Heart disease and exercise: क्या एक्सरसाइज से हार्ट डिजीज को रोका या रिवर्स किया जा सकता है?

    Heart disease and exercise: क्या एक्सरसाइज से हार्ट डिजीज को रोका या रिवर्स किया जा सकता है?

    एक्सरसाइज करना हर किसी के लिए बेहद आवश्यक है। संपूर्ण रूप से हेल्दी रहने के लिए नियमित व्यायाम की सलाह दी जाती है। एक्सरसाइज करने से कई बीमारियों से भी बचा जा सकता है। हार्ट कंडिशंस को आजकल की सबसे बड़ी समस्या माना जाता है। हाल में ही एक स्टडी से यह भी पता चला है कि एक्सरसाइज से हार्ट डिजीज (Heart disease) को रोका या रिवर्स किया जा सकता है। आज हम हार्ट डिजीज और एक्सरसाइज (Heart disease and exercise) के बारे में यही जानकारी आपको देने वाले हैं। लेकिन, हार्ट डिजीज और एक्सरसाइज (Heart disease and exercise) के बारे में जानने से पहले हार्ट डिजीज के बारे में जान लेते हैं।

    हार्ट डिजीज (Heart disease) किन्हें कहा जाता है?

    हार्ट डिजीज उन कंडिशंस को कहा जाता है, जो कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम (Cardiovascular system) को प्रभावित करती हैं। हार्ट डिजीज कई तरह की होती हैं और यह हार्ट व ब्लड वेसल्स को विभिन्न तरीकों से प्रभावित करती हैं। यह समस्याएं इस प्रकार हैं ब्लड वेसल डिजीज (Blood vessel disease), हार्ट रिदम प्रॉब्लम (Heart rhythm problems), जन्मजात हृदय दोष (Congenital heart defects), हार्ट वॉल्व डिजीज (Heart valve disease), हार्ट इंफेक्शन (Heart infection) आदि। हार्ट डिजीज (Heart disease) के सामान्य कारण हैं कोरोनरी आर्टरीज का तंग या ब्लॉक होना।

    कोरोनरी आर्टरीज वो ब्लड वेसल हैं, जो हार्ट तक ब्लड सप्लाई करते हैं। इसे कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary artery disease) कहा जाता है। यह लोगों में हार्ट अटैक का मुख्य कारण है। अन्य तरह की हार्ट प्रॉब्लम्स हार्ट के वॉल्व में हो सकती हैं या ऐसा भी हो सकता है कि हार्ट अच्छे से पंप न करें और हार्ट फेलियर का कारण बनें। कुछ लोग इन्हीं समस्याओं के साथ जन्म लेते हैं। लेकिन, उन कारकों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाकर हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है, जैसे

    • ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना
    • कोलेस्ट्रॉल को कम करना
    • स्मोकिंग न करना
    • पर्याप्त व्यायाम करना आदि

    यह तो थी हार्ट डिजीज के बारे में जानकारी। जानते हैं हार्ट डिजीज और एक्सरसाइज (Heart disease and exercise) के बारे में। इसके साथ ही जान लेते हैं कि एक्सरसाइज से हार्ट डिजीज को रोका या रिवर्स किया जा सकता है या नहीं?

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    हार्ट डिजीज और एक्सरसाइज (Heart disease and exercise)

    आप हार्ट डिजीज को रोकने या रिवर्स करने के लिए क्या कर सकते हैं? स्टडीज बताती हैं कि अगर हेल्दी डायट ली जाए और नियमित व्यायाम किया जाए, तो न केवल हार्ट डिजीज से बचा जा सकता है बल्कि कुछ रिस्क फैक्टर्स को भी रिवर्स किया जा सकता है। ऐसे में रोजाना जिम में कुछ समय बिताने या तीस मिनट सैर करने से भी लाभ हो सकता है। इसके बारे में डॉक्टर की सलाह भी ली जा सकती है। आइए जानें कि एक्सरसाइज क्यों जरूरी है और इंएक्टिविटी के दुष्प्रभाव क्या हो सकते हैं?

    हार्ट डिजीज और एक्सरसाइज (Heart disease and exercise): इंएक्टिविटी के दुष्प्रभाव

    हमारे हार्ट को अन्य मसल्स की तरह व्यायाम की जरूरत होती है। मसल्स का रोजाना इस्तेमाल करने से यह अधिक स्ट्रांग और हेल्दी बनती हैं। जबकि, जिन मांसपेशियों का उपयोग नहीं किया जाता है, वे कमजोर हो जाती हैं और उन्हें नुकसान होता है। जब एक्सरसाइज की जाती है, तो हार्ट शरीर के माध्यम से अधिक ब्लड पंप कर सकता है और थोड़े स्ट्रेन के साथ ऑप्टीमल एफिशिएंसी पर काम करना जारी रख सकता है। इससे हार्ट को लंबे समय तक स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी। नियमित व्यायाम से आर्टरीज और अन्य ब्लड वेसल्स को फ्लेक्सिबल बनाए रखने में भी मदद मिलती है, जिससे ब्लड फ्लो अच्छा रहता है और ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।

    उम्मीद है कि हार्ट डिजीज और एक्सरसाइज (Heart disease and exercise) के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आ रही होगी। ऐसा माना जाता है कि नियमित एक्सरसाइज के बिना कई समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है। इंएक्टिव लाइफस्टाइल हार्ट डिजीज (Heart disease) का सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है। इसके अन्य रिस्क फैक्टर्स हैं हाय ब्लड प्रेशर, स्मोकिंग, हाय कोलेस्ट्रॉल और ओबेसिटी आदि। फिजिकल फिटनेस की कमी के कारण लोग हार्ट अटैक आदि कार्डियोवैस्कुलर इवेंट्स (Cardiovascular events) की हायर रेट का अनुभव करते हैं। यही नहीं, इंएक्टिविटी हार्ट डिजीज (Heart disease) के अन्य रिस्क फैक्टर्स को भी प्रभावित कर सकती है। अब जान लेते हैं हार्ट डिजीज में एक्सरसाइज के फायदों के बारे में।

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    एक्सरसाइज के फायदे (Benefits of exercise)

    फिजिकल एक्टिविटी की कमी से हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ सकता है। किंतु, रेगुलर एक्सरसाइज से इस जोखिम को कम किया जा सकता है। अगर आपको हार्ट डिजीज है तो रेगुलर एक्सरसाइज बेहद जरूरी है। इसके फायदे इस प्रकार हैं:

    • एक्सरसाइज से हार्ट मसल स्ट्रांग होते हैं। इससे सीने में दर्द या अन्य लक्षणों के बिना अधिक सक्रिय होने में भी मदद मिल सकती है।
    • एक्सरसाइज से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है। अगर आपको डायबिटीज है तो ब्लड शुगर लेवल (Blood sugar level) को कंट्रोल में रखने भी मदद मिलती है।
    • रेगुलर व्यायाम से वजन कम होने में सहायता मिलती है। अधिक वजन हार्ट डिजीज (Heart disease) ही नहीं बल्कि कई अन्य समस्याओं का भी रिस्क फैक्टर है। हार्ट डिजीज और एक्सरसाइज (Heart disease and exercise) के बारे में यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है। एक्सरसाइज से हड्डियां भी मजबूत रहती हैं।
    • यही नहीं, जिन लोगों को हार्ट फेलियर की समस्या है, उन्हें भी एक्सरसाइज से लाभ होता है। इससे रोगी की समय के साथ ब्लड पंप करने की हार्ट की एबिलिटी बढ़ती है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।

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    यह तो थी हार्ट डिजीज और एक्सरसाइज (Heart disease and exercise) के फायदों के बारे जानकारी। किंतु, कोई भी एक्सरसाइज प्रोग्राम को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य बात करें। आपको केवल वहीं व्यायाम करने चाहिए, जो आपके लिए सुरक्षित हों। यह और भी जरूरी है, अगर:

    • आपको हाल ही में हार्ट अटैक हुआ हो
    • अगर आपको चेस्ट पैन या प्रेशर या सांस लेने में समस्या हो
    • डायबिटीज
    • रिसेंटली आपका कोई हार्ट प्रोसीजर या हार्ट सर्जरी हुई हो

    यह तो थी हार्ट डिजीज और एक्सरसाइज (Heart disease and exercise) के बारे में जानकारी। अब जानिए कि हार्ट डिजीज (Heart disease) की स्थिति में आपको कितनी एक्सरसाइज करनी चाहिए?

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    कितनी एक्सरसाइज करना है जरूरी?

    अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (American Heart Association) की मानें तो सप्ताह में पांच दिन नियमित रूप से दिन में कम से कम तीस मिनट्स के लिए एक्सरसाइज करने से हार्ट हेल्थ को सुधरने में मदद मिलती है। इससे हार्ट डिजीज (Heart disease) का रिस्क भी कम हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि कोई भी फिजिकल एक्टिविटी रोजाना करने से शरीर को एक्टिव रहने और कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है। यह एक्टिविटी कोई भी हो सकती है जैसे सीढ़ियां चढ़ना, खेल खेलना, वॉक करना, जॉगिंग, स्विमिंग आदि।

    इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन सी एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी करते हैं। सभी स्टडीज यही बताती हैं कि कोई भी एक्सरसाइज न करने से बेहतर है, कोई फिजिकल एक्टिविटी करना। किन्तु कोई भी एक्सरसाइज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। वो आपका सही मार्गदर्शन करेंगे कि इंजरी के रिस्क के बिना हार्ट हेल्थ को सही रखने के लिए सही एक्टिविटीज कौन सी हैं।

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    हार्ट डिजीज और एक्सरसाइज (Heart disease and exercise) के बारे में तो आप जान ही गए होंगे। डॉक्टर्स के अनुसार हेल्दी रहने के लिए हेल्दी जीवनशैली को अपनाना बेहद आवश्यक है। अगर आपको पहले से ही हार्ट डिजीज है तो यह और भी जरूरी हो जाता है कि आप अपनी जीवनशैली में सही बदलाव लाएं। ऐसा नहीं है कि हेल्दी लाइफस्टाइल जैसे नियमित व्यायाम से हार्ट डिजीज (Heart disease) को रिवर्स किया जा सकता है या इससे बचा जा सकता है। लेकिन, इससे आपको न केवल एक क्वालिटी लाइफ जीने में मदद मिल सकती है बल्कि आप अपने जीवन में सकारात्मकता का भी अनुभव करेंगे। अगर इस बारे में आपके मन में कोई भी सवाल है, तो डॉक्टर से उस बारे में अवश्य जानें

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    AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 14/02/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड