Bergamot : बर्गमोट क्या है?

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Update Date मई 28, 2020
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परिचय

बर्गमोट (Bergamot) क्या है?

बर्गमोट एक खट्टा और कड़वा फल है, जिसे ऑरेंज बर्गमोट भी कहा जाता है। यह पीले रंग का नींबू जैसा दिखता है। यह पेड़ दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है। इसका इस्तेमाल कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है। कई लोग इसकी चाय पीनी पसंद करते हैं। चाय के अलावा इसका तेल प्रयोग किया जाता है। औषधीय गुणों से भरपूर इसके तेल को खाने और ड्रिंक्स में फ्लेवर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। ये हमारे स्वास्थ्य के लिए कई तरीकों से लाभदायक हो सकता है लेकिन, अगर इसे अनुचित तरीके से उपयोग किया जाता है, तो यह हानिकारक भी साबित हो सकता है।

बर्गमोट नाशपाती के आकार का फल होता है और यह रटैसी परिवार से संबंधित है, जो नारंगी के समान परिवार होता है। बर्गमोट का पेड़ 12 मीटर तक लंबा होता है। इसकी पत्तियां हरे रंग की और फूल सफेद रंग के गुछच्चेदार होते हैं। इसके फल का स्वाद खट्टा होता है। इसके फल का इस्तेमाल आमतौर पर तेल बनाने के लिए किया जाता है। हालांकि, लोग इसका फल खाना पसंद नहीं करते हैं, लेकिन अगर आपको स्वास्थ्य से कई बीमारियों को दूर करना है, तो आप बर्गमोट के तेल या बर्गमोट की चाय का सेवन कर सकते हैं। इसके साथ ही एक बात का ध्यान रखें कि कभी भी बर्गमोट का तेल स्किन पर लगाकर धूप में न निकलें, क्योंकि, इसके कारण आपकी त्वचा जल सकती है।

बर्गमोट को साइट्रस बर्गामिया रिसो एट पोइटो के नाम से भी जाना जाता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल चिंता और तनाव को कम करने के लिए किया जा सकता है।

और पढ़ेंः Clavulanic Acid : क्लैवुलेनिक एसिड क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

बर्गमोट (Bergamot) का उपयोग ​किस लिए किया जाता है?

बर्गमोट ऑयल के कई फायदे होते हैं, जिसकी रिसर्च में भी पुष्टि की गई है। 

स्ट्रेस को करें कम– 2015 में जापान की औरतों पर एक शोध किया गया था और जिसमें उन्हें बर्गमोट ऑयल को पानी के साथ भांप में दिया गया। इससे उनमें स्ट्रेस, चिंता और थकान का स्तर कम देखने को मिला। इसी तरह 2013 में करेंट ड्रग टार्गेट (Current Drug Targets) में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया था कि एरोमा थेरेपी में बर्गमोट का इस्तेमाल डिप्रेशन, स्ट्रेस और मूड डिसऑर्डर को ठीक करने के लिए किया जाता है। 

फूड पॉइजनिंग में मददगार– इसमें लिनालूल (Linalool) नाम का एक कंपाउंड पाया जाता है। जो कई बार फूड पॉइजनिंग के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया को नष्ट करने में कारगार होता है। 2006 में एक स्टडी में चिकन की स्किन और पत्ता गोभी से बैक्टीरिया को नष्ट करने में बर्गमोट को प्रभावी पाया गया।

कोलेस्ट्रॉल को कम करता है- साल 2016 में मानवों और पशुओं पर एक अध्ययन किया गया। जिसमें सामने आया कि बर्गमोट में फ्लेवोनोइड होता है जो लिपिड के स्तर को कम करने में मदद करता है। 2018 में हुए एक एनिमल स्टडी में वैज्ञानिकों ने चूहों पर परीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि इसके सेवन से चूहों में फैटी लिवर का विकास रुक गया।

घावों को भरने में असरदार- घावों को भरने में भी ये काफी असरदार है। इसका उपयोग त्वचा रोग एक्जिमा, सोरायसिस, जलन, चकत्ते, मुंहासे, अल्सर और दाद के इलाज के लिए किया जाता है। कॉस्मेटोलॉजी में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

