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सर्दी अगर ब्रोंकाइटिस बन जाए तो क्या करें?

सर्दी अगर ब्रोंकाइटिस बन जाए तो क्या करें?

हर मौसम सभी को सूट नहीं करता। ऐसे में सर्दियों में उन लोगों को खास एहतियात बरतने की आवश्यकता होती है जिनको सांस से जुड़ी परेशानियां होती हैं। संभावना रहती है कि उनकी हल्की सर्दी भी ब्रोंकाइटिस (bronchitis) का रूप ले ले। ब्रोंकाइटिस की तकलीफ तब होती है जब लंग्स में ज्यादा मात्रा में म्यूकस भर जाता है। ऐसा लंबे समय तक सर्दी रहने के कारण हो सकता है। सर्दी के मौसम में सामान्य कोल्ड ब्रोंकाइटिस का रूप न ले उसके लिए क्या करें जानने के लिए पढ़ें।

कफ (Cough) होने पर लें डॉक्टरी सलाह

कॉमन कोल्ड के लक्षणों में कफ भी आता है। इससे लंग्स में इरीटेशन की समस्या हो सकती है। ऐसे में शरीर कफ या बलगम से छुटकारा पाने की कोशिश करता है। अगर सर्दी के खत्म होने के बाद भी कफ की समस्या बनी रहे तो ऐसे में आपको डॉक्टरी सलाह की आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि सर्दी ब्रोंकाइटिस का रूप ले उससे पहले ही आप डॉक्टरी सलाह लेकर समस्या से निजात पा लें।

ब्रोंकाइटिस

अगर आप कफ की समस्या से ग्रसित हैं, हरा व पीला बलगम निकल रहा है, बुखार 101 डिग्री (शरीर का तापमान) है, रात में पसीने आए, कफ से खून निकले तो स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसी स्थिति में आपको जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह लेना चाहिए। यदि कफ लंबे समय तक बना रहे तो यह अस्थमा की बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। अस्थमा की बीमारी को कोल्ड व फ्लू, डस्ट, ठंडी हवा, एक्सरसाइज और एलर्जी की वजह से भी हो सकती है। 25 फीसदी से अधिक मामलों में यदि कफ लंबे समय तक रहे तो यह अस्थमा का कारण बनता है।

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ब्रोंकाइटिस (bronchitis) व चेस्ट कोल्ड (chest cold) के बारे में जानें

ब्रोंकाइटिस की बीमारी तब होती है जब हमारे लंग्स में ज्यादा मात्रा में म्यूकस भर जाता है। मुख्य रूप से ब्रोंकाइटिस दो प्रकार का होता है।

  • एक्यूट ब्रोंकाइटिस (Acute bronchitis): एक्यूट ब्रोंकाइटिस सामान्य बीमारी है। यह वायरल इंफेक्शन की वजह से होती है। एक्यूट ब्रोंकाइटिस को चेस्ट कोल्ड भी कहा जाता है। यदि कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है तो एक्यूट ब्रोंकाइटिस की बीमारी और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है। यह बीमारी सामान्य कोल्ड से गंभीर होती है, लेकिन निमोनिया की तरह नहीं होती।
  • क्रोनिक ब्रोंकाइटिस (chronic bronchitis): क्रोनिक ब्रोंकाइटिस की स्थिति में कफ दो महीने से दो साल तक रह सकता है। क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस का मुख्य कारण स्मोकिंग होता है।

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सर्दी जब ब्रोंकाइटिस बन जाए तो दिखाई देते हैं ये लक्षण (Symptoms when cold becomes bronchitis)

  • एनर्जी में कमी, हमेशा थका-थका महसूस करना
  • सांस लेने के दौरान घरघराहट की आवाज का आना
  • कफ के साथ बलगम का आना
  • बुखार, शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा होना

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यदि आपको निम्न प्रकार के लक्षण दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करना ही उचित होता है।

  • कफ जब दो से तीन सप्ताह तक बना रहे और बीमारी से आराम न मिल रहा हो
  • सांस लेने में तकलीफ के साथ घरघराहट की आवाज आने पर
  • कफ के साथ खून व गाढा बलगम के आने पर
  • लगातार बुखार होने पर

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क्या ब्रोंकाइटिस का घर पर इलाज संभव है? (Can bronchitis be treated at home?)

