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पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारणों के बारे में जान लें, ताकि देखभाल करना हो जाए आसान

पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारणों के बारे में जान लें, ताकि देखभाल करना हो जाए आसान

छोटे भाई ‘यतीष’ को मैंने हमेशा हर परिस्थिति में बेहतर मेंटल स्टेट में पाया है। चाहे वह घर-परिवार से जुड़ी कोई परेशानी हो या फाइनेंस से जुड़ी। यहां तक कि कई बार तो उसने तनाव से उबरने में मेरी भी मदद की थी। इसलिए उसको लेकर मेरा ऐसा विश्वास बन गया कि वह कभी मानसिक तौर पर परेशान नहीं हो सकता और मैंने कभी इस ओर ध्यान भी नहीं दिया, लेकिन उस वक्त मुझे बहुत झटका लगा जब मुझे उसके दोस्तों से पता चला कि वह डिप्रेशन के बेहद करीब पहुंच चुका था। अपने बिजनेस में आने वाले उतार-चढ़ावों को वह संभाल नहीं पा रहा था। उस वक्त मुझे एहसास हुआ कि पुरुषों की मेंटल हेल्थ को लेकर अक्सर हमारे मन में भ्रम रहता है। हमें लगता है पुरुष कभी मानसिक तौर पर कमजोर नहीं पड़ सकते, वो बहुत स्ट्रॉन्ग होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य भी हिल सकता है और उन्हें भी मदद की जरूरत पड़ सकती है।

अगर भारत की बात करें (ICMR) इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार भारत में 7 में से एक 1 भारतीय मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से प्रभावित है। 2017 में 19 करोड़ से ज्यादा लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बुरी परिस्थितियों का अनुभव किया है। अकेले डिप्रेशन (Depression ) से लगभग 5 करोड़ लोग प्रभावित हुए वहीं एंग्जायटी डिसऑर्डर (Anxiety disorder) का साढ़े चार करोड़ से ज्यादा लोग शिकार हुए। भारत में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े ट्रीटमेंट तक पहुंच और उसके लिए पर्याप्त धन की कमी है। आपको बता दें कि हमारे यहां साइकेट्रिक प्रोफेशनल्स (psychiatrists professional) भी कम हैं। डेटा के अनुसार 1 लाख भारतीयों पर 0.3 मनोचिकित्सक (psychiatrists), 0.12 मनोवैज्ञानिक (psychologists) और 0.07 सामाजिक कार्यकर्ता हैं (social workers) हैं।

और पढ़ें: पुरुषों के लिए हॉर्मोन डायट क्यों जरूरी है?

पुरुषों की मेंटल हेल्थ और उसे प्रभावित करने वाले कारण

पुरुषों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे जो उन पर असर डालते हैं वे अलग-अलग कारणों से विकसित हो सकते हैं, जो उन्हें महिलाओं की तुलना में अधिक ट्रिगर करते हैं। पुरुषों को सोशल एक्सपेक्टेशन और ट्रेडिशनल जेंडर रोल इतना प्रभावित करते हैं कि वे निम्न बातें सोचने के लिए प्रेरित हो जाते हैं।

  • परिवार में अच्छा कमाने वाला बनो
  • पावर और ट्रेडिशनल मस्क्युलिन व्यवहार को प्रदशित करो
  • खुद पर विश्वास रखो और दूसरों से मदद मत मांगो
  • अपनी भावनाओं के बारे में खुलकर बात मर करो
  • इन पारंपरिक मान्यताओं को हमेशा पकड़कर रखना पुरुषों की मेंटल हेल्थ को प्रभावित करता है और उन्हें सपोर्ट् और ट्रीटमेंट्स लेने से रोक सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य स्थिर ना होने पर भी मदद क्यों नहीं मांगते पुरुष? Why don’t men talk about mental health?

मेंटल हेल्थ अमेरिका के अनुसार पुरुषों की मेंटल हेल्थ अगर ठीक नहीं भी हो तो वे मदद नहीं मांगते ना ही डिप्रेशन (depression), सब्सटेंस एब्यूज (substance abuse) और स्ट्रेसफुल लाइफ इवेंट (stressful life events) को लेकर किसी प्रकार के ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं। जिसका कारण आदर्श छवि बनाना, बात करने की अनिच्छा, लक्षणों को समझ नहीं पाना आदि हैं। नेशनल हेल्थ इंटरव्यू सर्वे में एक बात सामने आयी कि सिर्फ 3 में से 1 पुरुष ने डिप्रेशन और एंग्जायटी के लिए दवा ली वहीं 4 में से 1 ने मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल से बात की।

और पढ़ें: पुरुष हार्ट हेल्थ को लेकर अक्सर करते हैं ये गलतियां

पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने पर दिखाई देने वाले लक्षण (Warning signs)

नीचे बताए गए लक्षण पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने पर दिखाई देते हैं, लेकिन कई बार ये मेंटल प्रॉब्लम पर भी निर्भर करते हैं। कुछ कॉमन और प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:

  • अक्रामकता (aggressiveness)
  • बहुत जल्दी गुस्से में आना
  • चिड़चिड़ापन
  • मूड और एनर्जी लेवल में बदलाव
  • भूख और सोने की आदतों में बदलाव
  • ध्यान क्रेन्द्रित करने में कठिनाई होना
  • बैचेनी महसूस होना
  • बहुत अधिक शराब का सेवन ( high consumption of alcohol)
  • ड्रग्स का अनुचित उपयोग (inappropriate use of drugs)
  • जोखिमपूर्ण गतिविधियों में हिस्सा लेना
  • दुखी, निराश, सुन्न और भावनात्मक रूप से शून्यता महसूस करना
  • दर्द और ऐंठन का होना बिना किसी कारण के
  • जुनूनी और बिध्वसंकारी विचार और बर्ताव (obsessive or compulsive thoughts or behaviors)
  • आत्महत्या करने के बारे में सोचना (thinking about or attempting suicide)
  • ऐसी सोच, व्यवहार या विचार जो किसी दूसरे की लाइफ पर नकारात्मक प्रभाव डालें या खुद के सामाजिक जीवन, परिवार और काम को प्रभावित करें।

अगर किसी को स्वयं में ये लक्षण दिखते हैं या कोई करीबी पुरुषों की मेंटल हेल्थ से जुड़े इन लक्षणों को नोटिस करता है तो डॉक्टर की मदद लेना बहुत जरूरी है। शुरुआती स्टेज पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों का इलाज करवा लिया जाए तो लक्षणों को गंभीर होने से रोका जा सकता है साथ ही कॉम्प्लिकेशन के जोखिम को कम किया जा सकता है।

और पढ़ें: पुरुषों में एस्ट्रोजन क्या है और जानें इसमें होने वाले असंतुलन के कारणों काे

जोखिम कारक जो पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य बिगाड़ने का काम करते हैं :

ऐसे कई फैक्टर्स हैं जो पुरुषों की मेंटल हेल्थ कंडिशन को बिगाड़ने और उनके बीच आत्महत्या के कारण बनते हैं। नीचे बताए जा रहे फैक्टर्स पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।

पुरुष जो ट्रॉमा का एक्सपीरियंस करते हैं (Men who have experienced trauma)

ट्रॉमेटिक इवेंट जैसे कि किसी असॉल्ट का विक्टिम होना पुरुषों की मेंटल हेल्थ का प्रभावित कर सकता है। इसकी वजह से वे पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (post-traumatic stress disorder) का शिकार हो सकते हैं।

नौकरी से जुड़े मु्द्दे भी कर सकते हैं (Men who are experiencing employment issues) पुरुषों की मेंटल हेल्थ पर असर

बुरी कंडिशन में काम करना, बहुत ज्यादा वर्कलोड होना पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य बिगाड़ सकता है। नौकरी जाना और रिटायरमेंट भी पुरुषों के बीच डिप्रेशन और आत्महत्या के रिस्क को बढ़ा सकते हैं।

और पढ़ें: पुरुषों में होने वाले इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन की समस्या को विटामिन के सेवन से कर सकते हैं कम

रिश्तों का टूटना (marital breakdown) पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए नहीं है अच्छा

पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य

तलाकशुदा पुरुषों में डिप्रेशन ज्यादा कॉमन और सीवियर है। सिंगल रहने पर पुरुषों में आत्महत्या के मामले ज्यादा दिखाई देते हैं।

लीगल और फाइनेंशियल इशूज (legal or financial concerns) के कारण भी बिगड़ती है पुरुषों की मेंटल हेल्थ

लीगल और फाइनेंशियल चिंताओं के चलते पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। ये परेशानियां मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स को ट्रिगर करती हैं और आत्महत्या के रिस्क को बढ़ाती हैं

शराब और ड्रग्स भी बिगाड़ते हैं पुरुषों की मेंटल हेल्थ (misuse alcohol or drugs)

ज्यादातर पुरुष शराब और ड्रग्स का ओवरयूज करते हैं जो उनके मानसिक स्वास्थ्य को बिगाड़ने का कारण बनते हैं। इसकी वजह से पुरुष कई मेंटल कंडिशन का शिकार हो सकते हैं।

फैमिली हिस्ट्री (Family History)

कई मनोरोग स्थितियां जैसे कि बायपोलर डिसऑर्डर (bipolar disorder), डिप्रेशन (depression, ), स्किजोफ्रेनिया ( schizophrenia) फैमिली दर फैमिली ट्रांसफर होती हैं। ऐसा जेनेटिक कंपोनेंट के कारण होता है।

पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य को बिगाड़ने वाले दूसरे कारण

दूसरे रिस्क फैक्टर्स की बात करें तो कोई गंभीर बीमारी, परिवार या दोस्तों से विवाद, किसी प्रियजन की मृत्यू आदि पुरुषों की मेंटल हेल्थ को प्रभावित करती हैं। इन कारणों के अलावा कुछ दूसरे कारक भी हो सकते हैं जो पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य बिगाड़ सकते हैं। पुरुषों के लिए सबसे जरूरी है अपनी उन विचारों और भावनओं के बारे में बात करना।

मैं अपने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में चिंतित हूं, मैं इसके लिए क्या कर सकता हूं? (What can I do if I’m worried about my mental health?)

पुरुषों की मेंटल हेल्थ

  • अपनी भावनाओं के बारे में बात करना, एक्टिव रहना और अच्छी तरह से भोजन करने से आपको बेहतर महसूस करने में मदद मिल सकती है।
  • यदि आप महसूस कर रहे हैं कि आपके अंदर कोई मानसिक स्वास्थ्य समस्या विकसित हो रही है, तो अपने डॉक्टर से बात करें। यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन ज्यादातर लोगों का अनुभव है कि उनके डॉक्टर से बात करने और सहायता और समर्थन प्राप्त करने से जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है
  • अवसाद (depression) या अन्य मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के रिलेप्स को रोकने के लिए उपचार जारी रखें।
  • तनाव को प्रबंधित करना सीखें (Learn to manage stress)। इसके लिए मेडिटेशन (meditation), माइंडफुलनेस (mindfulness), क्रिएटिव एक्टिविटीज और एक्सरसाइज का सहारा लें
  • आत्म विश्वास की कमी या बचपन के ट्रॉमा जैसे मुद्दों के लिए एक डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि ये बाद में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को ट्रिगर कर सकता है।

और पढ़ें: पुरुषों को नहीं इग्नोर करने चाहिए हेल्थ इशू, वरना हो सकती हैं खतरनाक बीमारियां

मैं अपने परिचित पुरुष के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हूं। मैं उनकी मदद कैसे कर सकता/ सकती हूं? ।I’m worried about someone’s mental health. How can I help them)

यदि आप किसी मित्र या रिश्तेदार के बारे में चिंतित हैं, तो कुछ चीजें हैं जो आप उनकी मदद करने के लिए कर सकते हैं।

  • उन्हें बताएं कि आप बिना जजमेंटल हुए उनकी बातें सुनेंगे
  • कोई व्यक्ति जो मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहा है, उसे किसी से भी संपर्क पहुंचने में मुश्किल हो सकती है, इसलिए उसके साथ संपर्क में रहने की कोशिश करें। एक मैसेज या एक फोन कॉल एक बड़ा अंतर ला सकता है।
  • स्थानीय सेवाओं जैसे टॉकिंग थेरेपी या सहायता समूहों के बारे में पता करें। देखें कि क्या कोई विशेष रूप से पुरुषों के लिए है उसके बारे में उन्हें बताएं या खुद वहां पर लेकर जाएं।
  • उन्हें सहायता प्राप्त करने में मदद करें। यदि आप चाहें हैं तो आप उन्हें अपने डॉक्टर से संपर्क करने में मदद कर सकते हैं या उनके साथ डॉक्टर के पास जा सकते हैं ।
  • इसके साथ ही अपना भी ख्याल रखें क्यों किसी और की देखभाल करना कठिन हो सकता है, इसलिए सुनिश्चित करें कि आप अपनी भी केयर करें ताकि दूसरे देखभाल अच्छे से हो सके।

 

उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और बेबी पुशिंग से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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American Psychological Association/https://www.apa.org/monitor/2015/12/numbers/Accessed on 15th Feb, 2021

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Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 16/02/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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