सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान करवाने के टिप्स

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अपडेट डेट जुलाई 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान से जुड़ी 6 अहम सवाल

प्रायः गर्भवती महिला इस बात से चिंतित रहती हैं कि डिलिवरी अगर सिजेरियन (C-section) तो ऐसे में वो अपने शिशु को स्तनपान कैसे करवा पाएंगी? कई लोग तो इस भ्रम में रहते हैं कि शायद वो अपने नवजात को ब्रेस्टफीडिंग नहीं करवा सकती हैं और न जाने ऐसे ही कई सवाल और जिसे लेकर अक्सर मां बनने वाली महिला परेशान रहती हैं। परेशान होने भी जायज है क्योंकि क्यों सर्जरी की मदद से शिशु का जन्म होता है। आज जानेंगे सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान कैसे करवाना चाहिए जिससे मां और शिशु दोनों को फायदा हो।

सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान (Breastfeeding) कैसे करवाएं?

सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान करवाना मां के लिए थोड़ा कठिन हो सकता है लेकिन, निम्नलिखित टिप्स अपनाकर नवजात को आसानी से स्तनपान करवाया जा सकता है।

1. सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान क्यों जल्दी है जरूरी?

नॉर्मल डिलिवरी के बाद आधे घंटे के अंदर-अंदर नवजात को स्तनपान करवाना चाहिए। ठीक इसी तरह सिजेरियन डिलिवरी के बाद भी स्तनपान करवाना जरूरी है वो भी आधे घंटे के अंदर। डॉक्टर भी ऐसे ही स्तनपान करवाने की सलाह देते हैं। मां और शिशु का इस दौरान सबसे पहला आपस में स्पर्श होता है जो बेहद जरूरी है। अगर सिजेरियन डिलिवरी के दौरान एपिडुरल (Epidural) या स्पाइनल (Spinal) एनेस्थीसिया भी देने की स्थिति में आप बेहोश नहीं रहेंगी और आप शिशु को स्तनपान करवा सकती हैं। हालांकि अगर जेनेरल एनेस्थीसिया दी गई हो तो महिला ज्यादा वक्त तक बेहोश रह सकती हैं। इसलिए जैसे ही महिला होश में आयें किसी की सहायता से शिशु को स्तनपान करवा सकती हैं। स्तनपान करवाने वाली महिला जब शिशु को स्तनपान करवायें तो सतर्क रहें और ध्यान रखें।

2. सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान के लिए सही पुजिशन क्या है?

सी-सेक्शन के बाद स्तनपान के लिए पुजिशन या ठीक तरह से आराम करने से लेकर चलने तक सब सावधानी पूर्वक करना चाहिए। सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान का ध्यान रखना इस लिए जरूरी है क्योंकि ऐसा करने से सर्जरी पर दबाव या नुकसान नहीं पहुंचेगा। यह मां के लिए जरूरी है जबकि बच्चे को फीड करवाने के दौरान शिशु के नाक और सीने को दूर रखें। यह ध्यान देते रहें कि की शिशु ठीक से दूध पी रहा है या नहीं। एक्सपर्ट्स के अनुसार स्तनपान करवाने से सर्जरी के घाव को भी फायदा होता है और घाव जल्दी ठीक हो सकती है। इसलिए सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान करवाने से डरे नहीं सिर्फ किसी की सहायता से आप शिशु को आसानी से स्तनपान करवा सकती हैं।

3. स्तनपान करवाने के दौरान मदद लेना जरूरी है?

सिजेरियन डिलिवरी के बाद कुछ समय तक महिला अपने आपको असहज महसूस कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में किसी की मदद अवश्य लें। यही नहीं अस्पताल से घर जाने के बाद भी अगर किसी काम या स्तनपान के लिए मदद चाहिए तो संकोच न करें और हेल्प लें। ऐसा करने से आप अपने शिशु को ठीक तरह से और आसानी से स्तनपान करवा सकतीं हैं, जिससे मां और शिशु दोनों को परेशानी नहीं होगी।

4. शिशु को स्तनपान कब करवाएं?

शिशु का जन्म नॉर्मल डिलिवरी से हुआ हो या सिजेरियन डिलिवरी से दोनों ही स्थिति में इंटरनेशनल ब्रेस्टफीडिंग जर्नल के अनुसार शिशु को 24 घंटे में 10 से 12 बार स्तनपान करवाना चाहिए। सी-सेक्शन की वजह से मिल्क फॉर्मेशन में देरी हो सकती है लेकिन, सही अंतराल पर शिशु को आसानी से फीड करवाया जा सकता है।

ये भी पढ़ें: सिजेरियन और नॉर्मल दोनों डिलिवरी के हैं कुछ फायदे, जान लें इनके बारे में

5. क्या एनेस्थीसिया का असर ब्रेस्टफीडिंग पर पड़ता है?

सिजेरियन डिलिवरी के बाद महिला और उनके परिवार वाले इस बात को लेकर परेशान रहते हैं की कहीं एनेस्थीसिया का असर नवजात पर न पड़ें। ऐसी धारणा गलत है क्योंकि एनेस्थीसिया का असर सिर्फ डिलिवरी तक ही रहता है और इससे शिशु के स्वास्थय को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। यही नहीं इस दौरान किसी भी तरह की दवा से शिशु पर कोई असर नहीं पड़ता है। 

6. नवजात अगर इनक्यूबेटर में हो तो कैसे स्तनपान करवाएं? 

अगर शिशु के जन्म के उसे इनक्यूबेटर में रखने की जरूरत पड़ती है, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर के सलाह अनुसार नवजात को फीड करवाना चाहिए या फिर अगर मां वहां जा कर बच्चे को दूध पिला सकती हैं, तो जा कर स्तनपान करवा सकती हैं। 

7. सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान करवाने में अगर परेशानी हो तो क्या करें?

सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान करवाने में अगर परेशानी महसूस हो और अगर स्तनपान करवाना संभव न हो पा रहा हो, तो ऐसी स्थिति में ब्रेस्ट पंप की सहायता लें। ब्रेस्ट पंप की मदद से हर दो से तीन घंटे के बाद स्तनपान करवाने वाली महिला ब्रेस्ट पंप की मदद से ब्रेस्ट मिल्क निकाल कर शिशु को दूध आसानी से पिला सकती हैं।

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8. सिजेरियन डिलिवरी के बाद अस्पताल में ज्यादा समय तक रुकना पड़ सकता है?

नॉर्मल डिलिवरी (वजायनल डिलिवरी) की तुलना में सिजेरियन डिलिवरी के बाद कुछ दिन ज्यादा हॉस्पिटल में मां और शिशु को रहना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में परेशान न हों और इसका लाभ उठायें। दरअसल अस्पताल में रहने से मां और शिशु का विशेष रूप से ख्याल रखा जाता है और महिला को कोई भी मदद आसानी से तुरंत मिल जाती है। इस दौरान आप डॉक्टर और नर्स की सहायता से शिशु को स्तनपान ठीक से करवाने का तरीका भी समझ सकती हैं। यह मां और नवजात शिशु दोनों के लिए लाभकारी होता है।

9. सिजेरियन डिलिवरी के बाद क्या शिशु और मां साथ रह सकते हैं?

सिजेरियन डिलिवरी के बाद आप अपने बच्चे की देखभाल करने के लिए सक्षम नहीं पाती हैं यही नहीं सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान करवाना भी कठिन होता है लेकिन, यदि आपके पास परिवार के सदस्य या कोई अन्य करीबी है तो यह आपके लिए लाभकारी होगा। इस दौरान आप  शिशु को अपने सीने से लगाकर रख सकती हैं और स्तनपान करवा सकती हैं। इसके साथ ही आप शिशु को अपने पास ज्यादा से ज्यादा रखें। 

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सिजेरियन डिलिवरी होने पर परेशान न रहें सिर्फ ऊपर बताई गई बातों को ध्यान रखकर आसानी से आप अपने शिशु को स्तनपान करवा सकती हैं। अगर आप सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्तनपान से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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