जानिए किस तरह आपका फेवरेट कार्टून आपकी मेंटल हेल्थ के बारे में बताता है

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

टॉम एंड जेरी, मिकी माउस या फिर छोटा भीम! क्या आप बता सकते हैं आपका फेवरेट कार्टून कौन-सा है? हो सकता है कि बचपन में सारे कार्टून देखते थे लेकिन, क्या बड़े होने के बाद भी आप अपना फेवरेट कार्टून देखते हैं? अगर देखते भी हैं तो क्यों? वैसे तो छोटे बच्चे पूरा दिन टीवी के सामने बैठ कर अपना फेवरेट कार्टून देख सकते हैं, जिससे उनका मन भी कभी नहीं भरता।

न जाने ऐसे ही कितने कार्टून हैं, जो आपके और मेरे भी फेवरेट कार्टून हैं। लेकिन, कार्टून में ऐसा क्या होता है, जो वह हमें अपनी तरफ आसानी से खींच लेता है? जिसे लेकर शोधकर्ताओं को भी रिसर्च करने के लिए मजबूर होना पड़ा। शोधकर्ताओं के दावे वाकई हैरान करने वाले हैं।

फेवरेट कार्टून पर शोधकर्ताओं का दावा

रिसर्च के मुताबिक, आपका फेवरेट कार्टून आपकी मेंटल हेल्थ यानी मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में बताता है। ऐसी कई रिसर्च भी की जा चुकी हैं, जिनका दावा है कि फेवरेट कार्टून और मीम्स युवाओं के स्ट्रेस को दूर करते हैं।

आपको जानकर हैरानी होगी कि विदेशों में अब फेवरेट कार्टून और मीम्स के जरिए इलाज की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। इसमें उन्हें सफलता भी मिल रही है।

फेवरेट कार्टून थेरिपी

न्यूयॉर्क में सेंटर फॉर एंग्जायटी के संस्थापक और निदेशक डॉ. डेविड रोजमरिन ने फेवरेट कार्टून के जरिए इलाज की एक नई प्रक्रिया शुरू की है। उनका कहना है, “भले ही दूसरों को यह बात अटपटी लगे लेकिन, मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूं। हम फेवरेट कार्टून और मीम्स के इस्तेमाल अवसाद या डिप्रेशन का इलाज कर सकते हैं। यह न सिर्फ युवाओं के इलाज में मददगार है, बल्कि इसकी मदद से उन लोगों का भी इलाज किया जा सकता है है, जिन्हें पुरानी चिंता है, क्योंकि डिप्रेशन की घटना किसी के भी साथ हो सकती है।”

उनका कहना है, “इस थेरिपी की मदद से डिप्रेशन का पता आसानी से लगाया जा सकता है। सिर्फ फेवरेट कार्टून ही नहीं, बल्कि कॉमेडी शो भी इस थेरिपी में मददगार होते हैं। साथ ही, किसी असंभव काम करने के लिए उन्हें इससे प्रोत्साहन मिलता है।”

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सेलेब्स से आगे निकल रहे हैं मीम्स

सोशल मीडिया वैसे तो सेलेब्स की खबरों और उनकी तस्वीरों से भरी रहती हैं। लेकिन, अब दौर बदल रहा है। लोग अब किसी सेलेब्स को फॉलो करने से पहले मीम्स के पेज को फॉलो करना ज्यादा पसंद करते हैं। शायद यही कारण भी हो सकता है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर मीम्स पोस्ट करने वाले सैकड़ों चैनल एक्टिव हो चुके हैं। इनके फॉलोवर्स भी बहुत ही कम समय में बढ़ने लगते हैं।

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लोगों की राय

दिल्ली के दुर्गेश कॉलेज स्टूडेंट हैं। जब उन्हें हैलो स्वास्थ्य की टीम ने बताया कि फेवरेट कार्टून या मीम्स की मदद से वो अपना डिप्रेशन बहुत ही आसानी से दूर कर सकते हैं, तो उन्हें बहुत ही हैरानी हुई। कुछ सोचने के बाद बोलें, “स्कूल से कॉलेज का सफर एकदम नया है। कॉलेज में उनके सारे नए दोस्त हैं। स्कूल के सभी दोस्त अलग-अलग कॉलेज में पढ़ रहे हैं। शुरू के कुछ दिनों कॉलेज में मेरा मन नहीं लगता था लेकिन, अब यहां पर भी मेरे कई दोस्त हैं। हम लोग पूरे दिन एक-दूसरे को सोशल मीडिया के जरिए मीम्स शेयर करते रहते हैं, कार्टूंस की बात करते रहते हैं। मुझे ऐसा लगता है कि फेवरेट कार्टून मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए एक कामयाब और नया तरीका है।”

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क्या कहते हैं डॉक्टर्स?

न्यूयॉर्क के मनोचिकित्सक, डॉ. लॉरेल स्टाइनबर्ग कहते हैं, “बच्चों के लिए बनाए गए कार्टून पुरानी चिंता या अवसाद के उपचार के लिए सहायक हो सकते हैं क्योंकि, वे सामुदायिक आदेश, दोस्ती, परिवार, टीम वर्क जैसे विषयों को शामिल करके बनाए जाते हैं, जो यह दिखाते हैं कि अच्छाई हमेशा बुराई पर जीतती है और यह उद्देश्य देते हैं कि हर दिन सूरज नई किरण के साथ कल बाहर आएगा। कार्टून एक नई उम्मीद को जगाने और किसी चिंता को कम करने या किसी दुख को कम करने में मदद कर सकते हैं।”

तो अब जब बी आपको फुरसत मिले, तो अपने बच्चे या छोटे भाई-बहन के साथ बैठकर फेवरेट कार्टून जरूर देखें।

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रिव्यू की तारीख सितम्बर 17, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 29, 2019

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