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जानिए हृदय रोग से जुड़े तथ्य क्या हैं?

जानिए हृदय रोग से जुड़े तथ्य क्या हैं?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार पुरे विश्व में 17.9 मिलियन लोगों की मौत सालाना सिर्फ ह्रदय रोग की वजह से होती है, जिसे कार्डियो वैस्कुलर डिजीज (CVDs) भी कहा जाता है। वहीं एक अनुमान के अनुसार साल 2030 तक, वैश्विक स्तर पर लगभग 23.6 मिलियन लोगों की मृत्यु दिल की बीमारी से हो सकती है। गर्भ में भ्रूण के ठहरने के चौथे हफ्ते से लेकर जबक व्यक्ति जिंदा रहता है, तब तक दिल धड़कता रहता है। हृदय रोग का खतरा क्यों बढ़ रहा है और हृदय रोग से जुड़े तथ्य हैं? यह समझने की कोशिश करते हैं।

दिल की बीमारी (कार्डियो वैस्कुलर डिजीज) किन कारणों से होती है?

हृदय संबंधी बीमारी निम्नलिखित कारणों से हो सकती है। जैसे:

इन ऊपर बताये गए कारणों के अलावा अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए सेहत का ध्यान रखें। कोई भी शारीरिक परेशानी महसूस होने पर जल्द से जल्द डॉक्टर को संपर्क करें।

और पढ़ें: Heart rhythm disorder (Arrhythmia): हार्ट रिदम डिसऑर्डर क्या है?

हृदय रोग से जुड़े तथ्य क्या हैं?

हृदय रोग से जुड़े तथ्य निम्नलिखित हैं। जैसे:

हृदय रोग से जुड़े तथ्य 1: दिल से जुड़ी बीमारी सिर्फ एक नहीं

दिल की बीमारी अलग-अलग तरह की होती है। जैसे हाइपरटेंशन, हार्ट अटैक, कोरोनरी हार्ट डिजीज (CHD), एंजाइना, कार्डियोमायोपैथी, रूमैटिक हार्ट डिजीज, कॉनजेनाइटल हार्ट डिजीज, हार्ट वाल्व डिजीज, अनियमित दिल की धड़कन, हार्ट फेलियोर (Heart Failure) एवं कार्डियो वैस्कुलर डिजीज (स्ट्रोक)।

हृदय रोग से जुड़े तथ्य 2: दिल का दौरा और कार्डियक अरेस्ट दोनों है अलग

प्रायः लोग दिल का दौरा पड़ना और कार्डियक अरेस्ट को एक ही बीमारी मानते हैं। जबकि यह दोनों बीमारी अलग-अलग है। दरअसल हार्ट अटैक होने की स्थिति में हार्ट के मांसपेशियों में ब्लड ठीक तरह से पहुंच नहीं पाता है या ब्लड सप्लाई ही रुक जाता है। वहीं जब हृदय इलेक्ट्रिकल कारणों की वजह से पंप करना बंद कर देता है, तो ऐसी स्थिति को कार्डियक अरेस्ट कहते हैं।

और पढ़ें: Cholesterol Injection: कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने का इंजेक्शन कम करेगा हार्ट अटैक का खतरा

हृदय रोग से जुड़े तथ्य 3: दिल से जुड़ी बीमारियों का कारण है तनाव

तनाव (Tension) दिल की बीमारी का भी एक अहम कारण माना जाता है। बदलती जीवनशैली, बढ़ता काम का प्रेशर या पारिवारिक दवाब की वजह से तनाव होना स्वाभाविक है, लेकिन इन परेशानियों को अपने अंदर घर करने न दें। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार एशियन इंडियन पॉपुलेशन में कार्डियो वैस्कुलर डिजीज का खतरा काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। पहले कार्डियो वैस्कुलर डिजीज से ज्यादातर शहरी लोग पीड़ित होते थें वहीं अब ग्रामीण इलाकों में भी कार्डियो वैस्कुलर डिजीज से पीड़ित व्यक्तियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। हृदय रोग फैक्ट्स में तनाव के साथ-साथ कम नींद लेना भी दिल की परेशानियों या हृदय संबंधित रोगों को दस्तक देने में मददगार हो सकता है। इसलिए रोजाना आठ घंटे की नींद अवश्य लें।

हृदय रोग से जुड़े तथ्य 4: हृदय रोग से ज्यादातर महिलाएं होती हैं पीड़ित

द हार्ट सेंटर ऑफ नॉर्थईस्ट जॉर्जिया मेडिकल सेंटर द्वारा किये गए रिसर्च के अनुसार 50 वर्ष से कम आयु वाली महिलाएं पुरुषों के इसी आयु वर्ग की तुलना में हार्ट अटैक से ज्यादा पीड़ित होती हैं। रिसर्च में यह भी बताया गया है की हार्ट अटैक से पीड़ित महिलाओं का आंकड़ा पुरुषों के मुकाबले ज्यादा होता है। दरअसल हार्ट अटैक के लक्षणों को नहीं समझ पाना माना जाता है।

