क्या बढ़ सकता है कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क?

    क्या बढ़ सकता है कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क?

    हार्ट इंफ्लेमेशन (Heart inflammation) को मायोकार्डिटिस (Myocarditis) भी कहा जाता है। यह वो समस्या है जिसमें हार्ट मसल इंफ्लेम्ड हो जाते हैं। इससे हार्ट का इलेक्ट्रिकल सिग्नल प्रभावित होता है और यह परेशानी रेपिड या एब्डोमिनल हार्ट रिदम का कारण बनती है। इससे हार्ट की ब्लड को पंप करने और ऑक्सीजन को सर्कुलेट करने की क्षमता कम होती है। कोविड-19 वैक्सीन को कोरोना वायरस के संक्रमण में बेहद प्रभावी माना जाता है। किंतु, क्या इसके कारण लोग कुछ समस्याएं महसूस कर सकते हैं? आज हम आपको जानकारी देने वाले हैं कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क (Heart inflammation risk after COVID-19 vaccine) क्या है, इस बारे में। कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क (Heart inflammation risk after COVID-19 vaccine) है या नहीं इससे पहले जानने से पहले कोविड-19 और हार्ट इंफ्लेमेशन के बारे में जान लेते हैं।

    हार्ट इंफ्लेमेशन (Heart inflammation) किसे कहा जाता है?

    हार्ट में होने वाली इंफ्लेमेशन का सामान्य कारण है वायरस इंफेक्शन या ड्रग रिएक्शन आदि। यही नहीं. यह परेशानी किसी को भी हो सकती है जैसे एडल्ट, बच्चे या नवजात शिशु आदि। सच तो यह है कि इस समस्या से तीस साल से कम उम्र के लोग प्रभावित होते हैं, जो हेल्दी होते हैं। इसके साथ ही महिलाओं की तुलना में पुरुषों को अधिक होती है। इसके लक्षण माइल्ड से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। माइल्ड मामलों में इसके लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:

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    गंभीर मामलों में रोगी को यह लक्षण नजर आ सकते हैं:

    इसके अलावा यह वायरल इंफेक्शन का हिस्सा हो सकता है जो मायोकार्डिटिस (Myocarditis) का कारण बन सकता है। अब कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क (Heart inflammation risk after COVID-19 vaccine) क्या है, इससे पहले कोविड-19 वैक्सीन के बारे में थोड़ी इंफॉर्मेशन ले लेते हैं।

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    कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 vaccine): पाएं पूरी जानकारी

    कोरोना वायरस में हार्ट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस स्थिति में हॉस्पिटलाइजेशन होने वाले लोगों में हृदय संबंधी स्थितियां सबसे अधिक रिस्क फैक्टर्स में से एक है। SARS-CoV-2 संक्रमण के साथ अस्पताल में भर्ती रोगियों की बड़ी संख्या में हार्ट प्रॉब्लम्स देखी गई हैं। यही नहीं, ऐसे कई रोगी स्टेबल कार्डियोवैस्कुलर इंजरी के साथ इस इंफेक्शन से रिकवर हो जाते हैं।

    कोरोना वायरस से सुरक्षा में इसकी वैक्सीन को पूरी तरह से इफेक्टिव माना गया है। इसके लगाने के बाद अगर आप कोविड-19 से संक्रमित होते भी हैं, तो आप न केवल गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं बल्कि इस वायरस को स्प्रेड होने से भी बचा जा सकता है। इस वैक्सीन के बाद लोग कुछ साइड-इफेक्ट्स का अनुभव कर सकते हैं जैसे बुखार, थकावट, सिरदर्द, मसल्स पेन, उल्टी आना, ठंड लगना आदि। कई लोगों को इस वैक्सीन के बाद कोई भी साइड इफेक्ट नजर नहीं आता है। लेकिन, अगर यह समस्याएं अधिक देर तक रहें और इससे आपका जीवन अधिक प्रभावित हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। अब कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क (Heart inflammation risk after COVID-19 vaccine) क्या है, यह जान लेते हैं

    Heart Inflammation Risk After COVID-19 Vaccine: कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क

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    कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क (Heart inflammation risk after COVID-19 vaccine)

    ऐसा माना जा रहा है कि कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क (Heart inflammation risk after COVID-19 vaccine) बढ़ सकता है। लेकिन, एक्सपर्ट इनके बीच के लिंक को लेकर श्योर नहीं हैं। क्योंकि, इस वैक्सीन के बाद कुछ ही लोगों में इस समस्या को पाया गया है। अभी तक, मायोकार्डिटिस की समस्या 16 वर्ष या उससे अधिक उम्र के किशोर और यंग एडल्ट मेल्स में देखी गयी है और उन्हें यह परेशानी वैक्सीन लेने के कई दिनों के भीतर हुई है। हालांकि, इस वैक्सीन को लेने के बाद अधिकतर लोग ट्रीटमेंट और कुछ रेस्ट के बाद जल्दी रिकवर हो जाते हैं।

