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पुरुषों को नहीं इग्नोर करने चाहिए हेल्थ इशू, वरना हो सकती हैं खतरनाक बीमारियां

पुरुषों को नहीं इग्नोर करने चाहिए हेल्थ इशू, वरना हो सकती हैं खतरनाक बीमारियां

अगर आपसे ये प्रश्न पूछा जाए कि महिलाएं खुद को फिट रखती हैं या फिर पुरुष? ज्यादातर लोगों का जवाब होगा महिलाएं। काफी हद तक ये सच भी है कि महिलाएं खुद के स्वास्थ्य को लेकर पुरुषों की अपेक्षा सजग रहती हैं। ऐसा देखा गया है कि (पुरुषों का स्वास्थ्य) मेन्स हेल्थ को लेकर कई मामलों में अनदेखी करते हैं और डॉक्टर के पास जाने से बचते हैं। आपने सुना ही होगा कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं लंबी आयु जीती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि महिलाएं स्वास्थ्य के मुद्दों को नजरअंदाज न कर डॉक्टर के पास जाती हैं। अगर बीमारी को शुरुआत में ही पकड़ लिया जाए, तो उसका ट्रीटमेंट आसानी से किया जा सकता है। बीमारी के बढ़ने पर इलाज के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जानिए पुरुषों का स्वास्थ्य बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए और किन बातों का ख्याल रखना चाहिए ?

और पढ़ें : Night Fall: क्या स्वप्नदोष को रोका जा सकता है? जानें इसका ट्रीटमेंट

पुरुषों का स्वास्थ्य : मेन्स हेल्थ के बारे में जानकारी

पुरुषों में सम्पूर्ण स्वास्थ्य किसे माना जाता है? अगर आपको लगता है कि स्वास्थ्य का मतलब केवल शरीर की तंदुरुस्ती है, तो ये बिल्कुल भी सही नहीं है। पुरुषों में संपूर्ण स्वास्थ्य के अंतर्गत शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य शामिल है। आपने हेल्दी एजिंग के बारे में जरूर सुना होगा। उम्र बढ़ने के साथ ही हमारे शरीर को बहुत-सी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अगर बात पुरुषों के स्वास्थ्य यानी मेन्स हेल्थ की हो, तो चैलेंज ज्यादा बढ़ जाते है। कारण साफ है कि पुरुष शरीर पर तब तक ध्यान नहीं देते हैं, जब तक उनको किसी प्रकार की समस्या न हो जाए। पुरुषों की शारीरिक बीमारियों में मुख्य रूप से मेन्स हॉर्मोन इशू, इरेक्टाइल डिसफंक्शन, पेरोनी डिजीज, पीनस से संबंधित बीमारियां, हेयर रिलेटेड इशू आदि शामिल हैं। अगर मानसिक स्वास्थ्य की बात की जाए, तो महिलाओं की अपेक्षा पुरुष अधिक इमोशनल होते हैं।

इस बारे में जनरल क्लीनिक फिजिशियन डॉ अशोक रामपाल का कहना है, “मैंस अपनी हेल्थ को लेकर बहुत ज्यादा संकोच करते हैं, खासतौर पर प्राइवेट पार्ट को लेकर। जिस वजह से कई बार वो बीमारियों को लेकर परेशान होते हुए भी किसी से बोल नहीं पाते हैं। इसके अलावा समाज की अवधारणाओं के मुताबिक पुरुष चाहकर भी अपनी भावनाओं को दूसरे से शेयर नहीं कर पाते हैं। हमारे समाज में ऐसा माना जाता है कि पुरुषों को भावनाओं में नहीं बहना चाहिए और बहुत मजबूत होना चाहिए। इन कारणों से कम उम्र में ही पुरुष खुद की भावनाओं को छिपाना शुरू कर देते हैं। इन्हीं कारणों से पुरुषों की मेंटल हेल्थ प्रभावित होती है। मानसिक तनाव डिप्रेशन का कारण बन सकता है। पुरुषों के पूर्ण रूप से स्वस्थ्य होने का मतलब है कि उन्हें किसी भी तरह की शारीरिक और मानसिक बीमारी न हो। आइए जानते हैं कि पुरुषों से संबंधित मुख्य बीमारियां कौन-सी हैं।”

और पढ़ें : पीनस फंगल इंफेक्शन के कारण और उपचार

कौन-कौन सी तकलीफें पुरुषों को हो सकती हैं?

