सेक्स वर्कर्स के लिए भी जरूरी है हाइजीन, अपनाएं ये टिप्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 1, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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45 साल पहले 2 जून 1975 को फ्रांस के एक शहर की सड़कों पर करीब 100 सेक्स वर्कर्स ने प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन उनके खिलाफ हो रहे आपराधीकरण और उनकी शोषणकारी स्थिति के खिलाफ किया गया था। हमारे समाज में सेक्स वर्कर्स जो कि मुख्यतः और सामान्यतः महिलाएं होती हैं, के स्वास्थ्य और रहन-सहन के प्रति उदासीनता देखने को मिलती है। यह भी इस दुनिया का कटु सत्य है कि, इस समाज में सेक्शुअल वर्कर्स को अलग और घृणा की दृष्टि से देखा जाता है। लेकिन, आपको शायद इस बात का अंदाजा नहीं होगा कि, न जाने दुनियाभर में कितनी सेक्स वर्कर्स संक्रामत बीमारियों से ग्रसित हैं और इसके पीछे सिर्फ एक वजह यह है कि, उनकी हाइजीन की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जाता।

सेक्स वर्कर्स कौन होते हैं?

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सेक्शुअल वर्कर में एचआईवी इंफेक्शन के बचाव संबंधित एक आंकलन में सेक्स वर्कर्स को परिभाषित कर रखा है। जिसके मुताबिक, सेक्स वर्कर्स वो लोग होते हैं, जो कमर्शियल सेक्स करते हैं और कमर्शियल सेक्स वो सेवा होती है, जो रुपयों या सामान (बार्टर सिस्टम जैसा) के एक्सचेंज में दी जाती है। सेक्शुअल वर्कर महिला, आदमी और ट्रांसजेंडर कोई भी हो सकता है, हालांकि यह सभी जानते हैं कि, कई कारणों की वजह से अधिकतर यह महिलाएं होती हैं। यकीनन, इनके स्वास्थ्य या हाइजीन के प्रति उदासीनता और घृणा की दृष्टि के पीछे इनकी मजबूरी और इनके प्रति हिंसा नहीं देखी जा पाती।

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सेक्स वर्कर्स के लिए हाइजीन क्यों जरूरी है?

इंडोनेशिया के बाली में मौजूद 625 फीमेल सेक्शुअल वर्कर पर हुए अध्ययन में पाया गया कि, जिन महिलाओं ने दिन में एक बार या हर इंटरकोर्स के बाद वजायनल या सेक्स हाइजीन का ध्यान रखा, उनमें वजायनल या सेक्स हाइजीन का ध्यान न रखने वालों के मुकाबले जेनिटल लक्षण जैसे, बेरंग डिस्जार्च, एसआईटी आदि के मामले कम देखने को मिले। यह दर्शाता है कि, सेक्स वर्कर्स में सेक्स हाइजीन कितनी मायने रखती है। आज हम सेक्स वर्कर्स की हाइजीन के बारे में बात करेंगे और जानेंगे कि ऐसा न करने से उन्हें किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

सेक्स हाइजीन का मतलब क्या है?

सेक्स हाइजीन से मतलब है कि, सेक्स के दौरान (चाहे वह किसी कपल के बीच हो रहा हो या फिर सेक्स वर्कर या फिर उसके क्लाइंट के बीच) सुरक्षित यौन संबंध बनाए जाएं और वजायनल, एनल व ओरल सेक्स से पहले और बाद में जेनेटिल ऑर्गन की साफ-सफाई का खास ख्याल रखा जाए। वरना, इसकी वजह से कई यौन संचारित रोग या संक्रमण का सामना करना पड़ सकता है। जैसे-

  • क्लैमाइडिया
  • जेनिटल हर्पीज
  • जेनिटल वार्ट्स
  • गोनोरिया
  • बैक्टीरियल वैजिनोसिस
  • एचआईवी
  • एचपीवी, आदि

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सेक्शुअल वर्कर के लिए सेक्स हाइजीन टिप्स

सेक्स वर्कर्स इन सेक्स हाइजीन टिप्स का प्रयोग कर सकती हैं, वरना एक क्लाइंट के रूप में दूसरे व्यक्ति को भी इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। ताकि, अपने साथ-साथ किसी दूसरे के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जा सके।

हाथों की साफ-सफाई

संक्रमण के फैलाव या हानिकारक व खतरनाक बैक्टीरिया के एक जगह से दूसरे जगह तक जाने का सबसे आम जरिया हाथ होते हैं। इसके अलावा, हमारे हाथों में कई कीटाणु हो सकते हैं, जो आपके या सामने वाले व्यक्ति के जेनिटल ऑर्गन के लिए काफी खतरनाक हो सकते हैं। इसलिए, सेक्स से पहले और बाद में हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखें और साबुन व पानी से अच्छी तरह धोएं।

सेक्स वर्कर्स के लिए शरीर की सफाई

एसटीआई (सेक्शुअल ट्रांसमिटिड इंफेक्शन) सीमन, प्री-इजैकुलेटरी फ्लूड, वजायनल फ्लूड, ब्लड व म्यूकस मेंब्रेन में मौजूद पैथोजन के कारण फैलता है। पैथोजन कुछ समय तक आपके शरीर की त्वचा व हाथों पर भी जीवित रह सकते हैं, जिसके कारण आपको संक्रमण आपकी त्वचा व हाथ के जरिए भी हो सकता है। इसलिए, सेक्स के बाद नहाना एक बेहतरीन तरीका रहेगा या फिर पूरे शरीर की साफ-सफाई की तरफ अलग तरीके से ध्यान देना चाहिए।

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यूरिन को कंट्रोल न करें

सेक्स से पहले, बाद में या सेक्स के दौरान कभी भी यूरिन को कंट्रोल करने की कोशिश न करें। खासकर, सेक्स के बाद आपको पेशाब जरूर करना चाहिए, इससे वजायना में मौजूद कई बैक्टीरिया यूरिन के सहारे बाहर निकल जाते हैं।

अंडरगार्मेंट हाइजीन

अंडरगार्मेंट में पसीने या डिस्चार्ज की वजह से कई बैक्टीरिया या पैथोजन हो सकते हैं और सेक्स वर्कर्स के मामले में तो यह खतरा ज्यादा होता है। क्योंकि, एक दिन में वह कई क्लाइंट्स के साथ इंटरकोर्स करती हैं। ज्यादा देर तक अंडरगार्मेंट में मौजूद खतरानाक बैक्टीरिया या पैथोजन शरीर के अन्य भागों पर भी पहुंच सकते हैं या फिर उनकी जांघों या प्रजनन अंगों में संक्रमण का कारण भी बन सकते हैं।

वजायनल सेक्स करें पहले

सेक्शुअल वर्कर के पास अलग-अलग तरह के क्लाइंट आते हैं, जिनकी मांग भी अलग-अलग हो सकती है। मजबूरन, सेक्स वर्कर्स को उनकी मांग पूरी करना होती है। लेकिन, हमेशा ध्यान रखें कि, अगर कोई क्लाइंट वजायनल और एनल सेक्स करना चाहता है, तो हमेशा पहले वजायनल सेक्स करें। क्योंकि, एनल में मौजूद कई कीटाणु या सूक्ष्मजीव वजायना के लिए खतरनाक हो सकते हैं। इसके अलावा, दोनों तरह के सेक्स के लिए अलग-अलग कॉन्डम का इस्तेमाल करें।

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माउथवॉश करना न भूलें

अगर, आपका क्लाइंट ओरल सेक्स के लिए कहता है, तो सुनिश्चित करें कि, ओरल सेक्स से पहले और बाद में दोनों माउथवॉश करना न भूलें। क्योंकि, इससे जननांग और मुंह दोनों में संक्रमण होने का खतरा रहता है।

कॉन्डम का इस्तेमाल

सभी तरह के एसटीआई से बचाव के लिए कॉन्डम काफी प्रभावशाली है। इसलिए, कभी भी असुरक्षित यौन संबंध न बनाएं। क्योंकि, रोजाना आने वाले अलग-अलग क्लाइंट्स के बारे में पता होना या उनके हेल्थ स्टेटस के बारे में जानकारी होना नामुमकिन है और बचाव हमेशा सुरक्षा से बेहतर होता है।

जांच करवाती रहें

सेक्स वर्कर्स को डॉक्टर से सलाह लेने के बाद एक नियमित अंतराल पर एसटीआई या शारीरिक जांच करवाते रहना चाहिए। इससे यदि उन्हें किसी भी संक्रामक बीमारी की आशंका होगी, तो उसे जल्द से जल्द पहचानकर उपचार शुरू किया जा सकता है और सही समय पर बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। इन बीमारियों की जांच और निदान में देरी काफी खतरनाक हो सकती है।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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