सेक्स लुब्रिकेंट के रूप में ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करना होता है कितना सही?

Medically reviewed by | By

Update Date जून 30, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Share now

सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान सेक्स लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करना हमेशा अच्छा होता है। यह फ्रिक्शन को कम करके सेक्शुअल प्लेजर को बढ़ा सकता है। मार्केट में कई तरह के सेक्स स्नेहक (sex lubricants) मौजूद हैं। वहीं, कुछ लोग नेचुरल लुब्रिकेंट (natural lubricants) के रूप में जैतून के तेल (olive oil) का भी इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, ऑलिव ऑयल के स्वास्थ्य लाभ कई हैं। लेकिन, ऑलिव ऑइल सेक्स ल्यूब का उपयोग करना सुरक्षित है या नहीं। यह संशय का विषय है। “हैलो स्वास्थ्य” के इस लेख में जानते हैं कि ऑयल्ड सेक्स के क्या स्वास्थ्य प्रभाव हो सकते हैं।

क्या ऑलिव ऑयल को सेक्स ल्यूब (sex lube) के रूप में उपयोग करना सुरक्षित है?

सेक्स लुब्रिकेंट्स के तीन मुख्य प्रकार होते हैं: वाटर बेस्ड लुब्रिकेंट, तेल-आधारित लुब्रिकेंट और सिलिकॉन-आधारित लुब्रिकेंट।

जैतून का तेल, ऑइल बेस्ड सेक्स लुब्रिकेंट्स (oil based sex lubricants) केटेगरी में फिट होता है। ऑलिव ऑयल की तरह ऑयल-बेस्ड लुब्रिकेंट्स अक्सर मोटे होते हैं और अन्य स्नेह स्नेहक टाइप्स की तुलना में लंबे समय तक चलते हैं। वाटर बेस्ड ल्यूब (water based lube) लंबे समय तक नहीं चलते हैं और जल्दी सूख जाते हैं और ये कॉन्डम के साथ इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित नहीं हैं। सिलिकॉन-आधारित ल्यूब (silicon based lube) वाटर बेस्ड लुब्रिकेंट्स की तुलना में लंबे समय तक रहता है, लेकिन वे सिलिकॉन सेक्स टॉयज (silicon sex toys) को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इसलिए, ऑयल्ड सेक्स के दौरान लुब्रिकेंट के रूप में जैतून के तेल का उपयोग लेटेक्स कॉन्डम (latex condom) के टूटने की संभावना बढ़ जाती है। नतीजन, इससे आपको यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) या प्रेग्नेंट होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, आप सिंथेटिक कॉन्डम जैसे पॉलीयूरेथेन कॉन्डम के साथ ऑइल बेस्ड सेक्स ल्यूब का उपयोग कर सकते हैं।

और पढ़ें : अब वो कॉन्डम के लिए खुद कहेंगे हां, जरा उन्हें भी ये आर्टिकल पढ़ाइए

ऑलिव ऑयल सेक्स ल्यूब से हो सकता है संक्रमण

इसके अलावा एक और समस्या यह भी है कि जैतून का तेल हेवी होता है। यह आसानी से त्वचा में अवशोषित नहीं होता है। यह आपके पोर्स को बंद कर सकता है, खासकर यदि आप इसे इस्तेमाल करने के बाद नहीं धोते हैं।

इससे बंद छिद्रों से जलन हो सकती है, जो बाद में संक्रमण का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, हाल ही में एक अध्ययन में पाया गया कि जैतून का तेल स्किन बैरियर को कमजोर कर सकता है। नतीजन, तैलीय संभोग से त्वचा में हल्की जलन पैदा हो सकती है और एनस में बैक्टीरिया पनप सकती है और संक्रमण का कारण बन सकता है।

एक छोटी-सी स्टडी में यह भी पाया गया कि वजाइना में तेल का उपयोग करने से एक महिला को यीस्ट इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन, अध्ययन में तेल के इस्तेमाल के प्रकार का उल्लेख नहीं किया गया है। फिर भी, यदि आप यीस्ट इंफेक्शन से ग्रस्त हैं, तो आप जैतून के तेल को ल्यूब के रूप में उपयोग करने से पहले दो बार सोचें।

