बच्चे को ब्रश करना कैसे सिखाएं ?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जनवरी 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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अच्छी आदतों में से एक आदत है दांतो की सफाई। दांतों और मुंह की सफाई करने की आदत बचपन से ही हो तो ज्यादा बेहतर है। हर मां के मन में सवाल होता है कि बच्चे को ब्रश (Toothbrush) कराने की सही उम्र क्या है? उसके लिए ब्रश का चुनाव कैसे करें? बच्चे के लिए कैसा टूथपेस्ट (Toothpaste) ठीक होगा? या  बच्चे को ब्रश कराने का सही तरीका क्या है?। इसके लिए आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। हैलो स्वास्थ्य आपको बताएगा कि बच्चे को कब और कैसे ब्रश कराएं। 

बच्चे को ब्रश कराने की सही उम्र क्या है?

बच्चे के दांत सातवें महीने से आने शुरू हो जाते हैं। लेकिन, वह सॉलिड फूड लेना लगभग एक साल के बाद शुरू करता है। इसलिए बच्चे को ब्रश कराने की सही उम्र एक वर्ष से ऊपर की है। बच्चे के मुंह की सफाई के प्रति माता-पिता को काफी सजग रहना चाहिए। क्योंकि, मुंह साफ होगा तो बच्चा स्वस्थ रहेगा। अगर बच्चा एक साल का है तो उसे आप खुद से ब्रश कराएं। इसके बाद, डेढ़ साल की उम्र तक आते-आते बच्चा खुद से ब्रश करना सीख जाएगा।

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बच्चे के लिए कैसे करें टूथब्रश का चुनाव?

  • बच्चे का मुंह नाजुक होता है। इसलिए, ब्रश का चुनाव करते समय सतर्कता बरतना जरूरी है। बच्चे का ब्रश खरीदते समय ध्यान रखें कि वह बच्चे के मुंह के हिसाब से छोटा हो। इसके अलावा,  उसके ब्रिसटल मुलायम होने चाहिए। 
  • बच्चे में ब्रश करने की आदत को विकसित करने के लिए उसके पसंदीदा रंगों के ब्रश को खरीदें।
  • कोशिश करें कि बच्चे के ब्रश पर कोई कार्टून बना हो । इससे बच्चे खेल-खेल में ब्रश करने जैसी आदत को सीखने में रुचि दिखाएंगे।

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बच्चे के लिए कैसा टूथपेस्ट खरीदें?

  • बच्चे के लिए बेबी टूथपेस्ट ही खरीदें। इस टूथपेस्ट की खासियत यह होती है कि यह बच्चे के दांतों और मसूड़ों के लिए सुरक्षित होता है और अगर वह कभी निगल भी जाते हैं तो नुकसान नहीं करता।
  • बच्चे के लिए हमेशा फ्लोराइड टूथपेस्ट ही खरीदें।
  • बच्चे के लिए आप फ्लेवरड टूथपेस्ट लें। क्योंकि, बच्चे फ्लेवरड टूथपेस्ट को ज्यादा पसंद करते हैं। आजकल बाजारों में बच्चे के पसंदीदा फ्लेवर के टूथपेस्ट मौजूद हैं। 

बच्चे को कैसे ब्रश कराएं

  • एक साल का बच्चा ठीक तरह से बैठने और खड़ा होने लगता है। ऐसे में बच्चे को लेकर बाथरूम में जाएं और बेसिन के पास टेबल या कुर्सी पर बैठाएं या खड़ा कर दें। इसके बाद बच्चे के ब्रश पर जरा सा टूथपेस्ट निकालें लगभग चावल के एक दाने इतना।
  • बच्चे के मुंह में 45 डिग्री के कोण पर टूथब्रश को पकड़ें और उन्हें दातों पर घुमाना (Circular Motion) शुरू करें।
  • जिस तरह से आप अपने दांतों को साफ करते हैं, वैसे ही बच्चे के दातों को भी साफ करें।
  • बच्चे के मसूड़ों को ज्यादा जोर से ना रगड़ें, क्योंकि  मसूड़े नाजुक होते हैं, तो वह चोटिल हो जाएंगे।
  • ब्रश कराने के बाद बच्चे का मुंह अच्छे से साफ कराएं। 

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बच्चे को ब्रश करना कैसे सिखाएं?

जब बच्चा डेढ़ साल का हो जाए तो उसे खुद से ब्रश करना सिखाएं। बच्चे को कुछ आसान तरीकों से आप ब्रश करना सीखा सकती है-

  • जब आप ब्रश करने जाएं तो बच्चे को साथ लेकर जाएं। इससे बच्चे के अंदर ब्रश करने की आदत बनेगी।
  • आप ब्रश करें तो बच्चे को कहें कि वह आपको कॉपी करे।
  • बच्चे को बताएं कि ब्रश करने से दांतों में मौजूद बैक्टीरिया खत्म होते हैं।
  • आप जल्दबाजी में ब्रश कभी ना करें। समय लें और बच्चे को भी सही से ब्रश करने के लिए कहें।
  • बच्चे को बताएं कि वह ब्रश को किस तरह से पकड़े और सर्कुलर मोशन में दांतों पर ब्रश करे।
  • बच्चे अक्सर टूथपेस्ट के झाग को निगल जाते हैं, उन्हें ऐसा करने से रोकें।
  • बच्चे को रात में सोने से पहले भी ब्रश कराने की आदत डालें।
  • बच्चे को खाना खाने के तुरंत बाद अच्छे से कुल्ला कर के मुंह साफ करने को कहें।
  • दांतों के साथ-साथ बच्चे को जीभ की सफाई करना भी सिखाएं।

बच्चे के स्वस्थ्य दांतों के लिए रखें इन बातों का ध्यान

  • अगर बच्चा बॉटल से दूध पीता है तो उसे रात में बॉटल मुंह में लेकर ना सोने दें।
  • बच्चे के दांतों की नियमित जांच कराएं।
  • बच्चे को टूथपेस्ट बहुत कम मात्रा में ही दें।
  • बच्चे के दांतों के जितना ही उसके टूथब्रश का ध्यान रखें। हर तीन महीने के बाद  ब्रश को बदल दें।
  • बच्चे के ब्रश में हमेशा ब्रश कैप लगा कर रखें।
  • बच्चा जब भी ब्रश कर ले तो एक बार उसके ब्रश को आप साफ से धुल कर रख दें। क्योंकि, बच्चा उतनी सफाई से ब्रश नहीं धुल पाएगा।
  • बच्चे को खाना खाने के बाद हमेशा मुंह साफ करने को कहें।

बच्चों के मजबूत दांतों के लिए डायट

जो बच्चे बहुत अधिक मीठा खाते और पीते हैं उन्हें भी कैविटी होने का खतरा होता है। बच्चों की ओरल हाइजीन को ध्यान में रखते हुए स्वस्थ भोजन के विकल्प चुनना जरूरी है। बहुत अधिक चीनी और मीठा बच्चे को खाने से रोकें। अपने बच्चे को सोडा, फ्रूट जूस और मीठी चीजें पीने के लिए भी देने से बचें। खाने के बीच मीठे स्नैक्स और पीने की चीजों को अवॉयड करें। अगर आपका बच्चा मीठा खाता है, तो ध्यान दें कि वह खाने के बाद अपने दांत में ब्रश जरूर करें।

बच्चों की ओरल हाइजीन के लिए च्युइंग गम भी अच्छा विकल्प हैः

  • जबड़े को मजबूत बनाता है
  • अधिक लार बनाता है
  • भोजन के टुकड़ें को मुंह के अंदर साफ करता है
  • सांस की बदबू से बचाता है

बढ़ रहे हैं दांतों के मरीज

दांतों की बीमारियां भारत में एक बहुत बड़ी समस्या बनती जा रहीं हैं। भारत में दांतो की खराबी से 60 से 65 प्रतिशत और पेरियोडोंटल बीमारियों (Periodontal diseases) से 50 से 90 प्रतिशत जनसंख्या प्रभावित है। ज्यादातर दांतों की समस्याएं इनेमल (enamel) पर एसिड के प्रभाव की वजह से होती हैं। जिसका मुख्य कारण आजकल का अनहेल्दी खानपान है।

बच्चे की अच्छी हेल्थ के लिए जरूरी है कि आप उन्हें बचपन से अपने बॉडी पाटर्स की हाइजीन को बनाए रखें।

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