महिलाओं की तरह ही पुरुषों में कई बीमारियां होने का खतरा होता है। पुरुषों में कुछ जानलेवा बीमारियां भी हो सकती हैं। कुछ डिजीज, जैसे कि हार्ट संबंधी समस्याएं (एंजाइना, हार्ट अटैक, कार्डिएक अरेस्ट), क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) , लंग कैंसर (Lung Cancer), प्रोस्टेट कैंसर (Prostate cancer) आदि प्रमुख है। अगर इन बीमारियों के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान न दिया जाए, तो जान जाने का खतरा भी रहता है। शुरुआती लक्षणों को पहचानकर बीमारी का इलाज कराने से बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। पुरुषों का स्वास्थ्य दी गई बीमारियों के साथ ही अन्य बीमारियों से भी प्रभावित हो सकता है।

पुरुषों का स्वास्थ्य : पुरुषों में बालों से संबंधित समस्या (Men’s Hair Care)

पुरुषों में बाल झड़ने या फिर गंजेपन की समस्या आम है। ऐसा नहीं है कि महिलाओं के बाल नहीं झड़ते, लेकिन पुरुषों में गंजापन महिलाओं की अपेक्षा अधिक होता है। ऐसा निम्नलिखित कारणों से हो सकता है।

  • अगर किसी व्यक्ति को गंजेपन की समस्या हो रही है, तो ये अनुवांशिक भी हो सकता है। ये समस्या जेनेटिक हो सकती है।
  • हेयर लॉस के अन्य कारण भी हो सकते हैं। जब पुरुषों में किसी कारण से टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा बढ़ने या फिर घटने लगती है, तो इसका असर बालों में दिखता है।
  • भागदौड़ भरी जिंदगी, घर और ऑफिस का स्ट्रेस भी पुरुषों के बाल झड़ने का कारण बन सकता है।
  • मेल पैटर्न बाल्डनेस के कारण सिर के बाल बहुत कम हो जाते हैं। ये समस्या पुरुषों में अधिक पाई जाती है। इस समस्या के कारण पुरुषों में आगे की तरफ से बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं। ऐसा अनुवांशिक या फिर कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण भी हो सकता है।

और पढ़ें : कलर ब्लाइंडनेस पुरुषों में ज्यादा क्यों होती है?

पुरुषों का स्वास्थ्य: हॉर्मोन इशू (Men’s Hormone Issues)

पुरुषों में हॉर्मोन के असंतुलन के कारण खून में हॉर्मोन की मात्रा कम या फिर ज्यादा हो जाती है। ऐसा कई कारणों से हो सकता है। हॉर्मोन की गड़बड़ी के कारण पुरुषों में कई बीमारियां जन्म ले सकती हैं। हॉर्मोन बॉडी में कैमिकल मैसेंजर की तरह काम करता है। अगर हॉर्मोन कम या ज्यादा मात्रा में बनता है, तो शरीर में दुष्प्रभाव दिखने लगते हैं। पुरुषों में टेस्टेस्टोरॉन (Testosterone ) को प्राइमरी मेल हॉर्मोन के रूप में जाना जाता है। कार्टिसोल और इंसुलिन भी मुख्य हॉर्मोन हैं। अगर ये हॉर्मोन असंतुलित हो जाते हैं, तो निम्नलिखत समस्याएं होने लगती हैं।

एंड्रोपॉज (Andropause): कम मात्रा में टेस्टोस्टेरॉन का बनना एंड्रोपॉज का कारण बन सकता है। मेल मोनोपॉज होने पर निम्नलिखित लक्षण नजर आ सकते हैं।

एड्रिनल फटीग (Adrenal fatigue): कोर्टिसोल हॉर्मोन के कम लेवल के कारण एड्रिनल फटीग की समस्या हो सकती है। ऐसे में व्यक्ति को स्ट्रेस की समस्या हो सकती है।

हायपोथायरॉडिज्म (Hypothyroidism): अंडरएक्टिव थायरॉयड ग्लैंड थायरॉयड हॉर्मोन का कम प्रोडक्शन करती है। इस कारण से हायपोथायरॉडिज्म की समस्या हो सकती है।

हायपरथायरॉयडिज्म ( Hyperthyroidism): ओवरएक्टिव थायरॉयड ग्लैंड मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का काम करता है। हायपरथायरॉयडिज्म के कारण वजन कम होने लगता है। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर ग्लैंड को हटा भी सकते हैं।

आइए जानते हैं कि पुरुषों में हॉर्मोन की गड़बड़ी के कारण क्या समस्याएं दिख सकती हैं?

  • वजन बढ़ना या वजन कम होना
  • नींद न आना
  • ब्लड प्रेशर हाई या लो होना
  • स्किन रैशेज
  • हार्ट संबंधी समस्याएं
  • हड्डियों का कमजोर होना
  • डिप्रेशन
  • कम सेक्स ड्राइव
  • शरीर में सूजन
  • इनफर्टिलिटी की समस्या
  • ब्लर विजन

और पढ़ें : मेल ब्रेस्ट कैंसर के क्या हैं कारण, जानिए लक्षण और बचाव

पुरुषों का स्वास्थ्य : इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile Dysfunction)

इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) यौन संबंधी समस्या है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से जूझ रहे पुरुषों को यौन संबंध बनाते समय पीनस में उत्तेजना बनाए रखने में समस्या होती है। ये समस्या पुरुषों में मेंटल स्ट्रेस का कारण भी बन सकती है। इसे नपुंसकता भी कहते हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या के कारण इरेक्शन में दिक्कत होती है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि अधिक उम्र, मोटापा, डायबिटीज की समस्या, ब्लड प्रेशर सामान्य न रहना आदि। अधिकतर पुरुष इस समस्या के बारे में अपने पार्टनर या फिर डॉक्टर को बताने से कतराते हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या को दूर किया जा सकता है। अगर कोई भी व्यक्ति इस समस्या से पीड़ित है, तो उसे बिना हिचक के ये बात अपने पार्टनर के साथ ही डॉक्टर से भी शेयर करनी चाहिए।

पुरुषों का स्वास्थ्य : पेरोनी डिजीज (Peyronie’s Disease)

पेरोनी डिजीज (Peyronie’s Disease) के कारण लिंग के आकार में परिवर्तन आ जाता है। लिंग में टेढ़ापन पीनस के टिशू में घाव के कारण हो सकता है। ऐसे में लिंग या तो ऊपर की ओर या फिर नीचे की ओर मुड़ जाता है। इस कारण से पुरुषों को सेक्स के दौरान समस्या हो सकती है। पुरुषों को पेरोनी डिजीज के कारण सेक्स के समय दर्द का एहसास भी होता है। कुछ पुरुषों में पेरोनी डिजीज अपने आप भी ठीक हो सकती है। अगर आपको पेरोनी डिजीज है, तो इस बारे में डॉक्टर से बात जरूर करें।

पीनस हेल्थ (Penis Health)

पीनस से संबंधित एक नहीं बल्कि कई समस्याएं हैं। सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, हाइजीन न होने के कारण इन्फेक्शनआदि पीनस हेल्थ को खराब करने का काम करते हैं। हाइजीन प्रैक्टिस, लाइफस्टाइल चेंजेस आदि पीनस हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं। पीनस हेल्थ से मतलब है,

  • कम्फर्टेबल यूरिनेशन की एबिलिटी
  • इरेक्शन मेंटेन करना
  • आपकी फर्टिलिटी

हॉर्मोन का बिगड़ता लेवल पीनस हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है। जैसा कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि टेस्टेस्टोरॉन (Testosterone ) का आसामान्य लेवल इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) का कारण बन सकता है। वहीं पेनियल कैंसर और पीनस से फैलने वाला इन्फेक्शन पीनस हेल्थ को नुकसान पहुंचाता है। पीनस हेल्थ खराब होने पर पुरुषों की सेक्स लाइफ भी प्रभावित होती है। अगर पीनस के आसपास सफाई रखी जाए और साथ ही डॉक्टर की सलाह ली जाए, तो पीनस से होने वाली समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

और पढ़ें : आपकी सेहत के बारे में क्या बताता है अंडकोष का रंग? जानें अंडकोष का इलाज

इन तकलीफों से कैसे निजात पाया जा सकता है?

पुरुषों का स्वास्थ्य : बालों से संबंधित समस्याओं से छुटकारा

डॉक्टर जांच के माध्यम से बाल झड़ने का कारण पता करते हैं। हेयर फॉल का कारण जानने के बाद डॉक्टर ओवर-द-काउंटर दवाओं को खाने की सलाह दे सकते हैं। साथ ही लोशन स्कैल्प में लगाने की सलाह भी दी जा सकती है। ऐसा करने से हेयर फॉल की समस्या में कमी आती है। गंजेपन की समस्या से निपटने के लिए हेयर ट्रांसप्लांट,फॉलिक्यूलर यूनिट स्ट्रीप सर्जरी, लो-लेवल लेजर थेरिपी (LLLT) की सहायता से हेयर फॉल को कम किया जा सकता है। बेहतर होगा कि समय-समय पर चेकअप कराएं और लाइफस्टाइल में सुधार करें।

पुरुषों का स्वास्थ्य : इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile Dysfunction) से निजात

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या से निपटने के लिए आपको शर्माने की बजाय सेक्स स्पेशलिस्ट से बात करनी चाहिए। आप सेक्स थेरेपिस्ट की मदद भी ले सकते हैं। जब आप अपनी प्रॉब्लम खुलकर डॉक्टर को बताएंगे, तभी डॉक्टर समस्या का समाधान ढूढ़ेंगा। डॉक्टर फिजिकल एग्जामिनेशन की हेल्प से समस्या का कारण जानने की कोशिश करेंगे। डॉक्टर मेंटल हेल्थ के बारे में भी जानकारी हासिल कर सकते हैं। कई बार प्रोस्टेट ग्लैंड में होने वाली समस्या भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का कारण बन सकती है। डॉक्टर हॉर्मोन टेस्ट,प्रोलैक्टिन टेस्ट, थायरॉइड टेस्ट, टेस्टोस्टेरॉन टेस्ट आदि भी कर सकता है। आप डॉक्टर से जांच कराने के बाद इलाज के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

मेन्स हॉर्मोन इशू से कैसे मिलेगा छुटकारा ?

शरीर में हॉर्मोन की गड़बड़ी खराब लाइफस्टाइल के कारण हो सकती है। ऐसे में बैलेंस्ड डायट लेनी चाहिए। साथ ही खाने में शुगर को सीमित मात्रा में लें। खाने में हेल्दी फैट्स लेना शुरू कर दें। आपको स्ट्रेस को भी मैनेज करना भी सीखना होगा। हॉर्मोन लेवल को सामान्य रखने के लिए एक्सरसाइज से दोस्ती कर लें। आप चाहे तो रोजाना योग भी कर सकते हैं। योग करने से स्ट्रेस से राहत मिलती है।

पीनस की समस्या से छुटकारा

पीनस की अच्छी हेल्थ के लिए जरूरी है कि साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए। लिंग के आस-पास की स्किन के साथ ही जाघों की सफाई जरूर करें। जांघों के बीच में अक्सर पसीना इकट्टा हो जाता है, जो इन्फेक्शन या फिर खुजली का कारण बन सकता है। अंडकोश और उसके आसपास की त्वचा को साफ रखें। अक्सर लोग पेरिनियम (अंडकोश और एनस के बीच का स्थान) की सफाई नहीं करते हैं। पेरिनियम की त्वचा की सफाई भी रखें। अगर आप हाइजीन का ख्याल रखेंगे, तो बैलेनाइटिस जैसी बीमारी से बच सकते हैं। लिंग के आगे के भाग में सूजन की समस्या को बैलेनाइटिस कहते हैं। स्ट्रेस मैनेजमेंट, वेट मेंटेन, पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज पीनस हेल्थ को स्वस्थ्य बनाती है।

पेरोनी डिजीज से निजात

लिंग का टेढ़ापन पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य को अधिक प्रभावित करता है। बेहतर रहेगा कि आप इस बारे में डॉक्टर से बात करें। डॉक्टर आपसे कुछ सवाल भी पूछ सकता है। पेरोनी डिजीज से निजात पाने के लिए डॉक्टर ट्रीटमेंट की सलाह भी दे सकते हैं। आपको बिना शर्माए ट्रीटमेंट कराना चाहिए और अपने पार्टनर से भी इस बारे में खुलकर बात करनी चाहिए।

और पढ़ें : पुरुषों की सेक्स लाइफ में क्या-क्या दिक्कतें होती हैं, जानें यहां

पुरुषों का स्वास्थ्य : कौन-कौन से स्क्रीनिंग टेस्ट मौजूद हैं ?

नियमित स्क्रीनिंग टेस्ट कराने से पुरुष कई बीमारियों से बच सकते हैं। स्क्रीनिंग टेस्ट की हेल्प से बीमारियों का सही समय पर निदान करने में सहायता मिलती है।
पुरुषों को समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करानी चाहिए।

  • ब्लड शुगर टेस्ट
  • ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट
  • प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन (PSA) ब्लड टेस्ट
  • HIV टेस्ट
  • कैंसर की जांच

हेल्थ एक्सपर्ट मेन्स हेल्थ को लेकर क्या कहना चाहते हैं?

फोर्टिस हॉस्पिटल मुलुंड के जनरल फिजिशियन डॉ. संजय शाह के अनुसार, ” पुरुषों में हॉर्मोन चेंजेस मेनोपॉज परिवर्तन की तरह होता है। टेस्टोस्टेरॉन के स्तर में कमी आने से एनर्जी लो हो जाती है, सेल्फ कॉन्फडेंस कम होना, नींद में कमी, सेक्स संबंधी समस्याएं, वीक बोंस डेंसिटी की समस्या हो जाती है। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए हेल्दी डायट, रेगुलर एक्सरसाइज, पूरी नींद, स्ट्रेस कंट्रोल के साथ ही हॉर्मोनल थेरिपी की जरूरत पड़ती है। ”
डॉ. संजय शाह ने हैलो स्वास्थ्य को बताया कि पुरुषों में बालों का झड़ना अनुवांशिक लक्षणों के कारण होता है। कुछ बीमारियों, थायरॉयड की समस्या, प्रोटीन की कमी, फंगल इन्फेक्शन या स्ट्रेस हेयर लॉस का कारण बनते हैं। खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाकर, अच्छी लाइफस्टाइल अपनाकर, स्मोकिंग छोड़कर, बैलेंस्ड डायट लेकर हेयर लॉस की समस्या से निजात पाया जा सकता है। लोकल स्कैल्प ट्रीटमेंट, हेयर ट्रांसप्लांट आदि उपाय लॉन्ग टर्म थेरिपी के रूप में अपनाएं जा सकते हैं। पुरुषों में लिबिडो ( libido) में कमी की जांच जरूरी होती है। कुछ बीमारियों के कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile Dysfunction), प्रीमेच्योर इजेक्युलेशन की समस्या हो सकती है। ऐसे में डायबिटीज, थायरॉयड, स्ट्रेस आदि का पता लगाना बहुत जरूरी है। लाइफस्टाइल में सुधार, पर्याप्त नींद, स्ट्रेस से छुटकारा बहुत जरूरी है। जांच के बाद हॉर्मोनल थेरिपी, साइकोथेरिपी, प्रोस्टेट डिसऑर्डर का सुधार, सिल्डेनाफिल के साथ ड्रग थेरिपी और इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए डिवाइस थेरिपी को अपनाया जा सकता है।

पुरुषों का स्वास्थ्य : जानिए मेन्स हेल्थ इशू के बारे में

पुरुषों में हेल्थ इशू कई कारणों से हो सकते हैं। शारीरिक के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं भी देखने को मिलती हैं। जानिए मेन्स हेल्थ इशू के बारे में।

मेंटल हेल्थ से संबंधित समस्याएं

महिलाओं की अपेक्षा पुरुष मन की बात को शेयर करने से हिचकिचाते हैं। इस कारण से पुरुषों को मानसिक बीमारियों का अधिक सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि पुरुष महिलाओं की अपेक्षा अधिक सुसाइड करते हैं। डब्लूएचओ की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि हाई इनकम कंट्रीज में पुरुषों के सुसाइड करने की संख्या तीन गुना ज्यादा है। पुरुषों को डिप्रेशन की समस्या भी जल्द घेरती है। पुरुषों को मेंटल हेल्थ इशू होने पर निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

  • मूड में बदलाव
  • गुस्सा आना
  • नींद न आना या ज्यादा आना
  • एल्कोहॉल या ड्रग का अधिक सेवन
  • सुसाइड थॉट
  • अकेलेपन का एहसास
  • स्ट्रेस

लाइफस्टाइल से संबंधित समस्याएं

हेल्दी लाइफस्टाइल न अपनाने की वजह से भी पुरुषों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ब्रेकफास्ट या लंच न करना, ऑयली फूड और अनहेल्दी फूड खाना, एक्सरसाइज न करना, देर रात तक जागना आदि शारीरिक समस्याओं का कारण बनता है। ऑफिस स्ट्रेस के कारण लाइफस्टाइल हेल्दी नहीं रह पाती है।

एडीक्शन इन मेन

महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में एल्कोहॉल, स्मोकिंग और ड्रग्स की लत जल्दी लगती है। एल्कोहॉल का अधिक सेवन करने से न सिर्फ पुरुषों को शारीरिक बल्कि मानसिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। अधिक शराब का सेवन सुसाइड के लिए उकसा सकता है। बुरी लत जैसे कि मरिजुआना, कोकीन का सेवन स्ट्रोक, हार्ट और लिवर डिजीज का कारण भी बन सकता है। पुरुषों की बुरी लत उनकी मौंत का कारण भी बन सकती है।

डायट

पौष्टिक आहार का सेवन शरीर को हेल्दी बनाता है। खाने में जरूरी प्रोटीन, मिनिरल्स, विटामिंस, कार्ब आदि को जरूर शामिल करना चाहिए। अगर शरीर में पोषण की कमी होती है, तो शरीर बीमार पड़ सकता है। अगर वजन कम करना है या फिर वजन बढ़ाना है, तो उसके लिए स्पेशल डायट ली जा सकती है।

इन तरीकों से पुरुष बना सकते हैं अपनी सेहत बेहतर

पुरुषों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है कि वो अच्छी डायट लेने के साथ ही एक्सरसाइज भी करें। शरीर के विभिन्न भागों को मजबूत बनाने के लिए अलग-अलग एक्सरसाइज की हेल्प ली जा सकती है। हम आपको यहां कुछ एक्सरसाइज के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

केटलबेल वर्कआउट ( kettlebell workout for men)

केटलबेल वर्सेटाइल टूल है। केटलबेल टूल की हेल्प से मसल्स की स्ट्रेंथ को बढ़ाया जा सकता है। साथ ही ये बॉडी फैट को कम करने का काम करती है। एक्सपर्ट की हेल्प से इस एक्सरसाइज को करना चाहिए। डबल केटलबेल फ्रंट स्क्वॉट्स, सिंगल लेग केटलबेल आरडीए, डबल केटलबेल बल्गेरियन स्प्लीट स्क्वॉट्स की मदद से मसल्स की स्ट्रेंथ को बढ़ाया जा सकता है।

कार्डियो एक्सरसाइज

कार्डियो एक्सरसाइज की हेल्प से पुरुष कैलोरी बर्न कर सकते हैं और साथ ही शरीर को फुर्तीला बना सकते हैं। जिन लोगों का मेटाबॉलिज्म ठीक नहीं रहता है, उनके लिए कार्डियो बेहतर विकल्प है। आप कार्डियो एक्सरसाइज को घर में भी कर सकते हैं। आप जंपिंग जैक, स्पॉट जॉग, क्रॉस जैक, स्केटर स्क्वॉट्स, रस्सी कूद आदि घर में कर सकते हैं।

लेग वर्कआउट

पैरों की मजबूती के लिए लेग वर्कआउट बहुत जरूरी है। अगर आपने कभी भी वर्कआउट नहीं किया है तो आप वॉक से शुरूआत कर सकते हैं। लेग वर्कआउट के लिए आप जिम की हेल्प भी ले सकते हैं। एक्सरसाइज से पहले वॉर्मअप जरूर करें। लेग प्रेस, वॉकिंग लंज के साथ ही स्क्वॉट्स आपके पैरों को मजबूत बनाने का काम करेंगे। अगर आपको रनिंग पसंद है, तो रोजाना 20 से 30 मिनट रनिंग करें।

एब्स वर्कआउट

एब्स का नाम सुनते ही दिमाग में सिक्स या ऐट पैक एब्स के बारे में ख्याल आने लगता है। एब्स एक्सरसाइज फ्लैट पेट के लिए की जा सकती है। एक्सरसाइज के साथ ही खानपान का ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है। आप प्लैंक, सीटेड, नी टक, लैग रेज आदि एक्सरसाइज कर सकते हैं। चेस्ट के लिए एक्सरसाइज करते समय आपको एक्सपर्ट से राय जरूर लेनी चाहिए।

कोर वर्कआउट

बैक और एब्डॉमिनल मसल्स की स्ट्रेंथ के लिए कोर वर्कआउट किया जा सकता है। कोर एक्सरसाइज में क्रंचेज, प्लांक, बर्ड डॉग, माउंटेन क्लाइम्बर आदि एक्सरसाइज कर सकते हैं। आप इस बारे में अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से बात जरूर करें।

वेट ट्रेनिंग

मसल्स गेन करने के लिए, मोटापे को कम करने के साथ ही शरीर की स्ट्रेंथ को बढ़ाने के लिए वेट ट्रेनिंग की जाती है। आप वेट ट्रेनिंग के लिए डम्बल का यूज कर सकते हैं। एक साथ ज्यादा वेट उठाने की भूल न करें और ट्रेनर की हेल्प से वेट उठाएं।

योग का करें अभ्यास

योग का अभ्यास रोजाना करने से आपको मानसिक के साथ ही शारीरिक परेशानियों से भी राहत मिलेगी। कंधे मजबूत करने के लिए नटराज आसन, बॉडी को फ्लेक्सिबल बनाने के लिए गोमुख आसन, पेट के रोगों को दूर करने के लिए हलासन, मसल्स की स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए सेतु बांध आसन किया जा सकता है। अगर आप पहली बार योग कर रहे हैं तो एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

स्वीमिंग और रनिंग

आपने सुना होगा कि स्वीमिंग करने से पूरे शरीर की एक्सरसाइज होती है। ये बात बिल्कुल सच है। अगर आप रोजाना स्वीमिंग करते हैं तो कैलोरी बर्न होने के साथ ही आपको फुर्तीलेपन का एहसास भी होगा। जिन लोगों के पास एक्सरसाइज का समय नहीं है, वो लोग 30 मिनट तक रनिंग कर सकते हैं। रनिंग शरीर को फिट रखने का काम करती है।

और पढ़ें : पुरुषों में हेयर फॉल के कारण और इलाज के बारे में जानें सबकुछ

पुरुषों का स्वास्थ्य : मेंटल हेल्थ के लिए उपाय

शरीर को स्वस्थ्य बनाने के साथ ही दिमाग को स्वस्थ्य बनाना भी बहुत जरूरी है। दिमाग के स्वस्थ्य न होने पर मानसिक बीमारियां घर कर सकती हैं। किसी प्रकार की टेंशन या स्ट्रेस होने पर आपको खुलकर बात करने की जरूरत है। आप अपने परिवार के सदस्यों या फिर दोस्त को अपनी परेशानियों से रूबरू करवा सकते हैं। पुरुषों को अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए इन बातों को ध्यान रखना चाहिए।

  • हमेशा सकारात्मक सोचें। ऐसे लोगों के साथ टाइम स्पेंड करें, जो आपको पॉजिटिव फील करवाएं।
  • आप दूसरों की मदद कर अच्छा महसूस कर सकते हैं। अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए खुश रहना बहुत जरूर है
  • आपको शांत रहने की आवश्यकता है। आप चाहे तो मेडिटेशन का सहारा ले सकते हैं।
  • आपको जब भी कोई समस्या सताएं, उसे मन में न रखें।

पुरुषों के लिए डायट

अक्सर देखने को मिलता है कि पुरुष अपने खानपान का ध्यान नहीं रखते हैं। अक्सर पुरुष पोषण के लिए नहीं, बल्कि भूख मिटाने के लिए खाना खाते हैं। ऐसा करने से शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता है। जानिए पुरषों को कैसी डायट लेनी चाहिए।

फर्टिलिटी डायट

पुरुषों में इनफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है। स्पर्म क्वालिटी बेहतर न होने पर इनफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है। अगर खानपान पर ध्यान दिया जाए, तो इन समस्याओं से बचा जा सकता है। फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए खाने में निम्नलिखित फूड शामिल करने चाहिए।

  • ऑरेंज
  • पम्पकिन सीड्स
  • अंकुरित अनाज
  • पत्ता गोभी
  • डार्क ग्रीन लीव्स (पालक)
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड (मछली)
  • अनार
  • डेयरी प्रोडक्ट (लो फैट)
  • एवोकैडो

बल्किंग डायट (Bulking Diet)

बल्किंग का मतलब मसल्स गेनिंग होता है। बॉडी को जितनी कैलोरी चाहिए, उससे ज्यादा मात्रा में कैलोरी लेने पर मसल्स गेन होती है। बल्किंग डायट फैट मास को बढ़ाता है, इसलिए इसे लेने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। आप बल्किंग डायट में स्टार्ची वेजीटेबल्स, ग्रेंस, डेयरी प्रोडक्ट, मीट, सीफूड्स, एग, ब्लैक बींस, नट्स बटर, बेवरेज विटआउट एडेड शुगर ले सकते हैं।

वेट ट्रेनिंग डायट (Weight training Diet)

वेट ट्रेनिंग डायट को बॉडी बिल्डिंग डायट भी कहते हैं। वेट ट्रेनिंग डायट में मुख्य रूप से वेजीटेब्लस, व्होल ग्रेन, बींस, नट्स और सीड्स को शामिल करना चाहिए। साथ ही नॉनवेज खाने वाले लोग लीन मीट, फिश, एग, लो फैट डेयरी प्रोडक्ट को भी शामिल कर सकते हैं। आपको कम मात्रा में सैचुरेटेड फैट लेना चाहिए।

मसल्स बिल्डिंग डायट (Muscle building diet)

मसल्स गेन करने के लिए हाई प्रोटीन डायट लेनी चाहिए। ऐसे में आपको खाने में प्रोटीन वाले फूड को शामिल करना चाहिए। मसल्स बिल्डिंग डायट के रूप में आपको खाने में एग, दाले, सालमॉन (Salmon),चिकिन ब्रेस्ट (Chicken Breast), ग्रीक योगर्ट (Greek Yogurt), लीन बीफ (Lean Beef), सोयाबीन, कॉटेज चीज, बींस आदि को शामिल कर सकते हैं।

कीटो डायट (Keto Diet)

कम कार्ब्स और ज्यादा फैट वाली डायट कीटो डायट कहलाती है। कीटो डायट को फॉलो करने वाले पुरुषों को खाने में कम कार्ब्स, मीडियम प्रोटीन और हाई फैट को शामिल करना चाहिए। कीटो डायट वजन कम करने का काम करती है। डायट में सीफूड, लो कार्ब वेजीटेबल्स जैसे कि ब्रोकली, कैबेज, ग्रीन बींस आदि को शामिल किया जा सकता है। चीज, मीट, एग, कोकोनट ऑयल, प्लेन योगर्ट भी लिया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से राय जरूर लें।

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वेट गेन डायट (weight gain diet)

जो पुरुष पतले हैं, वो वजन बढ़ाने के लिए वेट गेन डायट फॉलो कर सकते हैं। खान में स्टार्च, रेड मीट, मिल्क, प्रोटीन सप्लीमेंट, फिश, चीज, नट्स और बटर, राइस, फ्रूट्स और वेजीटेबल्स को जरूर शामिल करें।

पुरुषों के लिए एचसीजी डायट (HCG diet for men)

एचसीजी डायट लेने से पुरषों में तेजी से वजन घटता है। ये डायट कितनी सेफ है या फिर नहीं, इस बारे में आपको एक्सपर्ट से राय जरूर लेनी चाहिए। एचसीजी डायट में वेट लॉस के लिए अमीनो एसिड के इंजेक्शन दिए जाते हैं। साथ ही ये फर्टिलिटी की समस्या को दूर करने के लिए यूज की जाती है। इंजेक्शन के साथ ही व्यक्ति को कम कैलोरी वाले खाने की सलाह दी जाती है। एचसीजी डायट के साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिलते हैं।

पुरुषों में लाइफस्टाइल से जुड़ी तकलीफें

चेन स्मोकिंग है खतरनाक

सिगरेट पीने से शरीर को गंभीर दुष्प्रभाव होते हैं। जो लोग सिगरेट के धुएं का सामना करते हैं, उन्हें भी हेल्थ रिलेटेड इशू हो सकते हैं। चेन स्मोकिंग COPD के साथ ही हार्ट डिजीज की समस्या भी पैदा कर सकती है। स्मोकिंग कैंसर का कारण भी बन सकती है। बेहतर होगा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्मोकिंग छोड़ दें। हो सकता है कि आपको स्मोकिंग छोड़ने में थोड़ा समय लगे, लेकिन ये संभव है।

न करें एल्कोहॉल का सेवन

एल्कोहॉल का अधिक सेवन लिवर डैमेज का कारण बन सकता है। शराब के अधिक सेवन से पर्सनल लाइफ पूरी तरह से खराब हो जाती है। ये स्ट्रेस या डिप्रेशन का कारण भी बन सकती है। शराब का सेवन न करना आपके स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा।

ओवर ईटिंग

ओवर ईटिंग एक तरह का डिसऑर्डर है। जब जरूरत से ज्यादा कैलोरी ली जाती है, तो कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं खड़ी हो जाती हैं।
ज्यादा खाना खाने से ओवरवेट की समस्या, कैंसर का अधिक रिस्क, क्रॉनिक हेल्थ प्रॉब्लम आदि बढ़ जाता है। आपके शरीर को कितनी कैलोरी चाहिए, इस बारे में एक्सपर्ट से जानकारी जरूर लें।

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नाइट शिफ्ट्स

जिंदगी में संतुलन चाहिए, तो सही समय पर काम करें और सही समय पर नींद लें। नाइट शिफ्ट करने वाले लोगों को बहुत-सी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। दिन में नींद लेना और रात में जागना शरीर को बीमार कर सकता है। लॉन्ग टर्म नाइट शिफ्ट क्रॉनिक डिजीज का कारण बन सकती हैं। इससे कैंसर का खतरा, मेटाबॉलिक प्रॉब्लम, हार्ट डिजीज का खतरा, अल्सर, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रॉब्लम, मोटापे की समस्या आदि हो सकते हैं। बेहतर होगा कि आप नाइट शिक्ट्स से बचें और खुद को स्वस्थ्य रखें।

लाइफस्टाइल ठीक करने के उपाय

लाइफस्टाइल यानी दिनचर्या से मतलब है कि आप दिनभर क्या करते हैं, क्या खा रहे हैं और कितनी नींद ले रहे हैं? अगर लाइफ में बैलेंस बनाकर चला जाए, तो खुद को स्वस्थ्य रखना आसान होता है। यहां हम आपको कुछ पॉइंट बता रहे हैं, जो आपकी लाइफस्टाइल को बेहतर बना सकते हैं।

  • रात में देर तक न जागें और सुबह जल्दी उठें।
  • रोजाना ब्रेकफास्ट जरूर करें क्योंकि ये आपको दिनभर ऊर्जावान बनाएं रखने का काम करेगा।
  • लंच और डिनर को स्किप न करें। खाने में पौष्टिक आहार शामिल करें।
  • एक साथ खाने की आदत यानी ओवर ईटिंग पेट की समस्या का कारण बन सकती है। स्मॉल पोर्सन डायट लें।
  • रोजाना कुछ समय अपने लिए जरूर निकालें। आप ऐसे समय में अपनी हॉबी को एंजॉय कर सकते हैं।
  • रोजाना आधे से एक घंटे के लिए एक्सरसाइज जरूर करें।
  • बुरी लत जैसे कि शराब पीना, स्मोकिंग या टबैको का सेवन बिल्कुल बंद कर दें। ये शरीर को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है।
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें। घर में हो या फिर बाहर, पानी की बोतल अपने साथ रखें।
  • स्ट्रेस को दूर करने के लिए मेडिटेशन का सहारा लें।
  • किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

पुरुषों को अपनी सेहत का ख्याल रखने की जरूरत है। खुद को स्ट्रॉन्ग समझकर अपनी तकलीफों को नजरअंदाज करने से बीमारी बड़ा रूप ले सकती है। अगर कुछ बातों पर ध्यान दिया जाए, तो पुरुषों का स्वास्थ्य अच्छा हो सकता है। आप इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से भी राय ले सकते हैं।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 29/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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