पिकी ईटिंग से बचाने के लिए बच्चों को नए फूड टेस्ट कराना है जरूरी

By Medically reviewed by Dr. Pranali Patil

पेरेंट्स जानते हैं कि उनके बच्चों को क्या खाना चाहिए। बढ़ते बच्चों के लिए समय के साथ उनके आहार को भी बदलना पड़ता है। बच्चों को नए फूड टेस्ट कराने के लिए तैयार करना थोड़ा मुश्किल जरूर हो सकता है। लेकिन, समय से ऐसा करना सही साबित होता है। यह कोई रहस्य नहीं है कि बच्चों को बहुत सारे फल, सब्जियां या अलग-अलग तरह के भोजन खाने चाहिए। पिकी ईटिंग की आदत से बचने के लिए बच्चों को हर तरह का खाना खाने की आदत होनी चाहिए। खाने को लेकर नखरे करना बच्चों के लिए आम बात है। लेकिन, बच्चों को नए फूड टेस्ट कराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कुछ आसान टिप्स भी हैं।

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बच्चों को नए फूड टेस्ट कराने के लिए छोटे पोर्शन दें

आप जब बच्चों को नए फूड टेस्ट करने के लिए तैयार करते हैं, तो शुरुआत छोटे पोर्शन्स से करें। बच्चों को एक साथ ज्यादा खाना देने से वे पहले ही खाने के अमाउंट को देखकर बोर हो जाते हैं। शुरुआत में चाहें दो मटर, एक सेब का टुकड़ा, एक चम्मच दही ही क्यों न हो। खाने की नई चीजें  बच्चों को आसानी से पसंद नहीं आती हैं। बच्चों को नए फूड टेस्ट कराने के लिए तैयार करने से पहले हमेशा ध्यान रखें कि बच्चे खाने की मात्रा देखकर अस्कर आनाकानी करते हैं। लेकिन, कम अमाउंट से शुरुआत करने से इस परेशानी से बचा जा सकता है। ऐसा करने से बच्चों में बचपन से ही खाना बर्बाद न करने की अच्छी सोच भी विकसित होती है।

बच्चों को नए फूड टेस्ट कराने के लिए उसमें उनकी पसंद का भी ध्यान रखें

क्या बच्चे को किशमिश के साथ दलिया पसंद है? अगर उन्हें कुछ ऐसा पसंद हैं, जो ज्यादा हेल्दी नहीं है, तो उसे किसी हेल्दी खाने के साथ बदल दें। बच्चों को नए फूड टेस्ट से परिचित कराने के लिए उनकी पसंद का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे अगर आपके बच्चे को मटर के साथ पास्ता पसंद है, तो अगली बार उसे ब्रोकली के साथ मटर देने की कोशिश करें। बच्चों को नए फूड टेस्ट करने के बारे में बताने के लिए उनकी पसंद के साथ वैरायटी देना एक अच्छा विकल्प है। बच्चों को नए फूड टेस्ट की आदत लगाने के लिए उन्हें समझाएं कि नए खाने की चीजें उनके लिए क्यों जरूरी हैं। अगर उनको पता होगा कि आप क्या कर रहे हैं, तो वे धीरे-धीरे नए फूड टेस्ट के भी आदी हो जाएंगे। उन्हें बताएं कि हर रोज अलग-अलग तरह का खाना खाने से उन्हे  खाने की काफी वैरायटी मिलेगी।

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बच्चों को नए फूड टेस्ट को अपनाने के लिए भूख भी है जरूरी

अगर आपका बच्चा अचानक रात का खाना ठीक से नहीं खा रहा है, तो उसके दोपहर के खाने को देरी से दें। उन्हें खाना खाने से पहले थोड़ा गैप दें, जिससे उनको खुल कर भूख लगें। अगर आपके बच्चे को भूख नहीं लगी है और आपका खाना बनने में भी थोड़ा समय लग सकता है, तो अपने किचन में पड़े इंग्रीडियेंट से कुछ नया एपेटाइजर बनाएं। बच्चों को खाने में नई चीजें पसंद आती है और उसमें भी अगर खाना देखने में सुंदर है, तो बच्चे न चाहते हुए भी खाते हैं। अगर आपके बच्चे को सच में भूख लगी है, तो उन्हें कुछ सलाद बनाकर दें। यह उनकी भूख भी बढ़ाएगा और आपको खाना पकाने का समय भी देगा।

बच्चों को नए फूड टेस्ट कराने के लिए घर से बाहर निकलें

यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है। लेकिन, कई बार आपने देखा होगा घर में जो बच्चा एक रोटी खाता है वह बाहर जाकर ठीक से खाने लगता है। इसका कारण जो भी हो पेरेंट्स के लिए बच्चों को नए फूड टेस्ट कराने के लिए तैयार करना इससे आसान हो सकता है। अगर आपके बच्चे को बाहर बैठकर खाना पसंद है, तो उसे बाहर बिठाकर खाना खिलाएं। बगीचे से सीधी निकाली हुई सब्जियां जैसे- चेरी टमाटर, केल, पालक, लेट्यूस, हरी बीन्स आदि को बच्चे को पेड़ से तोड़कर धोकर खिलाएं। बच्चों को नए फूड टेस्ट कराने के लिए आप उन्हें बाहर ले जाकर सलाद भी खिला सकते हैं। इससे उनके टेस्ट बड एक्टिव होते हैं और जब आप ये चीजें घर में बनाकर देते हैं, तो बच्चे प्यार से खाते हैं।

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बच्चों को नए फूड टेस्ट ट्राई करवाते हुए उसके बारे में बताएं

रंग, बनावट, स्वाद और तापमान के बारे में अलग-अलग शब्दों का इस्तेमाल करें। बच्चों को नए फूड टेस्ट कराने के साथ ही उन्हें खाने के बारे में बोलना भी सिखाएं। उनसे पूछें खाना ठंडा या गर्म है? क्या यह कुरकुरा या नरम लगता है? यह किसका पसंदीदा रंग है? यह आपको “पसंद” है या “नापसंद”। ऐसा करने से बच्चों को नए फूड टेस्ट के बारे में जानकर अच्छा लगेगा और वह ज्यादा इंट्रेस्ट के साथ खाना खाएंगे।

बच्चों को नए फूड टेस्ट करने के लिए फोर्स न करें

हर किसी का स्वभाव अलग-अलग होता है। बहुत सारे बच्चों को जब खाना खाने के लिए फोर्स किया जाता है, तो वह इस पर जिद्द करते हैं।  क्योंकि आपका बच्चा शायद किसी भी चीज से ज्यादा कंट्रोल करने की भावना जानता है। बच्चों को कभी भी खाने के लिए फोर्स न करें। जब आप तय करते हैं कि क्या देना है, तो वे तय करते हैं कि क्या और कितना खाना है। अगर वे कुछ भी नहीं खाते हैं, तो परेशान न हों क्योंकि ऐसे दिन होंगे जब उनको खाता हुआ देखकर आप आश्चर्यचकित हो सकते हैं। हमेशा बच्चे की भूख के हिसाब से उसे खाना दें।

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बच्चों की नए फूड टेस्ट करने में आनाकानी

लगभग सभी बच्चे नए खाने पीने की चीजों को लेकर कुछ नखरे दिखाते हैं। बच्चों को नए फूड टेस्ट से परिचित कराने के लिए उन्हें ऐसी फल और सब्जियां भी देते रहें, जो आपका बच्चा नियमित रूप से नहीं खाता है क्योंकि आप उन्हें अपने परिवार के बाकी लोगों के लिए तो बनाते ही हैं। उन्हें अपने परिवार की खाने की आदतों के बारे में बताएं और वैसे ही तैयार करें।

हो सकता है आपको यह विश्वास करना मुश्किल लगे कि आपके बच्चों को नए फूड टेस्ट पसंद आएंगे लेकिन ऐसा होता है। जैसे-जैसे वे नए खाने की चीजों को ट्राई करने से कम झिझकने लगते हैं वे और भी अधिक नए फूड ट्राई करने की कोशिश करते हैं।

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