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डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी भी हो सकती है लाभकारी, लेकिन एक्सपर्ट से सलाह के बाद!

डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी भी हो सकती है लाभकारी, लेकिन एक्सपर्ट से सलाह के बाद!

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (World Health Organisation) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार साल 1980 में 108 मिलियन डायबिटीज पेशेंट थे वहीं साल 2014 की बात करें तो पूरे विश्व में डायबिटीज पेशेंट्स का यह आंकड़ा बढ़कर 422 मिलियन पहुंच चुका था। ऐसा नहीं है कि डायबिटीज पेशेंट्स के आंकड़े कम हुए हैं, बल्कि इन आंकड़ों में बढ़ोतरी तेजी से जारी है। लाइफस्टाइल डिजीज के लिस्ट में शामिल डायबिटीज यानी ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) को बैलेंस रखना बेहद जरूरी बताया गया है। ब्लड शुगर लेवल इंबैलेंस होने की वजह से कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए आज इस आर्टिकल में डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy in Diabetes) कितनी जरूरी है इस पर कई महत्वपूर्ण रिसर्च से जुड़े जानकारी आपके साथ शेयर करेंगे।

आर्टिकल की शुरुआत करेंगे, लेकिन सबसे पहले डायबिटीज और फिजिकल थेरिपी के बारे में जान लेते हैं। जैसे:

डायबिटीज क्या है?
फिजिकल थेरिपी क्या है?

चलिए अब डायबिटीज और फिजिकल थेरिपी (Diabetes and Physical Therapy) की डिटेल्स जान लेते हैं।

डायबिटीज (Diabetes) क्या है?

डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy in Diabetes)

ह्यूमन बॉडी में ग्लूकोस लेवल किसी कारण से बढ़ जाती है, तो ऐसी स्थिति को डायबिटीज (Diabetes) कहते हैं। डायबिटीज की समस्या इंसुलिन (Insulin) लेवल बैलेंस होने की वजह से शुरू हो जाती है। इंसुलिन एक हॉर्मोन है और इसका काम है खाने को उर्जा में बदलना और जब किसी कारण से ऐसी स्थिति नहीं बनती है, तो डायबिटीज की समस्या दस्तक दे देती है। डायबिटीज की समस्या 3 अलग-अलग तरह की होती है। जैसे टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes), टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) और जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational diabetes)। अगर डायबिटीज को इग्नोर किया जाए तो धीरे-धीरे शारीरिक परेशानी बढ़ने लगती है। इसलिए डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy in Diabetes) को महत्वपूर्ण बताया गया है।

डायबिटीज (Diabetes) की समस्या को आसानी से समझने के लिए नीचे दिए इस 3 D मॉडल पर क्लिक कर समझा जा सकता है।

और पढ़ें : डायबिटीज में ओमेगा 3 कैप्सूल या नैचुरल ओमेगा 3 फूड हैं लाभकारी?

फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy) क्या है?

डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy in Diabetes)

अमेरिकन फिजिकल थेरिपी एसोसिएशन (American Physical Therapy Association) के अनुसार शारीरिक परेशानियों या बीमारियों को दूर करने के लिए यह एक बेहतर तरीका है और फिजिकल थेरिपी हमेशा एक्सपर्ट फिजिकल थेरपिस्ट से ही करवाना चाहिए। वहीं अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (American Diabetes Association) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy in Diabetes) बेहद प्रभावी है। डायबिटीज की समस्या होने पर डयबिटिक मेडिकेशन के साथ-साथ फिजिकल थेरिपी भी ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) को बैलेंस रखने में मददगार होती है। इसलिए डायबिटीज के लक्षणों को समझकर फिजिकल थेरिपी की मदद ली जाती है?

और पढ़ें : डायबिटीज की वजह से हो सकता है मोतियाबिंद, जान लीजिए इससे बचने का तरीका

डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy in Diabetes) की जरूरत कब पड़ती है?

अगर डायबिटीज के लक्षण (Diabetes symptoms) नजर आ रहें हैं, तो फिजिकल थेरिपी की मदद ली जा सकती है। इसलिए डायबिटीज के लक्षणों को नजरअंदाज ना करें। जैसे:

  • बार-बार टॉयलेट (Toilet) जाना।
  • बार-बार प्यास लगना।
  • बहुत ज्यादा भूख (High appetite) लगना
  • अत्यधिक थकान महसूस करना।
  • धुंधला दिखना (Blurred vision) देना।
  • कमजोरी (Weakness) महसूस होना।
  • किसी चोट को ठीक होने में वक्त लगना या घाव का जल्दी ना भरना।
  • तेजी से वजन घटना (ऐसा टाइप1 डायबिटीज में हो सकता है)।
  • हाथ या पैर में झुनझुनी या दर्द महसूस होना (ऐसा टाइप 2 डायबिटीज में हो सकता है)।

अगर आप या आपके करीबी ऊपर बताये लक्षणों को महसूस कर रहें हैं, तो इसे टाले नहीं और जल्द से जल्द डॉक्टर से कंसल्ट करें एवं शुगर लेवल चेक (Sugar test) करवाएं। डॉक्टर से कंसल्टेशन के दौरान दवाएं प्रिस्क्राइब की जा सकती हैं और डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy in Diabetes) लेने की भी सलाह दी जा सकती है।

और पढ़ें : डायबिटिक या नॉन डायबिटिक लोगों में भी हो सकती है लो या हाय शुगर की बीमारी!

डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy in Diabetes) क्यों महत्वपूर्ण है?

डायबिटीज की समस्या होने पर ब्लड शुगर लेवल इंबैलेंस हो जाता है। ऐसे में फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy) का विकल्प अपनाया जा सकता है। फिजिकल थेरिपी की सहायता से ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) को बैलेंस रखने में मदद मिल सकती है। एक्सपर्ट फिजिकल थेरिपिस्ट की निगरानी में बॉडी मूवमेंट के तरीके को आसानी से समझा जा सकता है। फिजिकल थेरिपी की सहायता से डायबिटीज और डायबिटीज के कारण स्किन (Skin) से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान किया जा सकता है। डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy) शुरू करने के साथ-साथ फिजिकल थेरिपी एक्सपोर्ट ब्लड शुगर लेवल की भी निगरानी रखते हैं। फिजिकल थेरिपी एक्सपोर्ट डायबिटीज पेशेंट को विशेष फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह देते हैं और अन्य बातों का भी ध्यान रखते हैं। जैसे:

  • स्ट्रेंथ (Strength)
  • फ्लैग्सिब्लिटी (Flexibility)
  • धैर्य (Endurance)
  • बैलेंस (Balance)
  • स्किन सेंसेशन (Skin sensation)

और पढ़ें : डबल डायबिटीज की समस्या के बारे में जानकारी होना है जरूरी, जानिए क्या रखनी चाहिए सावधानी

डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी टिप्स (Physical Therapy in Diabetes)

नोट: डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी की मदद फिजिकल थेरिपी एक्सपर्ट से ही लें। एक्सपर्ट डायबिटीज पेशेंट की हेल्थ कंडिशन को ध्यान में रखकर करते हैं।

डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी निम्नलिखित तरह से की जाती है। जैसे:

मूवमेंट (Movement)- इस दौरान जॉइंट्स को मूव किया जाता है। इससे बॉडी को स्ट्रेच करने में और एक्सरसाइज करने में मदद मिलती है।

स्ट्रेंथ (Strength)- फिजिकल थेरिपी एक्सपर्ट स्ट्रेंथ एक्टिविटी के दौरान एक्सरसाइज करने के सही तरीकों की जानकारी देते हैं और यह भी बताते हैं कि डायबिटीज पेशेंट को एक्सरसाइज के दौरान किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

फ्लैक्सीब्लिटी (Flexibility)- अगर बॉडी मसल्स अत्यधिक टाइट हो रहें हैं, जिससे बॉडी को स्ट्रेच करने में परेशानी होती है तो मसल्स फ्लैक्सीब्लिटी की जानकारी शेयर करते हैं। बॉडी फ्लैक्सीब्लिटी (Body Flexibility) इम्प्रोव होने से बॉडी स्ट्रेच करना आसान हो जाता है।

धैर्य (Endurance)- डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy in Diabetes) की मदद ले रहें हैं, तो ऐसे में धैर्य रखने की जरूरत सबसे ज्यादा होती है। यहां धैर्य को फिजिकल एक्टिविटी से कनेक्ट किया गया है।

बैलेंस और कॉर्डिनेशन (Balance and coordination)- बैलेंस और कॉर्डिनेशन डेली एक्टिविटी एवं एक्सरसाइज के दौरान बेहद जरूरी है। अगर बॉडी का बैलेंस और कॉर्डिनेशन ठीक नहीं होगा, तो ऐसी स्थिति में डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy in Diabetes) फॉलो करना भी डिफिकल्ट हो सकता है।

वॉकिंग एब्लिटी (Walking ability)- डायबिटीज पेशेंट के लिए वॉक करना बेहद लाभकारी माना गया है, लेकिन अगर किसी कारण से टहलने में समस्या होती है तो फिजिकल थेरिपी वॉकिंग एब्लिटी को बेहतर बनाने में सहयोग करते हैं। अगर आवश्यकता पड़ती है तो डायबिटीज पेशेंट को वॉकर (Walker) की मदद लेने की सलाह देते हैं।

प्रिस्क्राइब्ड एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी की मदद से ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस रखा जा सकता है। इसलिए डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy in Diabetes) महत्वपूर्ण बताई गई है।

नोट: मधुमेह के लक्षणों को दूर करने के लिए कोई भी व्यायाम कार्यक्रम शुरू करने से पहले फिजिकल थेरिपी एक्सपर्ट (Physical Therapy Expert) से जरूर परामर्श करें।

और पढ़ें : इन्सुलिन कंट्रोल करने का राज छिपा है इन 7 नैचुरल टिप्स में!

अगर आप डायबिटीज (Diabetes) की समस्या से पीड़ित हैं, तो डॉक्टर से कंसल्टेशन और उनके दिए गए सलाह का ठीक तरह से पालन करें। ऐसा करने से बीमारी को जल्द से जल्द कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। डायबिटीज के लिए फिजिकल थेरिपी (Physical Therapy in Diabetes) से जुड़े किसी तरह के सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

स्वस्थ्य रहने के लिए नियमित योग (Yoga) करें। योग आपके मन और तन दोनों को स्वस्थ रखने में सहायक है। योग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और योग करने का सही तरीका जानिए नीचे दिए इस वीडियो लिंक में।

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बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

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सूत्र

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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