलाओं और पुरुषों में होने वाली मौत का प्रमुख कारण है। इसका प्रमुख कारण है हार्ट ब्लॉकेज। प्लाक का बिल्डअप आर्टरीज (Arteries) को संकरा कर देता है और हार्ट में ब्लड का फ्लो (Blood flow) कम हो जाता है। ब्लड फ्लो कम होने से सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ के साथ ही दूसरी कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery disease) के लक्षण दिखाई देते हैं। साइलेंट कोरोनरी हार्ट डिजीज को डायग्नोस करना मुश्किल है क्योंकि इसके लक्षण हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर जैसे नहीं होते हैं। वैसे तो हार्ट से जुड़ी बीमारियों का इलाज दवाओं के जरिए किया जाता है, लेकिन हार्ट हेल्थ के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for heart Health) का स्टिम्यूलेशन भी प्रभावी बताया गया है।

एक बात का ध्यान रखें कि एक्यूप्रेशर हार्ट अटैक के ट्रीटमेंट के लिए प्रभावी नहीं है। अगर आपको हार्ट अटैक की संभावना है, तो आपको इमरजेंसी मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत होगी।

और पढ़ें: एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर में है अंतर, जानिए दोनों के फायदे

एक्यूप्रेशर क्या है? (Acupressure)

नीडल के बगैर होने वाले एक्यूपंक्चर (Acupuncture) को एक्यूप्रेशर कहा जाता है। एक्यूप्रेशर में नीडल की जगह बॉडी के स्पेसिफिक पॉइंट्स पर मेनुअल प्रेशर अप्लाई किया जाता है। इसमें खास तौर पर फिंगरटिप्स का उपयोग होता है। यह एक चाइनीज चिकित्सा पद्धति है। ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन के अनुसार बॉडी के अंदर एनर्जी का एक अदृश्य मार्ग है जिसे मेरिडियन्स (Meridians) फ्लो कहा जाता है। माना जाता है कि कम से कम 14 मेरिडियन हमारे अंगों को शरीर के अन्य हिस्सों से जोड़ते हैं। एक्यूपंक्चर और एक्यूप्रेशर पॉइंट्स उन मेरिडियन के साथ स्थित होते हैं।

यदि ऊर्जा का प्रवाह (जिसे “ची” या “क्यूई” भी कहा जाता है) किसी मेरिडियन पर किसी भी बिंदु पर अवरुद्ध हो जाता है, तो यह माना जाता है कि मेरिडियन के साथ कहीं भी विभिन्न लक्षण और हेल्थ कंडिशन पैदा होती है। एक्यूप्रेशर तकनीक के जरिए उस एक्यूप्रेशर पॉइंट पर प्रेशर डाला जाता है और अवरुद्ध ऊर्जा के संचार को ठीक किया जाता है।

हार्ट हेल्थ के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure Points for Heart Health)

हार्ट हेल्थ के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure Points for Heart Health)

यहां कुछ ऐसे एक्यूप्रेशर पॉइंट्स की जानकारी दी जा रही है जो हार्ट ब्लॉकेज के कारण होने वाली परेशानियों में राहत प्रदान करने के साथ ही एंजाइना, सीने में दर्द, फास्ट हार्ट बीट में राहत प्रदान करते हैं। यह ओवरऑल हार्ट हेल्थ को मेंटेन रखने के लिए भी उपयोगी हैं। हार्ट हेल्थ के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for heart Health) का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें और किसी एक्यूप्रेशर प्रेक्टिशनर की मदद से से ही इस तकनीक का सहारा लें।

और पढ़ें: लिवर कैंसर में एक्यूप्रेशर कितना उपयोगी है?

1.एच7 (H7)

हार्ट हेल्थ के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for heart Health) में H7 को हार्ट 7 कहा गया है। यह पॉइंट हार्ट डिजीज के सभी लक्षणों को फायदा पहुंचाता है। इस पॉइंट को स्पिरिट गेट भी कहा जाता है और यह कलाई के बीचों बीच लेफ्ट साइड में छोटी उंगली के नीचे स्थित होता है।

इस पॉइंट को दोनों हाथों से एक्टिवेट किया जा सकता है। इसके लिए पॉइंट पर 1 मिनट के लिए लगातार जोर से दबाना होगा। इस दौरान आपको रिलैक्स रहना होगा। यह पॉइंट हार्ट से जुड़ी कई स्थितियों में फायदेमंद है। जिसमें हार्ट डिजीज और सिंड्रोम्स (Heart diseases and syndromes), हार्ट पल्पिटेशन (Heart palpitations), हायपरटेंशन और एरिदमिया शामिल हैं।

2.हार्ट हेल्थ के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for heart Health) में पी4 (P4)

एक्यूप्रेशर पॉइंट P4 या पेरिकार्डियम 4 एक और इफेक्टिव प्रेशर पॉइंट है जो सभी प्रकार के हार्ट प्रॉब्लम के लक्षणों को ठीक करने में प्रभावी माना जाता है। इसे क्रेविस गेट (Crevice Gate) कहा जाता है। यह कोहनी और कलाई के बीच में रहता है। यह बीच की उंगली की सीध में होता है। इस पॉइंट को दोनों हाथों से एक्टिवेट किया जा सकता है। इसके लिए पॉइंट पर 1 मिनट के लिए लगातार जोर से दबाना होगा। इस दौरान आपको रिलैक्स रहना होगा। यह एंजाइना पेक्टोरिस, चेस्ट और हार्ट पेन, फास्ट हार्ट बीट आदि में प्रभावी है। यह डिप्रेशन, डर, चिंता और एपिलेप्सी में राहत प्रदान करता है।

हार्ट अटैक के बारे में जानें इस 3D मॉडल के माध्यम से

3.हार्ट हेल्थ के लिए एक्यूप्रेशर: पी6 (P6)

एक्यूप्रेशर पॉइंट पी6 या पेरिकार्डियम 6। यह एक्यूप्रेशर थेरिपी का प्रमुख पॉइंट है। इसका उपयोग चेस्ट पेन के इलाज के लिए किया जाता है। इस पॉइंट को इनर गेट कहा जाता है और यह हाथ की हथेली की तरफ, हाथ के ठीक बीच में, कलाई की क्रीज के ऊपर तीन अंगुल की चौड़ाई में पाया जाता है। इस बिंदु को दोनों हाथों से 1 मिनट के लिए अंगूठे का उपयोग करके स्थिर दबाव डालकर सक्रिय किया जा सकता है। यह कार्डिएक चेस्ट पेन, चेस्ट टाइटनेस, हार्ट पल्पिटेशन और चिंता को दूर करने में उपयोगी है। यानी हार्ट हेल्थ के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for heart Health) में यह पॉइंट प्रमुख है।

और पढ़ें: पुरुष हार्ट हेल्थ को लेकर अक्सर करते हैं ये गलतियां

4.पी7 (P7)

पी7 या पेरिकार्डियम 7 हार्ट के लिए एक महत्वपूर्ण एक्यूप्रेशर पॉइंट है जो एंजाइना पेक्टोरिस के ट्रीटमेंट में बेहद उपयोगी माना जाता है। हार्ट हेल्थ के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स में इस पॉइंट का खास स्थान है। इस पॉइंट को ग्रेट माउंड कहा जाता है। यह पॉइंट कलाई और हथेली के बीच में पाया जाता है।

इस बिंदु को दोनों हाथों से 1 मिनट के लिए उंगली का उपयोग करके स्थिर दबाव डालकर सक्रिय किया जा सकता है। यह हार्ट पल्पिटेशन, एंजाइना, चेस्ट पेन और एंजायटी दूर करने के लिए उपयोगी है। यह गेस्ट्रिक पेन, वॉमिटिंग में राहत दिलाने में भी फायदेमंद है।

5.एलआई 11 (LI 11)

हार्ट हेल्थ के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for heart Health) में एलआई 11 LI 11 का विशेष महत्व है। इसे लार्ज इंटेस्टाइन 11 कहा जाता है। यह कार्डियोवैस्कुलर डिसऑर्डर जिसका कारण हाय ब्लड प्रेशर और हायपरटेंशन हैं को कम करने में मदद करता है। यह पॉइंट कोहनी की क्रीज के शीर्ष पर, जॉइंट के किनारे पर स्थित होता है। इसे 1 मिनट के लिए अंगूठे का उपयोग करके बिंदुओं पर दबाव डालकर दोनों कोहनी में सक्रिय किया जा सकता है।

यह नसों और धमनियों के माध्यम से एनर्जी और रक्त प्रवाह आसान बनाता है और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है। यह तेज बुखार को भी कम करता है, त्वचा रोगों, पाचन समस्याओं, मासिक धर्म की परेशानियों और रजोनिवृत्ति के लक्षणों, हीट स्ट्रोक और रक्त परिसंचरण में आने वाली परेशानियों को ठीक करता है। यह टेनिस एल्बो उपचार के लिए एक लोकल पॉइंट भी है।

एक्यूप्रेशर से जुड़ी सावधानियां (Precautions related to acupressure)

हार्ट हेल्थ के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स को स्टिमयूलेट कर रहे हैं, तो निम्न बातों का ध्यान रखें।

  • एक्यूप्रेशर को कभी पेनफुल नहीं होना चाहिए। इसे तकनीक को एक्यूप्रेशर प्रशिक्षित की मदद से अपनाना चाहिए।
  • अगर आपको इस दौरान दर्द का अनुभव होता है तो तुरंत थेरिपिस्ट से कहें।
  • एक्यूप्रेशर सेशन के बाद कई लोगों को एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर दर्द या नील पड़ना जैसे अनुभव हो सकते हैं।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं को एक्यूप्रेशर सेशन लेने से पहले डॉक्टर से इसके बारे में सलाह लेना चाहिए।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान कमर, पैर और पेट के नीचे एक्यूप्रेशर नहीं दिया जा सकता।
  • साथ ही घाव, सूजन या किसी जगह पर चोट लगे होने पर ही यह तकनीक नई अपनाई जा सकती है।
  • इसे अच्छी तरह सीखे बिना घर में खुद पर या किसी दूसरे व्यक्ति पर ट्राय ना करें।

और पढ़ें: रिड्यूस्ड इजेक्शन फ्रैक्शन के साथ हार्ट फेलियर: दुनियाभर के 1 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हैं इस कंडिशन से

उम्मीद करते हैं कि आपको हार्ट हेल्थ के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for heart Health) का उपयोग कैसे करना है इससे संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

The Effect of Acupressure on Physiological Parameters of Myocardial Infarction Patients: A Randomized Clinical Trial/
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5881232/ Accessed on 10th August 2021

The Effect of Acupressure on Physiological Parameters of Myocardial Infarction Patients: A Randomized Clinical Trial/
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/30982782/Accessed on 10th August 2021

Coronary Artery disease/ https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/16898-coronary-artery-disease/Accessed on 10th August 2021

Heart Disease/ https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/heart-disease/symptoms-causes/syc-20353118/Accessed on 10th August 2021

Acupressure /https://www.rogelcancercenter.org/support/symptoms-and-side-effects/alternative-medicine/acupressure/

Accessed on 10th August 2021

 

लेखक की तस्वीर badge
Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 10/08/2021 को
और Admin Writer द्वारा फैक्ट चेक्ड
x