#WCID: क्रिएटिविटी और मेंटल हेल्थ का क्या है संबंध

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट सितम्बर 30, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

कुछ लोग इतने क्रिएटिव होते हैं कि हम उनके क्रिएशन को देखते ही रह जाते हैं। उनकी क्रिएशन को देखने के साथ ही हमारे दिमाग में दूसरा सवाल आता है कि, काश! हम भी इतने क्रिएटिव हो पाते। यह ख्वाहिश हर किसी के मन में कभी न कभी तो आई ही होगी। खैर, हम मन से हटकर दिमाग पर आते हैं, क्योंकि भाई साहब यहीं से होता है रचनात्मकता का जन्म। आपको बता दें कि क्रिएटिविटी और मेंटल हेल्थ का गहरा संबंध है, जो कि आपको प्रभावित करता है। इसी के साथ बीते वर्षों में क्रिएटिविटी और मेंटल हेल्थ के संबंध पर गहरी रिसर्च भी हुई है, जो कि जरूर जाननी चाहिए। आइए, हम बात करते हैं रचनात्मकता और मानसिक स्वास्थ के बारे में, क्योंकि आ रहा है वर्ल्ड क्रिएटिविटी एंड इनोवेशन डे (World Creativity and Innovation Day)।

और पढ़ें : कैसे बनाएं हेल्दी फूड हैबिट्स? जानिए कुछ आसान तरीके

वर्ल्ड क्रिएटिविटी एंड इनोवेशन डे (World Creativity and Innovation Day) क्या है?

वर्ल्ड क्रिएटिविटी एंड इनोवेशन डे एक ग्लोबल यूएन डे है, जो कि हर साल 21 अप्रैल को मनाया जाता है। ताकि लोगों के बीच किसी भी समस्या को विकासात्मक लक्ष्यों को पूरा करते हुए हल करने में रचनात्मकता और आविष्कार के महत्व के बारे में जागरुक किया जाए।

रचनात्मकता (Creativity) क्या है?

रचनात्मकता की परिभाषा की बात की जाए, तो यह नए और कल्पनाशील विचारों को हकीकत में उतारने की प्रक्रिया को कहा जाता है। अक्सर, विश्व या हमारे आसपास समाज में मौजूद चीजों को नए नजरिए से देखना और लोगों को दिखाने के लिए रचनात्मकता का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें दो चरण मौजूद होते हैं, पहला- सोचना अथवा कल्पना करना और दूसरा बनाना। रचनात्मकता हमने बताया कि, यह हमारे दिमाग द्वारा नियंत्रित की जाती है। जो कि दिमाग के फ्रंटल लोब हिस्सा होता है। यही हिस्सा लर्निंग और एब्सट्रेक्ट चीजों को भी कंट्रोल करता है।

और पढ़ें : नाक से खून आना न करें नजरअंदाज, अपनाएं ये घरेलू उपचार

क्रिएटिविटी और मेंटल हेल्थ का संबंध क्या है?

लिखने, एक्टिंग, ड्राईंग और डांसिंग को आमतौर पर क्रिएटिव चीजों की कैटेगरी में रखा जाता है, क्योंकि हम यह करते हुए अक्सर आनंद लेते हैं। जिससे आपकी मेंटल हेल्थ को काफी फायदा प्राप्त होता है, आइए इन फायदों के बारे में जानें।

मूड को बेहतर बनाता है

रचनात्मकता का सबसे पहला फायदा है कि यह आपके मूड को बेहतर बनाता है। अगर आप किसी से पूछेंगे कि आप रचनात्मक चीजों को क्यों करते हैं तो सभी का आम जवाब हो सकता है कि, ऐसा करके उन्हें अच्छा लगता है। इससे उनके स्ट्रेस और खराब मूड से राहत मिलती है।

और पढ़ें : कैशलेस एयर एंबुलेंस सेवा भारत में हुई लॉन्च, कोई भी कर सकता है यूज

चिंता को दूर करता है

मूड को बेहतर करने के साथ रचनात्मकता स्ट्रेस, डिप्रेशन और ट्रॉमा को भी दूर करने में मदद करता है। रचनात्मक चीजों को बनाने से आप अन्य परेशानियों के बारे में भूल जाते हैं और इसके अलावा यह हमारे दिमाग में एंटी-स्ट्रेस हॉर्मोन का उत्पादन भी करता है।

और पढ़ें : रूट कैनाल उपचार के बाद न खाएं ये 10 चीजें

क्रिएटिविटी ब्रेन फंक्शन को बूस्ट करती है

कई रिसर्च में यह सामने आया है कि रचनात्मकता हमारे दिमाग की कार्यक्षमता को बूस्ट करती है। अधिकतर क्रिएटिव लोगों के दिमाग के लेफ्ट और राइट हेमिस्फेयर में बेहतर समन्वय देखा गया है।

बीमारियों से दूर रखता है

रचनात्मक होने का एक लॉन्ग टर्म बेनेफिट यह है कि इससे आपको अल्जाइमर या पार्किंगसन जैसी क्रोनिक और बढ़ती उम्र के साथ आने वाली बीमारी से भी बचाव मिलता है। जो बुजुर्ग लोग क्राफ्टिंग, पेंटिंग जैसे रचनात्मक कार्यों में रहते हैं, उनमें इन समस्याओं को कम देखा गया है।

इम्यूनिटी में सुधार

क्रिएटिविटी का एक और फायदा यह है कि इससे आपका इम्यून सिस्टम भी सुधरता है। कुछ स्टडी में देखा गया है कि म्यूजिक या अन्य क्रिएटिव चीजें करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर सूजन जैसी समस्याओं से लड़ने में सक्षम बनता है।

और पढ़ें : जिम उपकरण घर लाएं और महंगी जिम को कहें बाए-बाए

स्टडी- क्रिएटिविटी और मेंटल इल्नेस का संबंध

कई सालों पहले एक स्टडी के मुताबिक क्रिएटिविटी और मेंटल इल्नेस यानी मानसिक बीमारियों के बीच संबंध दर्ज किया गया था। जी हां, शायद आपको यह जानकर शॉक लग सकता है कि रचनात्मकता और मानसिक बीमारियों के बीच एक गहरा संबंध देखा गया है। लेकिन, ऐसा नहीं है कि रचनात्मक होने से आपको मानसिक बीमारी हो सकती है। लेकिन इस शोध में पाया गया कि, क्रिएटिव लोगों में अक्सर कोई न कोई मानसिक बीमारी मौजूद थी। रचनात्मकता के साथ नर्वस टेंशन, डिप्रेशन और एल्कोहॉल या ड्रग्स का संबंध देखा गया है। जो कि मानसिक समस्याओं के आम कारणों में शुमार है। इस वजह से रचनात्मकत लोगों में कुछ प्रकार की मेंटल इल्नेस हो सकती है।

मेंटल हेल्थ सुधारने के टिप्स

जैसा कि हमने बताया कि क्रिएटिविटी मेंटल हेल्थ को सुधारती है। ठीक इसी तरह, बेहतर मेंटल हेल्थ भी आपकी रचनात्मकता को सुधारने में मदद करती है। जब आपका मानसिक स्वास्थ्य सुधरता है, तो आपके फ्रंटल लोब की कार्यक्षमता बढ़ती है और आपका दिमाग बेहतर तरीके से काम कर पाता है। इसी कारण आप चीजों को बेहतर तरीके से देख पाते हैं, कल्पना कर पाते हैं और उसे एक रूप दे पाते हैं। तो आइए, आपकी मेंटल हेल्थ सुधारने वाले कुछ टिप्स के बारे में जानते हैं।

अपनाएं ये टिप्स

  1. मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए नींद काफी जरूरी है। जब आप पर्याप्त नींद लेते हैं, तो आपके दिमाग को आराम मिलता है और साथ ही नींद हमारे दिमाग में जानकारी ट्रांसमिट करने वाले कैमिकल को रेगुलेट करने में मदद करती है।
  2. दिमाग को स्वस्थ रहने के लिए पोषण की जरूरत होती है और पोषण स्वस्थ खानपान से मिलता है। इसलिए, स्वस्थ व पर्याप्त आहार ग्रहण करना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। आयरन, विटामिन बी  जैसे कुछ विटामिन और मिनरल की कमी आपके मूड में गिरावट का कारण बन सकती है। इसके अलावा, अगर आपको चिंता या स्ट्रेस रहता है तो आप कैफीन से बिल्कुल दूर रहें।
  3. आपको पर्याप्त मात्रा में सूर्य की रोशनी ग्रहण करनी चाहिए। आपको शायद न पता हो, लेकिन हमारे स्वास्थ्य के लिए सन लाइट काफी आवश्यक है, क्योंकि उसमें विटामिन डी होता है। हमारे शरीर और दिमाग के लिए विटामिन डी काफी जरूरी है, जो आपके मूड को बेहतर करने वाले कैमिकल जैसे एंडोर्फिन और सेरोटोनिन के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन डी की कमी आपको स्ट्रेस या डिप्रेशन की समस्या का कारण भी बन सकती है। इसलिए, क्रिएटिविटी को बढ़ाने के लिए दिन में पर्याप्त सन लाइट ग्रहण करते रहें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

टीचर्स डे: ऑनलाइन क्लासेज से टीचर्स की बढ़ती टेंशन को दूर करेंगे ये आसान टिप्स

लॉकडाउन में टीचर्स का मानसिक स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ रहा है? ऑनलाइन क्लासेज के लिए मोबाइल और कंप्यूटर का अत्यधिक उपयोग करने से कई तरह की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं....covid-19 lockdoen and teachers' mental health in hindi

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
हेल्थ टिप्स, स्वस्थ जीवन सितम्बर 2, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

Pedophilia : पीडोफिलिया है एक गंभीर मानसिक बीमारी, कहीं आप भी तो नहीं है इसके शिकार

पीडोफिलिया क्या है, पीडोफीलिक डिसऑर्डर का कारण क्या है, पीडोफीलिक डिसऑर्डर के लक्षण, इलाज, बच्चे के प्रति यौन आकर्षण, बाल यौन शोषण, pedophilia, paedophilia

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन अगस्त 28, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

ज्यादा फोटो का लोड आपका स्मार्टफोन उठा सकता है, पर दिमाग नहीं

फोटोग्राफी का दिमाग पर असर कैसा होता है? फोटो खींचने के फायदे और नुक्सान क्या हैं? मनोवैज्ञानिक मैरीन गैरी का कहना है कि बहुत सी तस्वीरें लेने से मेमोरी फॉर्मिंग का तरीका कमजोर हो जाता है।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन अगस्त 19, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

मेंहदी और मानसिक स्वास्थ्य का है सीधा संबंध, जानें इस पर एक्सपर्ट की राय

मेंहदी और मानसिक स्वास्थ्य का क्या संबंध है, मेंहदी डिजाइन, मेंहदी कैसे लगाएं, मेंहदी का आयुर्वेद में उपयोग, Mehandi and Mental Health

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन अगस्त 14, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

लाफ्टर थेरेपी

लाफ्टर थेरेपी : हंसो, हंसाओं और डिप्रेशन को दूर भगाओं

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ सितम्बर 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
पेट थेरेपी

पेट्स पालना नहीं है कोई सिरदर्दी, बल्कि स्ट्रेस को दूर करने की है एक बढ़िया रेमेडी

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ सितम्बर 7, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
रिटायरमेंट के बाद मेंटल हेल्थ

रिटायरमेंट के बाद बिगड़ सकती है मेंटल हेल्थ, ऐसे रखें बुजुर्गों का ख्याल

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ सितम्बर 4, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
टीनएजर्स में खुदकुशी के विचार

‘नथिंग मैटर्स, आई वॉन्ट टू डाय’ जैसे स्टेटमेंट्स टीनएजर्स में खुदकुशी की ओर करते हैं इशारा, हो जाए अलर्ट

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ सितम्बर 2, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें