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पुरुषों में एस्ट्रोजन क्या है और जानें इसमें होने वाले असंतुलन के कारणों काे

    पुरुषों में एस्ट्रोजन क्या है और जानें इसमें होने वाले असंतुलन के कारणों काे

    एस्ट्रोजन, आपके शरीर में बनने वाला एक हॉर्मोन है। यह एक ऐसा हॉर्मोन है, जो कि पुरुष और महिलाओं दाेनों में ही पाया जाता है। एक अच्छी सेक्स लाइफ के लिए शरीर में इसका संतुलन बहुत जरूरी है। वैसे तो, पुरुष और महिला के शरीर की बनावट अलग होती है और हॉर्मोंस भी। लेकिन एस्ट्रोजन एक ऐसा हॉर्मोन है, जो दाेनों में ही पाया जाता है। कई बार मेन में हॉर्मोनल प्रॉब्लम का कारण, एस्ट्रोजन का घटा या बढ़ा हुआ लेवल भी हो सकता है। इससे, उनकी प्रजनन क्षमता, यौन क्रिया और सेक्स लाइफ में भी प्राॅब्लम आ सकती है। वैसे तो, एस्ट्रोजेन को “महिला” हाॅर्मोन ही कहा जाता है, क्योंकि एस्ट्रोजन और प्रजनन क्षमता में गहर संबंध होता है। लेकिन यह हॉर्मोन पुरूषों में भी होता है। एस्ट्रोजन एक सेक्स हाॅर्मोन भी है। मानव शरीर में एस्ट्रोजेन हॉर्मोन की कई भूमिका होती है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है, हड्डी और अच्छे हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है। जानें यहां पुरुषों में एस्ट्रोजन के असंतुलन के कारणों को।

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    पुरुषों में हाय एस्ट्रोजन के कारण (Causes of high estrogen in men)

    पुरुषों में होने वाले हाय एस्ट्रोजन के कई कारण हो सकते हैं। कई स्वास्थ्य स्थितियां व कई प्रकार की दवाओं के सेवन से पुरुषों में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ सकता है, जिनके बारे में नीचे जानकारी दी गई है:

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    पुरुषों में हाय एस्ट्रोजन के लक्षण (Symptoms of high estrogen level in men)

    एस्ट्रोजन उन हाॅर्मोनों में से एक है, जिनका उपयोग आपका शरीर शुक्राणु बनाने के लिए करता है। हाय एस्ट्रोजन का स्तर शुक्राणु के उत्पादन को धीमा कर सकता है। इसके अलावा यह हेल्दी शुक्राणु में कठिनाई का कारण बन सकता है। हाय एस्ट्रोजन के कारण पुरुष के शरीर में कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं, जिनके लक्षण कुछ इस प्रकार हैं, जैसे कि:

    • छोटा कद होना
    • बांझपन
    • तनाव बने रहना
    • खराब सेक्स लाइफ
    • थकान महसूस करना
    • वीर्य में शुक्राणु एकाग्रता में कमी
    • अंडकोष में कमी
    • शरीर के बालों के झड़ने की समसया

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    पुरुषों में लो एस्ट्रोजन (Low estrogen level in men)

    लेख में ऊपर आपने जाना पुरुषों में हाय एस्ट्रोजन चिंता का विषय है, लेकिन इसका स्तर कम होना कोई खतरे की बात नहीं है। लेकिन इसके कई लक्षण हाय एस्ट्रोजन के लक्षण जैसे हो सकते हैं। शरीर में एस्ट्रोजन का असंतुलन हाइपोगोनैडिज्म की समस्या के कारण हो सकता है। यह एक ऐसी ऐसी स्थिती है जिसमें शरीर में हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है।

    पुरुषों में कम एस्ट्रोजन के कारण (Causes of Low estrogen in men)

    हाइपोगोनैडिज़्म के कारण पुरुषों में एस्ट्रोजन का लेवल कम हो जाता है। लो एस्ट्रोजन भी पुरुषों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है। इसके कारण भी उनके प्रजनन क्षमता और सेक्स लाइफ प्रभावित हो सकती है। हाइपोगोनाडिज्म के कारण पुरूषों में लो एस्ट्रोजन के निम्नलिखित संभावित कारण हो सकते हैं:

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    वयस्क होने पर उच्च एस्ट्रोजन होने के जोखिम

    वयस्क में एस्ट्रोजन का उच्च स्तर कुछ स्थितियों के जोखिम को बढ़ा सकता है, जिसमें शामिल हैं:

    • पुरुषों के स्तन बढ़ते हैं (गाइनेकोमास्टिया)
    • मधुमेह
    • खून के थक्के
    • स्ट्रोक
    • स्तन और प्रोस्टेट कैंसर सहित कुछ कैंसर

