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Tips to follow after Heart Attack: जानिए हार्ट अटैक के बाद सावधानी बरतने के लिए किन 6 बातों का रखना ख्याल!

Tips to follow after Heart Attack: जानिए हार्ट अटैक के बाद सावधानी बरतने के लिए किन 6 बातों का रखना ख्याल!

कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के कारण भारत में साल 2020 में तकरीबन 4.77 मिलियन लोगों की मौत हुई। नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार साल 1990 में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के कारण 2.26 मिलियन लोगों की मौत हुई। ऐसा नहीं है कि दिल से जुड़ी बीमारियों से बचा ना जा सके। इसलिए आज इस आर्टिकल में हार्ट अटैक के मरीजों के लिए महस्तवपूर्ण जानकारियां शेयर करने जा रहें हैं। हार्ट अटैक के बाद सावधानी (Tips to follow after Heart Attack) रखना बेहद जरूरी है, जिससे स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

हार्ट अटैक के बाद सावधानी क्या रखना चाहिए, इसे समझने से पहले हार्ट अटैक के बारे में जान लेते हैं।

हार्ट अटैक (Heart Attack) क्या है?

हार्ट अटैक एक ऐसी मेडिकल कंडिशन है, जिसमें ब्लड फ्लो रूक जाता है। ज्यादातर मरीजों में मौत का कारण हार्ट अटैक (Heart Attack) को ही माना गया है। यह स्थिति ब्लड वेसेल्स में फैट (Fat), कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) एवं तरल (Liquid) पदार्थों के जमने से शुरू होती है। ऐसी स्थिति में हार्ट में ब्लड फ्लो ठीक तरह से नहीं होती है। आमतौर पर ह्रदय में रक्त पहुंचाने वाली रक्त वाहिकाएं यानी कोरोनरी आर्टरीज (Coronary arteries) में ये समस्या आती है। खून में ऐसी रूकावट आने के कारण ह्रदय को पूरी तरह से या आंशिक रूप से क्षति पहुंचती है। यह एक जानलेवा समस्या है। हालांकि हार्ट अटैक के बाद सावधानी (Tips to follow after Heart Attack) बरतने से दिल को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।

हार्ट अटैक के बाद सावधानी क्या बरतनी चाहिए? (Tips to follow after Heart Attack)

हार्ट अटैक के बाद सावधानी (Tips to follow after Heart Attack)

हार्ट अटैक के बाद सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि सावधानी से किसी भी बीमारी को दूर करने में मदद मिल सकती है। इसलिए हार्ट अटैक के बाद सावधानी रखना बेहद जरूरी है। जैसे:

1. डायट का रखें ध्यान (Healthy diet):

  • हार्ट अटैक के बाद सावधानी रखना अत्यंत जरूरी है और ऐसी स्थिति में हेल्दी डायट फॉलो करना चाहिए। इसलिए हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, बीन्स, नट्स एवं सीड्स का सेवन करना लाभकारी होता है।
  • हार्ट पेशेंट्स को अपने डायट में हेल्दी फैट्स जैसे एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल (Extra virgin olive oil) एवं एवोकैडो (Avocado) का सेवन करना चाहिए।
  • हार्ट अटैक के बाद सावधानी (Tips to follow after Heart Attack) बरतें और डायट में साबूत अनाज को शामिल करें।
  • मीट के सेवन को लेकर हार्ट के मरीज समझ नहीं पाते हैं, लेकिन हार्ट पेशेंट अपने डायट में चिकन का सेवन कर सकते हैं, लेकिन कम मात्रा में। वहीं अगर आप मछली खाना पसंद करते हैं, मछली (Fish) का सेवन हार्ट अटैक के बाद किया जा सकता है।

और पढ़ें : Blood pressure and Heart attack: हार्ट अटैक में ब्लड प्रेशर कहीं किसी और गंभीर बीमारी का ना बन जाए कारण!

हार्ट पेशेंट ऊपर बताई गई चीजों का सेवन कर सकते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी खाद्य पदार्थ होते हैं जिनका सेवन हार्ट पेशेंट्स को नहीं करना चाहिए।

  • प्रोसेस्ड फूड जैसे चिप्स, कुकीज या क्रेकर्स का सेवन ना करें। इन खाद्य पदार्थों में नमक की मात्रा ज्यादा होती है और न्यूट्रिशन कम, जो हार्ट और पूरे हेल्थ के लिए नुकसानदायक है।
  • हार्ट अटैक के बाद सावधानी (Tips to follow after Heart Attack) बरतते हुए नमक का सेवन कम से कम करें। ज्यादा नमक का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाने के साथ-साथ अन्य शारीरिक परेशानियों को पैदा करने में सक्षम है।
  • हार्ट अटैक के बाद हाई फैट वाले डेयरी प्रॉडक्ट्स का सेवन ना करें। इसलिए योगर्ट, दूध या चीज का सेवन अगर करना चाहते हैं, तो लो फैट का सेवन करें।
  • ऐसे किसी भी ड्रिंक या फूड का सेवन हार्ट पेशेंट को नहीं करना चाहिए जिनमें सोडा, कैंडिस या पेस्ट्री हो।

2. शारीरिक रूप से एक्टिव रहें (Be Physically active):

हार्ट अटैक के बाद सावधानी (Tips to follow after Heart Attack) रखना चाहते हैं, तो शरीर को फिजिकली एक्टिव रखें। बॉडी को फिजिकली एक्टिव रखने के लिए हल्के-फुल्के काम करें।

और पढ़ें : Heartbeat Vector: तेज दिल की धड़कन? कहीं ‘हार्ट बीट वेक्टर’ की राह में तो नहीं आप!

3. एक्सरसाइज करें (Do workout):

हार्ट पेशेंट अक्सर इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि हार्ट अटैक के बाद एक्सरसाइज करें या ना करें! नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार हार्ट पेशेंट्स को स्विमिंग (Swimming) या वॉकिंग (Walking) जैसे एक्सरसाइज को अपने दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। हालांकि हार्ट पेशेंट को किसी भी तरह के एक्सरसाइज या योगासन को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।

4. ब्लड प्रेशर रखें कंट्रोल (Control Blood pressure):

बढ़ता ब्लड प्रेशर स्ट्रोक का मुख्य कारण माना गया है। स्ट्रोक (Stroke) की रिकवरी सबसे मुश्किल है और इसका जीवन में अत्यधिक बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखें।

5. ब्लड शुगर लेवल (Blood sugar level):

डाइबिटीज (Diabetes) की समस्या हार्ट अटैक (Heart attack) की आशंका को बढ़ा देती है। दरअसल जब शरीर में इंसुलिन से जुड़ी परेशानी शुरू होती है, तो शरीर में शुगर का स्तर अनियंत्रित हो जाता है और इससे हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हार्ट अटैक के बाद सावधानी (Tips to follow after Heart Attack) रखना चाहते हैं, तो ब्लड शुगर लेवल बैलेंस में रखें।

6. स्मोकिंग ना करें (Avoid smoking):

स्मोकिंग हार्ट प्रॉब्लेम के साथ-साथ कैंसर का मुख्य कारण है। अगर आपको हार्ट अटैक हुआ है, तो ऐसी स्थिति में स्मोकिंग नहीं करना चाहिए एवं थर्ड हैंड स्मोकिंग से भी बचना चाहिए। वहीँ अगर आपको कोई भी हेल्थ कंडिशन (Health Condition) नहीं है, तो भी स्मोकिंग से दूरी बनायें रखें।

हार्ट अटैक के बाद सावधानी बरतने के लिए रखें इन ऊपर बताये छे बातों का ध्यान, लेकिन अगर आपको शारीरिक परेशानी महसूस होती है तो ऐसी स्थिति में एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है।

और पढ़ें : Sinus Arrhythmia: साइनस एरिथमिया क्या है? जानिए इसके लक्षण, कारण और इलाज।

डॉक्टर से कब करें कंसल्टेशन? (Consult Doctor if-)

निम्नलिखित स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है। जैसे:

  • सीने के आसपास डिस्कम्फर्ट महसूस होना।
  • हाथ, पीठ, गर्दन, जबड़े या फिर पेट दर्द महसूस होना।
  • शरीर के एक हिस्से में परेशानी महसूस होना।
  • बिना कारण अत्यधिक पसीना आना

ऐसी स्थिति होने पर डॉक्टर से जल्द से जल्द कंसल्ट करें और महसूस की जाने वाली परेशानी बतायें।

अगर आप हार्ट अटैक (Heart Attack) या हार्ट अटैक के बाद सावधानी (Tips to follow after Heart Attack) से जुड़े सवालों का जवाब तलाश कर रहें थें, तो उम्मीद करते हैं कि ये जानकारी आपके लिए लाभकारी होगी। वैसे अगर आप या आपके कोई भी करीबी कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (Cardiovascular diseases) से पीड़ित हैं, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से कंसल्टेशन अत्यधिक जरूरी है। क्योंकि ये बीमारियां गंभीर बीमारियों की लिस्ट में शामिल है। अगर इनका समय पर इलाज ना करवाया जाए तो पेशेंट की स्थिति गंभीर हो सकती है। डॉक्टर के संपर्क में रहने से पेशेंट की हेल्थ कंडिशन (Health Condition) और बीमारी की गंभीरता को ध्यान में रखकर इलाज किया जाता है।

स्वस्थ रहने के लिए अपने डेली रूटीन में एक्सरसाइज या योगासन को शामिल करना चाहिए। नीचे दिए इस वीडियो लिंक पर क्लिक कर योगासन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को समझें।

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सूत्र

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What is a heart attack?/https://www.heartfoundation.org.nz/your-heart/heart-conditions/about-heart-attacks/Accessed on 05/04/2022

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 06/04/2022 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड