क्या हैं डॉटेड कॉन्डम के फायदे?

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

डॉटेड कॉन्डम टेक्सचर्ड कॉन्डम की श्रेणी में आता है। इसका इजाद सेक्स लाइफ को रोमांचक बनाने के लिए किया गया। डॉटेड कॉन्डम में बिंदू या डॉट बने हुए होते हैं। यह डॉट सेक्स में उत्तेजना पैदा करने का काम करते हैं। जिन लोगों को सेक्स लाइफ में अलग-अलग तरह का आनंद लेने की इच्छा होती है वह डॉटेड कॉन्डम का इस्तेमाल करते हैं। यह डॉटेड कंडोम महिला और पुरुष दोनों को एक अलग तरह की अनुभूति देते हैं।

डॉटेड कॉन्डम के फायदे

  •  सबसे पहले तो डॉटेड कॉन्डम यौन संबंधी बीमारियों के बचाव में काम आता है
  •  अनचाहे गर्भधारण से भी दूर रखता है
  •  कई लोगों को शिकायत होती है कि कॉन्डम से सेक्स एंजॉय नहीं हो पाता तो ऐसे लोगों के एंजॉयमेंट को बढ़ाता है
  •  यह महिला और पुरुष दोनों की उत्तेजना को बढ़ावा देता है
  •  महिलाओं में ऑर्गेज्म तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकता है

डॉटेड कॉन्डम के प्रकार

रेगुलर डॉटेड कॉन्डम:  रेगुलर डॉटेड कॉन्डम की 0.25 से लेकर 0.3 एमएम तक होते हैं। वहीं इनकी चौड़ाई 1 एमएम तक होती है।

सुपर डॉटेड कॉन्डम: यह रेगुलर डॉटेड कॉन्डम से आकार प्रकार में बड़े होते हैं। यह 0.4 से 0.45 तक के आकार के होते हैं। वहीं इनकी चौड़ाई 1.5 से लेकर 2 एमएम तक होती है।

प्लेजर कॉन्डम: प्लेजर कॉन्डम डॉटेड और रिब्बड कॉन्डम का मेल होते हैं। इनमें डॉट और उभरी हुई धारियां दोनों ही होते हैं।

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कॉन्डम के कुछ नुकसान भी होती है

  • स्किन संबंधी दिक्कत हो सकती है, क्योंकि यह वजायना और पेनिस में फ्रिक्शन पैदा करता है
  • लिंग इरेक्शन में आ सकती है समस्या

कॉन्डम के अन्य प्रकार

फ्लेवर कॉन्डम: यह ओरल सेक्स के लिए बेहतरीन माने जाते हैं। चूंकि इनमें फ्लेवर का इस्तेमाल किया जाता है। यह चॉकलेट से लेकर बनाना और अदरक फ्लेवर में मौजूद होते हैं।

ग्लो इन द डार्क कॉन्डम: जैसा कि इसके नाम से ही जाहिर है यह अंधेरे में चमकने लगते हैं। यह नॉन टॉक्सिक होते हैं।

सूपर थिन कॉन्डम: यह कॉन्डम उनके लिए बनाए गए हैं, जिन्हें कॉन्डम पहनना नापसंद होता है। यह बहुत ही पतले होते हैं।

टेक्सचरड कॉन्डम:  यह कॉन्डम महिला और पुरुष दोनों के आनंद को चरम पर पहुंचा देता है। इसमें भी कई प्रकार होते हैं रिब्बड और डॉटेड आदि।

कॉन्डम का इस्तेमाल करते समय रखें इन बातों का ख्याल

  • अगर कॉन्डम पहनते या पैक खोलते समय फट जाए, तो उसे इस्तेमाल न करें
  • ऑर्गेज्म होने के बाद कंडोम निकाल देना चाहिए
  • इरेक्शन के बाद ही कंडोम पहनें
  • कॉन्डम का इस्तेमाल एक ही बार करें, बार-बार एक का यूज ना करें
  • ओरल सेक्स और इंटरकोर्स के लिए अलग-अलग कंडोम का उपयोग करें

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कैसे करें कॉन्डम का इस्तेमाल?

  • अच्छी क्वॉलिटी वाले कंडोम का इस्तेमाल करें
  • कॉन्डम खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट जरूर जांच लें
  • पैक पर लिखे निर्देशों को पढ़ें
  • कॉन्डम का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए, इसकी पूरी जानकारी पैक पर दी जाती है
  • कॉन्डम का पैक सावधानी से खोलें
  • पैक खोलने के लिए दांतों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
  • कॉन्डम का ऊपरी हिस्सा चिकनाई युक्त होता है, वहीं अंदर की तरफ रहने वाला हिस्सा सूखा होता है
  • कॉन्डम का पैक इरेक्शन के बाद ही खोलें
  • अगर कॉन्डम गलत तरफ से पहन लिया है, तो उसे दोबारा न पहनें। इससे गर्भधारण का जोखिम बढ़ सकता है
  • कॉन्डम की निकली हुई टिप को दबा कर रखें, ताकि हवा अंदर ना जा सके

डॉटेड कॉन्डम आपके सेक्स प्लेजर को बढ़ावा देते हैं। यदि आप सेक्स लाइफ को कॉन्डम की वजह से कम एंजॉय कर पा रहे हैं तो डॉडेट कॉन्डम का उपयोग कर सकते हैं। यह जरूर याद रखें कि डॉटेड कॉन्डम का इस्तेमाल तब ना करें जब स्किन संबंधी कोई दिक्कत आप और आपके पार्टनर में से किसी को भी हो। यदि कोई समस्या नजर आ रही हो तो इसका इस्तेमाल ना करें।

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रिव्यू की तारीख नवम्बर 13, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया दिसम्बर 4, 2019

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