विशेष स्थिति के लिए आहार भी हो विशेष, ऐसा कहना हैं एक्सपर्ट का

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अपडेट डेट जुलाई 13, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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क्या आप जानते हैं कि आयुर्वेद के अनुसार, हम सभी लोग पांच इंद्रियों के साथ मेटाबोलाइज हैं? ध्यान रखिए हम सिर्फ अपने भोजन को मेटाबोलाइज नहीं करते हैं। हम जो कुछ भी सुनते, स्पर्श, देखते, टेस्ट और स्मेल करते हैं, वे सब हमारी जिंदगी का एक हिस्सा बन जाते हैं। इसलिए, जो कुछ भी चुनें, बुद्धिमानी से चुनें और स्वस्थ जीवन जीएं। आयुर्वेद में स्वस्थ रहने के नियम हैं जिन्हें आपको भी फॉलो करना चाहिए। ऐसे कई प्रकार के भोजन हैं जिन्हें हम जानते हैं कि वे स्वस्थ और लाभकारी हैं। लेकिन, विशेष स्थिति के लिए आहार भी हो विशेष, ऐसा कहना हैं एक्सपर्ट का।

स्वस्थ रहने के नियम क्या हैं?

कुछ विशिष्ट प्रकार के भोजन को जब किसी विशेष समय पर खाया जाता है तो वह भोजन सर्वोत्तम हो जाता है। इसके कुछ सामान्य उदाहरण हैं-

  • दिन में फल खाना सबसे अच्छा माना जाता है। फलों के बारे में बहुत सारे मिथक मौजूद हैं। जैसे- फलों को खाली पेट खाया जाए तो वे ज्यादा स्वस्थ होते हैं, वजन कम करने के लिए रात में फलों का सेवन किया जा सकता है। ये सारे फैक्ट्स गलत हैं। फलों से ज्यादा से ज्यादा लाभ पाने के लिए दिन के समय फल खाए जाने चाहिए। जैसे- नाश्ते में या दोपहर के भोजन के बाद आदि।
  • दही को दिन में या शाम में स्नैक्स के रूप में लिया जाना चाहिए। ध्यान दें दही को खाना रात के समय अवॉयड करना चाहिए। खासकर अगर आप देर से खाना खाते हैं। हालांकि, यदि आप डिनर जल्दी करते हैं, तो आप दही भी खा सकते हैं।
  • मौसमी सब्जियां केवल मौसम के दौरान ही खानी चाहिए। उदाहरण के लिए, आम, लीची, चीकू आदि आजकल के मौसम के फल हैं। इन्हें आप खा सकते हैं।
  • इसी प्रकार, उस मौसम में हार्वेस्ट किए जाने वाले अनाज का उस मौसम में ही लिया जाना चाहिए। यह पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने और हमारे इष्टतम स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।
  • दिन में लगभग 8-10 गिलास पानी पिएं लेकिन, जब आप खाना या फल या सलाद खा रहे हों तो पानी न पिएं।
  • यदि आप आराम की नींद लेना चाहते हैं, तो रात के समय मिठाई न खाएं।
  • संतुलित भोजन से भरपूर ब्रेकफास्ट करें, लंच में पर्याप्त भोजन और रात के खाने में बहुत हल्के खाद्य पदार्थ खाएं। विशेषकर अगर आप बहुत लेट डिनर करते हैं तो खाना बहुत हल्का ही होना चाहिए।

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स्वस्थ रहने के नियम : दोपहर में बढ़ते आलसपन को दूर करें

क्या आपकी ऊर्जा का स्तर दोपहर में नीचे गिरने लगता है? इसके लिए एक स्नैक्स आप में एनर्जी को भरने में मदद कर सकता है। इसके लिए आप कुछ स्नैक्स को शामिल कर सकते हैं। जैसे- चॉकलेट में कैफीन होती है, और यह जितनी डार्क होती है, उसमें कैफीन इन्टेक उतनी ही ज्यादा होती है। फ्रूट्स में मौजूद नेचुरल शुगर आपको एनर्जेटिक रख सकती है। विटामिन सी से भरपूर संतरे, आपके शरीर की वसा को ऊर्जा में बदलने में मदद करते हैं।

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वर्कआउट के लिए

व्यायाम करने से कुछ घंटे पहले हेल्दी कार्ब्स लेना सबसे अच्छा रहता है। इसके अच्छे विकल्पों के रूप में साबुत अनाज, गेहूं टोस्ट, पास्ता और ब्राउन राइस को शामिल करें। फल और सब्जियां भी आपको पावर दे सकती हैं। इस दौरान प्रोटीन से बचना सबसे अच्छा रहता है, खासतौर पर जिन्हें पचने में अधिक समय लगता है। यदि आप अपने वर्कआउट रूटीन से 5-10 मिनट पहले भूखे हैं, तो केले या सेब का सेवन करें।

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वर्कआउट के बाद स्वस्थ रहने के नियम

वर्कआउट खत्म करने के 1-2 घंटे के भीतर, स्नैक या भोजन लें जिसमें प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट दोनों हों। यह आपकी मांसपेशियों को आपके द्वारा बर्न किए गए फ्यूल को रिकवर करने में मदद करेगा। साथ ही वर्कआउट के दौरान फ्लूइड लॉस की भरपाई के लिए पानी पिएं।

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स्वस्थ रहने के नियम : खुद को हाइड्रेट करने की आवश्यकता

शरीर को हाइड्रेट रखें के लिए पानी सबसे बेस्ट ऑप्शन होता है। लेकिन, कुछ खाद्य पदार्थ आपके हाइड्रेशन को भी बढ़ावा दे सकते हैं। जैसे- तरबूज, आइसबर्ग लेट्यूस (iceberg lettuce), खीरा, स्ट्रॉबेरी, जुकीनी, फूलगोभी आदि।

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शांत दिमाग के लिए

थेरेपी और दवाएं चिंता का इलाज करने के सबसे अच्छे तरीके हैं, लेकिन कुछ खाद्य पदार्थ भी आपके मूड को प्रभावित कर सकते हैं। जिंक मिनरल को एंग्जायटी कम करने के लिए जाना जाता है। काजू, अंडे की जर्दी और ऑयस्टर्स (oysters) इसके अच्छे स्रोत हैं। सैल्मन भी इसका एक अच्छा विकल्प हो सकता है। ऐसी मछलियां जो ओमेगा -3 फैटी एसिड में समृद्ध है, वे भी तनाव को कम करने के लिए जानी जाती है। प्रोबायोटिक्स, जो अचार और योगर्ट जैसे खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं, सोशल एंग्जायटी को कम कर सकते हैं।

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बिजी दिन के लिए

अगर आपका दिन बहुत व्यस्त होने वाला हो तो दलिया को नाश्ते के रूप में लेना सबसे अच्छा होता है। इसमें बीटा-ग्लूकन, एक प्रकार का फाइबर होता है जो आपके पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है। अधिक जटिल कार्बोहाइड्रेट, जिसमें जई, बाजरा, क्विनोआ आदि शामिल हैं, आपके मस्तिष्क में सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाते हैं। जो आपको शांत रखने में मदद कर सकता है।

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मौसमी फ्लू को दूर करने के लिए

अगर आपको सर्दी है तो चिकन सूप वास्तव में आपकी मदद कर सकता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी इफेक्ट होते हैं जो कंजेशन को कम कर सकता है। वहीं, अगर आपको पेट की समस्या है तो ब्रैट डायट (BRAT diet : bananas, rice, applesauce, and toast) लेने की कोशिश करें। इसके साथ खुद को हाइड्रेटेड रखें।

पेट फूलने पर

यह काफी आम लेकिन असुविधाजनक एहसास है जो गैस से जुड़ा हुआ है। लैक्टोज इनटॉलेरेंस, जब आप आसानी से मौजूद चीनी को पचा नहीं सकते हैं, तो पेट फूलने का यह एक कारण हो सकता है। इसलिए लैक्टोज फ्री डेयरी उत्पादों पर स्विच करने की कोशिश करें। कुछ महिलाओं में हर दिन एक केला खाने से समस्या में कमी देखी गई है। इसमें कीवी और आम भी मदद कर सकते हैं। हालांकि, सबसे अच्छा रहेगा उन खाद्य पदार्थों से बचें जो आपके डाइजेशन डिस्कंफर्ट का कारण बनते हैं।

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गर्भधारण के लिए

यदि आप प्रेग्नेंसी प्लानिंग कर रहीं हैं, तो आपको अधिक फोलेट लेना चाहिए। यह पत्तेदार सब्जियों, मटर, संतरे, नींबू, केले, खरबूजे, और स्ट्रॉबेरी में पाया जाता है।

क्लियर स्किन के लिए

आपने सुना होगा कि तला भुना भोजन या चॉकलेट आपको ब्रेक आउट्स दे सकता है। हालांकि, यह इतना सरल नहीं है, लेकिन पोषण आपके रंग को प्रभावित कर सकता है। कम ग्लाइसेमिक खाद्य पदार्थों से समृद्ध आहार मुँहासे की समस्या को कम कर सकता है। अच्छे विकल्पों के रूप में अपनी डायट में ताजी सब्जियां, बीन्स और स्टील-कट ओट्स शामिल करें।

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