Heart blockage: हार्ट ब्लॉकेज के 11 लक्षणों से रहें सावधान!

    Heart blockage: हार्ट ब्लॉकेज के 11 लक्षणों से रहें सावधान!

    जर्नल ऑफ दि अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (Journal of the American Heart Association) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार भारत में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है और इसी दिल की बीमारी की लिस्ट में हार्ट ब्लॉकेज भी शामिल है। हार्ट ब्लॉकेज (Heart blockage) क्या है, हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms) और इनसे जुड़े कई सवालों का जवाब आज इस आर्टिकल में आपके साथ शेयर करेंगे।

    • हार्ट ब्लॉकेज क्या है?
    • हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण क्या हैं?
    • हार्ट ब्लॉकेज के कारण क्या है?
    • हार्ट ब्लॉकेज का निदान कैसे किया जाता है?
    • हार्ट ब्लॉकेज का इलाज कैसे किया जाता है?

    चलिए अब एक-एककर इन सवालों का जवाब जानते हैं।

    हार्ट ब्लॉकेज (Heart blockage) क्या है?

    हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms)

    नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार हार्ट ब्लॉकेज, हार्ट में इलेक्ट्रिकल संकेतों से जुड़ी हुई एक दिल की बीमारी (Heart disease) है। अगर इसे सामान्य शब्दों में समझें, तो हार्टबीट इलेक्ट्रिकल सिग्नल की वजह से बनती हैं और हार्ट बीट को कंट्रोल करने में सहायक होते हैं। वहीं इलेक्ट्रिकल सिग्नल हार्ट में ब्लड फ्लो बेहतर बनाये रखने में भी सहायक है। हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms) या परेशानी तब शुरू होती है जब हार्ट के ऊपरी हिस्से यानी (अट्रिया) से हार्ट के निचले हिस्से यानी वेंट्रिकल्स तक ब्लड फ्लो ठीक तरह से नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति हार्ट ब्लॉकेज (Heart blockage) कहलाती है और इसे मेडिकल टर्म ने कंडक्शन डिसऑर्डर (Conduction disorder) भी कहा जाता है। हालांकि इलाज से पहले डॉक्टर हार्ट ब्लॉकेज अलग-अलग प्रकार को भी समझने की कोशिश करते हैं।

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    हार्ट ब्लॉकेज के प्रकार (Types of Heart blockage)

    नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार हार्ट ब्लॉकेज अलग-अलग तरह के होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

    • सिनोअट्रियल नॉड ब्लॉक (Sinoatrial node block)
    • एट्रियोवेंट्रिकुलर नॉड ब्लॉक (Atrioventricular node block)
    • बंडल ब्रांचेज ब्लॉक (Bundle branches block)
    • राइट बंडल ब्लॉक (Right bundle branches block)
    • लेफ्ट बंडल ब्लॉक (Left bundle branches block)

    ये हैं अलग-अलग तरह के हार्ट ब्लॉकेज की समस्या। हार्ट ब्लॉकेज के प्रकार एवं हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms) के बारे में आर्टिकल में आगे समझेंगे, जिससे हार्ट ब्लॉकेज का इलाज जल्द से जल्द शुरू हो सके।

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    हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Heart blockage)

    हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms)

    हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms) को समझकर और इलाज से गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है। यू.एस नैशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (U.S. National Library of Medicine) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार निम्नलिखित लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए। जैसे:

    1. सीने में दर्द (Chest pain) महसूस होना।
    2. चक्कर (Dizziness) आना।
    3. बेहोश (Faint) होना
    4. बिना कारण थकावट (Exhaustion) महसूस होना।
    5. हार्टबीट (Heart beat) असामान्य होना
    6. चेस्ट डिस्कंफर्ट होना।
    7. अपच (Indigestion) की समस्या होना।
    8. सीने में जलन (Heartburn) या पेट दर्द होना।
    9. हल्का सिरदर्द (Light headache) होना।
    10. पैरों में सूजन (Swollen feet) होना।
    11. जबड़े में दर्द (Jaw pain) होना।

    हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms) अगर आप महसूस कर रहें हैं, तो इसे इग्नोर ना करें और हार्ट एक्सपर्ट से कंसल्ट करें।

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    हार्ट ब्लॉकेज के कारण क्या है? (Cause of Heart blockage)

    हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms) निम्नलिखित कारणों की वजह से हो सकती हैं। जैसे:

    हार्ट ब्लॉकेज के कारण ऊपर बताये कारणों की वजह से या किसी अन्य हेल्थ कंडिशन के कारण हो सकते हैं।

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    हार्ट ब्लॉकेज का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of Heart blockage)

    हार्ट ब्लॉकेज का निदान के लिए डॉक्टर सबसे पहले हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms) के बारे में और पेशेंट के हेल्थ कंडिशन (Health condition) के बारे में पूछते हैं। इसके अलावा अगर पेशेंट किसी तरह की दवाओं (Medicine) का सेवन करते हैं, तो इसकी भी जानकारी लेते हैं। इनसभी बातों को ध्यान में रखकर निम्नलिखित टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं। जैसे:

    • टखने और पैर के निचले हिस्से या पंजों में सूजन चेक की जाती है।
    • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram) की मदद से हार्ट के इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी (Electrical activity) को समझा जाता है।

    विशेष रूप से इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram) ही की जाती है वहीं पेशेंट की स्थिति गंभीर है, तो 24 से 48 घंटे के लिए हार्ट मॉनिटर की जाती है। ऐसा करने से हार्ट के 24 से 48 घंटे की स्थिति की जानकारी मिलती है। जब हार्ट चेकअप से जुड़ी प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो रिपोर्ट्स को ध्यान में रखकर हार्ट ब्लॉकेज का इलाज किया जाता है।

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    हार्ट ब्लॉकेज का इलाज कैसे किया जाता है? (Treatment for Heart blockage)

    यू.एस नैशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (U.S. National Library of Medicine) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार निम्नलिखित तरह से हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms) या हार्ट ब्लॉकेज को दूर किया जा सकता है। जैसे:

    • हार्ट मेडिकेशन (Heart medication)- हार्ट ब्लॉकेज की समस्या को दूर करने के लिए डॉक्टर द्वारा मेडिसिन प्रिस्क्राइब की जाती है।
    • पेसमेकर (Pacemaker)- अगर पेशेंट की स्थिति गंभीर है, तो ऐसे में पेसमेकर डिवाइस लगाई जाती है, जिससे दिल की धकड़न (Heart beat) को कॉन्स्टेंट रखने में मदद मिल सकती है।

    नोट: सेंटर फॉर मेडिसिन एंड मेडिकल सर्विसेस (Centers for Medicare & Medicaid Services) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार जब हार्ट में ब्लड पहुंचाने वाले वेसेल्स 70 प्रतिशत या इससे ज्यादा रुकावट पैदा करते हैं, तो ऐसी स्थिति में स्टेंट लगाने की सलाह दी जाती है। स्टेंट की प्रक्रिया से पहले पेशेंट के हेल्थ कंडिशन (Health condition) को अच्छी तरह डायग्नोस किया जाता है। वहीं एनसीबीआई (NCBI) के रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को 100 प्रतिशत ब्लॉकेज की समस्या है, तो ऐसे में बायपास सर्जरी की मदद ली जाती है।

    मेडिकेशन (Medication) और पेसमेकर (Pacemaker) की सहायता से हार्ट ब्लॉकेज की समस्या से राहत पाया जा सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति में हेल्दी डायट (Healthy diet) फॉलो करना भी बेहद जरूरी होता है।

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    हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण: कैसा हो डायट? (Diet for Heart blockage patients)

    अगर आप हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms) महसूस कर रहें या हार्ट ब्लॉकेज की समस्या डायग्नोस हुई है, तो ऐसे में डायट (Diet) पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसलिए यहां जानिए हार्ट ब्लॉकेज की समस्या होने पर क्या सेवन करें और क्या नहीं।

    हेल्दी डायट निम्नलिखित चीजों को करें शामिल (Food to eat):

    • अनाज (Cereal)- गेंहू, चावल, जौ, मकई एवं बाजरे का सेवन करें।
    • फल (Frutis)- हार्ट ब्लॉकेज होने पर फलों में संतरा, सेब, नाशपाती, ब्लूबेरी, नींबू और क्रैनबेरी जैसे फलों को नियमित शामिल करें।
    • सब्जियां (Vegetables)- सब्जियों में नियमित एवं संतुलित मात्रा में सेलेरी, गाजर, आलू, प्याज, खीरा, कद्दू, टमाटर, बीन्स और फलियां और पालक खाएं।
    • डेयरी प्रॉडक्ट्स (Dairy products)- कम वसा युक्त दूध और दही का सेवन करें।

    हेल्दी डायट निम्नलिखित चीजों को शामिल ना करें (Food to avoid):

    • नमक (Salt) का सेवन कम से कम करें।
    • तेल एवं मसालेदार खाने का सेवन ना करें।
    • पैक्ड फूड (Packed food) का सेवन ना करें।
    • एल्कोहॉल (Alcohol) का सेवन ना करे।
    • स्मोकिंग (Smoking) ना करें।

    इन बातों को ध्यान में रखकर हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms) को कम करने में मदद मिल सकती है। इनसभी बातों को ध्यान रखने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर लेवल (Blood pressure level) को भी बैलेंस बनाये रखना बेहद जरूरी है। क्योंकि हाय ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) हार्ट पेशेंट की परेशानी को और ज्यादा बढ़ाने में सक्षम माना जाता है।

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    अगर आप हार्ट डिजीज यानी हार्ट ब्लॉकेज की समस्या से पीड़ित हैं, तो डॉक्टर से कंसल्टेशन जल्द से जल्द करें। ध्यान रखें कि हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms) नजर आने पर लापरवाही ना बरतें। आपकी छोटी सी लापरवाही आपको गंभीर बीमारियों का शिकार भी बना सकती हैं। इसलिए अगर आपको हार्ट ब्लॉकेज की समस्या है, तो डॉक्टर से समय-समय पर कंसल्टेशन करें, वॉक (Walk) करें, योग (Yoga) करें और पौष्टिक आहार (Healthy diet) का सेवन। अगर आप हार्ट ब्लॉकेज या हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण (Heart blockage symptoms) से जुड़े किसी सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

    स्वस्थ्य रहने के लिए हेल्दी फूड (Healthy food) का सेवन जरूरी माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं हेल्दी खाने के लिए टाइम टेबल मैनेज करना भी बेहद जरूरी है। इसलिए नीचे दिय इस वीडियो पर क्लिक करें और एक्सपर्ट से जानिए कब और क्या खाएं।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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    लेखक की तस्वीर badge
    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 16/11/2021 को
    Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड