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प्रेग्नेंसी में सेक्स: क्या आखिरी तीन महीनों में सेक्स करना हानिकारक है?

    प्रेग्नेंसी में सेक्स: क्या आखिरी तीन महीनों में सेक्स करना हानिकारक है?

    प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में महिलाओं का पेट काफी बढ़ जाता है। इस दौरान उन्हें उठने, बैठने, चलने-फिरने में समस्या होती है। गर्भावस्था के आखिरी महीने में सेक्स के बारे में सोचना महिलाओं के लिए थोड़ा कठिन होता है। लोग इस बारे में प्रश्न करते हैं कि क्या गर्भावस्था के आखिरी महीने में सेक्स करना सेफ रहता है।

    गर्भावस्था के आखिरी महीने में और प्रेग्नेंसी में सेक्स को लेकर कपल्स के मन में प्रश्न तो होते हैं लेकिन वे डॉक्टर से पूछने में हिचकिचाते हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से गर्भावस्था के आखिरी महीने में सेक्स को लेकर जो भी सवाल हैं, डॉक्टर ने उनका जवाब दिया है। आप भी आर्टिकल को पढ़कर जानकारी प्राप्त करें।

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    क्या कहना है डॉक्टर का?

    हैलो स्वास्थ्य ने फोर्टिस हॉस्पिटल की कंसल्टेंट गाइनोलॉजिस्‍ट डॉ. सगारिका बासु से इस बारे में बात की तो उनका कहना था कि, ‘ये बात महिला की कंडिशन पर डिपेंड करती है। गर्भावस्था कोई पैथोलॉजिकल कंडिशन नहीं है। प्रेग्नेंसी नैचुरल प्रॉसेस है। अगर सब कुछ नॉर्मल है तो प्रेग्नेंसी में सेक्स की मनाही नहीं की जा सकती है। हर महिला की प्रेग्नेंसी अलग तरह की होती है। किसी- किसी को कुछ कॉम्पिलकेशन होते हैं, किसी को कोई समस्या नहीं होती।

    • जिन महिलाओं को कोई भी समस्या नहीं है, वो अपने कंफर्ट के हिसाब से गर्भावस्था के आखिरी दिनों में सेक्स को एंजॉय कर सकती हैं। कोशिश करें कि जो आपकी पसंदीदा पुजिशन है, उसे अपनाएं।
    • जिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी के शुरुआत में कोई कॉम्प्लिकेशन हो तो उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है। हम ऐसे लोगों को प्रेग्नेंसी में सेक्स न करने की सलाह देते हैं। आखिरी महीना नाजुक होता है। कॉम्प्लिकेशन के दौरान सेक्स अन्य समस्या उत्पन्न कर सकता है।’

    गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में सेक्स करने से पहले जान लें ये भी

    • गर्भावस्था के आखिरी महीनों में बच्चों का विकास हो चुका होता है। अगर सेक्स के दौरान मेंबरेन को नुकसान पहुंचता है तो एमनियोटिक द्रव (पानी की थैली फटने के बाद) भी बाहर आ सकता है। इससे होने वाले बच्चे को इंफेक्शन होने का खतरा रहता है।
    • गर्भावस्था के आखिरी महीने में शरीर को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस दौरान महिला को थकावट के साथ पैर में सूजन आदि का सामना भी करना पड़ता हैं। ऐसे में सेक्स के प्रति उनकी इच्छा कम हो जाती है।
    • अगर आपको गर्भावस्था की आखिरी तिमाही में सेक्स करने का मन है तो एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर कर लें क्योंकि डॉक्टर आपको प्रेग्नेंसी कंडिशन देखकर ही सलाह देगा।

    क्या सेक्स के दौरान ब्लड आना खतरे का संकेत है?

    आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि प्रेग्नेंसी के समय सर्विक्स (यूट्रस का माउथ) सॉफ्ट हो जाता है। सेक्स के दौरान ब्लड आना कोई खतरे की बात नहीं है। डीप पेनीट्रेशन के बाद थोड़ा खून आ सकता है। अगर आपको प्रेग्नेंसी के शुरुआत में कोई कॉम्प्लिकेशन रही हो तो एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

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    सेक्स स्टीमुलेशन के दौरान क्या हो सकता है?

    गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में शरीर में सेक्स के दौरान कुछ हार्मोनल चेंजेस देखने को मिलते हैं। जैसे स्टीमुलेशन के दौरान ब्रेस्ट से तरल पदार्थ निकल सकता है। हो सकता है आपको देखकर आश्चर्य हो, लेकिन ये सामान्य प्रक्रिया है। आपने पास एक तौलिया रखें और पार्टनर के साथ सेक्स एंजॉय करें

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    मुझे अपने डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?

    गर्भावस्था की तिमाही में सेक्स के दौरान संकुचन हो सकता है। संकुचन प्रसव को प्रेरित कर सकता है। डॉ. सगारिका कहती हैं कि, ‘जिन महिलाओं की ड्यू डेट निकल जाती हैं उन्हें सेक्स करने से फायदा मिल सकता है क्योंकि ये संकुचन को बढ़ाएगा और हो सकता है कि लेबर पेन हो जाए। कोशिश करें कि गर्भावस्था की तीमाही में सेक्स के बारे में डॉक्टर से पहले जानकारी लें, फिर इसे एंजॉय करें। सेक्स के बाद अगर कोई समस्या होती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।’

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    प्रेग्नेंसी में सेक्स से जुड़ी जानकारी

    • नॉर्मल प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी महीने में सेक्स करना सेफ होता है। अगर पहले आप किसी समस्या से गुजर चुकी हैं या फिर प्रेग्नेंसी के दौरान कॉम्प्लिकेशन के चलते डॉक्टर ने आपको सेक्स न करने की सलाह दी है, तो आपको ये ध्यान रखना चाहिए।
    • सेक्शुअली इंटरकोर्स के दौरान बेबी को किसी भी तरह का हार्म नहीं पहुंचता है।
    • हो सकता है महिलाओं की प्रेग्नेंसी में सेक्स करने की इच्छा न हो रही हो लेकिन, ये दूसरी तिमाही में बढ़ सकती है। ऐसा ज्यादातर महिलाओं के साथ होता है।
    • कुछ सावधानियों को ध्यान रखा तो सेक्स को प्रेग्नेंसी में जारी रखा जा सकता है।
    • थकान महसूस करने पर महिलाओं को सेक्स के प्रति अरुचि पैदा हो जाती है।
    • दूसरी तिमाही के दौरान पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है। ब्रेस्ट साइज भी बढ़ जाता है। बर्थ कंट्रोल की चिंता न होने की वजह से इस दौरान सेक्स के प्रति महिलाओं की डिजायर बढ़ जाती है।
    • प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में शरीर में बहुत से परिवर्तन हो जाते हैं। इस दौरान ऑर्गेज्म प्राप्त करना कठिन हो जाता है। बैली के बढ़ जाने से सेक्शुअल पुजिशन में कठिनाई महसूस हो सकती है।
    • प्रेग्नेंसी के आखिरी महीने में कपल्स की सेक्स के प्रति डिजायर बढ़ जाती है।

    प्रेग्नेंसी में सेक्स को कैसे करें एंजॉय?

    अपने पार्टनर से करें बात

    इस दौरान अपने पार्टनर से सेक्स के बारे में बात करना अच्छा तरीका रहेगा। सबसे जरूरी बात ये है कि आप पहले एक बार अपने डॉक्टर से बात कर लें। अगर डॉक्टर आपको प्रेग्नेंसी में सेक्स की सलाह देता है तो आप दोनों बिना किसी चिंता के प्रेग्नेंसी में सेक्स को एंजाॅय कर सकते हैं।

    सेफ सेक्स की करें कोशिश

    प्रेग्नेंसी के दौरान सेफ सेक्स पर जरूर ध्यान दें। हो सके तो ओरल सेक्स न करें। ओरल सेक्स से होने वाले बच्चे को इंफेक्शन का खतरा हो सकता है। ओरल सेक्स करते समय वजायना में एयर बबल बन सकता है जो ब्लड वेसल्स को ब्लॉक कर सकता है। यह मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए हानिकारक होता है। प्रेग्नेंसी में सेक्स करते वक्त इस बात का विशेष ध्यान रखें।

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    गिल्टी फील न करें

    हो सकता है कि प्रेग्नेंसी में सेक्स को आप उतना एंजॉय न कर पा रही हों। प्रेग्नेंसी में थकावट के कारण समस्या हो सकती है। अगर आप ऐसा कुछ भी महसूस कर रही हैं तो गिल्टी भी फील न करें। ये नॉर्मल प्रॉसेस है। कुछ दिनों बाद ये सब ठीक हो जाएगा।

    सेक्स पुजिशन चेंज करके देखिए

    तीसरी तिमाही में पेट बढ़ा होने के कारण प्रेग्नेंसी में सेक्स के दौरान समस्या हो सकती है। बेहतर रहेगा कि आपका पार्टनर और आप सेक्स पुजिशन को चेंज करें। आपको जिस भी पुजिशन में आराम महसूस हो रहा है, उसे ही अपनाएं। इस दौरान एक्सपेरिमेंट करना भी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

    न कहना भी सीखें

    ये जरूरी नहीं है कि आपके पार्टनर का मन है और आप परेशानी होने पर भी कुछ न कहें। ब्लीडिंग, वजायनल डिस्चार्ज, इंटरकोर्स के दौरान दर्द होने पर प्रेग्नेंसी में सेक्स को तुरंत न कहें। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से बात करें। अगर आपको समस्या है तो एक-दूसरे के साथ अच्छा टाइम स्पेंड करके, एक-दूसरे का हाथ थामकर, मसाज देकर प्यार का अनुभव कर सकते हैं।

    हम उम्मीद करते हैं कि प्रेग्नेंसी में सेक्स से जुड़ी जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। प्रेग्नेंसी में सेक्स से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें। ।

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    गर्भावस्था में वजन बढ़ना

    यह टूल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए तैयार किया गया है, जो यह जानना चाहती हैं कि गर्भावस्था के दौरान उनका स्वस्थ रूप से कितना वजन बढ़ना चाहिए, साथ ही उनके वजन के अनुरूप प्रेग्नेंसी के दौरान कितना वजन होना उचित है।

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    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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    लेखक की तस्वीर badge
    Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 01/08/2020 को
    डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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