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World Ocean's Day: पास्केटेरिआन डायट के बारे में जानते हैं आप, अगर नहीं तो जानिए क्यों है ये खास ?

World Ocean's Day:  पास्केटेरिआन डायट के बारे में जानते हैं आप, अगर नहीं तो जानिए क्यों है ये खास ?

अगर आपसे कोई कहे कि वो वेजिटेरियन है, लेकिन खाने में फिश और सी-फूड खाता है तो क्या आप मानेंगे। अगर नहीं, तो आपको मानना पड़ेगा। जो वेजिटेरियन लोग अपनी डायट में फिश और सी-फूड को एड करते हैं, उनकी डायट पास्केटेरिआन डायट कहते हैं। कुछ लोग जो कि शाकाहारी भोजन करते हैं, लेकिन स्वास्थ्य संबंधि लाभ के लिए मछली और सी-फूड को शामिल करते हैं, उन्हें पास्केटेरिआन कहते हैं। ऐसे लोग चिकन या मटन को खाने में शामिल नहीं करते हैं लेकिन मछली खाते हैं। वर्ल्ड ओशियन डे के मौके पर आज हम आपको पास्केटेरिआन डायट के बारे में बताएंगे। आप भी जानिए इस खास डायट से जुड़ी दिलचस्प बातें।

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पास्केटेरिआन डायट क्या है ?

लीड हेल्थ कोच एंड फाउंडर ऑफ MY22BMI, प्रीती त्यागी कहती हैं कि ‘पास्केटेरिआन डायट काफी हद तक शाकाहारी डायट है, लेकिन इस डायट में सीफूड भी शामिल होता है। मस्तिष्क और हार्ट हेल्थ को दुरस्त रखने में ओमेगा 3s महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो कि सीफूड में पर्याप्त मात्रा में मिलता है। पास्केटेरिआन डायट जरूरी न्यूट्रीशनल वैल्यू होती है जो बाल और त्वचा को सुंदर रखने में मदद करती है। ये डायट आंखों की हेल्थ के लिए भी अच्छी रहती है, इसमे विटामिन ई के साथ ही अन्य विटामिन भी पाए जाते हैं। विटामिन ए, ओमेगा 3 फैटी एसिड और अमीनो एसिड से भरपूर डायट स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है।

ऐसा नहीं है कि पास्केटेरिआन डायट में ज्यादातर फिश और सी-फूड का ही यूज किया जाता हो। पास्केटेरिआन डायट में वेजीटेबल्स, ग्रेन्स, पल्स के साथ ही फिश और अन्य सी-फूड्स को शामिल किया जाता है। जबकि पास्केटेरिआन डायट में ज्यादातर मीट और डेयरी प्रोडक्ट को हटा दिया जाता है। वेजीटेरियन डायट को अपनाने वाले लोगों को वेजिटेरियन फूड के न्यूट्रीशन के बारे में जानकारी होती है। ऐसे लोग पौष्टिक आहार के विकल्प में फिश और सी-फूड का भी चयन करते हैं। हाई प्रोटीन, लीन फिश और ओमेगा-3 फैटी एसिड आदि मैकेरल, हेरिंग, फ्रेश ट्यूना आदि में पाई जाती है। इस तरह की डायट लेने से टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या और मोटापे की समस्या के जोखिम को कम किया जा सकता है।

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पास्केटेरिआन डायट में क्या शामिल किया जाता है ?

पास्केटेरिआन डायट कोई भी व्यक्ति अपना सकता है। पास्केटेरिआन डायट से स्वास्थ्य लाभ मिलता है और कुछ बीमारियों का जोखिम भी कम होता है। पास्केटेरिआन डायट में मुख्य रूप से शामिल किया जाता है,

  • फल, सब्जियां
  • साबुत अनाज
  • नट्स, अखरोट बटर, मूंगफली और बीज
  • विभिन्न प्रकार की दाल
  • मोनोसैचुरेचेड फैट से भरपूर ऑयल
  • फिश (विभिन्न प्रकार की)
  • सी-फूड्स
  • अंडे
  • डेयरीप्रोडक्ट (दही, दूध, पनीर आदि वैकल्पिक)

डायट में फल और सब्जियां पसंद के अनुसार शामिल की जा सकती हैं। जिन लोगों को टाइप 2 डायबिटीज की समस्या है या फिर ब्लड प्रेशर की समस्या है, वो लोग भी इस डायट को अपना सकते हैं। रिचर्स के दौरान ये बात सामने आई है कि क्रॉनिक डिसीज की समस्या से जूझ रहे लोगों पास्केटेरिआन डायट लेने वालों के शरीर में पॉजिटिव इम्पेक्ट देखने को मिले। रिसर्च में ये बात भी सामने आई है को जो लोग नॉन वेजीटेरियन होते हैं, उनकी तुलना में पास्केटेरिआन डायट लेने वालों में डायबिटीज की बीमारी या हाई कोलेस्ट्रॉल प्रॉब्लम और मेटाबॉलिक सिंड्रोम आदि का खतरा कम होता है।

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पास्केटेरिआन डायट को लेते समय किन बातों का रखें ध्यान ?

पास्केटेरिआन डायट लेने वाले लोग रेड मीट को खाने में शामिल नहीं करते हैं। साथ ही कुछ लोग डायट में डेयरी प्रोडक्ट को भी शामिल नहीं करते हैं। स्वस्थ्य आहार के लिए जरूरी है कि खाने में सभी प्रकार के पोषण के तत्व शामिल हो। पास्केटेरिआन डायट को अगर संतुलित डायट के रूप में शामिल करना है तो ये बहुत जरूरी है कि आप ध्यान दें कि क्या खाने से आपको किस प्रकार का पोषण प्राप्त हो रहा है। रेड मीट को खाने में न शामिल करेंतो बेहतर होगा। आयरन की प्राप्ति के लिए खाने में रिच प्लांट बेस्ड सोर्स को शामिल करें। खाने में पालक, ब्रोकली और नाश्ते में सीरियल्स को शामिल करें। ऐसा करने से आपको विटामिन और मिनिरल्स बी मिलेंगे।

जो लोग पास्केटेरिआन डायट में अंडे या फिर डेयरी प्रोडक्ट का सेवन नहीं करते हैं, उनमें कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन बी 12 और जिंक आदि पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। बेहतर होगा कि खाने में ऐसे पोषक तत्वों को शामिल करें, जो कैल्शियम, फास्फोरस आदि की कमी को दूर कर सके।

क्या फिश शरीर के लिए हो सकती है घातक ?

शाकाहारी भोजन में मछली को शामिल करने से अधिक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। मछली ओमेगा -3 फैटी एसिड का मुख्य स्त्रोत है। कुछ नट्स जैसे कि वालनट्स, अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA)प्राप्त होता है, जो ओमेगा -3 फैटी एसिड का टाइप होता है। कुछ मछलियों में इकोसापेंटेनोइक एसिड( EPA)और डोकोसैक्सिनोइक एसिड( DHA) होता है. जो स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाता है।

सभी मछलियों में पारे यानी मरकरी की अलग-अलग मात्रा पाई जाती है। पारे की अधिक मात्रा लेना नर्वस सिस्टम के लिए अधिक हानिकारक होता है। जो महिलाएं प्रेग्नेंट हैं या बच्चे को ब्रेस्टफीड करा रही हैं, उन्हें रोजाना मछली खाने से बचना चाहिए। साथ ही आप कौन सी मछली खा रहे हैं, इस बारे में एक बार अपने डायटीशियन से भी पूछ लें। साथ ही जो महिलाएं गर्भधारण के बारे में सोच रही हो, उन्हें भी अपने डायटीशियन से एक बार इस बारे में जरूर पूंछ लेना चाहिए।

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कितना ले सकते हैं सीफूड डायट ?

यंग चिल्ड्रन के लिए पर वीक 8 आउंस (2000 कैलोरी डायट) सीफूड डायट ले सकते हैं।

जो महिलाएं प्रेग्नेंट हैं या फिर ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं, उन्हें 8 से 12 आउंस वैराइटी सीफूड डायट लेना चाहिए। इस बात का ध्यान रहे कि मरकरी की कम मात्रा वाले फूड का ही सेवन करें।

  • फिश में होता है,
  • प्रोटीन
  • हेल्दी ओमेगा -3 फैट्स (DHA and EPA)
  • विटामिन B12 और विटामिन डी
  • आयरन
  • सेलेनियम, जिंक और आयोडीन

अगर आपको किसी भी प्रकार की बीमारी है अपने डायटीशियन से एक बार संपर्क करके ही अपनी डायट को चेंज करें। बिना डॉक्टर की सलाह के नए फूड को अपने खाने में शामिल नहीं करें। कई बार लोगों को किसी खास प्रकार के फूड से एलर्जी होती है। बेहतर होगा कि पहले इस बारे में जानकारी लें और फिर अपनी डायट को चूज करें। हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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सूत्र

Health Benefits of Fish :https://www.doh.wa.gov/CommunityandEnvironment/Food/Fish/HealthBenefits Accessed on 21/5/2020

Benefits and Risks of Eating Fish  :https://oehha.ca.gov/fish/benefits-risks Accessed on 21/5/2020

Advice about Eating Fish:https://www.fda.gov/food/consumers/advice-about-eating-fish Accessed on 21/5/2020

What is a pescatarian diet?:https://www.bbcgoodfood.com/howto/guide/what-pescatarian-diet Accessed on 21/5/2020

 

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 11/05/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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