    अभी एक्सपर्ट इन साइड इफेक्ट्स को मॉनिटर कर रहे हैं। यानी, कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क (Heart inflammation risk after COVID-19 vaccine) है या नहीं, इसके बारे में अभी अधिक रिसर्च की जानी जरूरी है। फिर भी एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण के रिस्क्स की तुलना में इस वैक्सीन के लाभ अभी भी मायोकार्डिटिस (Myocarditis) के रेयर रिस्क से अधिक हैं।

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    कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क (Heart inflammation risk after COVID-19 vaccine): कितना गंभीर है जानिए

    ऐसा पाया गया है कि हार्ट इंफ्लेमेशन यानी मायोकार्डिटिस (Myocarditis) के अस्सी प्रतिशत मामले (जो कोविड-19 या कोविड-19 वैक्सीनेशन से संबंधित नहीं होते हैं) खुद ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन, निदान के एक साल के अंदर पांच प्रतिशत रोगियों में मृत्यु या हार्ट ट्रांसप्लांट की संभावना बढ़ जाती है। कोविड-19 के कारण जिन वयस्कों में मायोकार्डिटिस विकसित होता है, उनमें नॉन-मायोकार्डिटिस मामलों की तुलना में खराब परिणाम पाए गए हैं, जिसमें मृत्यु का हाय रिस्क भी शामिल है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि SARS-CoV-2 संक्रमण से जुड़ा मायोकार्डिटिस, कोविड-19 से जुड़ी कई हृदय स्थितियों में से एक है, जिसके परिणाम नॉन-कोविड-19 मामलों से भी बदतर हैं।

    ऐसे ही कोविड-19 के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन के अधिकतर मामलों में यह समस्याएं माइल्ड होती है और खुद ही रिजॉल्व हो जाती हैं। वयस्कों में, इसके 95 प्रतिशत मामलों को हल्के माना जाता था। इसी तरह, बच्चों में यह मामले 98.6 प्रतिशत हल्के होते हैं, और उन्हें मैकेनिकल हार्ट सपोर्ट की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती है। यह तो थी जानकारी कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क (Heart inflammation risk after COVID-19 vaccine) क्या है, इस बारे में। अब जानते हैं कि हार्ट इंफ्लेमेशन के निदान कैसे किया जा सकता है?

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    हार्ट इंफ्लेमेशन (Heart inflammation) का निदान कैसे हो सकता है?

    हालांकि, कोविड-19 की वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन की संभावना बहुत कम है। यही नहीं, अगर किसी को यह समस्या होती भी है तो यह अधिक गंभीर नहीं होते हैं। लेकिन, अगर इसका निदान जल्दी हो जाए, तो प्रॉपर ट्रीटमेंट संभव है। इसके निदान के लिए लक्षणों को पहचानना जरूरी है। इसके साथ ही डॉक्टर इन टेस्ट्स की सलाह भी दे सकते हैं:

    • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram): इस टेस्ट को हार्ट के इलेक्ट्रिकल सिग्नल और हार्ट रेट को चेक करने के लिए किया जाता है।
    • मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (Magnetic resonance imaging): इस टेस्ट में शरीर में भीतर की तस्वीर लेने के लिए मैग्नेट का इस्तेमाल किया जाता है।
    • इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram). : इस टेस्ट में साउंड वेव का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि जाना जा सके कि हार्ट मसल्स इंफ्लेम्ड हैं या नहीं और सही से काम कर रही हैं या नहीं।
    • ब्लड टेस्ट्स (Blood tests)
    • चेस्ट एक्स-रे (Chest X-ray)

    उम्मीद है कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क (Heart inflammation risk after COVID-19 vaccine) के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। अब जानिए इस समस्या के उपचार के बारे में।

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    हार्ट इंफ्लेमेशन (Heart inflammation) का उपचार

    आमतौर पर हार्ट इंफ्लेमेशन की समस्या में स्वयं ही सुधार हो जाता है और रोगी पूरी तरह से रिकवर हो सकता है। लेकिन, दुर्लभ मामलों में ट्रीटमेंट की जरूरत हो सकती है जैसे कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स (Corticosteroids)। इसके अलावा एंटीवायरल ड्रग्स भी मौजूद हैं लेकिन रिसर्च के अनुसार इसका कोई सबूत नहीं है कि यह प्रभावी हैं। अगर गंभीर हार्ट इंफ्लेमेशन के कारण हार्ट प्रॉब्लम है, तो डॉक्टर इसका उपचार करेंगे। अगर आपको मायोकार्डिटिस (Myocarditis) की समस्या है, तो ऐसे में आपको इंटेंस फिजिकल एक्टिविटी करने से बचना चाहिए खासतौर पर स्पोर्ट्स।

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    कोविड-19 वैक्सीन के बाद हार्ट इंफ्लेमेशन का रिस्क (Heart inflammation risk after COVID-19 vaccine) क्या हो सकता है, इसके बारे में सही इंफॉर्मेशन होना बेहद जरूरी है। हालांकि डॉक्टर भी अभी कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 vaccine) और हार्ट इंफ्लेमेशन के कनेक्शन को लेकर श्योर नहीं हैं और अभी इसके बारे में अधिक स्टडी की जानी जरूरी है। अगर इसके बारे में आपके मन में कोई भी सवाल है, तो डॉक्टर से इस बारे में अवश्य जानें।

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    AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 25/03/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड