भ्रूण के लिए शराब कैसे है नुकसानदेह ?

By Medically reviewed by Dr. Pooja Bhardwaj

जब आपको पता चलता है कि आप प्रेग्नेंट हैं, तो बहुत सी ऐसी चीजें हैं जिन्हें आपको जानना आवश्यक है। कभी-कभी सिर्फ यह जानना भी कठिन हो जाता है की कहां से शुरू करे और कौन सी जानकारी पर आप भरोसा करे। जैसे की सबको पता है, प्रेग्नेंसी के दौरान शराब (alcohol) पीने से प्रेग्नेंट महिला और उसके भ्रूण पर बहुत ही हानिकारक प्रभाव पड़ता है। 

आइए जानते है, कैसे शराब अलग-अलग तरीके से भ्रूण पर प्रभाव डाल सकता है:

भ्रूण पर अल्कोहल का प्रभाव

  1. अगर कोई महिला प्रेग्नेंसी के बाद शराब का सेवन करती है तो उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण के विकास पर विपरीत परिणाम देखा जा सकता है।
  2. शराब (alcohol) महिला के खून से होते हुए गर्भ के खून में भी शामिल हो सकता है। यह बच्चे की रीढ़ की हड्डी, शरीर की कोशिकाओं और मस्तिष्क के विकास को धीमा कर सकता है। 
  3. गर्भावस्था में शराब (alcohol) लेने से भ्रूण को FASD (Fetal Alcohol Spectrum Disorder) हो सकता है। जिसकी वजह से बच्चा शारीरिक या मानिसक रूप से पीड़ित हो सकता है।

बच्चे पर होने वाला प्रभाव

  1. विक्लांगता – प्रेग्नेंसी के दौरान अगर महिला ने शराब का सेवन किया होगा तो बच्चे का शरीर अविकसित हो सकता है। उसके शरीर के अंग छोटे-बड़े हो सकते है। 2 से 3 साल तक की उम्र में आते आते बच्चे का सिर शरीर के मुताबिक बहुत छोटा होना या आंखों की बनावट तिरछी हो सकती है।
  2. शारीरिक एंव मानसिक विकास रूकना – ऐसे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास दूसरे सामान्य बच्चों के मुकाबले बहुत धीमी गति से हो सकता है। बच्चे को पढ़ने या बोलने में परेशानी आ सकती है।

क्या प्रेग्नेंसी में शराब पीना सुरक्षित है?

डॉक्टर्स की माने तो गर्भावस्था में शराब की एक घूंट भी गर्भ के लिए हानिकारक होती है। इसलिए कोशिश करें की इस अवस्था में शराब से पूरी तरह से दूरी बनाएं रखें।

अगर गर्भावस्था में शराब पी लिया है तो क्या करें?

ऐसी स्थिती में जितनी जल्दी हो सकता है अपने डॉक्टर से खुल कर बात करें। अगर डॉक्टर को अपनी जाँच में शराब पिने के कारन हुए  परेशानी नजर आती है तो वो जल्द ही इसका इलाज भी शुरू कर सकते है। ऐसे में हमेशा डॉक्टर से परामर्श लेते रहें।

अगर शराब पीने की वजह से भ्रूण पर नकारात्मक प्रभाव दिखे, तो क्या करें?

  1. FASD के लक्षण हमेशा बच्चे के जन्म के 1 से 2 साल बाद ही नजर आते है। हालांकि, कभी-कभी डॉक्टर्स गर्भ में ही बच्चे पर हुए प्रभाव का पता लगा लेते हैं। डॉक्टर बच्चे के जन्म से पहले ही इसका पता लगा लेते हैं कि पैदा होने पर बच्चे में किस तरह की गंभीर समस्याएं देखी जा सकती है। 
  2. इसके अलावा आपको भी बच्चे के बड़े होने पर उसके शरीर और मानसिक विकास पर सामान्य बच्चों की तुलना में ज्यादा ध्यान देना होगा। साथ ही आपको यह भी याद रखें कि क्या आपके बच्चे का विकास उसी के उम्रदराज बच्चों के जितना ही हो रहा है या नहीं।

हालांकि सभी जानते है, प्रेग्नेंसी में शराब भ्रूण और मां के स्वास्थ्य पर बड़ा ही ग़हरा असर डालता है, जो की मां और बच्चे के भविष्य के लिए काफी हानिकारक है। इसलिए डॉक्टर्स से सलाह ले और प्रेग्नेंसी में शराब का सेवन न करें। 

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रिव्यू की तारीख जुलाई 4, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया सितम्बर 13, 2019