हृदय रोग से जुड़े तथ्य 5: हाई ब्लड प्रेशर

हृदय रोग फैक्ट्स में हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) भी शामिल है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों में कोरोनरी धमनी (Coronary artery) की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार इसके लक्षण नहीं नजर आते हैं और न ही पेशेंट महसूस कर पाते हैं, लेकिन इसका नुकसान सिर्फ दिल की बीमारियों तक ही सिमित नहीं है बल्कि हाई ब्लड प्रेशर का नकारात्मक प्रभाव किडनी और ब्रेन पर भी पड़ना तय माना जा सकता है।

और पढ़ें: आपके बच्चे का दिल दाईं ओर तो नहीं, हर 12,000 बच्चों में से किसी एक को होती है यह कंडीशन

हृदय रोग से जुड़े तथ्य के अनुसार यह समझना बेहद आसान है की हृदय से संबंधित बीमारियों का खतरा क्यों बढ़ता है, लेकिन इन बीमारियों से कैसे बचा जा सकता है? हृदय रोग से बचने के लिए कुछ टिप्स निम्नलिखित दिए जा रहें हैं। जैसे:

  • संतुलित आहार का सेवन करें
  • वजन संतुलित रखें
  • नियमित रूप से व्यायाम करें
  • तंबाकू का सेवन न करें
  • एल्कोहॉल का सेवन न करें
  • अगर डायबिटीज की समस्या है, तो उसे कंट्रोल रखें
  • ब्लड प्रेशर बैलेंस्ड बनाये रखें
  • जंक फूड का सेवन न करें
  • तेल-मसाले वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से दूरी बनाये रखें

और पढ़ें: हार्ट अटैक के बाद डायट का रखें खास ख्याल! जानें क्या खाएं और क्या न खाएं

यह ध्यान रखें की हृदय रोग उन लोगों में होने की संभावना ज्यादा होती है, जिनकी जीवनशैली ठीक नहीं होती है। ऐसे में ज्यादा सतर्क रहना चाहिए और बेहतर लाइफस्टाइल फॉलो करना आवश्यक होता है। दिल से जुड़ी कोई भी परेशानी होने पर हार्ट एक्सपर्ट से जल्द से जल्द सलाह लेना बेहतर विकल्प माना जाता है।

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हृदय रोग फैक्ट्स में कुछ खास फैक्ट्स क्या हैं?

रिसर्च के अनुसार हृदय रोग फैक्ट्स में यह हेल्दी हार्ट के लिए फ्लू शॉट लेना लाभकारी होता है। दरअसल हृदय रोग के कारण फ्लू से लड़ने की क्षमता को कम कर सकता है। ऐसी स्थिति में दिल के दौरे, निमोनिया और श्वसन विफलता जैसी गंभीर शारीरिक परेशानियों को बढ़ा सकता है। एक वार्षिक फ्लू शॉट लेने से इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है और हृदय को हेल्दी रहने में मददगार हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति हृदय रोग से पीड़ित है, तो नाक से स्प्रे वैक्सीन लेने की बजाय फ्लू शॉट लेना बेहतर विकल्प माना जाता है। रिसर्च के अनुसार दिल की बीमारी वाले व्यक्तियों के लिए नेजल स्प्रे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

हृदय रोग से जुड़े तथ्य में एक फैक्ट यह भी शामिल है की अगर आपको हार्ट अटैक के लक्षण नजर आ रहें, तो ऐसी स्थिति में एस्प्रिन दवा का सेवन चवा कर करना लाभकारी हो सकता है। दरअसल एस्प्रिन हृदय में ब्लड क्लॉट होने नहीं देता है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर बना रहता है। हालांकि कोई भी शारीरिक परेशानी नजर आने पर या महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करें और घरेलू उपाय से बचें।

अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखने के लिए उचित आहार, व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाएं। अगर आप हृदय रोग से जुड़े तथ्य या दिल से जुड़ी बीमारियों के बारे में किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Heart disease/https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/heart-disease/symptoms-causes/syc-20353118#:~:text=Plaque%20buildup%20thickens%20and%20stiffens,exercise%2C%20being%20overweight%20and%20smoking/Accessed on 08/09/2020

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6 Surprising Facts About Heart Disease/https://www.heartngmc.org/6-surprising-facts-about-heart-disease/Accessed on 08/09/2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Aamir Khan द्वारा लिखित
अपडेटेड 10/07/2019
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