सुशांत सिंह राजपूत ने की खुदकुशी, पुलिस ने डिप्रेशन को बताई सुसाइड की वजह

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अपडेट डेट सितम्बर 21, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का नाम कोई विरला ही होगा जो नहीं जानता होगा। ‘छिछोरे’ फिल्म के मुख्य किरदार के तौर पर सुशांत सिंह राजपूत ने लोगों को सुसाइड ना करने के लिए जागरूक किया था। लेकिन 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत ने अपने घर पर फांसी लगा कर सुसाइड कर लिया। सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड की खबर सुन कर पूरा देश सकते में है। दुनिया के सामने सुशांत सिंह राजपूत का नेचर एक जिंदादिल और खुशमिजाज एक्टर के रूप में जाना जाता है। इसके बाद सुशांत के द्वारा ऐसा कदम उठाए जाने का कारण लोग समझ नहीं पा रहे हैं।

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सुशांत सिंह राजपूत ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

टीवी सीरियल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले सुशांत सिंह बिहार के पटना के रहने वाले थे। 2007 में फिल्म इंडस्ट्र्री में अपना करियर बनाने के लिए मुंबई आए थे। इसके बाद 2008 में टीवी सीरियल में उन्हें बतौर एक्टर ब्रेक मिला था। इसके बाद 2013 में आई फिल्म ‘काई पो छे’ से उन्होंने फिल्मी जगत में अपने करियर की शुरुआत की। 2019 में आई फिल्म ‘छिछोरे’ में सुशांत सिंह एक पिता के किरदार में थे। फिल्म में उनका बेटा स्ट्रेस में आ कर सुसाइड करने का प्रयास करता है। हालांकि, फिल्म के अंत तक उनका बेटा पॉजिटिविटी के साथ खुद को रिकवर भी करता है। लेकिन स्ट्रेस और डिप्रेशन की जंग में सुशांत अपनी रियल लाइफ में हार गए। 

सुशांत सिंह ने मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर पर 14 जून, 2020 को पंखे से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मौके पर पहुंची मुंबई पुलिस ने बताया कि सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड की वजह डिप्रेशन है। फिलहाल उनके घर में कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। सुशांत ने 3 जून को अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाली थी। जिसमें उनके मां और उनकी फोटो का कोलाज बना कर डाला था और उसमें एक उदासी भरी बात लिखी थी। इस इंस्टाग्राम पोस्ट को आधार मान कर पुलिस सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड की वजह डिप्रेशन मान रही है।

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सुशांत सिंह राजपूत पिछले 6 महीने से डिप्रेशन में थे

सुशांत सिंह राजपूत ने की खुदकुशी

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार सुशांत सिंह पिछले 6 महीने से डिप्रेशन में थे। एक रिसर्च के मुताबिक पूरी दुनिया में 1.4 % मौतों की वजह सुसाइड को माना गया है। अक्सर पाया गया है कि डिप्रेशन के कारण लोगों में सुसाइडल टेंडेंसी विकसित होने लगती है। इस तरह से विशेषज्ञों का मानना है कि सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड की वजह भी उनका डिप्रेशन होगा। जो बाद में उनमें सुसाइडल टेंडेंसी का रूप ले लिया। 

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डिप्रेशन क्या है?

डिप्रेशन एक मेडिकल कंडीशन है जिससे पीड़ित व्यक्ति दिमागी रूप से खुद को थका हुआ, उदास, उत्साह की कमी और संवेदनहीन महसूस करता है। सुशांत सिंह राजपूत का इंस्टाग्राम पोस्ट भी उनकी उदासी की ओर इशारा कर रहा था। यूं तो डिप्रेशन के कई लक्षण होते हैं, लेकिन उदासी का भाव सबसे डिप्रेशन में सबसे ज्यादा हावी होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में डिप्रेशन से ग्रसित लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। भारत की कुल जनसंख्या में 6.5 प्रतिशत लोग डिप्रेशन का शिकार हैं। डब्लूएचओ की रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि साल 2020 के अंत तक ये संख्या बढ़कर 20 प्रतिशत तक हो सकती है।

अक्सर डिप्रेशन के लक्षण कई महीनों तक रहते है या फिर कभी-कभी जल्द ही ठीक भी हो सकते हैं। डिप्रेशन के लक्षणों के इस दौर को डिप्रेशन एपिसोड कहा जाता है। ज्यादातर लोग जो डिप्रेशन के दौर से गुजरते हैं, उन्हें उस दौरान कई चीजों का अनुभव करना पड़ सकता है। डिप्रेशन को मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर भी कहा जाता है। 

डिप्रेशन के लक्षण क्या है?

डिप्रेशन के लक्षण हर किसी में एक जैसे नहीं दिखाई देते हैं। अलग-अलग लोगों में डिप्रेशन के लक्षण अलग तरह के हो सकते हैं। डिप्रेशन में निम्न लक्षण हो सकते हैं :

ऊपर दिए गए कुछ लक्षण हो सकते हैं। अगर आप किसी लक्षण से परेशान हैं, तो आप अपने डॉक्टर का संपर्क करें।

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सुसाइडल टेंडेंसी क्या है?

आत्महत्या की प्रवृत्ति या सुसाइडल टेंडेंसी (Suicidal Tendency) किसी व्यक्ति का एक निजी फैसला होता है। जिसमें व्यक्ति खुद की जान दे सकता है। सुसाइडल टेंडेंसी का सबसे बड़ा कारण तनाव होता है। अगर आपको किसी के भी साथ सुसाइडल टेंडेंसी के लक्षण देखते हैं, तो आप उस व्यक्ति को आत्महत्या करने से रोक सकते हैं।

जब किसी को लगता है कि उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है तो वे आत्महत्या का फैसला कर सकते हैं। लेकिन ऐसी स्थितियों से निकलकर कोई भी व्यक्ति खुद को सुरक्षित रख सकता हैं और दोबारा अपने जीवन की शुरुआत कर सकता है। 

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सुसाइडल टेंडेंसी के लक्षण क्या है?

सुसाइडल टेंडेंसी के लक्षण निम्न हो सकते हैं :

  • आत्महत्या के बारे में बात करना सुसाइडल टेंडेंसी का पहला लक्षण हो सकता है। उदाहरण के तौर पर- “मैं खुद को मारने या खत्म करने जा रहा हूं”, “काश मैं मर जाता” या “काश मैं पैदा ही नहीं होता” आदि बातें करना
  • जानलेवा चीजें खरीदना जैसे- बंदूक या तरह-तरह की दवाओं को इकट्ठा करना
  • मूड स्विंग होना, कभी बहुत ज्यादा भावनात्मक होना तो कभी उदास होना
  • सामाजिक जीवन से दूरी बनाना, अकेले रहना
  • आत्महत्या की कोशिश करना
  • बहुत ज्यादा शराब पीना या दवाएं लेना
  • निराश रहना
  • दिनचर्या में बदलाव होना
  • परेशान रहना, चिंता करना या अकेले रहना
  • सोशल मीडिया पर ऐसी बातें लिखना जो उदासी या निगेटिव थॉट्स से भरी हो। जैसा कि सुशांत सिंह राजपूत ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था।

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डिप्रेशन और सुसाइडल टेंडेंसी को कैसे रोका जा सकता है?

डिप्रेशन और सुसाइडल टेंडेंसी को आप समय रहते रोक सकते हैं। आप निम्न बातों को फॉलो कर सकते हैं :

  • डिप्रेशन के लक्षणों को अगर आप किसी भी व्यक्ति में देखें तो उससे बात करें। उसकी परेशानी को समझने की कोशिश करें। 
  • अगर वह आपकी बात को टाले तो उसकी एक्टिविटी को फॉलो करते रहें।
  • इसके अलावा आप कोशिश करें कि डिप्रेशन से ग्रसित व्यक्ति की समस्या का हल निकालें।
  • अगर व्यक्ति गंभीर डिप्रेशन और सुसाइडल टेंडेंसी से गुजर रहा हो तो उसको मनोचिकित्सक के पास ले कर जाएं।
  • अगर कोई आत्महत्या के बारे में बात कर रहा है तो उसे पॉजिटिविटी के साथ मोटीवेट करें।
  • डिप्रेशन की दवा भी दी जा सकती है।

अगर सुशांत सिंह राजपूत ने अपनी प्रॉब्लम अपनों के साथ शेयर की होती तो शायद वो आज हमारे बीच में होते। इसलिए अगर आप में डिप्रेशन और सुसाइडल टेंडेंसी के दौर से गुजर रहे है तो अलार्म को समझें और डिप्रेशन व सुसाइड से बचें।

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