ओरल कैंसर (Oral Cancer) क्या है? जानें इसके लक्षण और रोकथाम के उपाय।

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

कैंसर जानलेवा बीमारी नहीं है बशर्ते, इसके लक्षणों को जल्द से जल्द पहचान कर इलाज सही वक्त पर शुरू कर देना चाहिए। इंडिया अगेंस्ट कैंसर की रिपोर्ट के अनुसार भारत में सभी तरह के कैंसरों का लगभग एक तिहाई हिस्सा मुंह के कैंसर (Oral Cancer) से पीड़ित है। मुंह का कैंसर होंठ से लेकर टॉन्सिल्स तक के हिस्से को प्रभावित करता है।     

ओरल कैंसर (Oral Cancer) के क्या लक्षण हैं?

  • मुंह के (होंठ से टॉन्सिल तक) अंदर सूजन आना, गांठ बनना, पपड़ी बनना या फिर मसूड़ों पर कटे का निशान होना। 
  • मुंह में लाल या सफेद पैच का निशान पड़ना। 
  • मुंह से किसी भी वक्त खून आना। 
  • मुंह में दर्द होना और चेहरे या गर्दन की त्वचा बहुत ज्यादा सॉफ्ट हो जाना। 
  • चेहरे, गर्दन या मुंह में घाव होना और घाव का जल्दी ठीक न होना और फिर से दुबारा होने की संभावना होना। 
  • चबाने, निगलने, बोलने, जबड़े या जीभ को हिलाने में भी कठिनाई हो सकती है।   
  • गले में खराश या आवाज में बदलाव होना। 
  • कान में दर्द होना। 
  • अचानक से वजन कम होना।      
  • परिवार में किसी को पहले कैंसर हुआ हो (जेनेटिकल)। 
  • एच.पी.वी. के संक्रमण से भी मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यह खासकर युवा वर्ग में ज्यादा होता है। 

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मुंह के कैंसर (Oral Cancer) की रोकथाम कैसे करें ?

  • तम्बाकू, गुटखा और सिगरेट का सेवन बंद करें। ओरल कैंसर तम्बाकू, गुटखा और सिगरेट पीने वालो में ज्यादा होता है। 
  • अल्कोहल का सेवन नहीं करना चाहिए। शराब न पीने वालो की तुलना में पीने वाले लोगों में ओरल कैंसर होने की संभावना लगभग छह गुना अधिक बढ़ जाती है।
  • ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन सेहत के साथ-साथ किसी भी बीमारी से लड़ने में सहायक होता है।  
  • जंक फूड और पैक्ड जूस का सेवन नहीं करना चाहिए। 

खुद से मुंह के कैंसर (Oral Cancer) की जांच कैसे करें? 

मुंह के कैंसर की जांच खुद से भी की जा सकती है। यह जांच आपको शीशे के सामने खड़े होकर तेज रोशनी में अपने मुंह की जांच करें। इससे मुंह में हो रहे बदलावों को समझने में आसानी होगी। 

  • सबसे पहले हाथों को साफ करें। 
  • उंगली की मदद से मुंह के अंदर हल्का दवाब डालें और महसूस करें कि क्या किसी तरह की परेशानी हो रही है?
  • सिर को पीछे की ओर झुकाएं और मुंह के ऊपरी हिस्से की जांच करें। 
  • मसूड़ों को भी ध्यान से देखें और किसी भी तरह के बदलाव को समझने की कोशिश करें। 
  • जीभ की भी ठीक तरह से जांच करें। 
  • गर्दन के दोनों साइड ध्यान से देखें और उंगली की मदद से बढ़े हुए मांस या नोड्स को महसूस करें। 

कैंसर से जुड़े एक्सपर्ट्स का मानना है कि कैंसर का इलाज कैंसर के पहले और दूसरे स्टेज में करने से इससे आसानी से लड़ा जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि मुंह में हो रहे किसी भी तरह के बदलाव को ज्यादा समय तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं होता है। इसलिए कोई भी पीड़ा या परेशानी होने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना बेहतर होगा। 

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रिव्यू की तारीख जुलाई 11, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया दिसम्बर 6, 2019

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