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एरिथमिया के घरेलू उपाय क्या हार्ट बीट को कर सकते हैं कंट्रोल?

एरिथमिया के घरेलू उपाय क्या हार्ट बीट को कर सकते हैं कंट्रोल?

तेजी से भागने पर या फिर जल्दी-जल्दी चलने पर आपने महसूस किया होगा कि आपकी धड़कने तेजी से चलने लगती हैं। भागने-दौड़ने या फिर तेजी से काम करने पर धड़कनों का तेज हो जाना आम बात होती है। कुछ लोगों में हार्टबीट अचानक से बढ़ जाती है भले ही वो आराम से बैठे हो। आपने भी महसूस किया होगा कि आपकी धड़कने अचानक से तेजी से धड़क रही है। धड़कने तेज होने पर छाती, गर्दन और नब्ज में भी इसका एहसास होता है। ऐसा किसी भी समय हो सकता है और कुछ समय बाद नॉर्मल भी हो जाता है। इसे दिल की घबराहट (Heart palpitations) भी कहते हैं। अगर आपको दिल की घबराहट हो रही है, तो इसका ये बिल्कुल मतलब नहीं है कि आपको दिल की बीमारी या फिर कोई हार्ट कंडीशन है। कई बार स्ट्रेस, शरीर में पानी की कमी या फिर अधिक एक्सरसाइज या किसी बीमारी के कारण भी दिल की धड़कन बढ़ जाती है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको एरिथमिया के घरेलू उपाय (Home remedies for Arrhythmia) के बारे में जानकारी देंगे और बताएंगे कि किन उपायों को अपनाकर आप दिल की घबराहट को नियंत्रित कर सकते हैं।

और पढ़ें:जरूरत के हिसाब के किया जाता है पेसमेकर का चुनाव, कैसे? जानिए!

एरिथमिया के घरेलू उपाय (Home remedies for Arrhythmia)

एरिथमिया के घरेलू उपाय

दिल की घबराहट लाइफस्टाइल फैक्टर पर निर्भर करती है। कुछ मेडिकल कंडीशन जैसे कि थायरॉयड प्रॉब्लम (thyroid problems), एरिथमिया के कारण ( Arrhythmias), रेयर केस में हार्ट फेलियर आदि हार्ट बीट बढ़ने के कारण बन सकते हैं। वहीं हार्ट बीट बढ़ने के अन्य कारणों में प्रेग्नेंसी, कैफीन का अधिक सेवन (Excessive caffeine intake), कोई मेडिकल कंडीशन, नशीली दवाएं, टबैको का सेवन आदि दिल की धड़कन को बढ़ाने का काम कर सकते हैं। अगर आपको भी इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो हम आपको एरिथमिया के घरेलू उपाय (Home remedies for Arrhythmia) के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दिल की धड़कन यानी हार्ट बीट को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।

और पढ़ें:हार्ट एरिदमिया को मैनेज कर सकते हैं इन एक्सरसाइजेज से, लेकिन रखना होगा कुछ बातों का ध्यान

एरिथमिया के घरेलू उपाय: स्ट्रेस (Stress) पर पाएं काबू

स्ट्रेस के कारण एक नहीं बल्कि कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप हर वक्त टेंशन में रहेंगे या फिर किसी बात को लेकर परेशान रहेंगे, तो आपको रिलेक्स फील नहीं होगा। आपको एरिथमिया के घरेलू उपाय (Home remedies for Arrhythmia) के रूप में सबसे पहले उन टेक्नीक्स को अपनाने की जरूरत है, जो आपको रिलेक्स यानी आराम दें। आपको रोजाना मेडिटेशन के साथ ही दिन में तीन से चार बार डीप ब्रेथ लेनी चाहिए। आप योग (Yoga) को भी दिनचर्या में जरूर शामिल करें क्योंकि योग के माध्यम से भी मन को शांती मिलती है।

दिनभर घर में रहने की बजाय आप बाहर कुछ समय के लिए जाएं और वॉक (Walk) करें। वॉक करना दिल के लिए बहुत अच्छा होता है। आप हैवी एक्सरसाइज नहीं करना चाहते हैं, तो रोजाना योग, मेडिटेशन और वॉक को भी शामिल कर सकते हैं। इससे आपको कुछ ही दिनों में फायदा नजर आने लगेगा। अगर आप घर पर या ऑफिस में काम कर रहे हैं, तो काम के बीच में ब्रेक जरूर लें। ऐसा करने से आपको रिलेक्स महसूस होगा और बाकी काम करने की एनर्जी भी मिलेगी।

एरिथमिया के घरेलू उपाय: खानपान के दौरान स्टिमुलेंट को लेकर रखें सावधानी

खानपान के दौरान स्टिमुलेंट का इस्तेमाल करने से भी दिल की धड़कन बढ़ जाती है। खानपान के दौरान टबैको, अवैध दवाएं, कुछ दवाएं जैसे कि कोल्ड और कफ मेडिकेशन, कैफीन युक्त बेवरेज जैसे कि चाय, कॉफी या फिर सोडा आदि भी एरिथमिया का कारण बन सकते हैं। इनमें कुछ मेंटल हेल्थ ड्रग्स, हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure) की मेडिसिन भी शामिल है। जरूरी नहीं है कि दिए गए सारे स्टिमुलेंट आपकी धड़कनों को बढ़ाने का काम करें। आप इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें: हार्ट फेलियर से बचने के लिए किन आयनोट्रोप्स का किया जाता है इस्तेमाल?

वेगस नर्व को करें स्टिमुलेट (Vagal maneuvers)

वेगस नर्व के नहीं बल्कि बहुत से काम होते हैं। अगर आप वेगस नर्व को स्टिमुलेट करते हैं, तो दिल की धड़कनों को नियंत्रित किया जा सकता है। वेगस नर्व का कनेक्शन ब्रेन से होता है। आप घर में भी वेगस नर्व को स्टिमुलेट करने का काम कर सकते हैं। आपको इस बारे में डॉक्टर से भी एक बार परामर्श जरूर करना चाहिए। आप नर्व को स्टिमुलेट करने के लिए ठंडे पानी को मुंह में डाल सकते हैं और शावर ले सकते हैं। आप चाहे तो टॉवल को गीला करने के बाद शरीर को उससे पोछ सकते हैं। आप चाहे तो 20 से 30 सेकेंड के लिए मुंह में आइसपैक को भी लगा सकते हैं। आप कुछ समय के लिए सांसों को रोक कर फिर रिलेक्स कर सकते हैं। बेस्ट रिजल्ट के लिए आप लेटकर भी ऐसा कर सकते हैं।

और पढ़ें: वायरल मायोकार्डिटिस : इस तरह से किया जाता है इस हार्ट कंडीशन का ट्रीटमेंट!

अधिक मात्रा में पिएं पानी (Drink water)

शरीर में पानी की कमी के कारण डिहायड्रेशन की समस्या (Dehydration ) हो जाती है। ब्लड में भी पानी की मात्रा शामिल होती है। जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पाता है, तो ब्लड थिक हो जाता है। ब्लड के थिक हो जाने से हार्ट के लिए काम करना भी मुश्किल हो जाता है क्योंकि ऐसे में वेंस से ब्लड पास होने में दिक्कत होती है। इस कारण से भी पल्स रेट बढ़ सकता है। अगर आपके यूरिन का रंग डार्क यलो है, तो आपके शरीर में पानी की कमी हो चुकी है। आपको जब भी पल्स रेट बढ़ने का एहसास हो या दिल की धड़कन तेज लगे, तो पानी पिएं। दिन में आठ से नौ ग्लास पानी जरूर पिएं।

और पढ़ें: एक्टोपिक रिदम : ऐसी स्थिति, जब स्किप हो जाए दिल की धड़कन!

इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस का भी रखें ख्याल (Restore electrolyte balance)

आपको पानी पीने के साथ ही शरीर में शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस पर भी ध्यान देना होगा। इलेक्ट्रोलाइट इलेक्ट्रिक सिग्नल को बॉडी में एक स्थान से दूसरे स्थान में पहुंचाने का काम करते हैं। हार्ट के प्रॉपर फंक्शन के लिए इलेक्ट्रिकल सिग्नल का प्रॉपर होना बहुत जरूरी है। इलेक्ट्रोलाइट में पोटैशियम, कैल्शियम (Calcium), मैग्नीशियम और सोडियम महत्वपूर्ण होते हैं। आपको खाने में इनकी पर्याप्त मात्रा को शामिल करना चाहिए। आपको ये सभी खाने के माध्यम से प्राप्त होते हैं। केला, एवाकाडो, स्वीट पटैटो और पालक से पोटैशियम की पर्याप्त मात्रा प्राप्त की जा सकती है। मैग्नीशियम के लिए आपको खाने में डार्क लीफ ग्रींस का चुनाव करना चाहिए। अगर आपको खाने से इलेक्ट्रोलाइट्स (Electrolytes) पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहे हैं, तो इन्हें सप्लिमेंट्स के तौर पर भी लिया जा सकता है लेकिन इसके बारे में डॉक्टर से जानकारी जरूर लें।

हार्ट अटैक के बारे में जानना चाहते हैं, तो देखें ये बायोडिजिटल वीडियो –

हेल्दी हार्ट के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल बहुत जरूरी है। रोजाना एक्सरसाइज के साथ ही खाने में बैड कोलेस्ट्राल की मात्रा को घटाकर और पौष्टिक आहार का सेवन कर आप हेल्दी रह सकते हैं। आपको खाने में शुगर और सॉल्ट को भी अधिक मात्रा में लेने से बचना चाहिए। एल्कोहॉल और स्मोकिंग जैसे बुरी आदतों को भी छोड़ दें।

अगर उपरोक्त दिए गए एरिथमिया के घरेलू उपाय (Home remedies for Arrhythmia) अपनाने के बाद भी आपको महसूस हो रहा है कि हार्ट बीट अनियमित है, तो आपको डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। अगर आपको हार्ट से संबंधित किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर ट्रीटमेंट जरूर कराएं।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको इस आर्टिकल के माध्यम से एरिथमिया के घरेलू उपाय (Home remedies for Arrhythmia) या एरिथमिया होम रेमिडीज के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल गई होगी। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 28/07/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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