    खाद्य पदार्थ जो एस्ट्रोजन के हाय लेवल को कम कर सकते हैं –

    आहार में परिवर्तन करके एस्ट्रोजन के हाय लेवल को नियंत्रित किया जा सकता है। इस परेशानी से राहत पाने के लिए नीचे बताई गई खाने के चीजों को अपनी डायट में शामिल करें:

    क्रूसिफायर सब्जियों का सेवन एस्ट्रोजेन उत्पादन को रोकने में मददगार साबित हो सकता है। इस लिस्ट में ब्रोकोली, केल आदि का नाम शामिल है।

    • लाल अंगूर में मौजूद प्रोएन्थोसाइनिडिन और रेसवेराटरोल, प्राकृतिक रूप से एस्ट्रोजन को ब्लॉक करने का काम करते हैं। इसलिए हाय एस्ट्रोजन लेवल को नियंत्रित करने के लिए लाल अंगूर को डायट का हिस्सा बनाएं।
    • तिल और अलसी का सेवन भी फायदेमंद हो सकता है।
    • साबुत अनाज जैसे जई, मक्का और चावल को आहार का हिस्सा बनाएं। इसमें पॉलीफेनोल नामक माइक्रोन्यूट्रिएंट होता है।
    • ग्रीन टी का सेवन भी लाभदायक हो सकता है। पॉलीफेनोल का एक और अच्छा स्रोत है।
    • अनार एस्ट्रोजन-ब्लॉकिंग फाइटोकेमिकल्स में उच्च होता है। इसलिए अनार को भी डायट में शामिल कर सकते हैं।

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    डायट से जुड़ी इन बातों का भी रखें खास ख्याल

    सोया उत्पाद: सोया से बने उत्पाद फाइटोएस्ट्रोजेन नामक यौगिकों से भरपूर होते हैं। इसमें पाए जाने वाले रसायनों से एस्ट्रोजन बनता है। सोया प्रोडक्ट के इस्तेमाल से शरीर में एस्ट्रोजेन का लेवल भी कंट्रोल में रहता है। जिन पुरुषों में एस्ट्रोजन की कमी पायी जाती है, उन्हें सोया फूड का सेवन करना चाहिए। वहीं सोया को लेकर कुछ अध्ययनों में मालूम होता है कि सोया उत्पाद शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ा सकता है। इसलिए सोया प्रोडक्ट्स को आहार में शामिल करने से पहले आहार विशेषज्ञ से संपर्क करना बेहतर होगा।

    पत्तेदार सब्जियां: पत्तेदार सब्जियों का सेवन वैसे भी हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। शरीर में एस्ट्रोजेन के स्तर को कम करने में भी ये अहम भूमिका निभा सकती हैं। दरअसल, पत्तेदार सब्जियों में इंडोल-3-कार्बिनॉल नामक रसायन होता है, जिसमें एस्ट्रोजन विरोधी प्रभाव हो सकता है। इसलिए हाय एस्ट्रोजेन से ग्रसित लोग पत्तेदार सब्जियों को अपनी डायट का हिस्सा बना सकते हैं।

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    खाने पीने की इन चीजों का सेवन करें एवॉइड

    डेयरी और मीट प्रोडक्ट्स का सेवन करने से बचें: मीट पदार्थ में एस्ट्रोजन मौजूद होते हैं, जिस वजह से हाय एस्ट्रोजन वाले पुरुषों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

    फलियों से करें परहेज: फलियां, जैसे दाल, मूंगफली और छोले के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। उदाहरण के लिए, इनमें अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में प्रोटीन होता है। कई शोध के मुताबिक, फलियों में आइसोफ्लेवोन्स के रूप में फाइटोएस्ट्रोजेन भी होता है, जो शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ा सकता है।

    शराब का सेवन न करें: कई शोध के मुताबिक, शराब का अधिक सेवन करने से शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होता है और एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ता है।

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    डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

    जो पुरुष कम एस्ट्रोजन के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, उन्हें कभी भी इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके लिए जितना जल्दी हो डॉक्टर से परामर्श करें। डॉक्टर इसके कारण का पता लगा उसका इलाज कर सकते हैं। कम एस्ट्रोजन के स्तर का इलाज करने के लिए चिकित्सक हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरिपी का सहारा ले सकते हैं।

    लेख में उच्च और निम्न एस्ट्रोजन के लक्षणों की विस्तार से जानकारी दी गई है। एस्ट्रोजन के इलाज के साथ आहार का ध्यान रखना व नियमित रूप से व्यायाम करने से बेहतर परिणाम देखने के मिल सकते हैं। उम्मीद करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। स्वास्थ्य संबंधित ऐसी जानकारी के लिए आप हैलो स्वास्थ्य के अन्य आर्टिकल को भी पढ़ सकते हैं।

     

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    Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 11/02/2021 को
    और ari द्वारा फैक्ट चेक्ड
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