क्या गुस्से में आकर कुछ गलत करना एंगर एंजायटी है?

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

गुस्सा करना एक बहुत ही शक्तिशाली भावना है जो आपकी निराशा, चोट या झुंझलाहट के कारणों से हो सकती है। क्रोध करना एक सामान्य भावना है जो थोड़ी से गुस्से से लेकर तीव्र क्रोध तक हो सकती है। हम क्रोध को डर के साथ जोड़ सकते हैं लेकिन अधिकतर मामलों में क्रोध की भावना के पीछे किसी विशेष समस्या की चिंता हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी भावना का मन में होंना सामान्य है, लेकिन इसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि ये थोड़ा थोड़ा गुस्सा आगे जाकर एंगर एंजायटी बन सकता है।

क्या है एंगर एंजायटी ?

क्रोध और चिंता को आम तौर पर अलग-अलग भावनात्मक अनुभव के साथ-साथ कहीं-कहीं ओवरलैप होती भावना के रूप में माना जाता है। क्रोध आमतौर पर किसी प्रकार की हताशा से जुड़ा होता है और चिंता आमतौर पर किसी परेशानी की अधिकता और उस परेशानी से न निपटने की कम क्षमता के साथ जुड़ी होती है। कई अध्ययन के अनुसार एंगर एंजायटी के केस में रोगी को एंगर अटैक्स आने लगते हैं। शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया है कि दुखी और चिंतित व्यक्तियों में “एंगर अटैक्स” की समस्या मिलती है।

गुस्से को दबाने का क्या खतरा हो सकता है?

अगर आप अपने गुस्से को दबाते हैं, उसे जाहिर नहीं करते तो यह आपके लिए चिंता और डिप्रेशन का कारण हो सकता है। जो गुस्सा सही तरीके से व्यक्त नहीं किया गया है, वह रिश्तों को बाधित कर सकता है। यहां तक कि सोच और व्यवहार के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है और विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याएं पैदा कर सकता है। गुस्से की वजह से हाई ब्लड प्रेशर, हृदय की समस्या, सिरदर्द, त्वचा और पाचन से सम्बंधित स्वास्थ्य समस्या हो सकती हैं। इसके अलावा, अगर आप गुस्से को सही तरह से बाहर नहीं निकाल पाते हैं तो आप शराब के सेवन और अन्य हिंसक व्यवहार जैसी समस्याओं से घिर सकते हैं।

कैसे करें एंगर एंजायटी की समस्या को ठीक?

विशेषज्ञ मानते हैं कि आप मुख्यतः तीन तरीकों से ही एंगर एंजायटी की समस्या को ठीक कर सकते हैं।

  • रीयलिस्टिक बातों को जगह दें :
    जब भी लोग गुस्से में और चिंतित होते हैं,तो उन्हें निराशा या खतरा महसूस होता है। ऐसे में अगर आप लॉजिकल, रीयलिस्टिक या संतुलित सोच को अपनाएगें तो आपको फायदा होगा।
  • रिलैक्स और माइंडफुल रहें :
    गहरी सांस लेना, मसल्स को रिलैक्स और दिमाग को तेज करने की कुंजी है। आप फोन पर ऐप्स की मदद से मेडिटेशन का ट्राई कर सकते हैं।
  • कोई भी कार्य करने से पहले दो बार सोचें :
    यदि आप गुस्सा महसूस कर रहे हैं,तो चिल्लाने या लड़ने से पहले, अपने आप से पूछें, “क्या यह करने से आपको बेहतर महसूस होगा? यदि नहीं तो वो काम करने से बचें।

यदि आप या आपके कोई परिचित एंगर एंजायटीकी वजह से संकट में हैं और उसे मदद की जरूरत है, तो उससे तुरंत बात करने की कोशिश करें और आपातकालीन स्थिति में, तत्काल मदद के लिए डॉक्टर के पास ले जाएं और उनका मार्गदर्शन और परामर्श लें।

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रिव्यू की तारीख जुलाई 10, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया जुलाई 10, 2019

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