सांस नली (श्वासन प्रणाली) को साफ करें- आमतौर पर इसका इस्तेमाल विक्स में भी किया जाता है। इसके पौधे से आने वाली खुशबू बंद नाक और सांस की नली में जमा हुए बैक्टीरिया से लड़ने का काम करती है। बर्गमोट में यूकेलिप्टस होता है, जो श्वसन तंत्र को साफ करने के लिए काम कर सकता है। इसके लिए आप इसके तेल या क्रीम को सीने पर लगा सकते हैं।

त्वचा साफ करे- बर्गमोट में प्राकृतिक तौर पर जीवाणुरोधी और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो त्वचा को साफ रखने में मदद करते हैं। इसका इस्तेमाल आमतौर पर सैनिटाइजर के रूप में अधिक किया जाता है।

बर्गमोट का इस्तेमाल परफ्यूम, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, औषधिओं, खाद्य पदार्थों और दवाओं के तौर पर भी किया जाता है।

कैसे काम करता है?

बर्गमोट ऑयल में बहुत सारे केमिकल्स होते हैं, जोकि त्वचा को धूप के प्रति संवेदनशील बना सकते हैं। कभी भी सनलाइट में बाहर जाने से पहले इसे शरीर पर न लगाएं। क्योंकि, इससे संवेदनशील त्वचा जल सकती है।

और पढ़ें: धनिया क्या है?

उपयोग

कितना सुरक्षित है बर्गमोट (Bergamot) का उपयोग ?

  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इसकी खुशबू नुकसानदायक हो सकती है। 
  • जिन लोगों को खट्टे फलों से एलर्जी है वो बर्गमोट वाली दवाइयों को लेने से बचें।
  • प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं भी इससे बनी दवाइयों का सेवन न करें।
  • अगर आप स्तनपान कराती हैं तो इस तेल का इस्तेमाल अपनी त्वचा पर न करें।
  • अगर आप कोई दूसरी दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।

बता दें कि, बर्गमोट ऑरेंज इटली में मुख्य रूप से उगाया जाने वाला खट्टा फल होता है। वहां इसका इस्तेमाल चाय के तौर पर सबसे अधिक किया जाता है।

अगर आपकी कोई सर्जरी होने वाली है तो उसके दो हफ्ते पहले इसको लेना बंद कर दें।

और पढ़ें: सहजन क्या है? 

साइड इफेक्ट्स

बर्गमोट (Bergamot) के साइड इफेक्ट्स ?

कुछ लोगों में बर्गमोट का तेल इस्तेमाल करने से स्किन संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। खासतौर पर तब जब इसे करियर ऑइल के साथ मिलाकर नहीं लगाया जाए। बर्गमोट तेल का इस्तेमाल कभी-कभी डर्मेटाइटिस (Dermatitis) का कारण बन सकता है।

बर्गमोट से होने वाली एलर्जी के लक्षण-

बर्गमोट तेल का प्रयोग करने से पहले एक बार इसका पैच टेस्ट जरूर करें। इसके लिए अपनी कलाई के छोटे हिस्से पर तेल को करियर तेल में मिलाकर लगाएं। अगर 24 घंटे तक आपको किसी तरह की कोई एलर्जी नहीं होती है तो आप इस तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। सनबर्न और रैशेज से प्रभावित हिस्सों के उपचार के लिए भी बर्गमोट के तेल का इस्तेमाल प्रभावकारी है।

और पढ़ें: नारियल तेल क्या है?

डॉसेज

बर्गमोट (Bergamot) को लेने की सही खुराक

बर्गमोट तेल की खुराक कई कारकों पर निर्भर करती है। ये मरीज की उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है। फिलहाल इसकी निर्धारित खुराक को लेकर कोई वैज्ञानिक जानकारी नहीं है। एक बात का खास ख्याल रखें कि हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए इसके तेल का इस्तेमाल करने से पहले अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से एक बार जरूर संपर्क करें।

उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है?

बर्गमोट ऑयल

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