यह संभव है कि आपकी नाॅर्मल सर्दी ब्रोंकाइटिस का रूप ले ले। अगर ऐसा है तो कुछ बातों का आपको विशेष ध्यान रखना चाहिए। जैसे:

  • रोजाना एक से दो घंटे में नियमित पानी का सेवन करते रहें, जब तक आपका डॉक्टर पानी का सेवन कम करने की सलाह न दे
  • आराम करें
  • स्मोकिंग न करें
  • शरीर के दर्द को कम करने के लिए नॉन स्टेरॉयडल एंटी इंफ्लेमेटरी ड्रग्स का सेवन डॉक्टरी सलाह लेकर कर सकते हैं। यदि आप इस बीमारी के पहले से ही किसी अन्य दवा का सेवन कर रहे हैं तो उसके बारे में डॉक्टरी परामर्श जरूर लें
  • बलगम को साफ करने के लिए डॉक्टरी सुझाव को अपनाएं
  • कफ व म्यूकस के बारे में उसके रंग के बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं
  • रेग्युलर भाप लें
  • अदरक की चाय और गुड़ का सेवन करें
  • गले के दर्द को दूर करने के लिए गर्म पानी के गरारे करें

यदि आपको ड्राय कफ आ रहा है तो उसके बारे में डॉक्टरी सलाह जरूर लें। डॉक्टर आपको कफ मेडिसिन की सलाह दे सकते हैं। ऐसे में कफ कम कर आप आराम पा सकते हैं। ज्यादातर मामलों में सर्दी ब्रोंकाइटिस का रूप ले लेती हैं। ऐसे में एंटीबायटिक्स कुछ खास मदद नहीं कर पाती हैं, लेकिन यदि आपको बैक्टीरियल इंफेक्शन है तो डॉक्टरी सलाह लेकर एंटीबायटिक का सेवन कर सकते हैं। या फिर यदि आपको लंग्स संबंधी कोई अन्य परेशानी भी है तो आप डॉक्टरी सलाह लेकर एंटीबायटिक का सेवन कर सकते हैं।

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सर्दी जब ब्रोंकाइटिस का रूप ले ले, तो इससे बचाव के लिए क्या करें (When a cold takes the form of bronchitis, what to do to prevent it)

सर्दी जब ब्रोंकाइटिस का रूप ले तो इससे कई तरीकों को आजमाकर बचाव किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले यही कि आप यदि स्मोकिंग करते हैं तो इस बुरी आदत को छोड़ दें। इसके अलावा यदि आप ऐसी जगह या ऑफिस पर काम करते हैं जहां आपके आसपास के लोग आपके सामने ही स्मोकिंग करते हैं तो उनसे दूरी बनाएं या फिर उन्हें दूसरी जगह पर जाकर स्मोकिंग करने के लिए कहें। आपको कोशिश करनी चाहिए कि ऐसी जगहों पर न जाएं जहां पर जाने से आपके नाक, थ्रोट व लंग्स में डस्ट के कारण परेशानी हो। यदि आप जाएं भी तो खास एहतियात आदि को बरतकर जाना चाहिए।

सर्दी सामान्य बीमारी है, यदि आपको यह बीमारी हो भी जाए तो आपको आराम करना चाहिए। डॉक्टरी सलाह लेकर उनके कहे अनुसार ही आपको दवा आदि का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा स्वस्थ्य रहने के लिए हेल्दी डायट फॉलो करना चाहिए। पौष्टिक सब्जियों का सेवन करने के साथ फलों आदि का सेवन करना आपके स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है। कोशिश करें कि हाथों को नियमित तौर पर धोते रहें, साबुन से हाथ धोना ज्यादा फायदेमंद होता है। आप चाहें तो सैनेटाइजर का उपयोग कर कीटाणुओं के संपर्क में आने से बच सकते हैं। खाना खाने के दौरान आपकी कोशिश यही होनी चाहिए कि साथ बैठे साथियों संग ग्लास, प्लेट, बर्तन आदि को शेयर न करें। घर से जब भी बाहर निकलें तो कोशिश करें कि मास्क पहनकर ही बाहर जाएं। इससे संक्रमण व वायरस के फैलने की संभावनाएं काफी कम होती है। क्योंकि उससे वायरस व बैक्टीरिया एक से दूसरे में जाने की अधिक संभावनाएं रहती है। जितना संभव हो सके बीमारी से बचाव के लिए एहतियात बरतने की आवश्यता है।

ब्रोंकाइटिस

डॉक्टरी सलाह लें

वैसे तो साफ सफाई व नियमित हाथ धोने जैसी आदतों को अपनाकर हम कॉमन कोल्ड जैसी बीमारी से बचाव कर सकते हैं, लेकिन अगर फिर भी आपको इस बीमारी के लक्षण दिखाई दें सबसे जरूरी यही है कि डॉक्टरी सलाह लें। डॉक्टर के बताए अनुसार ही खानपान के साथ दवा आदि का सेवन कर और आप इससे निजात पा सकते हैं। इस बीमारी को हम जितना अधिक नजरअंदाज करेंगे यह उतनी अधिक ही बढ़ती जाएगी।

उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और ब्रोंकाइटिस से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

 

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Satish singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 21/02/2022 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड