गर्भावस्था के दौरान आहार: प्रत्येक तिमाही में जानें कितना और कैसा हो आहार

Medically reviewed by | By

Update Date फ़रवरी 3, 2020
Share now

गर्भावस्था के दौरान शरीर को अच्छी तरह से काम करने के लिए कैलोरी और पोषक तत्वों की ज्यादा आवश्यकता होती है। क्योंकि शिशु को भी आपके खाने से पोषक तत्व मिल रहे होते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको सामान्य से बहुत अधिक खाने की जरूरत होती है। कई महिलाएं इस बात से परेशान रहती हैं कि गर्भावस्था में आहार कैसा हो और क्या और कितना खाएं? यही वो समस्य जब उच्च गुणवत्ता और पोषक तत्व वाले आहार सेवन करने के बारे में सोचना चाहिए। कई महिलाएं अच्छी डायट के लिए नट्स का भी उपयोग करती हैं। पोषक तत्व शरीर और बच्चे का विकास सर्वोत्तम तरीके से करने में मददगार होते हैं।

गर्भावस्था में आहार

गर्भावस्था में पोषक तत्वों की जरूरत बढ़ जाती है। पहली तिमाही में शरीर को शिशु के लिहाज से अतिरिक्त कैलोरी की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि इस वक्त भ्रूण छोटा होता है। गर्भावस्था के दूसरी और तीसरी तिमाही में कैलोरी की जरूरत बढ़ जाती है। यदि गर्भवती होने से पहले आपका वजन संतुलित था, तो दूसरी तिमाही के दौरान प्रति दिन लगभग 300 कैलोरी चाहिए। वहीं तीसरे तिमाही के दौरान लगभग 500 कैलोरी की आवश्यकता होगी। सही मात्रा में वजन रहने पर गर्भावस्था की जटिलताओं को कम रखने में मदद मिलती है।  

यह भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के दौरान पोषण की कमी से होने वाले खतरे

पहला ट्राइमेस्टर 

आखिरकार आप गर्भधारण कर चुकी हैं। अब आपको खुद से ज्यादा गर्भ में तैयार हो रहे शिशु की सेहत का ख्याल रखना पड़ेगा। इसके लिए गर्भावस्था में आहार का ख्याल रखने की भी जरूरत होती है। पहली तिमाही अपने डायट को अपडेट करने का अच्छा समय और जरूरत भी है। इसके लिए विभिन्न प्रकार की सब्जियां, फल, बीन्स, नट्स, कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स, साबुत अनाज और लाइट प्रोटीन को डायट में शामिल करें। सिर्फ कैलोरी वाली चीजें जैसे सोडा, तले हुए खाद्य पदार्थ और हाइली रिफाइंड ग्रेन्स तथा एक्स्ट्रा शुगर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें। गर्भावस्था के पहली तिमाही के दौरान आपकी कैलोरी की जरूरत नहीं बढ़ती हैं। अगर आपके पेट में जुड़वा बच्चे पल रहे हों तब कैलोरी की ज्यादा आवश्यकता हो सकती है।

यह भी पढ़ें: दूसरे ट्राइमेस्टर में प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बेस्ट हैं ये रेसिपीज, बनाना भी है बेहद आसान

दूसरा ट्राइमेस्टर

प्रेग्नेंसी के दूसरी तिमाई में आपको भूख अधिक लग सकती है। आपको अपनी दूसरी तिमाही में अपने दैनिक आहार में लगभग 300 कैलोरी जरूर शामिल करना चाहिए। आप इसके लिए अपने भोजन में अतिरिक्त स्नैक्स जोड़ सकते हैं।  

यहां कुछ आहार के नाम दिए गए हैं, जिन्हें उपयोग कर अपने दैनिक आहार में एडिशनल कैलोरी प्राप्त कर सकते हैं:

  • एक कप दाल का सूप एक साबुत अनाज के रोल के साथ।
  • 50-60 ग्राम चीज के साथ एक छोटा सेब या एक कप मीठे-ताजे अंगूर।
  • चावल के केक के साथ 2 बड़े चम्मच नट बटर।
  • मफ्फिन के ऊपर आधा एवोकैडो एक कप बेरीज का सेवन करें।
  • ½ कप ट्रेल मिक्स (जिनमें नट्स, बीज और ड्राई-फ्रूट्स होते हैं)।
  • शुद्ध ग्रेन टोस्ट को दो तले हुए अंडे पर बारीक कटे हुए टमाटर के साथ सेवन करें।

यह भी पढ़ें: क्या टमाटर के भर्ते से बढ़ सकती है पुरुष की फर्टिलिटी?

तीसरे ट्राइमेस्टर में कैसा हो आहार

गर्भावस्था में आहार बहुत ही जरूरी हैं। ऐसे में तीसरी तिमाही के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को डेली लगभग 500 कैलोरी की एक्सट्रा आवश्यकता होगी। आप और शिशु की जरूरत के सभी पोषक तत्वों के लिए छोटे-छोटे मील खाएं या इनमें अतिरिक्त स्नैक्स जोड़ें।

यहां कुछ आहारों के बारे में बताया गया है जो तीसरी तिमाही में जरूरी एडिशनल कैलोरी की पूर्ति कर सकते हैं।

  • ½ कप ट्रेल मिक्स (जिनमें नट्स, बीज और ड्राई-फ्रूट्स होते हैं) आधी कप नॉर्मल दही के साथ।
  • मीठा आलू आधे कप काली बींस, एक चौथाई एवोकैडो, सॉस और ग्रीन सलाद के साथ।
  • एक कप भुनी हुई सब्जियां (गाजर, ब्रसिल स्प्राउट्स, बटरनट स्क्वॉश) दो बड़े चम्मच से पाइन नट्स, तीन औंस सैल्मन और 1/3 कप साबुत अनाज चावल के साथ खाएं। यह कैलोरी के बहुत अच्छे स्रोत हैं।
  • एक पीनट बटर और केला सैंडविच (केला सैंडविच बनाने के लिए एक केला, दो बड़े चम्मच नट बटर और 2 स्लाइस ग्रेन ब्रेड को मिलाकर बनाया जाता है।)

गर्भावस्था में आहार के लिए जरूरी है बैलेंस डायट

अमोरिकन प्रेग्नेंसी एसोसिएशन द्वारा सलाह दी जाती है कि गर्भावस्था में आहार लेने के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को याद रखना चाहिए कि वे अपनी रेगुलर इनटेक से 300 कैलोरीज ज्यादा लें। साथ ही सलाह दी जाती है कि इस दौरान महिलाएं डायटिंग को जेहन से निकाल दें और पोषण युक्त आहार लें। जैसा कि एक पुरानी कहावत भी है कि आपको इस दौरान दो लोगों के लिए खाना होता है। लेकिन, यह पूरी तरह से ठीक नहीं है। आपको गर्भावस्था में आहार लेते समय ध्यान देना चाहिए कि आप बैलेंस डायट लें और अपनी रेगुलर इनटेक से कुछ ही ज्यादा कैलोरीज लें। ऐसा बिल्कुल न सोचें कि आपको दो लोगों के लिए खाना है। वहीं एक्सपर्ट का कहना है कि गर्भावस्था में आहार की मात्रा और पोषण ठीक हो इसके लिए आपको अपने बॉडी वेट के लिहाज से कैलोरी इनटेक लेने चाहिए। इसके अलावा उम्र, व्यायाम और लाइफस्टाइल का भी ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।

गर्भावस्था में जरूरी हैं कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट्स

जब भी मुमकिन हो, तो गर्भावस्था के दौरान आपको कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन करना चाहिए। जैसे कि

साथ ही गर्भावस्था के दौरान आपको कम न्यूट्रिशन वाले कार्बोहाइड्रेट्स जैसे कि

वहीं अमेरिकन प्रेग्नेंसी एसोसिएशन सलाह देती है कि गर्भावस्था में आहार लेते समय याद रखें कि आप रोजाना 75 से 100 ग्राम प्रोटीन लें। इसके आलावा अगर आपकी प्रेग्नेंसी में हाई रिस्क है और यदि आप अंडरवेट हैं, तो आपका डॉक्टर आपको ज्यादा प्रोटीन लेने की भी सलाह दे सकता है। यदि आपको गर्भावस्था में आहार को लेकर या वजन बढ़ने के बारे में कोई चिंता है, तो अपने डॉक्टर या डायटीशियन से संपर्क जरूर करें।

गर्भावस्था में आहार प्लान करते समय एक बार अपने डॉक्टर से जरूर जानकारी लें। कई बार प्रेग्नेंसी में कॉम्प्लिकेशन के कारण कुछ खाद्य पदार्थो को खाने के लिए मना किया जाता है। बेहतर होगा कि आप पहले अपने डॉक्टर से संपर्क कर लें। गर्भावस्था में आहार को तैयार करने से पहले कोशिश करें कि आप उन चीजों की लिस्ट बना लें जिनसे आपको परेशानी होती है। ऐसा करने से आपको आगे चलकर कम परेशानी होगी। प्रेग्नेंसी में डायट प्लान बनाने से आपको हर रोज पोषक तत्व सही अमाउंट में मिलता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

और पढ़ें:

महिलाओं में डिप्रेशन क्यों होता है, जानिए कारण और लक्षण

प्रेग्नेंसी में पति की जिम्मेदारी है पत्नी को खुश रखना, ये टिप्स आ सकती हैं काम

प्रेग्नेंसी में ड्राई स्किन की समस्या हैं परेशान तो ये 7 घरेलू उपाय आ सकते हैं काम

गर्भावस्था में मतली से राहत दिला सकते हैं 7 घरेलू उपचार

संबंधित लेख:

    क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
    happy unhappy"
    सूत्र

    शायद आपको यह भी अच्छा लगे

    Fetal Ultrasound: फेटल अल्ट्रासाउंड क्या है?

    फेटल अल्ट्रासाउंड (Fetal Ultrasound) की जानकारी मूल बातें, टेस्ट कराने से पहले जानने योग्य बातें, Fetal Ultrasound क्या होता है, फेटल अल्ट्रासाउंड के रिजल्ट और परिणामों को समझें |

    Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
    Written by Anu Sharma

    प्रेग्नेंसी में हेयर रिमूवल टिप्स क्यों अपनाना है जरूरी?

    जानिए क्या है आसान प्रेग्नेंसी में हेयर रिमूवल टिप्स? वैक्सिंग नहीं करवाने से क्या हो सकती है परेशानी? Pregnancy hair removal tips में क्या करें शामिल?

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Nidhi Sinha

    स्पर्म डोनर से प्रेग्नेंसी के लिए मुझे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

    स्पर्म डोनर से प्रेग्नेंसी क्या है, स्पर्म डोनर से प्रेग्नेंसी कैसे होती है, Sperm Donor se Pregnancy के फायदे, Sperm Donor se Pregnancy के नुकसान, IVF क्या है, IUI क्या है।

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Ankita Mishra

    Fetal fibronectin test : फीटल फाइब्रोनेक्टिन टेस्ट क्या है?

    जानिए फीटल फाइब्रोनेक्टिन टेस्ट क्या होता है और इस टेस्ट को करने के क्या जोखिम हैं जानें। Fetal Fibronectin Test क्या होता है, ।

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Shivam Rohatgi