और पढ़ें : संभोग करने से पहले जाने कामसूत्र में अध्यात्म का ज्ञान

चेक करें एलर्जी

अधिकांश लोगों को जैतून के तेल से एलर्जी नहीं होती है। लेकिन, फिर भी संभावना हो सकती है। जैतून के तेल को सेक्स लुब्रिकेंट के रूप में उपयोग करने से पहले, अपनी रिस्ट पर थोड़ी मात्रा में जैतून का तेल लगाकर पैच टेस्ट जरूर करें। यदि आपको दाने या खुजली लगे, तो इसका मतलब है कि आपको जैतून के तेल से एलर्जी है। तो, इसे तैलीय संभोग के रूप में उपयोग नहीं करना चाहिए।

और पढ़ें : सेक्स के बाद दर्द होना हर बार नहीं होता है नॉर्मल, जानिए इसकी वजह

ऑयल्ड सेक्स में ऑलिव ऑयल के बजाय क्या उपयोग करें?

सेक्स के लिए लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करने से पहले इन बातों पर ध्यान दें :

  • सुनिश्चित करें आपको और आपके साथी को प्रोडक्ट से कोई एलर्जी नहीं है।
  • सुनिश्चित करें कि लुब्रिकेंट में शुगर या ग्लिसरीन नहीं है क्योंकि इससे महिला पार्टनर को यीस्ट इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है।
  • लेटेक्स कॉन्डम के साथ ऑइल बेस्ड सेक्स लुब्रिकेंट्स का उपयोग न करें।

यदि आप खुद के लिए (यानी हस्तमैथुन)  लुब्रीकेंट की तलाश कर रहे हैं या आप सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान कॉन्डम का उपयोग नहीं करने की सोच रहे हैं, तो जैतून का तेल एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इसके अलावा तैलीय संभोग के एक बेहतर विकल्प के रूप में वाटर बेस्ड केवाई जेली (KY Jelly) का प्रयोग कर सकते हैं। जल-आधारित लुब्रिकेंट पानी में घुलनशील होते हैं। केवाई जेली में क्लोरहेक्सिडाइन ग्लूकोनेटट्रस्टेड (chlorhexidine gluconate) भी होता है, जिसमें जीवाणुरोधी (antibacterial) गुण होते हैं।

और पढ़ें : डॉगी स्टाइल सेक्स करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान, सेक्स लाइफ होगी बेहतर

अन्य स्नेहक जिनसे बचने की है जरूरत

सामान्य तौर पर, लोगों को सभी ऐसे सेक्स स्नेहक के उपयोग से बचना चाहिए जिनका इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग कम्पनीज यौन स्नेहक के रूप में नहीं करती हैं। हालांकि, हाई वाटर कंटेन्ट वाले प्राकृतिक उत्पाद जैसे कि एलोवेरा जेल का इस्तेमाल पर्सनल लुब्रिकेंट के प्रभावी विकल्प के रूप में किया जा सकता है।

फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) सलाह देता है कि बिना चिकनाई वाले लेटेक्स कॉन्डम का उपयोग करने वाले लोग किसी भी ऑयल बेस्ड लुब्रिकेंट से बचें। ये पदार्थ लेटेक्स कॉन्डम की प्रभावशीलता को कम कर सकते हैं। लोगों को तैलीय संभोग के रूप में इन उत्पादों का उपयोग करने से बचने की कोशिश करनी चाहिए:

  • पेट्रोलियम जेली (वैसलीन)
  • खाना पकाने का तेल
  • नारियल का तेल
  • बच्चों की मालिश का तेल
  • डेयरी बटर
  • फेस क्रीम और बॉडी लोशन आदि।

और पढ़ें : क्या है फीमेल इजेकुलेशन (female ejaculation) का सच? जानें इससे जुड़ी सभी बातें

बरते सावधानी

जब पेनेट्रेशन एन्वॉल्व नहीं होता है, तब ल्यूब के रूप में ऑलिव ऑयल संभवतः सुरक्षित और प्रभावी होता है। लेकिन, अगर आप वजाइनल या गुदा मैथुन कर रहे हैं, और एसटीआई (STI) और गर्भावस्था से बचने के लिए कॉन्डम का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जैतून के तेल का उपयोग सेक्स लुब्रिकेंट के रूप में न करें। जैतून का तेल कुछ लोगों में त्वचा में जलन पैदा कर सकता है। यदि आपको जैतून के तेल के उपयोग से चकत्ते या संक्रमण के कोई लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत इसका उपयोग करना बंद कर दें।

यदि आप ऑलिव ऑयल को सेक्स ल्यूब के रूप में उपयोग करने का निर्णय लेते हैं, तो याद रखें सेक्शुअल इंटरकोर्स के बाद शॉवर लेना न भूलें। आप बेहतर प्रोटेक्शन के साथ सेक्शुअल प्लेजर लेने के लिए वाटर बेस्ड ऑयल लुब्रिकेंट और सिलिकॉन बेस्ड ऑइल लुब्रिकेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये आसानी से किसी भी स्टोर पर उपलब्ध होते हैं। उम्मीद है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। ऑयल्ड सेक्स से जुड़ा कोई और सवाल है तो आप हमसे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। इस विषय से जुडी अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

क्या नारियल का तेल बेहतर सेक्स ऑयल है?

सेक्स ऑयल कौन से हैं, कोकोनट ऑयल क्या सेक्स ऑयल है, कौन सा सेक्स लुब्रिकेंट अच्छा है, नारियल के तेल के फायदे क्या है, सेक्स लुब्रिंकेंट की कीमत क्या है, Coconut oil sex lube.

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shayali Rekha

क्या आपने कभी किया एनल सेक्स? शरमाएं या हिचकिचाएं नहीं जानिए इसके फायदे

एनल सेक्स के फायदे क्या हैं? गुदा सेक्स के लिए अपनी पार्टनर को कैसे तैयार करें? एनल सेक्स पोजीशन, एनल सेक्स के दुष्प्रभाव, गुदा सेक्स का दौरान क्या सावधानी बरतना चाहिए? Anal sex benefits in hindi

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shikha Patel

Anal Sex: एनल सेक्स से जुड़े मिथक और उनके पीछे का सच

जानिए एनल सेक्स क्या होता है? एनल इंटरकोर्स से जुड़े मिथक और सच। एनल सेक्स के लिए पार्टनर को कैसे मनाते हैं और इस दौरान क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए।

Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar
Written by Surender Aggarwal

फ्लेवर्ड कॉन्डम : यह तो हद ही हो गई चिकन टिक्का मसाला फ्लेवर में कॉन्डम?

फ्लेवर्ड कॉन्डम के बारे में तो सुना होगा, पर क्या आपने चिकन टिक्का मसाला कॉन्डम के बारे में सुना है? कॉन्डम के प्रकार, कॉन्डम के प्रकार, कॉन्डम के नुकसान, flavoured condom in hindi, कॉन्डम फ्लेवर, फ्लेवर्ड कॉन्डम की जानकारी जानें यहां...

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Shikha Patel

Recommended for you

एड्स के कारण दूसरे STD

एड्स के कारण दूसरे STD होने के जोखिम को कम करने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shikha Patel
Published on जुलाई 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
गुदा मैथुन कैसे करें, इस सवाल का जवाब है इस आर्टिकल में

जानें गुदा मैथुन कैसे करें और साथ में किन बातों का रखें ध्यान

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shikha Patel
Published on जून 26, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
पहली बार गुदा मैथुन

पहली बार गुदा मैथुन करने जा रहे हैं तो जान लें जरूरी बातें

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shayali Rekha
Published on जून 25, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
सेक्स लुब्रिकेंट्स

सेक्स को एंजॉय करने के लिए ट्राई करें सेक्स लुब्रिकेंट्स (sex lubricants)

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shikha Patel
Published on जून 24, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें