हेल्दी माइंड के लिए काफी जरूरी हैं ये 8 पिलर्स

    हेल्दी माइंड के लिए काफी जरूरी हैं ये 8 पिलर्स

    आपके मस्तिष्क की तरह आपका मन भी आपके लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यह यादों को संजोता है, आपके इमोशंस को संचालित करता है और शरीर के हर मूवमेंट को सायकोलॉजिकली सपोर्ट भी करता है। हम जो कुछ भी करते हैं, उसमें हमारा मन ज़रूर शामिल होता है। नतीजन, शरीर के किसी अन्य भाग की तरह ही इसकी भी देखभाल करने की आवश्यकता होती है यानी हेल्दी माइंड (Healthy mind) के लिए हमें सकारात्मक बदलाव करने की जरूरत पड़ती है। कई कारणों की वजह से मन से जुड़ी समस्याएं पैदा होने लगती हैं। इन कारणों में सायकोलॉजिकल तकलीफें, जीवन में घटनेवाली परिस्थितियां, आदि शामिल हैं। माइंड हेल्थ के जोखिम कारणों को भी अन्य समस्याओं की तरह आहार, जीवन शैली में बदलाव और कुछ खास ट्रेनिंग के जरिए काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं हेल्दी माइंड (Healthy mind) को बनाए रखनेके लिए हमें किन बातों पर खास ध्यान देने की जरूरत है।

    हेल्दी माइंड : जरूरी हैं ये 8 पिलर्स (Healthy mind)

    इस बारे में एनएफएक्स फिटनस क्लब के, फिटनेस एक्सपर्ट अदित्य सिंह का कहना है कि हेल्दी लाइफ के लिए हेल्दी माइंड का होना बहुत जरूरी है। यदि आपका माइंड हेल्दी होगा तो आप फिट रहेंगे। इसके लिए आपको कई बातों का ध्यान रखना आवश्यक है, जैसे कि रोज व्यायाम करें, मेेडिटेशन करें, अच्छी नींद लें, खानपान का ध्यान रखें, तनाव से भी बचने की कोशिश करें। अपने मन को स्वथ्य बनाए रखने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के साथ ही और भी कुछ कदम उठाए जाने चाहिए। इससे आपको डिप्रेशन, एंग्जायटी, मूड स्विंज जैसे सायकोलॉजिकल डिसॉर्डर से निपटने में भी आसानी होती है और हेल्दी माइंड को बनाए रखने में भी मदद मिलती है।

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    1. हेल्दी माइंड के लिए : व्यायाम करें (Healthy mind)

    शारीरिक व्यायाम का मेंटल हेल्थ पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जर्नल ऑफ एक्सरसाइज रिहैबिलिटेशन (Journal of Exercise Rehabilitation) के अनुसार नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से कॉग्निटिव डिक्लाइन का खतरा कम होता है और मस्तिष्क डिजनरेशन (degeneration) से बचता है। इसके साथ ही व्यायाम करने से रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल लेवल और ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है और मानसिक तनाव कम होता है। जब व्यायाम हमारे मस्तिष्क के साथ-साथ हमारे मन पर इतना सकारात्मक प्रभाव छोड़ता है, तो हेल्दी माइंड (Healthy mind) के लिए व्यायाम को चुनना हमारे लिए बेहतर पहल होगी।

    2017 के एक अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि एरोबिक एक्सरसाइज अल्जाइमर रोग के शुरुआती लोगों के मेमोरी पावर और फंक्शन में सुधार कर सकती है। इसके साथ ही जो लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, उनमें अल्जाइमर रोग होने का जोखिम कम होता है। दरअसल, वर्कआउट या एक्सरसाइज रक्त प्रवाह और मेमोरी में सुधार करता है। यह मस्तिष्क में रासायनिक परिवर्तनों को उत्तेजित करता है, जो सीखने और सोचने की शक्ति को बढ़ाता है। इस हिसाब से जब आपका मस्तिष्क हेल्दी रहता है, तो आपका मन भी स्वस्थ रहता है और आप हेल्दी माइंड (Healthy mind) को अचीव कर सकते हैं।

    क्या करें?

    यदि आप नियमित रूप से एक्सरसाइज नहीं कर रहे हैं, तो चिंता न करें। इसके लिए प्रत्येक सप्ताह कम से कम 150 मिनट या उससे अधिक एरोबिक एक्सरसाइज का लक्ष्य रखें। रनिंग, तेज चलना, स्विमिंग करना, डांसिंग और हाईकिंग आदि एक्टिविटीज को आप इसमें शामिल कर सकते हैं।

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    2. हेल्दी माइंड के लिए : अच्छा खाएं (Food for Healthy mind)

    “ईट स्मार्ट, थिंक बेटर” यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी। 6,000 से अधिक हेल्थ प्रोफेशनल्स के सर्वे के अनुसार, संतृप्त वसा (जैसे बीफ और चीज़) में उच्च आहार से कोग्निटिव और मेमोरी डिक्लाइन का कारण बन सकता है, जो आपके मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर डालता है और आपके मन को प्रभावित करता है। इसलिए सिर्फ शरीर के लिए ही नहीं बल्कि दिमाग के लिए सही आहार भी बहुत जरूरी है। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपका मस्तिष्क जीवन शैली और पर्यावरणीय कारकों के कारण ज्यादा हार्मफुल स्ट्रेस के संपर्क में आता है। नतीजन, ऑक्सिडेशन की प्रक्रिया होती है, जो ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंचाती है और आपके मन पर बुरा असर डालती है। इसलिए, एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर भोजन हेल्दी माइंड पाने बेहतर तरीक़ा साबित हो सकता है।

    हेल्दी माइंड के लिए क्या खाएं?

    अच्छी ब्रेन हेल्थ

    मन को स्वस्थ कैसे रखें? इसके लिए माइंड डाइट को फॉलो करना सही रहेगा। हेल्दी माइंड (Healthy mind) डाइट, मेडिटेरेनियन डाइट (Mediterranean Diet) और डैश डाइट (DASH diet-The Dietary Approaches to Stop Hypertension) का हाइब्रिड वर्जन है। इसका मुख्य लक्ष्य ब्रेन डिक्लाइन और डिमेंशिया (dementia) के लक्षणों की रोकथाम करना है। माइंड डाइट में साबुत अनाज, हरी-पत्तेदार सब्जियां, बेरीज, ऑलिव ऑयल, नट्स, फिश और पोल्ट्री के सेवन पर जोर दिया जाता है। ब्लूबेरी, नट्स और वसायुक्त मछली जैसे अच्छी ब्रेन हेल्थ को बढ़ावा देने वाले खाद्य पदार्थ खाने के साथ ही फ्रोजन मीट और चीज़ से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

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    3. अच्छी माइंड हेल्थ के लिए नींद और आराम भी है जरूरी (Sleep for Healthy mind)

    2014 में मॉलिक्यूलर सायकोलॉजी में प्रकाशित एक रिसर्च से पता चला है कि खराब नींद से खराब ब्रेन हेल्थ का कनेक्शन है। इसके साथ ही क्रोनिक स्ट्रेस आपकी सीखने और नई परिस्थितियों के अनुकूल होने की क्षमता को प्रभावित भी कर सकता है। इसलिए, अच्छी तरह से आराम करना अच्छी ब्रेन हेल्थ के लिए जरूरी है। नींद आपको ऊर्जावान बनाती है, आपकी मनोदशा और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाती है। इससे बीटा-एमिलॉइड प्लाक (beta-amyloid plaque) नामक असामान्य प्रोटीन का मस्तिष्क में बनना कम हो सकता है, यह अल्जाइमर रोग से जुड़ा होता है।

    क्या करें?

    यदि आप तनावग्रस्त हैं, तो चिंता को कम करने के लिए योग और ध्यान लगाने की कोशिश करें। इससे आपको एक अच्छी नींद मिल सकती है। मेडिटेशन का अभ्यास और स्ट्रेस मैनेजमेंट (stress management) उम्र से संबंधित मेंटल हेल्थ में होने वाली गिरावट को रोकने में मदद कर सकता है। ध्यान आपके मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। रिसर्च से पता चलता है कि नियमित मेडिटेशन करना आपके दिमाग को आने वाले कई वर्षों तक स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके साथ ही अच्छी ब्रेन हेल्थ के लिए पॉजिटिव सोच को बनाए रखें।

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    4. हेल्दी माइंड के लिए सोशल कनेक्शन

    2015 का एक अध्ययन हमें बताता है कि दोस्तों के साथ मूवी देखना या गोल्फ खेलना सिर्फ टाइम पास करने का जरिया नहीं है बल्कि इससे ब्रेन हेल्थ भी सुधरता है। एक बड़ा सोशल नेटवर्क आपके मस्तिष्क की प्लास्टिसिटी में सुधार कर सकता है और आपकी संज्ञानात्मक क्षमताओं (cognitive abilities) को बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही दोस्तों के साथ की गई बातचीत न केवल स्ट्रेस को कम करने में मदद करती है बल्कि आपके इम्यून सिस्टम को भी बढ़ाती है। यह आपके मनोभ्रंश (dementia) के जोखिम को भी कम कर सकता है।

    क्या करें?

    अच्छी ब्रेन हेल्थ

    • एक क्लब या सामाजिक समूह में शामिल हों।
    • दोस्तों के साथ समय बिताएं।
    • पार्क, लाइब्रेरी और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाएं।
    • अपनी हॉबीज के लिए ज्यादा से ज्यादा समय निकालें।

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    5. हेल्दी माइंड के लिए मेंटल फिटनेस (Healthy mind)

    ‘योर माइंड : यूज इट or लूज इट’। इस फ्रेज को मन में बैठा लें। मानसिक व्यायाम (mental exercise) आपके मस्तिष्क को फिट और स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक व्यायाम जितना ही महत्वपूर्ण है। मेंटल वर्कआउट आपके मेंटल फंक्शन में सुधार कर सकता है और नई मेंटल सेल्स के विकास को बढ़ावा दे सकता है। जिससे मनोभ्रंश विकसित होने की संभावना कम हो जाती है। इसलिए, अपनी मांसपेशियों की तरह ही अपने मस्तिष्क का भी उपयोग करें। प्लस वन (PLoS One) नामक पत्रिका के एक बड़े परीक्षण में पाया गया कि जो लोग सप्ताह में कम से कम 5 दिन सिर्फ 15 मिनट की मेंटल ट्रेनिंग एक्टिविटीज करते हैं, उनके ब्रेन फंक्शन में सुधार होता है। जब शोधकर्ताओं ने उनकी तुलना क्रॉसवर्ड पजल सॉल्व करने ग्रुप से कि तो पाया प्रतिभागियों की वर्किंग मेमोरी, शॉर्ट टर्म मेमोरी और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स में काफी सुधार हुआ।

    क्या करें?

    • जिस तरह आपके शरीर को व्यायाम करने की आवश्यकता होती है, वैसे आपके दिमाग को भी वर्कआउट की जरुरत होती है। इसलिए, मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण गतिविधियों को करें। जैसे-नई चीजें सीखें या नई हॉबी को चुनें।
    • पहेलियां सुलझाएं, क्रॉसवर्ड खेलें, स्क्रैबल या सुडोकू, कार्ड, बोर्ड प्ले या नंबर गेम्स खेलें।

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    6. मेडिकल रिस्क को कंट्रोल करें

    ब्रेन फंक्शन में गिरावट आने के पीछे कई मेडिकल कंडीशंस भी जिम्मेदार होती हैं। अपने ब्लड प्रेशर और वजन पर नजर रखें। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, अवसाद, हैड इंजरी, हाई कोलेस्ट्रॉल और धूम्रपान जैसे कई फैक्टर्स डिमेंशिया जैसी कई मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम के जोखिम को बढ़ाते हैं। आप इन जोखिमों को नियंत्रित करके ब्रेन हेल्थ को सही रखने में मदद कर सकते हैं।

    क्या करें?

    • अपना वार्षिक हेल्थ चेक-अप कराएं। डॉक्टर की सिफारिशों का पालन करें और निर्धारित दवाएं समय से लें।
    • अपने शरीर और दिमाग को एक स्वस्थ जीवन शैली में व्यस्त रखें।
    • तंबाकू और टोबैको प्रोडक्ट्स से दूर रहें। एल्कोहॉल के सेवन को सीमित या बंद करें।

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    7. हेल्दी माइंड के लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट सीखें (Healthy mind)

    दीर्घकालिक तनाव मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाने का कारण बनता है। यह लर्निंग और मेमोरी से जुड़ी समस्याओं का कारण बनता है। चिंता और तनाव आपके मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ता है। साथ ही यह फिजिकल हेल्थ को भी प्रभावित करता है।

    क्या करें?

    • नियमित ध्यान या माइंडफुलनेस प्रैक्टिस से ब्रेन हेल्थ के बिगड़ने के जोखिम को कम किया जा सकता है। चिंता, अवसाद और अनिद्रा के लक्षणों को दूर करने के लिए ध्यान, योग और ताई ची का सहारा लिया जा सकता है।
    • ताई ची का नियमित अभ्यास करने से तनाव कम करने, नींद की गुणवत्ता बढ़ाने और याददाश्त में सुधार करने में मदद मिल सकती है। 2013 के एक अध्ययन के अनुसार लंबे समय तक ताई ची प्रैक्टिस मस्तिष्क में संरचनात्मक बदलाव को प्रेरित कर सकता है। नतीजन, ब्रेन हेल्थ में सुधार होता है।

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    8. ये भी करें शामिल

    कॉफी या ग्रीन टी में मौजूद कैफीन मेमोरी के लिए मददगार साबित हो सकता है। 2014 के एक अध्ययन में मेमोरी टेस्ट के बाद पाया गया कि कैफीन का सेवन करने वाले प्रतिभागियों के मस्तिष्क में मेमोरी लंबे तक स्टोर रहती हैं। वहीं, फ्रंटियर्स इन साइकोलॉजी के एक अध्ययन में पाया गया है कि सुबह में कैफीन लेने वाले युवा वयस्कों में शॉर्ट टर्म मेमोरी में सुधार पाया गया।

    2017 की रिसर्च के अनुसार, हैप्पी ट्यून्स को सुनने से इन्नोवेटिव सोल्युशन को ढूंढने में मिलती है। रचनात्मक सोच और मेमोरी पावर को बढ़ावा देने के लिए यह जरूरी है।

    हेल्दी माइंड (Healthy mind) के लिए क्या करें?

    अच्छी ब्रेन हेल्थ

    • ग्रीन टी का नियमित सेवन करें। व्हाइट और ऊलोंग चाय (oolong tea) से भी विशेष रूप से ब्रेन हेल्दी होती हैं।
    • जब भी आपको स्ट्रेस फील हो, तो 10-15 मिनट के लिए अच्छा म्यूजिक सुनें।

    अपने मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना सबसे अच्छी चीजों में से एक है। यह आपके फोकस, कंसंट्रेशन, मेमोरी और मेंटल हेल्थ में सुधार करने के लिए जरूरी है। ब्रेन हेल्थ में सुधार के लिए अपनाई कई तकनीकें किसी व्यक्ति के ओवरऑल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, माइंडफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास न केवल व्यक्ति याददाश्त जो बढ़ाता है, बल्कि तनाव को भी कम कर सकता है। यहां तक ​​कि रूटीन में एक या दो मेमोरी बूस्टिंग प्रैक्टिस से मस्तिष्क को स्वस्थ रखने और मेमोरी लॉस से बचने में मदद मिल सकती है। हमें उम्मीद है कि आप मेंटल हेल्थ के लिए जरूरी चीजों के बारे में पर्याप्त जानकारी पा चुके होंगे। अगर आपको अभी भी कुछ सवाल या शंका हैं, तो अपने डॉक्टर से परामर्श करना बेहतर रहेगा।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    डॉ. प्रणाली पाटील

    फार्मेसी · Hello Swasthya


    Shikha Patel द्वारा लिखित · अपडेटेड 27/06/2021

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