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गैस्ट्राइटिस डायट: इस स्थिति में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

गैस्ट्राइटिस डायट: इस स्थिति में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

गैस्ट्राइटिस पेट से संबंधित एक समस्या है। यह एक ऐसी स्थिति है जो पीड़ित व्यक्ति के पेट की लाइनिंग को प्रभावित करती है, जिसके कारण सूजन हो सकती है। ऐसा भी माना जाता है कि दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा इस समस्या से पीड़ित है और इसका एक बड़ा कारण बैक्टीरिया हैं। अक्सर इस बीमारी को मामूली माना जाता है। हालांकि, कई बार इस रोग में पीड़ित व्यक्ति की स्थिति बहुत गंभीर हो सकती है। गैस्ट्राइटिस के कुछ मामलों का इलाज घर पर सरल उपायों से किया जा सकता है। लेकिन, अपने खान-पान और डायट को ध्यान में रखकर भी आप इस समस्या को काफी हद तक इसे कंट्रोल कर सकते हैं। जानिए, गैस्ट्राइटिस डायट(Gastritis Diet) के बारे में विस्तार से। क्योंकि, गैस्ट्राइटिस में क्या खाएं(what to eat in Gastritis) और गैस्ट्राइटिस में क्या न खाएं(what to eat in Gastritis) यह बात बहुत अधिक महत्वपूर्ण है।

गैस्ट्राइटिस के कारण(Gastritis causes)

ऐसा कहा जाता है कि गैस्ट्रिक का सबसे आसान और प्रभावी समाधान है अपनी डायट और जीवनशैली में बदलाव लाना। गैस्ट्राइटिस डायट(Gastritis Diet) के बारे में जानने से पहले गैस्ट्राइटिस के कारणों(Gastritis causes) के बारे में जानना जरूरी है। हेलिकोबैक्टर पाइलोरी या H. पाइलोरी नामक एक जीवाणु गैस्ट्राइटिस का मुख्य कारण है। हालांकि, इस समस्या के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। उदाहरण के लिए इन्फेक्शस एजेंट, ऑटोइम्यून समस्याएं, क्रोहन रोग, सारकॉइडोसिस आदि। कुछ गंभीर मामलों में गैस्ट्राइटिस के कारण अल्सर और पेट के कैंसर होने का जोखिम भी रहता है।

गैस्ट्राइटिस के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं जो हमारी डायट और जीवनशैली की आदतों से जुड़े होते हैं, जैसे:

  • बहुत अधिक अल्कोहल का सेवन करना।
  • स्मोकिंग
  • मिर्च-मसालेदार आहार का सेवन।
  • एस्पिरिन या अन्य दर्द और बुखार को दूर करने वाली ओवर-द-काउंटर दवाईयों का उपयोग करना।
  • अधिक तनाव: यह गंभीर या जान के लिए जोखिम हेल्थ प्रॉब्लमस के कारण हो सकता है।

और पढ़ें : Gastritis and Duodenitis: खानपान में खराबी के कारण हो सकती है पेट में सूजन की समस्या

गैस्ट्राइटिस के लक्षण(Gastritis symptoms)

गैस्ट्राइटिस से पीड़ित कुछ लोगों में इस समस्या के कोई लक्षण नहीं होते। हालांकि, एक्यूट और क्रोनिक गैस्ट्राइटिस दोनों में लोग पेट में दर्द, मतली, उल्टी और कभी-कभी पेट फूलना, सूजन, भूख न लगना और अपच जैसे लक्षण महसूस करते हैं। गैस्ट्राइटिस से पीड़ित कुछ लोग ऊपर दिए लक्षणों के अलावा अन्य समस्याएं भी महसूस कर सकते हैं।

गैस्ट्राइटिस डायट

गैस्ट्राइटिस में क्या खाएं(what to eat in Gastritis)

गैस्ट्राइटिस की स्थिति में आपको अपनी डायट का पूरा ध्यान रखना चाहिए। जानिए, गैस्ट्राइटिस में आपको क्या खाना चाहिए:

हाय-फाइबर फूड

गैस्ट्राइटिस की स्थिति में ऐसी चीजों का सेवन करना जो फाइबर से भरपूर होती हैं बेहद लाभदायक है। ऐसे में गैस्ट्राइटिस डायट(Gastritis Diet) में हरी पत्तेदार सब्जियां, बीज, सूखे मेवे, फल जैसे बेरीज आदि को अवश्य शामिल करें। ब्रोकोली गैस्ट्रिक स्वास्थ्य के उपचार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि फाइबर के साथ ही यह सल्फरफेन का भी अच्छा स्त्रोत है। सल्फरफेन एक ऐसा कंपाउंड है, जो हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया को नष्ट करने में सहायक है

हेल्दी वसा से भरपूर आहार

हालांकि, जो लोग गैस्ट्राइटिस की समस्या से पीड़ित होते हैं उनके लिए वसा युक्त या फेट्टी फूड को खाना अच्छा विकल्प नहीं माना जाता है। लेकिन इसमें स्वस्थ वसा युक्त आहार को आप अपवाद मान सकते हैं। स्वस्थ वसा युक्त आहार जैसे सैमैन मछली, अखरोट और चिया सीड आदि में पाए जाने वाले ओमेगा -3 फैटी एसिड स्टमक लाइनिंग की सूजन को कम करने में मदद करते हैं। हेल्दी वसा के अन्य स्रोत एवोकाडो, जैतून का तेल, मेवे और बीज हैं।

और पढ़ें : पेट के इंजन के लिए कितना फायदेमंद है फाइबर?

प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ और पेय

अगर आपको गैस्ट्राइटिस है तो प्रोबायोटिक जैसे दही, दूध और कई पौधे आदि कई तरह से इस समस्या से राहत दिलाने में मदद करते हैं। यह गैस्ट्राइटिस की समस्याओं को दूर करते हैं और इम्युनिटी को बढ़ाने में सहायक हैं।

गैस्ट्राइटिस डायट

लीन प्रोटीन फूड

गैस्ट्राइटिस डायट(Gastritis Diet) में आगे है प्रोटीन युक्त आहार। प्रोटीन उस नुकसान को भरने में मदद करता है, जो गैस्ट्राइटिस के कारण स्टमक लाइनिंग में होती है। हालांकि, सभी प्रोटीन एक समान नहीं होते। गैस्ट्राइटिस से पीड़ित होने पर लीन प्रोटीन चुनना महत्वपूर्ण है। क्योंकि, एनिमल प्रोडक्टस में मौजूद वसा केवल स्थिति को बदतर बना सकता है। लीन प्रोटीन के अच्छे स्रोतों में चिकन, अंडे की सफेदी,और बीन्स आदि शामिल हैं।

और पढ़ें : गुस्से का प्रभाव बॉडी के लिए बुरा, हो सकती हैं पेट व दिल से जुड़ी कई बीमारियां

एंटीबैक्टीरियल और फ्लेवोनोइड युक्त खाद्य पदार्थ

पाइलॉरी एक तरह का बैक्टीरिया है और इससे लड़ने के लिए आपको ऐसा कुछ चाहिए जो एंटीबैक्टीरियल हो। फ्लेवोनोइड को अपने एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है और यह हेलिकोबैक्टर पाइलोरी सहित कई प्रकार के जीवाणुओं के विकास को रोकता है। लहसुन, प्याज, क्रैनबेरी, और अजवाइन सभी फ्लेवोनोइड के अच्छे स्रोत हैं। इसके साथ ही एंटीबैक्टीरियल चीजों जैसे शहद, अदरक, और हल्दी आदि में भी एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। इन्हें भी अपनी डायट में अवश्य शामिल करें।

सब्जियां

चीनी और एसिड के उच्च स्तर और फाइबर न होने के कारण फलों के रस को गैस्ट्राइटिस वाले लोगों को लेने की सलाह नहीं दी जाती। लेकिन, गैस्ट्राइटिस में कुछ सब्जियों के रस को लिया जा सकता है। उदाहरण के लिए, आलू के रस में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और यह पेट दर्द से राहत दिलाता है। कद्दू का रस, पोषक तत्वों से भरपूर होने के अलावा, गैस्ट्रिक एसिडिटी को कम कर सकता है, जिससे स्टमक लाइनिंग तेजी से ठीक हो जाती है। सब्जियों को आप अपनी गैस्ट्राइटिस डायट(Gastritis Diet) का हिस्सा अवश्य बनाएं।

गैस्ट्राइटिस में क्या न खाएं(what to not eat in Gastritis)

अपनी गैस्ट्राइटिस डायट(Gastritis Diet) में कुछ ऐसी चीजों को जगह न दें ,जो अपनी इस समस्या को बदतर बना दें। जानिए, ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में जिन्हें आपको इस स्थिति में नहीं खाना चाहिए:

एसिडिक फूड्स और ड्रिंक्स

जब बात उन फूड और ड्रिंक्स की आती है जो शरीर में एसिडिटी की समस्या को बढ़ाते हैं। तो ऐसे कई खाद्य पदार्थ मौजूद हैं, जिन्हे सेवन से यह समस्या बदतर हो सकती है। यह सभी को पता है कि कोला और अधिक चीनी युक्त ड्रिंक हमारे लिए बुरे हैं और एसिडिटी बढ़ा सकते हैं। लेकिन, खट्टे फल और जूस भी एसिडिक हो सकते हैं। कई बार ऐसे खाद्य पदार्थ भी स्टमक लाइनिंग के लिए परेशानी का कारण बन सकता है जिनके बारे में हमने सोचा भी नहीं होता। कॉफी, अनाज के साथ ही एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर टमाटर को भी एसिडिक माना जाता है और इनके सेवन से स्थिति गैस्ट्राइटिस की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए ,अगर आप इस समस्या से पीड़ित हैं तो पहले अच्छे से जान लें कि कौन से आहार आपको और अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।

यह भी पढ़ें: पेट कम करने के इन उपायों को करें ट्राई और पाएं स्लिम लुक

तला हुआ और वसा युक्त आहार

तले हुए और वसा युक्त आहार में कोलेस्ट्रॉल अधिक मात्रा में होता है, जो गैस्ट्राइटिस का कारण बन सकते हैं। यदि आप गैस्ट्रिटिस से पीड़ित हैं, तो इन खाद्य पदार्थों को न खाना ही आपके लिए अच्छा है। ताकि आपकी स्थिति और भी खराब न हो जाए। ऐसे ही प्रोसेस्ड और फास्ट फूड को भी गैस्ट्राइटिस डायट(Gastritis Diet) में शामिल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इनमे मौजूद प्रेज़रवेटिव, आर्टिफिशियल फ्लेवरिंग और अन्य चीजें गैस्ट्राइटिस बढ़ा सकती हैं और पेट में जलन पैदा कर सकती हैं। अधिक तला-भुना आहार आपकी अन्य समस्याओं को भी बढ़ा सकता है।

गैस्ट्राइटिस डायट

कार्बोनेटेड और अल्कोहलिक ड्रिंक्स

गैस्ट्रिटिस के दर्दनाक लक्षणों से राहत पाने के लिए कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे कार्बोनेटेड ड्रिंक जैसे सोडा आदि में चीनी अधिक होती है और एसिडिक होने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। अल्कोहल का सेवन भी गैस्ट्राइटिस की समस्या को बढ़ा सकता है। अगर आपको गैस्ट्राइटिस की समस्या है तो अल्कोहल को छोड़ना जरूरी है। अल्कोहल स्टमक लाइनिंग को नुकसान बना सकता है जिससे एसिड बढ़ता है और आपकी समस्या बदतर हो सकती है।

आयुर्वेद के मुताबिक अपनी प्रकृति (दोष) समझें इस वीडियो के माध्यम से:

मसालेदार आहार

यह तो सबको पता है कि अधिक मिर्च-मसालेदार आहार भी आपकी गैस्ट्राइटिस की परेशानी को बढ़ा सकते हैं। यह पेट में जलन पैदा करते हैं और दर्द को बदतर बना सकते हैं। हालांकि सभी मसाले हानिकारक नहीं होते, क्योंकि गैस्ट्राइटिस से निपटने के दौरान कुछ काफी फायदेमंद हो सकते हैं। दालचीनी, हल्दी, और अदरक को हानिकारक बैक्टीरिया का मुकाबला करने के लिए जाना जाता है। ऐसे में, कुछ चीजों को अपनी गैस्ट्राइटिस डायट(Gastritis Diet) में आप शामिल कर सकते हैं।

डेयरी प्रोडक्टस

डेयरी प्रोडक्टस जैसे दूध, पनीर, मक्खन आदि में लैक्टोज होता है, जिनके कारण उन्हें पचाने में मुश्किल होती है। न पच पाने के कारण यह गैस और ब्लोटिंग का कारण बनते हैं। ऐसे में आपको डेयरी उत्पादों का सेवन करने से बचना चाहिए या इनका कम सेवन करना चाहिए।

यह भी पढ़ें: गैस्ट्रोइंटेराइटिस की समस्या को करना है बाय, तो फॉलो करें ये ड्रिंक्स एंड डायट

इस परेशानी से राहत पाने के लिए आपको गैस्ट्राइटिस डायट(Gastritis Diet) के साथ ही अपने लाइफस्टाइल में भी परिवर्तन लाना होगा। जैसे स्मोकिंग करना छोड़ दें, नियमित रूप से व्यायाम करें, तनाव से दूर रहें, पर्याप्त नींद लें और सकारात्मक रहें। अधिक ताजे फल और सब्जियां खाने से गैस्ट्राइटिस की समस्या में आपको लाभ होगा। अगर यह समस्या अधिक बढ़ जाए या आपको अपनी गैस्ट्राइटिस डायट(Gastritis Diet) और लाइफस्टाइल में बदलाव करने के बाद भी लाभ न हो तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें और सही उपचार कराएं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Gastritis.https://www.mountsinai.org/health-library/condition/gastritis .Accessed on 3.3.21

.High-Fat, High-Cholesterol Diet Increases the Incidence of Gastritis in LDL Receptor–Negative Mice.https://www.ahajournals.org/doi/full/10.1161/01.ATV.21.6.991 .Accessed on 3.3.21

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AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 13/03/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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