home

What are your concerns?

close
Inaccurate
Hard to understand
Other

लिंक कॉपी करें

सेक्स लुब्रिकेंट के रूप में ऑलिव ऑइल का इस्तेमाल करना होता है कितना सही?

सेक्स लुब्रिकेंट के रूप में ऑलिव ऑइल का इस्तेमाल करना होता है कितना सही?

सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान सेक्स लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करना अच्छा होता है। यह फ्रिक्शन को कम करके सेक्शुअल प्लेजर को बढ़ा सकता है। मार्केट में कई तरह के सेक्स स्नेहक (sex lubricants) मौजूद हैं। वहीं, कुछ लोग नेचुरल लुब्रिकेंट (natural lubricants) के रूप में जैतून के तेल (olive oil) का भी इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, ऑलिव ऑइल के स्वास्थ्य लाभ कई हैं। लेकिन, ऑलिव ऑइल सेक्स ल्यूब का उपयोग करना सुरक्षित है या नहीं। यह संशय का विषय है। “हैलो स्वास्थ्य” के इस लेख में जानते हैं कि ऑयल्ड सेक्स के क्या स्वास्थ्य प्रभाव हो सकते हैं।

क्या ऑलिव ऑइल को सेक्स ल्यूब (sex lube) के रूप में उपयोग करना सुरक्षित है?

सेक्स लुब्रिकेंट्स के तीन मुख्य प्रकार होते हैं: वाटर बेस्ड लुब्रिकेंट, तेल-आधारित लुब्रिकेंट और सिलिकॉन-आधारित लुब्रिकेंट।

जैतून का तेल, ऑइल बेस्ड सेक्स लुब्रिकेंट्स (oil based sex lubricants) कैटेगरी में फिट होता है। ऑलिव ऑइल की तरह ऑयल-बेस्ड लुब्रिकेंट्स अक्सर मोटे होते हैं और अन्य स्नेह स्नेहक टाइप्स की तुलना में लंबे समय तक चलते हैं। वाटर बेस्ड ल्यूब (water based lube) लंबे समय तक नहीं चलते हैं और जल्दी सूख जाते हैं और ये कॉन्डम के साथ इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित नहीं हैं। सिलिकॉन-आधारित ल्यूब (silicon based lube) वाटर बेस्ड लुब्रिकेंट्स की तुलना में लंबे समय तक रहता है, लेकिन वे सिलिकॉन सेक्स टॉयज (silicon sex toys) को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इसलिए, ऑयल्ड सेक्स के दौरान लुब्रिकेंट के रूप में जैतून के तेल का उपयोग करने से लेटेक्स कॉन्डम (latex condom) के टूटने की संभावना बढ़ जाती है। नतीजन, इससे आपको यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) या प्रेग्नेंट होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, आप सिंथेटिक कॉन्डम जैसे पॉलीयूरेथेन कॉन्डम के साथ ऑइल बेस्ड सेक्स ल्यूब का उपयोग कर सकते हैं।

और पढ़ें : अब वो कॉन्डम के लिए खुद कहेंगे हां, जरा उन्हें भी ये आर्टिकल पढ़ाइए

ऑलिव ऑइल सेक्स ल्यूब से हो सकता है संक्रमण

इसके अलावा एक और समस्या यह भी है कि जैतून का तेल हेवी होता है। यह आसानी से त्वचा में अवशोषित नहीं होता है। यह आपके पोर्स को बंद कर सकता है, खासकर यदि आप इसे इस्तेमाल करने के बाद नहीं धोते हैं।

इससे बंद छिद्रों से जलन हो सकती है, जो बाद में संक्रमण का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, हाल ही में एक अध्ययन में पाया गया कि जैतून का तेल स्किन बैरियर को कमजोर कर सकता है। नतीजन, तैलीय संभोग से त्वचा में हल्की जलन पैदा हो सकती है और एनस में बैक्टीरिया पनप सकता है और संक्रमण का कारण बन सकता है।

एक स्टडी में यह भी पाया गया कि वजाइना में तेल का उपयोग करने से एक महिला को यीस्ट इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन, अध्ययन में तेल के इस्तेमाल के प्रकार का उल्लेख नहीं किया गया है। फिर भी, यदि आप यीस्ट इंफेक्शन से ग्रस्त हैं, तो आप जैतून के तेल को ल्यूब के रूप में उपयोग करने से पहले दो बार सोचें।

और पढ़ें : संभोग करने से पहले जाने कामसूत्र में अध्यात्म का ज्ञान

चेक करें एलर्जी

अधिकांश लोगों को जैतून के तेल से एलर्जी नहीं होती है। लेकिन, फिर भी संभावना हो सकती है। जैतून के तेल को सेक्स लुब्रिकेंट के रूप में उपयोग करने से पहले, अपनी रिस्ट पर थोड़ी मात्रा में जैतून का तेल लगाकर पैच टेस्ट जरूर करें। यदि आपको दाने या खुजली लगे, तो इसका मतलब है कि आपको जैतून के तेल से एलर्जी है। तो, इसे तैलीय संभोग के रूप में उपयोग नहीं करना चाहिए।

और पढ़ें : सेक्स के बाद दर्द होना हर बार नहीं होता है नॉर्मल, जानिए इसकी वजह

ऑयल्ड सेक्स में ऑलिव ऑइल के बजाय क्या उपयोग करें?

सेक्स के लिए लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करने से पहले इन बातों पर ध्यान दें :

  • सुनिश्चित करें आपको और आपके साथी को प्रोडक्ट से कोई एलर्जी नहीं है।
  • सुनिश्चित करें कि लुब्रिकेंट में शुगर या ग्लिसरीन नहीं है क्योंकि इससे महिला पार्टनर को यीस्ट इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है।
  • लेटेक्स कॉन्डम के साथ ऑइल बेस्ड सेक्स लुब्रिकेंट्स का उपयोग न करें।

यदि आप खुद के लिए (यानी हस्तमैथुन) लुब्रिकेंट की तलाश कर रहे हैं या आप सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान कॉन्डम का उपयोग नहीं करने की सोच रहे हैं, तो जैतून का तेल एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इसके अलावा तैलीय संभोग के एक बेहतर विकल्प के रूप में वाटर बेस्ड लुब्रिकेंट का प्रयोग कर सकते हैं। जल-आधारित लुब्रिकेंट पानी में घुलनशील होते हैं। केवाई जेली में क्लोरहेक्सिडाइन ग्लूकोनेटट्रस्टेड (chlorhexidine gluconate) भी होता है, जिसमें जीवाणुरोधी (antibacterial) गुण होते हैं।

और पढ़ें : डॉगी स्टाइल सेक्स करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान, सेक्स लाइफ होगी बेहतर

अन्य स्नेहक जिनसे बचने की है जरूरत

सामान्य तौर पर, लोगों को सभी ऐसे सेक्स स्नेहक के उपयोग से बचना चाहिए जिनका इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग कम्पनीज यौन स्नेहक के रूप में नहीं करती हैं। हालांकि, हाई वाटर कंटेन्ट वाले प्राकृतिक उत्पाद जैसे कि एलोवेरा जेल का इस्तेमाल पर्सनल लुब्रिकेंट के प्रभावी विकल्प के रूप में किया जा सकता है।

फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) सलाह देता है कि बिना चिकनाई वाले लेटेक्स कॉन्डम का उपयोग करने वाले लोग किसी भी ऑइल बेस्ड लुब्रिकेंट से बचें। ये पदार्थ लेटेक्स कॉन्डम की प्रभावशीलता को कम कर सकते हैं। लोगों को तैलीय संभोग के रूप में इन उत्पादों का उपयोग करने से बचने की कोशिश करनी चाहिए:

  • पेट्रोलियम जेली (वैसलीन)
  • खाना पकाने का तेल
  • नारियल का तेल
  • बच्चों की मालिश का तेल
  • डेयरी बटर
  • फेस क्रीम और बॉडी लोशन आदि।

और पढ़ें : क्या है फीमेल इजेकुलेशन (female ejaculation) का सच? जानें इससे जुड़ी सभी बातें

बरते सावधानी

जब पेनेट्रेशन एन्वॉल्व नहीं होता है, तब ल्यूब के रूप में ऑलिव ऑइल संभवतः सुरक्षित और प्रभावी होता है। लेकिन, अगर आप वजाइनल या गुदा मैथुन कर रहे हैं, और एसटीआई (STI) और गर्भावस्था से बचने के लिए कॉन्डम का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जैतून के तेल का उपयोग सेक्स लुब्रिकेंट के रूप में न करें। जैतून का तेल कुछ लोगों में त्वचा में जलन पैदा कर सकता है। यदि आपको जैतून के तेल के उपयोग से चकत्ते या संक्रमण के कोई लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत इसका उपयोग करना बंद कर दें।

यदि आप ऑलिव ऑइल को सेक्स ल्यूब के रूप में उपयोग करने का निर्णय लेते हैं, तो याद रखें सेक्शुअल इंटरकोर्स के बाद शॉवर लेना न भूलें। आप बेहतर प्रोटेक्शन के साथ सेक्शुअल प्लेजर लेने के लिए वाटर बेस्ड ऑइल लुब्रिकेंट और सिलिकॉन बेस्ड ऑइल लुब्रिकेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये आसानी से किसी भी स्टोर या ऑनलाइन उपलब्ध हैं। आशा करते हैं कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। नीचे दी गई स्माइलीज के माध्यम से या हमारे फेसबुक पेज पर कमेंट बॉक्स में हमें अपना फीडबैक जरूर दें। इस विषय से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Olive oil-induced reduction of oxidative damage and inflammation promotes wound healing of pressure ulcers in mice. https://www.jdsjournal.com/article/S0923-1811(16)30037-8/fulltext. Accessed On 29 June 2020

Anti-Inflammatory and Skin Barrier Repair Effects of Topical Application of Some Plant Oils. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5796020/. Accessed On 29 June 2020

The Impact of Lubricants on Latex Condoms during Vaginal Intercourse. https://journals.sagepub.com/doi/10.1177/095646249400500108. Accessed On 29 June 2020

Study of Condom Integrity After Brief Exposure to Over-The-Counter Vaginal Preparations. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/10094272/. Accessed On 29 June 2020

Mineral Oil Lubricants Cause Rapid Deterioration of Latex Condoms. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/2535978/. Accessed On 29 June 2020

Effect of Olive and Sunflower Seed Oil on the Adult Skin Barrier: Implications for Neonatal Skin Care. https://onlinelibrary.wiley.com/doi/abs/10.1111/j.1525-1470.2012.01865.x. Accessed On 29 June 2020

An Event-Specific Analysis of Condom Breakage Among African American Men at Risk of HIV Acquisition. https://journals.lww.com/stdjournal/Fulltext/2008/02000/An_Event_Specific_Analysis_of_Condom_Breakage.12.aspx. Accessed On 29 June 2020

लेखक की तस्वीर badge
Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 17/08/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड