Throat Infection : गले में इंफेक्शन क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

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अपडेट डेट जुलाई 1, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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परिचय

गले का संक्रमण (Throat Infection) क्या है ?

गले में इंफेक्शन बैक्टीरिया से होने वाली वह बीमारी है जिसमें गले में सूजन आ जाती है। इसकी वजह से कोई भी खाद्य पदार्थ निगलने में भी दिक्कत आती है। गले में इंफेक्शन की गंभीरता हर इंसान में अलग-अलग हो सकती है। कुछ लोगों को थ्रोट इंफेक्शन (throat infection) होने पर गले में दर्द और बुखार भी महसूस होता है। कभी-कभी गले में संक्रमण मौसम में बदलाव की वजह से भी होता है। ठंडा पानी पीने, किसी एलर्जी और स्ट्रेप्टोकोकस पायोजेनेस बैक्टीरिया की वजह से भी में इंफेक्शन हो सकता है। आगे जानते हैं कि गले में इंफेक्शन होना कितना आम है? थ्रोट इंफेक्शन के कारण और लक्षण क्या हैं?

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गले में इंफेक्शन होना कितना आम है ?

गले में इंफेक्शन या संक्रमण काफी आम है। ठंड या बरसात में अक्सर गले में ऐसी तकलीफ हो जाती है। वयस्कों की तुलना में बच्चों और इम्यून सिस्टम की कमजोरी से जूझ रहे लोगों में थ्रोट इंफेक्शन होने के चांसेस ज्यादा होते हैं लेकिन, यह किसी भी उम्र में हो सकता है।

लक्षण

थ्रोट इंफेक्शन के लक्षण क्या हैं?

शिशुओं में गले में इंफेक्शन के लक्षण –  चिड़चिड़ाहट दिखाई देने लगती है। खाना- पीना कम कर देते हैं और हल्का बुखार भी हो जाता है। 

बच्चों में इंफेक्शन के लक्षण –  गले में दर्द और खाना निगलने में परेशानी होती हैं। उन्हें हल्का पेट दर्द भी होता है।

बड़े लोगों के गले में इंफेक्शन के लक्षण –  गले में दर्द, तेज बुखार और थकान हो सकती है। 

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गले में इंफेक्शन का पता कैसे लगाएं?

कई बार स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया की वजह से थ्रोट इंफेक्शन हो जाता है। इस समस्या में एंटीबायोटिक दवा लेने की जरूरत पड़ती है। इसे स्ट्रेप थ्रोट इंफेक्शन (strep throat infection) भी कहा जाता है। इसका पता रैपिड एंटीजेन डिटेक्शन टेस्ट से लगाया जा सकता है। 

कारण

गले में इन्फेक्शन क्यों होता है?

थ्रोट इंफेक्शन आमतौर पर वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण फैलाने से होता है। ये वायरस या बैक्टीरिया अक्सर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं। जब कोई संक्रमित इंसान बोलता, छींकता या खांसता है तो उसके मुंह से निकले वायरस या बैक्टीरिया दूसरे इंसान में ट्रांसफर हो जाते हैं। फिर दूसरा व्यक्ति भी संक्रमित हो जाता है।

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गले में बैक्टीरियल इंफेक्शन

वायरल इंफेक्शन की तुलना में बैक्टीरियल इंफेक्शन कम ही होता है। स्ट्रेप थ्रोट और काली खांसी गले में बैक्टीरियल संक्रमण के मुख्य कारण हैं।

गले में वायरल इंफेक्शन

वायरस की वजह से गले में होने वाले इंफेक्शन का मुख्य कारण सर्दी जुकाम और फ्लू हैं। वहीं बच्चों में चेचक और चिकन पॉक्स की वजह से भी थ्रोट इंफेक्शन हो सकता है।

गले में इंफेक्शन की संभावना बढ़ने के कारण

  • बैक्टीरिया की वजह से 5 से 15 साल के बच्चों में टॉन्सिल का संक्रमण ज्यादातर देखा जाता है। बार-बार इन्फेक्टेड लोगों के संपर्क में आने से थ्रोट इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
  • जो लोग ट्रेवलिंग ज्यादा करते हैं उनको गले में इंफेक्शन होने की संभावना ज्यादा रहती है। दरअसल, पब्लिक बसों, ऑटो या अन्य वाहनों में यात्रा करने के दौरान टॉन्सिल रोगाणुओं के संपर्क में आते हैं। इससे गले में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
  • जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली अधिक कमजोर होती है, उनमें गले का इंफेक्शन बहुत जल्दी होता है।
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रोकथाम

गले में इंफेक्शन की रोकथाम के लिए टिप्स

  • टॉयलेट के बाद, खाना खाने से पहले, छींकने और खांसने के बाद हाथ जरूर धोएं। 
  • सार्वजनिक फोन, पानी पीने वाले नल से मुंह को स्पर्श होने से बचाएं साथ ही जूठा खाने से बचे । 
  • भीड़ वाली जगह, अस्पताल, मार्केट या स्कूल से आने के बाद हाथ धोना चाहिए।
  • हाथ सही से धुलें। उंगलियों के बीच की जगह और नाखूनों को भी अच्छे से साफ करें। फिर तौलिये से हाथ पोंछकर सुखायें।
  • संक्रमित इंसान के संपर्क में आने से बचें।
  • जब भी बाहर जाएं तो हैंड सेनिटाइजर्स साथ रखें। विशेषकर वहां जहां स्वच्छता के उचित प्रबंध न हो।
  • घर में किसी को स्ट्रेप थ्रोट है तो उसके साथ कपड़े, खाना और बर्तन शेयर न करें।
  • धूम्रपान न करें। साथ ही कोई सिगरेट पी रहा है तो भी उससे दूर ही रहें क्योंकि धुंआ थ्रोट इंफेक्शन को और बदतर बना सकता है।
  • खांसते या छींकते समय मुंह को रूमाल से ढकें ताकि किसी और को गले में इंफेक्शन न हो।
  • खूब पानी पिए।
  • खट्टे और अधिक मसाले वाले खाने से बचें।
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गले में इंफेक्शन को दूर करने के लिए घरेलू उपाय

  • गले में इंफेक्शन को दूर करने के लिए आंवला खाएं। इसमें कई एंटी- ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं।
  • आधे घंटे ही सही लेकिन, किसी भी तरह का व्यायाम जरूर करें।
  • हल्दी में एंटी-आक्सीडेंट होते हैं और इसके उपयोग से गले की खराश, सूजन और दर्द दूर हो सकता है।
  • गरारे करें। इसके लिए नमक को हल्के गर्म पानी में डालकर गरारे करने से गले की सूजन और दर्द में आराम मिलता है ।
  • शहद को हल्के गर्म पानी में डालकर पीने से गले का इंफेक्शन दूर होता है। यह गले की सूजन को भी दूर करता है।
  • काली मिर्च और तुलसी को मिलाकर सेवन करने से गले के इंफेक्शन में राहत मिलती है।
  • लहसुन में बैक्टीरिया को मार देने के गुण होते हैं। इसलिए गले में इंफेक्शन को दूर करने में उपयोगी होता है। इसके लिए लहसुन की एक कली को अपने मुंह में रखें और उसे धीरे-धीरे चूसते रहें। थ्रोट इंफेक्शन में आराम मिलेगा।

गले में इंफेक्शन होने पर डॉक्टर से जरूर सलाह लें ताकि इसके पीछे कारण क्या है? गले का संक्रमण समझकर इसको यूं ही न लें। सही से उपचार न होने की वजह से कभी-कभी यह गंभीर समस्या भी बन जाता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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