खुजली (Itching) शरीर पर कहीं भी हो चिड़चिड़ाहट पैदा करती है और अगर यह वजाइना में हो तो ये और भी ज्यादा कष्टकारी होती है। वैसे वजाइना में खुजली (Itching in vagina) कुछ बातों को नजरअंदाज करने की वजह से होती है। मेडिकल न्यूज टुडे (Medical News Today) के अनुसार वजाइना में खुजली लड़कियों और महिलाओं में समस्या सामान्य है लेकिन, यह तकलीफदेह है। ज्यादातर महिलाओं को इसका इलाज करवाना पड़ता है। हैलो स्वास्थ्य के इस आर्टिकल में जानते हैं कि वजाइना में खुजली के लक्षण, कारण और उपाय क्या हैं?
वजाइना में खुजली (Itching in vagina) क्यों होती है?
योनि में हमेशा गीलापन रहना
वजायना (योनी) में पसीना आना या नहाने के बाद वजाइना को ठीक से नहीं पोंछना खुजली की समस्या शुरू कर सकता है।
गलत तरीके से प्यूबिक हेयर रीमूव करना
वजायना में रेजर का इस्तेमाल ना करें इससे खुजली होगी, बेहतर होगा की रेजर की जगह वैक्स की मदद से प्यूबिक हेयर को हटाएं।
पसीने सोखने वाले कपड़े पहनना
कॉटन (सूती या आरामदायक कपड़े) की पैंटी का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे प्राइवेट पार्ट में पसीना नहीं जमेगा और ये आरामदायक भी होगा। ज्यादा टाइट पैंटी भी पहनने से वजाइना में खुजली होती है।
साबुन के इस्तेमाल से वजाइना में खुजली
गलत साबुन के इस्तेमाल से भी वजाइना में खुजली होती है।
बैक्टीरिया इंफेक्शन की वजह से वजाइना में खुजली आम परेशानी है। खुजली के साथ-साथ ग्रे कलर का डिस्चार्ज होने पर डॉक्टर से जल्द-जल्द से संपर्क करें।
वजाइना में यीस्ट इंफेक्शन के कारण भी इचिंग शुरू हो जाती है। यीस्ट इंफेक्शन की जानकारी मिलते ही डॉक्टर से मिलें और जो सलाह दी गई हो उसका पालन करें।
कभी-कभी इंटरकोर्स के दौरान लुब्रिकेंट का इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर लुब्रिकेंट में मौजूद लैटेक्स (latex) की वजह से भी खुजली हो सकती है।
मैनोपॉज की स्थिति में भी वजाइना में इचिंग हो सकती है।
कॉन्डोम से वजाइना में खुजली
कभी-कभी कॉन्डोम और सेंटेड टिश्यू पेपर की वजह से भी वजाइना में खुजली की समस्या होती है।
कभी-कभी एक से ज्यादा सेक्स पार्टनर की वजह से भी वजाइना में इचिंग और इंफेक्शन होने की संभावना रहती है।
कुछ महिलाएं स्मोकिंग (सिगरेट) की आदी होती हैं। स्मोकिंग की वजह से भी वजाइना में इचिंग हो सकती है।
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वजाइनल इचिंग (Itching in vagina) के बारे में डॉक्टर से कब संपर्क करें?
वजाइना में खुजली की समस्या से आपके दैनिक कार्यों में बढ़ा आ रही है। तो डॉक्टर से संपर्क करें। यदि आपकी योनि में खुजली एक सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है या यदि आपकी खुजली निम्नलिखित लक्षणों के साथ होती है, तो आपको अपने डॉक्टर से भी संपर्क करना चाहिए:
- वल्वा पर छाले होना
- जननांग क्षेत्र में दर्द या कोमलता
- जननांग हिस्सों में लालिमा या सूजन आना
- पेशाब करने में परेशानी होना
- एक असामान्य योनि स्राव (vaginal discharge)
- सेक्स के दौरान असुविधा होना
सेक्स के समय वजाइना में खुजली (Itching in vagina) को दूर करने के उपाय
यौन-संबंध बनाते समय वजाइना में खुजली की समस्या को दूर करने के लिए नीचे बताए गए उपायों को आजमाया जा सकता है। जैसे-
- जब योनि में खुजली हो, तो लुब्रिकेंट या पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल न करें।
- जब गुप्तांगों में दर्द या इंफेक्शन हो, तो सेक्शुअल इंटरकोर्स से बचें।
- यदि सेक्स के बाद जलन महसूस हो, तो जलन कम करने के लिए तौलिए से ढके बर्फ या आईस पैक से योनि की सिकाई करें।
- इंफेक्शन को रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं और संभोग के बाद ठंडे पानी से योनि को धोकर साफ करें।
- हमेशा कॉटन के अंडरवियर और ढीले-ढाले पैंट्स या स्कर्ट पहनें।
- नाइलॉन फैब्रिक से बने टाइट्स न पहनें।
- सुनिश्चित करें कि योनि के संपर्क में आने वाले अंडरवियर और अन्य वस्त्र अच्छी तरह से धुले हुए हों।
- अंडरगार्मेंट्स पर किसी फैब्रिक सॉफ्टनर का प्रयोग न करें क्योंकि केमिकल्स कपड़ों में रह जाते हैं, जिससे वजाइना में खुजली या योनि के आसपास की त्वचा में जलन पैदा हो सकती है।
वजाइना की खुजली (Itching in vagina) दूर करने के टिप्स
- वजाइना को साफ रखें।
- नीम के पत्ते को पानी में डाल दें और फिर इसी पानी से वजाइना की सफाई करें इससे खुजली की परेशानी कम होगी।
- साफ पानी में एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर इससे वजाइना की सफाई करने से भी खुजली की परेशानी धीरे-धीरे ठीक होगी।
- टी ट्री ऑयल नैचुरल फंगल क्लींजर की तरह काम करता है। टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदे साफ पानी में मिलाकर वजाइना की सफाई की जा सकती है।
- यीस्ट इंफेक्शन होने पर नारियल तेल रामबाण माना जाता है। वजाइना में इंफेक्शन वाले स्थान पर नारियल तेल के नियमित इस्तेमाल से सुधार दिखेगा।
- पीरियड्स (मासिकधर्म) के दौरान एक ही नैपकिन (पैड) का इस्तेमाल ना करें इससे इंफेक्शन और खुजली की संभावना ज्यादा होगी।
- ज्यादा मीठे का सेवन और कमजोर इम्यून सिस्टम की वजह से भी इचिंग की समस्या शुरू हो जाती है।
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- गुप्तांगों को जरुरत से ज्यादा न धोएं। प्राइवेट पार्ट्स की त्वचा के साथ कोमलता से व्यवहार करें।
- स्प्रे का उपयोग न करें।
- वजाइना में शैम्पू या साबुन को जाने से रोकें।
- ब्लैडर भरने से पहले यूरिन पास करें। टॉयलेट का उपयोग करने के बाद, योनि को पीछे की ओर पोंछें। इससे मलाशय में आम तौर पर रहने वाले बैक्टीरिया को योनि तक जाने से रोकने में मदद मिलेगी। पेशाब करने के बाद योनि को पानी से साफ करें।
- हमेशा मुलायम और सुगंधरहित टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल करें।
- पीरियड के दौरान कॉटन पैड और टैम्पोन का उपयोग करें।
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वजाइना में खुजली को दूर करने के लिए सेब का सिरका
सेब के सिरके में मौजूद प्राकृतिक एंजाइम योनि के पीएच लेवल को संतुलित रखता है जिससे वजाइना में यीस्ट की वृद्धि को रोकने में मदद मिलती है। इसके अलावा, सेब के सिरके में एसिड युक्त एंटीवायरल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं। इसके लिए दो कप गर्म पानी में तीन बड़े चम्मच सेब के सिरके को मिलाएं। इस घोल से वजाइना को धोएं। इससे आपको काफी आराम मिलेगा।
वजाइना में इंफेक्शन होने पर क्या पार्टनर को भी इलाज की जरूर हो सकती है?
वजाइना इंफेक्शन योनि सेक्स, ओरल सेक्स, गुदा सेक्स या मैथुन के कारण भी एक साथी से दूसरे साथी में पहुंच सकते हैं। अगर आपके लक्षणों के दौरान आपके साथी में इसी तरह के कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं, तो आप दोनों को ही उपचार की आवश्यकता हो सकती है।
ध्यान दें
वैसे वजाइना में खुजली झिझक और परेशान भरी हो सकती है, लेकिन इसके अधिकांश मामलों का इलाज डॉक्टर से परामर्श करके किया जा सकता है। इसलिए, डॉक्टर को बिना किसी शर्म के अपनी परेशानी बताएं और वजाइना इचिंग की परेशानी से दूर रहें। आशा करते हैं कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बताएं। इसके साथ ही अगर इस विषय से जुड़ा हुआ कोई सुझाव या सवाल है तो वो भी आप हमारे साथ शेयर कर सकते हैं।