जीवन के मूलमंत्र भद्रासन को कैसे करें और जानें क्या हैं इसके फायदे

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

भद्रासन दो अक्षरों से बना है भद्र और आसन, जिसमें भद्र का अर्थ है शुभ या अच्छा। यानि यह आसान करने वाले के लिए अच्छे परिणाम लाता है। यह आसन हठ योग है, जिसका वर्णन हठ योग प्रदीपिका में जीवन की मूलधारा या रुट चक्र के रूप में किया गया है। इस आसन को बैठ कर किया जाता है और तब तक किया जाता है जब तक की करने वाला इसे करने में आराम महसूस करे। भद्रासन योग को अंग्रेजी में ‘ग्रेसिऑस पोज’ भी कहा जाता हैं। इसका एक अन्य नाम  गोरक्षासन भी है। यह आसन कई बीमारियों को दूर करने, थकान मिटाने या प्रजनन अंगों के लिए लाभदायक है। 

भद्रासन को करने का तरीका

शुरुआती पोजीशन

भद्रासन को कैसे करना है, इसे करने से पहले आपको इस बात की सही जानकारी होना बेहद आवश्यक है। जानिए, स्टेप बाई स्टेप की इस आसान को कैसे किया जाता है।

  • एक मैट या दरी लें और किसी शांत जगह पर इसे बिछा कर उस पर बैठ जाएं। 
  • आप अपनी टांगों को आगे की तरफ फैलाएं। 
  • इसके बाद पैर की उंगलियों को जोड़े, इस दौरान यह ऊपर की तरफ होनी चाहिए। 
  • अपने हाथों को अपने शरीर के दोनों तरफ रखें औरअपनी हथेलियों को आराम से मैट पर रख दें। 
  • अपनी गर्दन को बिलकुल सीधा रखें। 
  • इस दौरान ठोड़ी को नीचे गर्दन की तरफ रखें। अपनी आंखों को सीधा एक जगह पर केंद्रित करें।

और पढ़ें: योग सेक्स: योगासन जो आपकी सेक्स लाइफ को बनायेंगे मजबूत

भद्रासन को निम्नलिखित चरणों में किया जाता है:

  • सांस अंदर लें और अपनी दोनों टांगों को शरीर के पास ले कर आएं। 
  • पैरों को फर्श के संपर्क में रखें, घुटनों को बाहर की ओर झुकाएं और पैरों के तलवों को एक साथ जोड़े।
  • अपने पैर की उंगलियों को बाहर की ओर करें और अपने पैरों को अपने जननांगों के पास लाएं, इस पोसिशन मे एड़ी गुदा और अंडकोष को बहुत नजदीक से छूती है। 
  • यदि आवश्यक हो, तो एड़ी को यथासंभव शरीर के करीब लाने के लिए पैरों को पकड़ें।
  • जब आप इस स्थिति में आराम महसूस करने लगे, तो अपने हाथों को संबंधित घुटनों पर रखें जिससे वे नीचे की ओर दबें। 
  • शरीर के ऊपरी भाग और गर्दन को सीधा रखें।
  • लगभग 5 से 6 सेकंड तक इसी मुद्रा में सांस रोक कर रहें। 
  • अब शुरुआती स्थिति पर आएं और तीन सेकंड में सांस बाहर छोड़े।
  • शुरुआती स्थिति में आने के लिए धीरे से टांगों को फैलाएं।
  • इस आसन के तीन से चार राउंड करें, बीच-बीच में ब्रेक लें। अगर आपने अभी योग की शुरुआत की है तो भद्रासन की स्थिति में एक सेकंड तक रहें। अगर आप अपनी टांगों में सुन्नता या आप इसमें असुविधा महसूस करें, तो इस पोस्चर को तुरंत छोड़ दें।

   

स्थिर पोज़

  • अंतिम स्थिति में आएं और इसे 2 मिनट तक बनाए रखें, क्योंकि व्यक्तिगत सुविधा के अनुसार- सांस सामान्य-धीमी और लयबद्ध होनी चाहिए।
  • जब तक आप कर सकते हैं, तब तक इस मुद्रा में रहने का प्रयास करे।

दूसरा तरीका 

  • भद्रासन को करने से पहले। वज्रासन में बैठे और जितना हो सके अपने घुटनों को एक दूसरे से दूर फैलाए।
  • एड़ी को अंडकोश या योनि के किनारों के नीचे रखें।
  • दोनों एड़ियां एक साथ होनी चाहिए और एड़ी के पीछे का हिस्सा आपके कूल्हों के नीचे होना चाहिए
  • फिर शरीर को स्थिर बनाने के लिए पैर की उंगलियों को पकड़े।
  • आंखें बंद करें और सांस पर पर ध्यान दें
  • 4-5 गहरी सांस या जब तक आप सहज हों, इस स्थिति में बने रहें।

और पढ़ें :Quiz : योग (yoga) के बारे में जानने के लिए खेलें योगा क्विज

भद्रासन के फायदे

भद्रासन हमारे शरीर के लिए बेहद लाभदायक है। जानिए इसके कुछ फायदों के बारे मे।

शरीर के अंगों में खिंचाव

इस योगासन को करने के लिए टांग, जांघ, घुटने और पैरों का पूरी तरह से इस्तेमाल किया जाता है। इस आसान को करने से मांसपेशियां मजबूत और स्वस्थ बनती हैं। इस आसन में शरीर के अंगों के फैलने से कारण शरीर के अंगों की गतिशीलता बढ़ती है और उन्हें नुकसान नहीं होता।

सक्रिय मूलधारा चक्र

मूलधारा चक्र को सक्रिय करने के लिए यह आसन बेहतरीन है। मूलधारा चक्र हमारे शरीर का मुख्य चक्र है। पेरिनेम और कोक्सीक्स के बीच स्थित यह चक्र गुदा से जुड़ा हुआ होता है। इसे तीन मानसिक नाड़ियों  का आधार भी माना जाता है जो इस प्रकार हैं : इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना। मूलाधार चक्र मे उत्तेजना कुंडलिनी के जागरण, जीवन शक्ति और विकास के लिए महत्वपूर्ण है

और पढ़ें: योगा या जिम शरीर के लिए कौन सी एक्सरसाइज थेरिपी है बेस्ट

दिमाग को शांत करता है

योग को दिमाग और नसों को शांत करने के लिए जाना जाता है। भद्रासन भी इसके लिए लाभदायक है। इस योगआसन की मुद्रा में बैठने से पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है  और कोर्टिसोल उत्पादन कम होता है। जिससे दिमाग में अच्छी और प्रसन्नता की भावनाएं आती हैं। 

टांगों में वैरिकोज  नसों को राहत

वैरिकोज नसों के होने का अर्थ है दिल को सही से खून न मिलना।  इससे जीवन भर स्वास्थ्य समस्याओं से गुजरना पड सकता है।  यह नसें लंबे समय तक बैठे रहने या अत्यधिक ऊंची एड़ी के जूते पहन कर चलने के बाद शरीर के निचले अंगों में दिखाई देने लगती हैं। वैरिकोज नसों के कारण मोटापा और हार्मोन्स मे उतार-चढ़ाव भी हो सकते हैं। आमतौर पर यह नीले रंग की सूजन और खरोंच की तरह दिखाई देती हैं। कुछ लोग इसमे दर्द महसूस करते हैं तो कुछ लोगों को दर्द नहीं होती। भद्रासन पैर की ऊंचाई को नियोजित करता है। इससे खून दिल तक सही से पहुंचने में मदद मिलती है। जिससे वैरिकाज़ नसों को राहत मिलती है।

पाचन क्रिया को सही रखें 

भद्रासन को करने से आंतरिक पेट के अंगों की मालिश होती है  इस आसन में पेट और आंतों में दबाव बनाने के लिए घुटनों पर मोड़ना और उन्हें खींचना पड़ता है, जो पाचन क्रिया को सही बनाने में सहयोगी है। इस आसन को रोजाना करने से कब्ज, गैस्ट्र्रिटिस और अम्लता से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी

रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाए 

भद्रासन करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और कमर का दर्द भी दूर होता है।

आसान डिलीवरी के लिए बेहतरीन पोस्चर 

पेल्विक एरिया को मजबूत बनाने में भद्रासन सहायक है। इसे करने के लिए घुटनों को एक दूसरे से अलग करना होता है। जिससे पेल्विक यानी नीचे का हिस्सा फैलता है और बच्चे को जन्म देने के लिए मांसपेशियां कोमल होती हैं। 

और पढ़ें: ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst) से राहत दिलाएंगे ये 6 योगासन

थकावट हो दूर 

दिन की भागदौड़ के कारण थकावट होना सामान्य है। लेकिन, भद्रासन को करने से खून का प्रवाह बढ़ता है और ऊर्जा भी मिलती है। जिससे थकावट दूर होती हैं

दिमाग के लिए महत्वपूर्ण

भद्रासन दिमाग की शक्ति को बढ़ाने मे सहायक है। इसे नियमित रूप से करने से याददाश्त और एकाग्रता भी बढ़ती है

किन लोगों को भद्रासन नहीं करना चाहिए?

  • अगर आपके जोड़ों, पेट या घुटनों में दर्द है तो इस आसन को न करें
  • अगर आप गर्भवती हैं , तो आपको इस आसन को हमेशा योग इंस्ट्रक्टर की निगरानी और डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए
  • अगर आपको कोई चोट लगी है या कोई बीमारी है तो आप इस आसन का अभ्यास न करें

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

पेट के लिए लाभदायक सेतुबंधासन करने का आसान तरीका, फायदे और सावधानियों के बारे में जानें

सेतुबंधासन क्या है, सेतुबंधासन को करने का तरीका, इसके फायदे, किन स्थितियों में इस आसान को न करें,setubandhasana in hindi, benefits of setubandhasana

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Anu Sharma
फिटनेस, योगा, स्वस्थ जीवन जुलाई 21, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

उत्तानपादासन योगासन करने का सही तरीका क्या होता है? जानिए इसके फायदे।

उत्तानपादासन करने का तरीका, उत्तानपादासन के फायदे, इसे कैसे करें, कब इस आसन को न करें,Uttanpadasana in hindi, Benefits of Uttanpadasana in hindi

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Anu Sharma
फिटनेस, योगा, स्वस्थ जीवन जुलाई 17, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

जाने कैसे करें ताड़ासन, इसके फायदों को जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल

ताड़ासन योगा क्या है, इसके फायदे, इसे कैसे करना चाहिए, किन परिस्तिथियों में इसे नहीं करना चाहिए, इसके दुष्परिणाम सहित अन्य जानकारी के लिए पढ़ें यह आर्टिकल।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish Singh
फिटनेस, योगा, स्वस्थ जीवन जुलाई 15, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

सुखासन: इस आसान पोज को करने के तरीके और इसके फायदों के बारे में जानिए

सुखासन कैसे करें, सुखासन के फायदे, किन स्थितियों मे इसे न करें, योग करने के फायदे और तरीके, Benefits of sukhasana, sukhasana

के द्वारा लिखा गया Anu Sharma
फिटनेस, योगा, स्वस्थ जीवन जुलाई 13, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

विपरीत करनी आसन को कैसे करें

दिमाग को शांत करने के लिए ट्राई करें विपरीत करनी आसन, और जानें इसके अनगिनत फायदें

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Anu Sharma
प्रकाशित हुआ अगस्त 13, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
ऊर्ध्व मुख श्वानासन कैसे करें

रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद ऊर्ध्व मुख श्वानासन को कैसे करें, क्या हैं इसे करने के फायदे जानें

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Anu Sharma
प्रकाशित हुआ अगस्त 10, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अपान मुद्रा

अपान मुद्रा: जानें तरीका, फायदा और नुकसान

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish Singh
प्रकाशित हुआ अगस्त 6, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
मरीच्यासन को करने का सही तरीका

पढ़ाई में नहीं लगता दिल तो ट्राई करें मरीच्यासन और जानें इसके फायदे और नुकसान

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Anu Sharma
प्रकाशित हुआ अगस्त 6, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें