Hepatitis A: हेपेटाइटिस ए क्या है?

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अपडेट डेट सितम्बर 16, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें
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परिचय

हेपेटाइटिस ए क्या है ?

हेपेटाइटिस ए एक वायरस जनित रोग है जो हेपेटाइटिस ए वायरस (HAV) के कारण फैलता है, यह वायरस मुख्य रूप से लीवर को प्रभावित करता है, जिससे लीवर में सूजन होती है। हेपेटाइटिस ए ऐसी बीमारी है जो दूषित भोजन ग्रहण करने, दूषित जल ग्रहण करने, संक्रमित व्यक्ति का खून चढ़ाने, असुरक्षित सेक्स करने, संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई सूई के संपर्क में आने से फैलती है।

इसके अलावा Hepatitis A माँ से उसके नवजात बच्चे में भी फैलता है। हालाँकि हेपेटाइटिस ए हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी की तरह क्रॉनिक नही होता है, और ज्यादातर मामलों में वायरस खुद-ब-खुद चला जाता है। लेकिन फिर यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इसके कई गंभीर मामलों में हर साल हजारों लोगों की मौत भी होती है।

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स्टेज

हेपेटाइटिस ए के चरण – Stages of Hepatitis A

हेपेटाइटिस ए के चार चरण होते है-

तीव्र चरण

तीव्र चरण में थकान, भूख न लगना, पीलिया आदि जैसे लक्षण दिखाई देते है। Hepatitis A का संक्रमण होने पर शुरूआती 6 महीनों में इस तरह की तकलीफें तीव्र होती है। हालाँकि ज्यादातर मामलों में कुछ सप्ताहों में ही इसके लक्षण खत्म हो जाते है और व्यक्ति स्वस्थ्य हो जाता है जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर है उन लोगों के लिए यह लगातार चलने वाली बीमारी का रूप ले सकता है।

क्रोनिक चरण

क्रोनिक चरण में Hepatitis A फैलने के बाद इसके लक्षण नजर आने में सालों लग जाते है। शुरूआत में लिवर में सूजन और लिवर कोशिकाएं कम होने जैसे लक्षण दिखाई देते है।

लिवर सीरोसिस

इस चरण में संक्रमित व्यक्ति के लिवर में ऊतकों की जगह स्थाई रूप से घाव दिखाई देते जो कि अपने आप ठीक नही होते है। जिस वजह से लिवर ठीक से काम नही कर पाता और शरीर के विषैले पदार्थ बाहर नही निकल पाते है और खून में घुल जाते है जिससे मस्तिष्क कोशिकाओं को क्षति होने का खतरा रहता है।

अंतिम चरण

हेपेटाइटिस ए के अंतिम चरण में पूरा लिवर क्षतिग्रस्त हो सकता है और थकान, पीलिया, भूख न लगना, पेट में सूजन, दिमागी असंतुलन जैसे लक्षण दिखाई देते है। इस बीमारी के अंतिम चरण में हेपेटाइटिस सी होने का खतरा भी रहता है जिससे लिवर खराब हो जाता है और लिवर कैंसर और मौत भी हो सकती है।

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लक्षण

हेपेटाइटिस ए के लक्षण क्या हैं ?

हेपेटाइटिस ए का संक्रमण फैलने पर किसी व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई देते है –

  • लिवर में सूजन
  • पीलिया, जिसमें आंखों और त्वचा का रंग पीला होने के साथ ही मूत्र का गहरा रंग दिखाई देना
  • भूख में कमी
  • 100 डिग्री बुखार
  • जी मिचलाना
  • थकान महसूस करना
  • दस्त लगना
  • जोड़ो में दर्द होना
  • पेट में दर्द रहना

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डॉक्टर को कब दिखाएं?

यदि आपको हेपेटाइटिस ए के लक्षण दिखाई देते हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। संक्रमण के संपर्क में आने के 2 हफ्तों के अंदर वैक्सीन या एंटीबाडी का इंजेक्शन लगवाने से वायरस को रोका जा।

अपने डॉक्टर या स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से अपने हेपेटाइटिस ए की वैक्सीन का टीककरण के बारे में जानकारी लें। ऐसे करना निम्न परिस्थितियों में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है –

  • यदि आप किसी ऐसे देश से आएं हैं जहां हेपेटाइटिस ए होना एक सामान्य रोग है, जैसे की मेक्सिको, दक्षिण या केंद्रीय अमेरिका या किसी ऐसे इलाके से आना जहां स्वच्छता की बेहद कमी हो।
  • किसी ऐसे रेस्टोरेंट में खा कर आना जहां से हेपेटाइटिस ए के होने की रिपोर्ट या खबरे आने लगी हों।
  • आपका कोई करीबी जैसे ध्यानकर्ता, सहकर्मी या रूममेट के हेपेटाइटिस ए वायरस के होने की रिपोर्ट आना।
  • हेपेटाइटिस ए वायरस से संक्रमित व्यक्ति के साथ हाल ही में यौन संबंध बनाना।
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कारण

व्यक्ति को हेपेटाइटिस ए संक्रमण तब होता है जब वह इस संक्रमण के संपर्क में आते हैं। यह वायरस आमतौर पर मल के जरिए आहार या तरल पदार्थ को दूषित करता है जिसके सेवन से व्यक्ति इसकी चपेट में आ सकता है।

एक बार इस वायरस के संपर्क में आने पर यह रक्त धारा के जरिए लिवर तक फैल जाता है, जहां यह सूजन और जलन विकसित करने लगता है।

वायरस से दूषित आहार या पानी के सेवन के अलावा यह वायरस संक्रमित वयक्ति के संपर्क में आने से आपको भी संक्रमित कर सकता है। हेपेटाइटिस ए वायरस एक संक्रामक बीमारी है जो संक्रमित व्यक्ति के जरिए अन्य स्वस्थ व्यक्ति के अंदर संचारित हो सकती है। इसके फैलने का तरीका काफी हद तक कोरोना वायरस की तरह होता है।

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एक ही घर में संक्रमित व्यक्ति के साथ रहने से अन्य लोगों को भी यह रोग हो सकता है।

आप हेपेटाइटिस ए वायरस की चपेट में निम्न तरीको से आ सकते हैं –

  • हेपेटाइटिस ए वायरस से संक्रमित व्यक्ति के हाथों से बना खाना खाने से
  • खाना परोसने या आपको देने वाले व्यक्ति का खाने को छूने से पहले हाथों का धोना
  • गंदे नाले की दूषित कच्ची शेलफिश का सेवन करने से
  • हेपेटाइटिस ए वायरस संक्रमित व्यक्ति के साथ सेक्स करते समय कंडोम का इस्तेमाल न करना। कंडोम का इस्तेमाल न केवल हेपेटाइटिस की बीमारी से बचाता है बल्कि यह कई अन्य प्रकार के संक्रामक रोगों से भी आपको बचने में मदद करता है। इसलिए हमेशा सुरक्षित सेक्स के लिए कंडोम का उपयोग करना न भूलें।
  • प्रदूषित पानी पीना
  • हेपेटाइटिस ए संक्रमित मल के संपर्क में आने से

अगर आप वायरस के संपर्क में आते हैं तो आप लक्षणों के दिखाई देने से 2 हफ्ते पहले ही संक्रामक हो जाते हैं। संक्रामक अवधि लक्षणों के दिखाई देने के एक सप्ताह बाद समाप्त होती है।

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खतरा

हेपेटाइटिस ए से संक्रमित होने का खतरा किन लोगों को होता है?

हेपेटाइटिस ए आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जाता है जो इसे एक खतरनाक संक्रामक रोग बना देता है। हालांकि, कुछ विशेष प्रकार के जोखिम कारक इस वायरस के संपर्क में आने के खतरे को बड़ा सकते हैं। जैसे की –

  • उन इलाकों में रहना या जाना जहां हेपेटाइटिस ए वायरस का खतरा अधिक हो
  • चाइल्ड केयर सेंटर में जाना या वहां काम करना
  • हेपेटाइटिस ए संक्रमित व्यक्ति के साथ रहना
  • किसी ऐसे पुरुष के साथ संबंध बनाना जो किसी अन्य पुरुष के साथ संबंध बना चुका हो
  • पुरुषों का पुरुष के साथ संभोग करना
  • हेपेटाइटिस ए संक्रमित व्यक्ति के साथ किसी भी तरह के यौन संबंध में आना
  • एचआइवी पॉजिटिव होना
  • बेघर रहना
  • खून के थक्के जमने के विकार से ग्रसित होना जैसे की हीमोफिलिया
  • किसी भी प्रकार के गैर-कानूनी ड्रग का इस्तेमाल करना

डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार जो बच्चे कम स्वच्छता वाले देश में पैदा होते हैं उनमें 10 वर्ष की उम्र तक हेपेटाइटिस ए वायरस के होने के आशंका 90 फीसदी होती है।

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जांच

हेपेटाइटिस ए की जांच क्या है?

हेपेटाइटिस ए की जांच के लिए लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) और वायरल सीरोलॉजी टेस्ट किया जाता है। हेपेटाइटिस ए इंफेक्शन होने पर इसके लक्षण 15 से 45 दिन में सामने आते है ऐसे में डॉक्टर लक्षणों के आधार पर जांच करने की सलाह देते है।

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रोकथाम

हेपेटाइटिस ए की रोकथाम के लिए क्या करें?

ऐसे करें हेपेटाइटिस ए की रोकथाम

  • दूषित भोजन और दूषित पानी का सेवन करने से बचें
  • शौचालय के बाद हाथों को अच्छी तरह धोएं
  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें
  • हेपेटाइटिस ए को रोकने के लिए मौजूद टीके लगवाएं
  • फल और सब्जियों का इस्तेमाल अच्छी तरह धोकर करें
  • भोजन ग्रहण करने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोएं
  • अपने आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें
  • ऐसे व्यक्ति जो हेपेटाइटिस ए से संक्रमित लोगों के संपर्क में रहते है वे इम्यून ग्लोबेयुलिन लें

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यात्रा करते समय ऐसे रखें ख्याल (Travel Precautions)

अगर आप किसी ऐसी जगह की यात्रा करने वाले हैं जहां हेपेटाइटिस एक महामारी है तो ऐसे में आपको कई सेफ्टी प्रीकॉशन लेने की जरूरत पड़ सकती है। नीचे कुछ ऐसी ही टिप्स मौजूद हैं जिनकी मदद से आप यात्रा करते समय भी खुद को हेपेटाइटिस वायरस से बचा सकेंगे।

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इलाज

हेपेटाइटिस ए का इलाज क्या है?

हेपेटाइटिस ए के अधिकतर मामलों में यह छह महीनों के अंदर स्वत: ही ठीक हो जाता है। अभी तक हेपेटाइटिस ए के लिए कोई विशेष इलाज उपलब्ध नही है लेकिन फिर भी इसके गंभीर मामलों में इसके लक्षणों को नियंत्रित करने की कोशिश की जाती है और निम्न तरह से इलाज किया जाता है –

पर्याप्त आराम

Hepatitis A का संक्रमण होने पर व्यक्ति थका हुआ और बीमार महसूस करता जिसके फलस्वरुप डॉक्टर संक्रमित व्यक्ति को पर्याप्त आराम करने की सलाह देते है।

डिहाइड्रेशन को रोकना

मतली और उल्टी की वजह से डिहाइड्रेशन होने लगता है जिसे रोकने के लिए फलों का रस, दूध और अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

लिवर की कार्यक्षमता बढ़ाना

हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A) से ग्रस्त व्यक्ति का लिवर प्रभावित होता है इसलिए डॉक्टर द्वारा कोशिश की जाती है कि व्यक्ति का लिवर ठीक से काम करें। शराब और दवाओं का सेवन लिवर को प्रभावित करता है इसलिए इनका सेवन करने से पहले डॉक्टर से उचित सलाह लेना जरूरी है।

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टीकाकरण

क्या हेपेटाइटिस ए का टीका उपलब्ध है ?

हां, हेपेटाइटिस ए का टीका उपलब्ध है और इसका टीका उन लोगों को लगवाने की सलाह दी जाती है जो –

  • ऐसे व्यक्ति जो Hepatitis A से संक्रमण वाले देशों की यात्राएं करते है।
  • ऐसे व्यक्ति जो समलैंगिक है।
  • ऐसे व्यक्ति जो लंबे समय से लिवर की किसी बीमारी से पीड़ित है।
  • ऐसे व्यक्ति जो इंजेक्शन द्वारा ड्रग और नशीले पदार्थों का सेवन करते है।
  • ऐसे व्यक्ति जो गंभीर रक्त थक्के की किसी बीमारी से पीड़ित है।

हेपेटाइटिस ए को रोकने और अपने आप को बचाने के लिए सबसे अच्छा है आप हेपेटाइटिस ए का टीका लगवाएं। यदि आप किसी हेपेटाइटिस ए से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते है तो दो सप्ताह के भीतर इम्यून ग्लोब्यूलिन दवा का सेवन करें।

अपने आसपास स्वच्छता रखें, दूषित भोजन और दूषित पानी का सेवन नही करें, शौचालय जाने के बाद हाथों को अच्छी तरह धोएं।

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जटिलताएं

अन्य प्रकार के हेपेटाइटिस संक्रमण की तरह हेपेटाइटिस ए लंबे समय तक लिवर को खराब नहीं करता है और न ही यह क्रोनिक बीमारी का रूप लेता है।

हेपेटाइटिस ए के बेहद दुर्लभ मामलों में लिवर अचानक कार्य करना बंद कर सकता है। ऐसा आमतौर पर बुजुर्गों या पुरानी लिवर की बीमारी से ग्रस्त लोगो में होता है।

एक्यूट लिवर फेलियर की स्थिति में मरीज को अस्पताल में रुकने की जरूरत पड़ सकती है। जहां डॉक्टर उसे मॉनिटर कर सकें और उनका सही समय पर इलाज कर सकें। कुछ लोगों को लिवर फेलियर होने पर लिवर ट्रांसप्लांट की भी आवश्यकता पड़ सकती है।

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निष्कर्ष

हेपेटाइटिस ए एक खतरनाक रोग है जिसका कोई औपचारिक इलाज उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यह एक कम समय के लिए रहने वाला संक्रमण है इसलिए यह अपने आप ही ठीक हो जाता है।

हेपेटाइटिस ए जैसी बीमारी से बचने का केवल एक ही तरीका है और वह है परहेज। अगर आप भी हेपेटाइटिस ए के संपर्क में आने से बचना चाहते हैं तो  संक्रमित व्यक्ति के साथ न रहते, क्योंकि ऐसा करने है आपको हेपेटाइटिस ए होने का जोखिम रहता है। ऐसे व्यक्ति जो संक्रमित के साथ यौन संबंध बनाते है उन लोगों को हेपेटाइटिस ए होने का खतरा रहता है। ऐसे देश की यात्रा करना जहां हेपेटाइटिस ए फैला हुआ है। इंजेक्शन द्वारा ड्रग लेने वाले लोगों को हेपेटाइटिस ए का खतरा रहता है। समलैंगिक के साथ संबंध बनाने वाले लोगों को भी हेपेटाइटिस ए होने का खतरा रहता है। इन सभी से परहेज या अधिक सावधानी बरतने से आप खुद को इस संक्रमण से बचा सकते हैं।

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के द्वारा लिखा गया Sanket Pevekar
प्रकाशित हुआ जुलाई 24, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें